रात में बेहद मनमोहक दिखता है, 'सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा' : नासा ने जारी की तस्वीरें
Thursday, 13 April 2017 12:47

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नई दिल्ली: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) ने हाल ही में कुछ मनमोहक तस्वीरें जारी की हैं, जिनमें दर्शाया गया है कि हमारा ग्रह पृथ्वी रात में कैसा दिखता है... वर्ष 2012 के बाद पहली बार जारी की गई इन तस्वीरों को 'नाइट लाइट्स' कहा गया है, और ये पिछले 25 सालों के दौरान हर दशक में जारी की जाती रही हैं... नासा के विज्ञानी कोशिश में लगे हुए हैं कि क्या 'नाइट लाइट्स' की ऐसी खूबसूरत तस्वीरों को जल्दी-जल्दी अपडेट किया जा सकता है, शायद रोज़ाना... यदि ऐसा हो जाता है, तो मौसम की भविष्यवाणी करने तथा प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में कापी मदद मिलने की संभावना है...

नीचे दी गई इन दो तस्वीरों को ध्यान से देखिए, और जानिए - किस तरह पिछले चार सालों में भारत के शहरों की आबादी बढ़ी है... पहली तस्वीर वर्ष 2016 की है, जबकि उसके नीचे वाली तस्वीर वर्ष 2012 में जारी की गई थी...
 

night lights nasa india at night

वर्ष 2016 में अंतरिक्ष से खींची गई भारत की रात के समय की यह तस्वीर नासा ने हाल ही में जारी की हैं...


night lights nasa india at night

अंतरिक्ष से खींची गई भारत की रात के समय की यह तस्वीर नासा ने वर्ष 2012 में जारी की थी...

नासा के गोड्डार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर के पृथ्वी विज्ञानी मिगुएल रोमन उस रिसर्च टीम का नेतृत्व कर रहे हैं, जो बेहद साफ और बेहद सटीक तस्वीरें उपलब्ध करा सकने वाले सॉफ्टवेयर विकसित कर रही है... इस साल की तस्वीरों में चांद की रोशनी को हटा दिया गया है, और नासा के मुताबिक टीम ने कुछ कोड लिखकर हर महीने सबसे साफ तस्वीरों को छांटा...



ये कम्पोज़िट तस्वीरें नासा-नोआ (NASA-NOAA) सुओमी नेशनल पोलर-ऑरबिटिंग पार्टनरशिप सैटेलाइट पर लगे विज़िबल इन्फ्रारेड इमेजिंग रेडियोमीटर सुइट (वीआईआईआरएस) से मिले डाटा का नतीजा हैं... नासा के अनुसार, वीआईआईआरएस पहला ऐसा सैटेलाइट उपकरण है, जो प्रकाश के उतसर्जन तथा परछाइयों का सही आकलन कर सकता है, ताकि शोधकर्ताओं को रात के समय दिखने वाली रोशनी के स्रोतों की सही जानकारी मिल सके...
 

night lights nasa india at night

वर्ष 2016 में अंतरिक्ष से खींची गई दुनियाभर की तस्वीर भी नासा ने जारी की है...

मिगुएल रोमन का कहना है, "वीआईआईआरएस का शुक्रिया... अब हम पॉवर डिलीवरी में होने वाले अल्पकालिक परिवर्तनों की भी निगरानी रख सकते हैं..."

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