कश्‍मीर: मुठभेड़ में मारा गया जैश-ए-मोहम्‍मद का ऑपरेशन कमांडर

जम्‍मू-कश्‍मीर में जैश-ए-मोहम्‍मद का एक आतंकवादी ढेर कर दिया गया है। एएनआई के अनुसार, पुलवामा जिले के लेट पोरा इलाके में 50 राष्‍ट्रीय राइफल्‍स व राज्‍य पुलिस के साथ मुठभेड़ में एक आतंकी मार गिराया गया। कश्‍मीर के आईजी एसपी पाणि ने बताया कि मारा गया आतंकी जैश का ऑपरेशन कमांडर था। वह सुंजवा हमले के अलावा कई अन्‍य आतंकी हमलों का भी मास्‍टरमाइंड था। उसके पास से हथियार व आईईडी की तैयारी का मैटीरियल बरामद किया गया है। वह विदेशी आतंकी था।

कश्‍मीर के कई इलाकों में पुलिस, सेना, अर्द्धसैनिक बलों की आतंकवादियों से रोज मुठभेड़ हो रही है। रविवार (4 मार्च को शोपियां जिले के पहनू गांव में सेना के मोबाइल व्‍हीकल चेकपोस्ट पर आतंकियों ने हमला कर दिया था। इसके बाद हुई मुठभेड़ में चार लोगों के मरने की पुष्टि की गई जबकि सोमवार सुबह दो और शव बरामद किए गए। सुरक्षा बलों का कहना है कि मारे गए लोग आतंकवादी या ओवर ग्राउंड वर्कर्स थे जबकि अलगाववादी नेताओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि इनमें से चार स्थानीय नागरिक थे।

गांव में मुठभेड़ में दो आतंकवादियों सहित छह लोगों की मौत के एक दिन बाद सोमवार को कई स्थानों पर प्रतिबंध लगा दिए गए और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं हैं। पुलिस के मुताबिक, उन्हें शोपियां के सैदपोरा क्षेत्र से लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी आशिक हुसैन का गोलियों से छलनी शव मिला है। वह 13 नवंबर, 2017 से लापता था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “शुरुआती जांच में पता चला है कि भट्ट की मौत पन्हू गांव में रविवार को हुई मुठभेड़ की वजह से हुई है। जांच जारी है।”

मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि वह शोपियां में हुई गोलीबारी में नागरिकों की मौत से दुखी हैं। उन्होंने मृतकों के परिवार वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। अलगाववादी नेता सैयद अली गिलानी, मीरवाइज उमर फारुख और यासीन मलिक ने इन मौतों के विरोध में बंद का आह्वान किया है। प्रशासन ने अलगाववादियों द्वारा आहूत बंद के बीच सड़कों पर प्रदर्शनों की आशंका के मद्देनजर श्रीनगर के कुछ हिस्सों और दक्षिण कश्मीर में प्रतिबंध लगा दिया है।

राज्य लोक सेवा आयोग ने सोमवार को होने वाली सिविल सर्विसेज की परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। दक्षिण कश्मीर में इंटरनेट और रेल सेवाएं स्थगित कर दी गई हैं और श्रीनगर में दुकानें, अन्य प्रतिष्ठान और सार्वजनिक परिवहन के साधन भी बंद हैं। जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के प्रमुख मलिक को सोमवार को इन मौतों के विरोध में निकाले गए मार्च के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने मलिक के विरोध मार्च को रोका और उन्हें और उनके कुछ समर्थकों को हिरासत में ले लिया।