जेएनयू आंदोलन : छात्रों ने पुलिस पर फब्ती कसी, मंत्री 5 घंटे फंसे रहे
Tuesday, 12 November 2019 04:32

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नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में कथित फीस वृद्धि और छात्रावास ड्राफ्ट मैनुअल को लेकर छात्रसंघ के सदस्यों और विद्यार्थियों ने सोमवार को परिसर से बाहर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने कथित तौर पर कुछ छात्रों और छात्राओं को धक्का दिया। इसके विरोध में छात्रों ने दिल्ली पुलिस पर फब्ती कसते हुए 'तीस हजारी, तीस हजारी' के नारे लगाए। पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उन पर पानी की बौछारें करनी पड़ी। इस प्रदर्शन की वजह से एक समारोह में जेएनयू पहुंचे मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्री काफी समय तक फंसे रहे और वह विश्वविद्यालय से बाहर नहीं निकल सके।

जवाहरलाल नेहरू छात्रसंघ (जेएनयूएसयू) के सदस्यों और विद्यार्थियों द्वारा सोमवार को परिसर से बाहर आयोजित विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ, जब सोमवार को विश्वविद्यालय में तीसरे दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया था। इस समारोह को संबोधित करने के लिए उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' को आमंत्रित किया गया था।

जब नायडू परिसर से चले गए, तब पोखरियाल समारोह में छात्रों को संबोधित कर रहे थे।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने दीक्षांत समारोह का बहिष्कार करने के साथ प्रशासन से हॉस्टल ड्राफ्ट मैनुअल और फीस वृद्धि को पहले जैसा करने की मांग की।

जेएनयू प्रशासन ने अपने हालिया निर्देशों में छात्रावास, मेस और सुरक्षा फीस में 400 प्रतिशत की वृद्धि की है। इसके साथ ही नए निर्देश में छात्रावास आने-जाने की समयसीमा भी सीमित कर दी गई है।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में पांच घंटे से ज्यादा समय तक फंसे रहे, क्योंकि सैकड़ों छात्रों ने परिसर को घेर लिया।

छात्र शुल्क में बढ़ोतरी व जेएनयू प्रशासन के कुछ अन्य फैसलों के खिलाफ विश्वविद्यालय के प्रवेशद्वार के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे।

पोखरियाल सुबह करीब 11 बजे जेएनयू पहुंचे। घंटों तक फंसे रहने के बाद अनुरक्षक दल के साथ उन्हें चार बजे बाहर निकाला गया। इस दौरान विशेष आयुक्त आर.एस.कृष्णा सहित दूसरे शीर्ष अधिकारी परिसर में पहुंच गए थे।

इससे पहले, पुलिस व केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को बड़ी संख्या में तैनात किया गया था। उन्होंने छात्रों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया, लेकिन वे घंटों तक अडिग रहे।

--आईएएनएस

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