Print this page

कुल क्षमता से 10 फीसदी कम हों कोरोना टेस्ट : दिल्ली सरकार
Tuesday, 01 December 2020 20:22

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार चाहती है कि दिल्ली की विभिन्न लेबोरेटरी एवं अस्पताल अपनी कुल क्षमता से 10 प्रतिशत कम आरटी पीसीआर कोरोना टेस्ट करें। राज्य सरकार का मानना है कि ऐसा होने पर कोरोना जांच के लिए किए जाने वाले आरटी पीसीआर टेस्ट के नतीजे सही समय पर आ सकेंगे। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा, "हमने आईसीएमआर और केंद्र सरकार को एक सुझाव दिया है। इसके मुताबिक आईसीएमआर विभिन्न प्रयोगशालाओं को अनुमति दे कि यह प्रयोगशालाएं अपनी कुल क्षमता से 10 प्रतिशत कम आरटी पीसीआर कोरोना टेस्ट कर सकें।"

दरअसल दिल्ली के सभी लैब्स और हॉस्पिटल्स को कोरोना आरटी-पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट 24 घंटे के अंदर देने का निर्देश दिया गया है। बावजूद इसके कई बार आरटी-पीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट आने में देरी हो रही है। इस देरी का जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने सत्येंद्र जैन कहा, "रिपोर्ट देरी से आने का मुख्य कारण लैब्स की कमी है। देश में सारे कोरोना लैब का संचालन आईसीएमआर करता है। हम इस पर केंद्र सरकार और आईसीएमआर से बात कर रहे हैं।"

सत्येंद्र जैन ने बताया कि कोरोना लैब अगर अपनी पूरी क्षमता से 10 प्रतिशत कम टेस्ट करती हैं, तब 24 घंटे में रिपोर्ट देती हैं, लेकिन अभी सारे लैब्स अपनी पूरी क्षमता में टेस्ट कर रहे हैं, जिसकी वजह से देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि हम केंद्र सरकार और आईसीएमआर से बात कर के रिपोर्ट मिलने में होने वाली इस देरी की समस्या को जल्द से जल्द सुलझा लेंगे।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने कहा, "दिल्ली में पिछले दो-तीन ह़फ्तों से पॉजिटिविटी दर में काफी गिरावट आई है। अब यह घट कर 7.35 प्रतिशत रह गई है। पॉजिटिविटी दर में आने वाली यह कमी काफी संतोषजनक और राहत देने वाली बात है। बीते 24 घंटे में दिल्ली में 3726 कोरोना के नए मामले सामने आए हैं। पॉजिटिविटी दर 7.35 प्रतिशत है, जबकि 7 नवंबर को 15.26 प्रतिशत थी।"

दिल्ली में आरटी-पीसीआर जांच की फीस कम कर दी गई है। सभी प्राइवेट लैब्स को आरटी-पीसीआर टेस्ट की फीस 2400 रुपये से घटाकर 800 रुपये करने का निर्देश दिया है। साथ ही, अगर घर जा कर मरीज का सैंपल लिया जाता है, तो उसका शुल्क 1200 रुपए होगा।

--आईएएनएस

जीसीबी/एएनएम