दिल्ली की यौनकर्मियों के लिए होली बेरंग
Tuesday, 26 March 2013 20:41

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नई दिल्ली, 26 मार्च (आईएएनएस)| दिल्ली के रेड लाइट एरिया की 20 वर्षीया यौनकर्मी रेशमा को होली के रंग बहुत भाते हैं, लेकिन रेशमा के साथ दर्जनों यौनकर्मियों को सड़कों पर नशे में धुत्त उत्पातियों के जमा हो जाने के कारण पर्व-त्योहारों से दूर ही रहना पड़ता है।

मतलब यह कि दिल्ली के जी.बी. रोड के 23 चकलाघरों की अधिकांश यौनकर्मियों के लिए होली फीकी ही रह जाएगी। दिल्ली का जी.बी. रोड स्थित रेड लाइट एरिया उत्तर भारत का सबसे बड़ा 'यौन बाजार' है जो दिन के समय थोक वस्तुओं के बाजार में बदल जाता है। फिर भी, त्योहार पर यौनकर्म से जुड़ी महिलाएं आपस में मिठाइयों का आदान-प्रदान करेंगी तथा पूजा-पाठ करेंगी।

रेशमा (परिवर्तित नाम) ने आईएएनएस से कहा, "जब मैं बड़ी हो रही थी तब होली मेरा प्रिय त्योहार था। अब होली पर मैं अपने कमरे की खिड़की से लोगों को होली खेलते हुए देखती हूं, और सोच में पड़ जाती हूं कि क्या मैं कभी होली खेल सकूंगी।"

रेशमा की 19 वर्षीया सहेली सोनू ने कहा, "हम पूजा-अर्चना करते हैं तथा एक दूसरे को मिठाइयां देते हैं। हमारे लिए होली हमेशा रंगहीन रहती है।"

इस इलाके में मदमत्त युवकों द्वारा महिलाओं के साथ होली खेलने के बहाने उनका उत्पीड़न करना त्योहार मनाने में सबसे बड़ी बाधा है।

एक चकलाघर चलाने वाली 45 वर्षीय महिला शर्मिला ने आईएएनएस को बताया, "होली के दिन हम शाम को चार बजे के बाद ही चकलाघर खोलते हैं क्योंकि नशे में धुत्त कई व्यक्ति सिर्फ हमें भद्दे तानों एवं इशारों से परेशान करने आते हैं। रंग पुते चेहरों वाले पुरुषों को देखकर बहुत सी लड़किया डर भी जाती हैं।"

लेकिन ये यौनकर्मी होली की पूर्वसंध्या पर चकलाघरों से बाहर निकलकर होलिका दहन देखने जरूर जाती हैं।

यौनकर्मियों में कुछ महिलाएं ऐसी भी हैं जो अपने अंधकारमय जीवन से व्यथित हो चुकी हैं और अब उन्हें त्योहारों में कोई रुचि नहीं है।

आंध्र प्रदेश निवासी 25 वर्षीय यौनकर्मी शिबी (परिवर्तित नाम) ने आईएएनएस से कहा, "मुझे रंगों से कोई लगाव नहीं है और मैं कोई भी त्योहार नहीं मनाना चाहती, क्योंकि मेरे पास खुशियां मनाने की कोई वजह नहीं है। मेरे जीवन में कुछ नहीं बचा और इसके अब कोई मायने नहीं रह गए हैं।"

गनीमत है कि होली के अवसर पर पुलिस महकमा इस इलाके में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ा देती है।

दिल्ली (मध्य) के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त देवेश श्रीवास्तव ने आईएएनएस को बताया, "होली पर हम इस इलाके में पुलिस की तैनाती बढ़ा देते हैं तथा भ्रमणशील पुलिस के दस्ते भी बढ़ा दिए जाते हैं।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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