पीएम नरेंद्र मोदी के आइडिया पर नीतीश कुमार ने दिखाई बेरुखी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक देश, एक चुनाव’ के आइडिया पर सहयोगी दलों ने ही आवाज उठाना शुरू कर दिया है। बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार पीएम मोदी के ‘एक देश, एक चुनाव’ के विचार से सहमत नहीं हैं। सीएम नीतीश ने अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों के साथ विधानसभा का चुनाव कराने की किसी भी संभावना से इनकार किया है। उन्‍होंने कहा कि गुजरात या कर्नाटक जैसे राज्यों में यह संभव नहीं है। उनका यह बयान बिहार में समयपूर्व चुनाव होने की अटकलबाजी पर भी विराम लगा दिया है। विपक्षी दल भी मोदी सरकार की इस योजना का शुरुआत से ही विरोध कर रहे हैं। ऐसे में इस बयान के साथ नीतीश भी विपक्षी खेमे में शामिल हो गए हैं। दिलचस्‍प है कि सीएम नीतीश ने जनवरी में लोकसभा और विधानसभा के चुनावों को एकसाथ कराने का समर्थन किया था। हालांकि, उन्‍होंने इसके क्रियान्‍वयन को लेकर सबकी सहमति को जरूरी बताया था।

‘2020 में ही होंगे बिहार विधानसभा के चुनाव’: सीएम नीतीश कुमार पटना में अपनी पार्टी जनता दल यूनाइटेड की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्‍होंने कहा कि विधानसभा चुनाव निर्धारित समय अक्‍टूबर-नंबर 2020 में ही होंगे। आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के दो मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद बिहार में लोकसभा चुनाव के दौरान ही विधानसभा के भी चुनाव कराए जाएंगे। जदयू नेता आरसीपी सिंह ने कुछ दिन पहले ही दोनों चुनाव एक साथ कराने के संकेत दिए थे। उन्‍होंने इसके लिए जदयू के तैयार होने की ओर भी इशारा किया था। अब सीएम नीतीश कुमार ने स्‍पष्‍ट किया कि हालांकि वह एक साथ चुनाव कराए जाने के समर्थक हैं, लेकिन यह संभव नहीं है। सीएम ने कहा, ‘क्‍या आप यह सोचते हैं कि गुजरात में भी चुनाव होंगे जहां हाल में ही विधानसभा चुनाव हुए हैं?’ बता दें कि पीएम मोदी ‘एक देश, एक चुनाव’ के बड़े हिमायती हैं। उन्‍होंने कई मौकों पर इसके समर्थन में बातें कही हैं। विधि आयोग ने अपनी रिपोर्ट में देशभर में एक चुनाव की योजना को दो चरणों में अमल में लाने की बात कही है।

POPULAR ON IBN7.IN