भाजपा नेताओं का चौतरफा निशाना कमल नाथ पर
Sunday, 01 November 2020 22:11

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भोपाल: मध्य प्रदेश के उप-चुनाव के प्रचार के अंतिम दिन भाजपा के नेताओ के निशाने पर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ रहे। किसी ने अहंकारी कहा तो किसी ने गरीब विरोधी बताया। राज्य के 28 विधानसभा क्षेत्रों में उप-चुनाव हो रहा है, तीन नवबंर को मतदान होना है। रविवार को चुनाव प्रचार का दौर थम गया। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन भाजपा नेताओं ने कमल नाथ पर जमकर निशाना साधा।

भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने ग्वालियर में कहा कि यह चुनाव विकास का और मध्यप्रदेश को आगे बढ़ाने का है। एक तरफ कमलनाथ और दिग्विजय सिंह हैं, जिन्होंने 15 महीने प्रदेश की दुर्दशा की और दूसरी तरफ गरीबों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को चालू करने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान है। यह चुनाव विकास और विनाश के बीच का चुनाव है।

शर्मा ने कहा, "कमलनाथ आज चुनाव आयोग की कार्रवाई को लेकर लोकतंत्र की दुहाई दे रहे हैं। कमलनाथ को याद रखना चाहिए कि आवाज को दबाने और लेखनी को बंद करने का इतिहास कांग्रेस का रहा है। अपने खिलाफ उठी आवाज को दबाने के लिए इंदिरा गांधी ने देश पर इमरजेंसी थोपी और इस इमरजेंसी के लिए जो मंडली काम कर रही थी उसके मुख्य रणनीतिकार कमलनाथ थे। कमलनाथ झूठ बोलकर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे है।"

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाटपिपल्या, सुवासरा के शामगढ़, आगर और ब्यावरा में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में रोड शो एवं सभाओं में कहा, "पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और विकास कार्यों का कोई तालमेल नहीं था। यही कारण रहा कि कमलनाथ प्रदेश में सवा साल तक मुख्यमंत्री रहे, लेकिन उन्होंने सवा रूपए के विकास कार्य नहीं कराए। बल्कि जो काम भाजपा सरकार ने शुरू किए थे, उन्हें भी बंद करवा दिया। कमलनाथ ने विकास कार्य तो कोई करवाए नहीं हमारी कई योजनाओं को भी बंद कर दिया। ये योजनाएं प्रदेश के गरीबों, किसानों, माताओं-बहनों, बेटियों, बुजुर्गों और युवाओं के लिए संचालित थीं, लेकिन कमलनाथ ने उनसे यह हक भी छीन लिया।"

चौहान ने आरोप लगाया कि कमल नाथ ने प्रदेश की जनता के साथ गद्दारी की, छलकपट किया, धोखा दिया। इन उपचुनावों में प्रदेश की जनता के साथ हुए अत्याचारों का बदला लेना है। कमलनाथ और कांग्रेस के नेता हमें गालियां बकते हैं, नालायक कहते हैं, नंगा-भूखा कहते हैं, लेकिन कमलनाथ-कांग्रेस की गालियां भी हमें शुभकामनाएं लगती हैं।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने करैरा व अशोकनगर में संयुक्त जनसभाएं की। सिंधिया ने कहा कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने प्रदेश की जनता के साथ धोखा किया। किसानों, नौजवानों, महिलाओं, अतिथि शिक्षकों किसी के साथ भी किया गया वादा पूरा नहीं किया। इस सरकार ने समाज के हर वर्ग के साथ गद्दारी की थी, जिसका जवाब प्रदेश की जनता देगी।

वहीं उमा भारती ने कहा, "2018 के चुनाव में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार भी ज्योतिरादित्य सिंधिया के कारण बनी थी और आज अगर प्रदेश में भाजपा की सरकार है, तो वह भी सिंधिया और उनके साथियों की वजह से है। कमलनाथ सरकार ने किसानों को धोखा दिया, नौजवानों को धोखा दिया, महिलाओं को धोखा दिया, अतिथि शिक्षकों को धोखा दिया। जब ज्योतिरादित्य ने वादे पूरे करने की बात कही, तो कमलनाथ ने उन्हें सड़कों पर उतरकर लड़ने की चुनौती दे डाली। उनकी यही भूल कांग्रेस के लिए ऐतिहासिक भूल बन गई है।"

केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने अंबाह व पोरसा में आयोजित रोड शो में कहा, "प्रदेश में सरकार ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की जनता बनाएगी। अंचल में जिसके साथ भीड़ है, जिसने विकास किया है, जिसको लोग सुनना चाहते हैं, जिसको पसंद करते हैं, उसी को वोट देंगे और उसी की सरकार चुनेंगे। कमलनाथ सरकार ने 15 महीनों में प्रदेश को बर्बाद करने का काम किया है। कमलनाथ सरकार ने शिवराज सरकार की जनहित वाली सभी योजनाओं को बंद कर प्रदेश की जनता के साथ धोखा किया है।"

--आईएएनएस

एसएनपी/आरएचए

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