अमृतसर हादसा : 59 मरे, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
Sunday, 21 October 2018 08:58

  • Print
  • Email

 अमृतसर के धोबी घाट इलाके में जोड़ा फाटक के पास शुक्रवार शाम रावण दहन के दौरान हुए रेल हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर शनिवार को 59 हो गई है और 58 लोग अन्य घायल हैं। अभी तक 39 मृतकों की पहचान कर ली गई है। इस बीच पंजाब सरकार ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं। हादसे को लेकर शनिवार को मेडिकल बुलेटिन जारी किया गया, जिसमें 59 लोगों के मारे जाने और 58 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है। पुलिस आयुक्त सुधांशु श्रीवास्तव ने कहा कि मृतकों की सही संख्या के बारे में अभी नहीं कहा जा सकता है, लेकिन संभावना है कि 61 लोग मारे गए हैं। इस बीच आधिकारिक तौर पर 59 मृतकों की सूची जारी की गई है।  

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को कहा कि अमृतसर हादसे की मजिस्ट्रेट जांच से पता चलेगा कि यहां समारोह के आयोजन के लिए जरूरी अनुमति ली गई थी या नहीं।

अमृतसर में शुक्रवार शाम लगभग 7.15 बजे धोबी घाट में रावण दहन कार्यक्रम चल रहा था। रावण के जलते ही पटाखे फूटने और आग की लपटों से बचने के लिए लोग धोबी घाट से करीब 60 फुट दूर रेल पटरी पर चले गए और वहीं से नजारा देखने लगे। इसी बीच पटरी पर अमृतसर-हावड़ा रेलगाड़ी आ गई। लोग खुद को किसी तरह बचाते हुए दूसरी पटरी पर चले गए। लेकिन इस दूसरी पटरी पर जालंधर-अमृतसर डीएमयू रेलगाड़ी आ गई। 

पटाखे की शोर में लोग रेल की आहट भांप नहीं पाए और देखते-देखते चीख-पुकार मच गई। 10 सेकेंड में ट्रेन गुजर गई और लोगों के शव क्षत-विक्षत पड़े थे। मृतकों में बिहार-उत्तर प्रदेश के लोग भी बताए जा रहे हैं।  

अमरिंदर सिंह ने शनिवार को घटनास्थल का दौरा किया और घायलों से अस्पताल में मुलाकात की। उन्होंने कहा कि जालंधर मंडल के आयुक्त अमृतसर रेल हादसे की जांच चार सप्ताह में पूरी करेंगे।

यह पूछे जाने पर कि क्या रेलवे से कोई चूक हुई है? उन्होंने कहा कि जांच इस पर गौर करेगी। अमरिंदर ने कहा, "जांच से खुलासा होगा कि समारोह के आयोजन के लिए मंजूरी ली गई थी, या नहीं।"

उन्होंने हालांकि कहा कि रेल विभाग जांच कर रहा है, लेकिन राज्य सरकार अपनी तरफ से निजी जांच करेगी। दुर्घटना के 16 घंटों बाद घटनास्थल पर पहुंचने का कारण पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "मैं तेल अवीव जाने वाला था। दौरा रद्द कर मैं नई दिल्ली से अमृतसर आया हूं।"

अमरिंदर सरकार की ओर से आपदा पर देर से प्रतिक्रिया देने और दशहरा समारोह के आयोजकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने पर लोगों में काफी रोष व्याप्त है। लोगों का मानना है कि इन पर इसलिए कार्रवाई नहीं की गई, क्योंकि आयोजक सत्तारूढ़ कांग्रेस के करीबी और कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के करीबी सहयोगी हैं।

अमरिंदर ने कहा कि वह अस्पताल में एक छोटी बच्ची से मिले, जिसका पूरा परिवार इस हादसे का शिकार हो गया।

रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि दुर्घटना में रेलवे की कोई गलती नहीं है और ट्रेन चालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि दुर्घटना स्थल पर घुमाव था और हो सकता है कि इस वजह से चालक को कुछ नजर नहीं आया हो। जांच के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "हम किस बात की जांच कराएं। रेलगाड़ी तेज गति से ही चलती है।" 

फिरोजपुर के मंडल रेल प्रबंधक विवेक कुमार ने कहा कि चालक से पूछताछ की गई और उसकी कोई गलती नहीं थी। चालक भीड़ को पहले नहीं देख पाया, क्योंकि वहां एक घुमाव है। रेलगाड़ी 91 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी और पटरी पर भीड़ देखने के बाद उसने गति कम करके 68 किलोमीटर प्रति घंटे कर दिया। रेलगाड़ी को रोकने में समय लगता है। 

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्विनी लोहानी ने कहा कि यह दुर्घटना अमृतसर और मनवाला स्टेशनों के बीच हुई, फाटक पर नहीं। गेटमैन वहां से 400 मीटर दूर फाटक पर था। उन्होंने कहा कि चालक ने अगर आपात ब्रेक लगाए होते तो इससे भी बड़ा हादसा हो सकता था। 

--आईएएनएस

Leave a comment

Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

Don't Miss