सभी डीटीसी और क्लस्टर बसों में होगी कैशलेस ई-टिकटिंग
Tuesday, 22 September 2020 19:38

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नई दिल्ली: दिल्ली परिवहन विभाग ने अपनी बसों में संपर्क रहित ई-टिकटिंग ऐप 'चार्टर' के चरण-2 ट्रायल को पूरा कर लिया है। दिल्ली सरकार के मुताबिक 'चार्टर' ऐप को नवंबर के पहले सप्ताह तक सभी क्लस्टर और डीटीसी बसों में लागू किए जाने की संभावना है। ऐप का ट्रायल परिवहन मंत्री द्वारा गठित एक विशेष टास्कफोर्स द्वारा कार्यान्वित किया गया। इसमें परिवहन विभाग, इंद्रप्रस्थ सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मोडल ट्रांजिट सिस्टम लिमिटेड, दिल्ली परिवहन निगम और वल्र्ड रिसोर्सेज इंस्टिट्यूट के विशेषज्ञ शामिल थे।

7 से 21 सितंबर तक चलने वाले दूसरे चरण के ट्रायल में दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मोडल ट्रांजिट सिस्टम के 60 से अधिक मार्गों को कवर किया गया। इस 14 दिन की अवधि में, ऐप के माध्यम से खरीदे गए कुल 51,644 टिकटों में से 79.4 फीसदी महिला यात्रियों द्वारा खरीदे गए मुफ्त पिंक टिकट शामिल हैं । ट्रायल के दौरान ऐप के माध्यम से औसतन 6 फीसदी टिकट खरीदी गई, जबकि एसी बसों में ऐप के माध्यम से 7 फीसदी टिकट खरीदे गए।

'चार्टर' ऐप को आईआईआईटी-दिल्ली के तकनीकी सहायता से विकसित किया गया है। इस ऐप के पहले चरण का ट्रायल रूट नंबर 473 की सभी क्लस्टर बसों में तीन दिनों के लिए किया गया था। गूगल प्लेस्टोर पर यह एप फुल वर्जन में उपलब्ध है।

परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा, "इस ऐप को यात्रियों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। हमने उन सभी गड़बड़ियों को ठीक कर लिया है, जिन्हें हमने पिछले परीक्षणों में देखा था। हम टिकट खरीदने के लिए गैर-स्मार्टफोन उपयोगकतार्ओं के लिए एक प्रणाली विकसित करने के साथ, दैनिक और मासिक पास को शामिल करने की प्रक्रिया में भी हैं। हम नवंबर के पहले सप्ताह तक इस ऐप के अंतर्गत सभी क्लस्टर और डीटीसी बसों को कवर करने की उम्मीद कर रहे हैं।"

यात्री, बस में चढ़ने के बाद इस मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-टिकट ले सकते हैं। यदि कोई उपयोगकर्ता टिकट का किराया जानता है, तो वह ऐप में बस का क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद भुगतान विकल्प के द्वारा भुगतान कर टिकट खरीद सकता है। यदि कोई उपयोगकर्ता रूट , सोर्स और गंतव्य को जानता है, तो वह बस रूट और स्रोत स्टॉप का चयन करने के बाद, गंतव्य स्टॉप का चयन करना पड़ता है , फिर बस क्यूआर कोड को स्कैन कर के भुगतान किया जा सकता है।

ऐप स्वचालित रूप से उपयोगकर्ता द्वारा दर्ज किए गए लिंग के आधार पर महिला यात्री के लिए गुलाबी टिकट (निशुल्क) का सुझाव भी देता है। ऐप हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं को सपोर्ट करता है।

--आईएएनएस

जीसीबी/जेएनएस

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