लालू के बेटे तेज प्रताप पर आरोप- सरकारी जमीन पर बनवा दिया मंदिर

राजद सुप्रीमो लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव पर भगवान शिव का मंदिर बनाकर सरकारी जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगा है। इस पर उनके खिलाफ बिहार सरकार की ओर से कार्रवाई की तैयारी है। लोकनिर्माण विभाग के मंत्री महेश्वर हजारी ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है, मंदिर की आड़ में सरकारी जमीन हथियाने की घटना में ठोस कार्रवाई होगी।

बताया जाता है कि जब तेजप्रताप स्वास्थ्य मंत्री थे, तब उन्होंने मुख्यमंत्री आवास के पास स्थित सरकारी जमीन पर कब्जा करने की नीयत से मंदिर बनवाना शुरू किया। सरकार में मंत्री रहते मंदिर की नींव पड़ी थी, बाद में जब सरकार से बाहर हुए तो लोगों को लगा कि शायद तेजप्रताप का कब्जा हट जाए, मगर ऐसा नहीं हुआ, उल्टे पूरा मंदिर खड़ा हो गया। मंदिर के अंदर बनारस से मंगाकर शिव लिंग स्थापित कराया गया, इसके अलावा कई अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां भी स्थापित कराई गई हैं। सरकारी जमीन पर निर्मित इस मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा बीते 13 फरवरी को महाशिवरात्रि के मौके पर हुई। स्थानीय लोग बताते हैं कि पिछले छह महीने से सरकारी जमीन को घेरकर मंदिर का निर्माण कराया जा रहा था।

यह जमीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास से बमुश्किल सौ मीटर दूर बताई जाती है। लोग कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री आवास, राजभवन, सीबीआई की ऑफिस वाले वीआईपी इलाके में खुलेआम अवैध निर्माण कैसे हुआ, इसको लेकर खूब चर्चा हो रही है। बताते हैं कि पहले कुछ गरीब लोग इस खाली जमीन पर रहते थे, मगर तेजप्रताप की ओर से जमीन पर मंदिर बनवाने के चलते उन्हें भागना पड़ा। जुलाई 2017 में महागठबंधन टूटने के बाद गरीबों को लगा कि शायद फिर उन्हें खाली जमीन पर रहने का मौका मिले, मगर मंदिर निर्माण जारी रहा। अब सरकार के मंत्री ने कार्रवाई की बात कही है। इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।