काठमांडू: भारत के भारी दबाव के बीच नेपाल एक बार फिर अपने कदम से पीछे हट गया है। नेपाल की केपी ओली सरकार ने विवादित नक्‍शे वाली किताबों के वितरण पर रोक लगा दी है। स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल इस किताब में तीन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण भारतीय क्षेत्रों को अपने क्षेत्र के हिस्से के रूप में दिखाने वाले देश का संशोधित राजनीतिक नक्शा शामिल था।

भारत ने नेपाल द्वारा हाल ही में किए गए प्रादेशिक दावों के कृत्रिम विस्तार का विरोध किया था, जिसे भारत ने पूरी तरह ने नकार दिया था, क्योंकि नेपाल ने अपनी संसद में लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा क्षेत्रों की राजनीतिक मानचित्र को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी है, जो कि भारत के उत्तराखंड राज्य में पड़ते हैं।

नेपाल की एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्रालय और भू प्रबंधन मंत्रालय ने कहा था कि इस किताब में कई तथ्‍यात्‍मक गलतियां और अनुचित कंटेट है, इस वजह से किताब के प्रकाशन पर रोक लगाई गई है। कानून मंत्री शिव माया ने कहा कि हमने यह निष्‍कर्ष निकाला है कि किताब के वितरण पर रोक लगा दी जाए। कानून मंत्री ने माना है कि कई गलत तथ्‍यों के साथ संवेदनशील मुद्दों पर किताब का प्रकाशन गलत कदम था।

मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में शिक्षा मंत्रालय को निर्देश दिया गया कि कक्षा 9 से 12 तक की पाठ्य पुस्तक की किसी भी किताब को वितरित और मुद्रित न किया जाए। वहीं, भूमि सुधार और सहकारिता मंत्री जनक राज जोशी के प्रवक्ता ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय के पास नेपाल के भौगोलिक क्षेत्र को बदलने का अधिकार नहीं है और पुस्तक में कई तथ्यात्मक गलतिया हैं। उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारियों को सुधारात्मक उपाय करने के लिए कहा गया है।

रांची: झारखंड में डायन बताकर महिला को प्रताड़ित किए जाने का फिर एक मामला सामने आया है। नया मामला राज्य के सिमडेगा के कोमबाकेरा गांव का है। यहां एक महिला के सिर को मुड़वाया गया और निर्वस्त्र घुमाया गया। इस मामले में छह महिलाओं समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, घटना शनिवार की है। पीड़ित को पंचायत बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया था, जहां उस पर जोग-टोन करने का आरोप लगाया गया, जिससे गांव के एक व्यक्ति की मौत हो गई। पंचायत के सदस्यों ने निर्णय लिया कि महिला का सिर मुंडवाया जाए और उसे गांव में निर्वस्त्र घुमाया जाए।

महिला पर 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

इस घटना के बाद, पीड़िता ने नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई।

पुलिस के डाटा के अनुसार, झारखंड के वर्ष 2000 में निर्माण के बाद से करीब 1200 लोगों (ज्यादातर महिलाएं) को काला जादू का अभ्यास करने का आरोप लगाकर मौत के घाट उतार दिया गया है।

--आईएएनएस

आरएचए/एसजीके

भोपाल: मध्यप्रदेश में राज्य निर्वाचन आयोग ने नगरीय निकाय के चुनावों की तैयारी तेज कर दी है। कोरोना के प्रकोप को ध्यान में रखते हुए हर मतदान केंद्र में अधिकतम एक हजार मतदाताओं को ही मतदान करने की अनुमति होगी। राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने सभी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतदान केंद्रों पर वोटिंग के लिए पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, मतदान केंद्र में मतदाताओं की संख्या अधिकतम एक हजार रखी जाए। मतदान केंद्रों के युक्तिकरण की कार्यवाही पांच अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए गए हैं।

सिंह ने कहा है कि स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए 1000 से अधिक मतदाताओं की संख्या वाले मतदान केंद्रों पर इस तरह इंतजाम किया जाए कि मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या में असमानता न हो।

