जिद पर अड़े तेज प्रताप, हाजीपुर में RJD के खिलाफ उतारा प्रत्‍याशी
Monday, 15 April 2019 23:18

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पटना: राष्‍ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव का बगावती मूड अभी तक कायम है। शिवहर व जहानाबाद में अपनी पसंद के दो प्रत्‍याशियों को टिकट नहीं दिए जाने तथा विरोध करने के बावजूद सारण सीट पर अपने ससुर चंद्रिका राय को टिकट दिए जाने से बौखलाए तेज प्रताप यादव ने 'लालू राबड़ी मोर्चा' बनाकर जहानाबाद, शिवहर, पश्चिम चंपारण व वैशाली से अपने चार प्रत्‍याशियों की घोषणा कर दी। सोमवार को वैशाली से उनके घोषित प्रत्‍याशी बलिन्‍दर दास ने नामांकन भी दाखिल कर दिया।

लालू-राबड़ी मोर्चा के उम्मीदवार बालिन्दर दास ने सोमवार को हाजीपुर संसदीय क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया। बलिन्‍दर दास ने बताया कि मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव के आदेश पर उन्होंने पर्चा भरा है। इस अवसर पर उन्‍होंने कहा कि उनके लिए चुनाव प्रचार करने तेज प्रताप यादव हाजीपुर आएंगे।

विदित हो कि हाजीपुर सीट पर राजद ने शिवचंद्र राम को प्रत्‍याशी बनाया है। लेकिन तेज प्रताप यादव ने अपनी पार्टी के अधिकृत प्रत्‍याशी के खिलाफ ही अपना प्रत्‍याशी मैदान में उतार दिया है। बलिन्‍दर के मैदान में आने के बाद मुकाबला कठिन हो गया है। बलिन्‍दर दास तथा राजद के शिवचंद राम के अलावा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ओर से लोक जनश्‍ाक्ति पार्टी (लोजपा) के पशुपति पारस भी मैदान में हैं।

तेज प्रताप यादव पार्टी और परिवार से नाराज चल रहे हैं। इस कारण उन्होंने बागी तेवर अपना लिया है। वे जहानाबाद सीट पर राजद प्रत्‍याशी सुरेंद्र यादव के विरोध में हैं। वहां से उन्‍होंने चंद्र प्रकाश को अपना प्रत्‍याशी बनाया है। जहानाबाद के अलावा उन्‍होंने अपने मोर्चे से तीन और प्रत्‍याशियों की भी घोषणा की है। उन्‍होंने पश्चिम चंपारण से राजन तिवारी, जहानाबाद से चंद्र प्रकाश यादव, शिवहर से अंगेश सिंह और हाजीपुर से बलिन्‍दर दास को प्रत्याशी घोषित किया है। इनमें बलिन्‍दर दासने नामांकन दाखिल कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा है कि राजद के अन्य प्रत्याशियों को भी परखेंगे। जरूरत पड़ी तो वहां से भी मोर्चा की ओर से अपना उम्मीदवार देंगे।

तेज प्रताप कह चुके हैं कि जरूरत पड़ी तो वे इस्तीफा देने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उनका दावा है कि उन्‍हें माता-पिता का आशीर्वाद प्राप्त है तथा तेजस्वी भी अलग नहीं हैं। हालांकि, तेजस्वी चाटुकारों से घिर गए हैं। पार्टी में समर्पित व पुराने लोगाें की पूछ नहीं है। उन्‍होंने यह भी कहा कि पार्टी में कुछ लोग तेज प्रताप व तेजस्‍वी को एक देखना नहीं चाहते।

तेज प्रताप की बगावत से राजद में रोष है। राजद नेता शिवानंद तिवारी ने तो खुलकर कहा कि तेज प्रताप की जिद से जगहंसाई हो रही है और इसका असर आने वाले चुनाव पर भी पड़ेगा। एेसे में उन्होंने लालू-राबड़ी से आग्रह किया कि वे तेज प्रताप को शांत कराएं। इसके बाद राबड़ी देवी ने तेज प्रताप से फोन पर कई बार बात की है, लेकिन तेज प्रताप अपनी जिद पर अड़े हुए हैं।

बताया जाता है कि इस बीच लालू यादव व राबड़ी देवी ने तेज प्रताप यादव को समझाने की कई बार कोशिश की। लेकिन वे अभी तक नहीं माने हैं। उनके हाल-हाल के ट्वीट भी यही संकेत दे रहे हैं।

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