--आईएएनएस

एसएनपी/एसजीके

नई दिल्ली: दिल्ली परिवहन विभाग ने अपनी बसों में संपर्क रहित ई-टिकटिंग ऐप 'चार्टर' के चरण-2 ट्रायल को पूरा कर लिया है। दिल्ली सरकार के मुताबिक 'चार्टर' ऐप को नवंबर के पहले सप्ताह तक सभी क्लस्टर और डीटीसी बसों में लागू किए जाने की संभावना है। ऐप का ट्रायल परिवहन मंत्री द्वारा गठित एक विशेष टास्कफोर्स द्वारा कार्यान्वित किया गया। इसमें परिवहन विभाग, इंद्रप्रस्थ सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मोडल ट्रांजिट सिस्टम लिमिटेड, दिल्ली परिवहन निगम और वल्र्ड रिसोर्सेज इंस्टिट्यूट के विशेषज्ञ शामिल थे।

7 से 21 सितंबर तक चलने वाले दूसरे चरण के ट्रायल में दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मोडल ट्रांजिट सिस्टम के 60 से अधिक मार्गों को कवर किया गया। इस 14 दिन की अवधि में, ऐप के माध्यम से खरीदे गए कुल 51,644 टिकटों में से 79.4 फीसदी महिला यात्रियों द्वारा खरीदे गए मुफ्त पिंक टिकट शामिल हैं । ट्रायल के दौरान ऐप के माध्यम से औसतन 6 फीसदी टिकट खरीदी गई, जबकि एसी बसों में ऐप के माध्यम से 7 फीसदी टिकट खरीदे गए।

'चार्टर' ऐप को आईआईआईटी-दिल्ली के तकनीकी सहायता से विकसित किया गया है। इस ऐप के पहले चरण का ट्रायल रूट नंबर 473 की सभी क्लस्टर बसों में तीन दिनों के लिए किया गया था। गूगल प्लेस्टोर पर यह एप फुल वर्जन में उपलब्ध है।

परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा, "इस ऐप को यात्रियों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। हमने उन सभी गड़बड़ियों को ठीक कर लिया है, जिन्हें हमने पिछले परीक्षणों में देखा था। हम टिकट खरीदने के लिए गैर-स्मार्टफोन उपयोगकतार्ओं के लिए एक प्रणाली विकसित करने के साथ, दैनिक और मासिक पास को शामिल करने की प्रक्रिया में भी हैं। हम नवंबर के पहले सप्ताह तक इस ऐप के अंतर्गत सभी क्लस्टर और डीटीसी बसों को कवर करने की उम्मीद कर रहे हैं।"

यात्री, बस में चढ़ने के बाद इस मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-टिकट ले सकते हैं। यदि कोई उपयोगकर्ता टिकट का किराया जानता है, तो वह ऐप में बस का क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद भुगतान विकल्प के द्वारा भुगतान कर टिकट खरीद सकता है। यदि कोई उपयोगकर्ता रूट , सोर्स और गंतव्य को जानता है, तो वह बस रूट और स्रोत स्टॉप का चयन करने के बाद, गंतव्य स्टॉप का चयन करना पड़ता है , फिर बस क्यूआर कोड को स्कैन कर के भुगतान किया जा सकता है।

ऐप स्वचालित रूप से उपयोगकर्ता द्वारा दर्ज किए गए लिंग के आधार पर महिला यात्री के लिए गुलाबी टिकट (निशुल्क) का सुझाव भी देता है। ऐप हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं को सपोर्ट करता है।

--आईएएनएस

जीसीबी/जेएनएस

नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ ने विद्या भारती के साथ मिलकर नेशनल एजुकेशन पॉलिसी पर विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित कराने का निर्णय लिया है। इस संदर्भ में मंगलवार को डूसू ने प्रतियोगिता के सम्बन्ध में जनरल बॉडी मीटिंग का आयोजन किया। यह प्रतिस्पर्धा हाल के समय में ऑनलाइन माध्यम द्वारा रखी गयी सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धा है। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ आधिकारिक तौर पर इस प्रतिस्पर्धा के लिए साझीदार की भूमिका में रहेगा। प्रतिस्पर्धा का उद्घाटन विद्या भारती के माध्यम से केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल द्वारा किया जाएगा। इसका आयोजन 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक विद्या भारती के राष्ट्रस्तरीय मंच से होगा। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी जागरूकता अभियान डूसू के साथ सहभागिता में किया जा रहा है, जिसमे 13 भाषाओं एवं विभिन्न श्रेणियों को पुरस्कारों के साथ सम्मिलित किया गया है।

जनरल बॉडी मीटिंग में डीयू छात्र प्रतिनिधियों का आपसी संवाद का आकर्षक सत्र रहा, जिसमें छात्रों के साथ नई शिक्षा नीति पर लंबा विचार विमर्श किया गया। इसमें वर्तमान शिक्षा के प्रारूप में बदलाव लाने के कई विचार सामने आये। बैठक के माध्यम से अखिल भारतीय शिक्षा समुदाय के बुद्धिजीवियों से संवाद का अवसर प्राप्त हुआ।

डूसू अध्यक्ष अक्षित दहिया ने कहा, "नई शिक्षा नीति, शिक्षा के प्रारूप में नवप्रवर्तनशील बदलावों को लाने वाला सुधारात्मक कदम है। छात्र इस प्रतिस्पर्धा में भाग लेकर इस नई नीति के बारे में अधिक से अधिक जागरूकता प्राप्त कर सकते है। इसलिए डूसू ने इस बैठक का आयोजन किया, जिससे छात्रों को शिक्षा के प्रति जागरूकता के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।"

--आईएएनएस

जीसीबी/आरएचए

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को अल-कायदा के छह संदिग्ध आतंकवादियों को चार दिन की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में भेज दिया। इससे पहले, 19 सितंबर को एनआईए ने पाकिस्तान से अल-कायदा की ओर से संचालित एक अंतर-राज्यीय मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। छह संदिग्ध आतंकवादी पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और तीन केरल के एर्नाकुलम से गिरफ्तार किए गए थे।

नौ में से छह को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने इन नौ आतंकवादियों को चार दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

एजेंसी के अनुसार, ये लोग दिल्ली-एनसीआर और देश के कई बड़े प्रतिष्ठानों पर लोगों के मन में डर पैदा करने के लिए हमले की योजना बना रहे थे।

छापे के दौरान, एनआईए ने बड़ी संख्या में पटाखों का जखीरा बरामद किया, जिसे उन्होंने आईईडी बनाने के लिए खरीदा था। पटाखों के पोटेशियम का इसके लिए वह प्रयोग करने वाले थे।

--आईएएनएस

आरएचए/एसजीके

 

 

 

भोपाल: मध्यप्रदेश में किसान कर्जमाफी के मामले में शिवराज सिंह चौहान की सरकार घिर गई है, क्योंकि सरकार अभी तक यह कहती रही है कि कांग्रेस ने झूठ बोला है, कर्जमाफी हुई ही नहीं। मगर विधानसभा में एक सवाल के जवाब में सरकार ने माना है कि लगभग 27 लाख किसानों का कर्ज माफ किया गया है। सरकार के इस जवाब के बाद कांग्रेस उस पर हमलावर हो गई है और उसने मुख्यमंत्री चौहान व पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से प्रदेश की जनता को गुमराह करने के लिए माफी मांगने की मांग की है।

विधानसभा के एक दिवसीय सत्र में बाला बच्चन ने जय किसान फसल ऋण माफी को लेकर एक सवाल पूछा था। उसका लिखित में जवाब देते हुए प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने बताया कि इस योजना के तहत कुल 51 लाख 53 हजार से ज्यादा किसान फार्म भरे थे। इनमें से प्रथम चरण में 20 लाख 23 हजार 136 किसानों के लिए 71 सौ करोड़ और दूसरे चरण में छह लाख 72 हजार से ज्यादा किसानों के लिए साढ़े चार हजार करोड़ से ज्यादा की राशि स्वीकृत की गई।

कृषि मंत्री पटेल के इस जवाब पर सरकार को कांग्रेस ने घेरा है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि कांग्रेस सरकार द्वारा किसानों की ऋण माफी पर पहले दिन से ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए ज्योतिरादित्य सिंधिया झूठ बोलते रहे हैं। इस झूठ की राजनीति का पर्दाफाश स्वयं शिवराज सरकार ने विधानसभा में कर दिया है और स्वीकार किया कि प्रदेश में प्रथम और द्वितीय चरण में कांग्रेस की सरकार ने 51 जिलों में 26 लाख 95 हजार किसानों का 11 हजार 6 सौ करोड़ रुपये से अधिक का ऋण माफ किया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता से सफेद झूठ बोलने और गुमराह करने की घृणित राजनीति के लिए शिवराज सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया को तत्काल प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "सदन के पटल पर जो सच्चाई भाजपा सरकार ने स्वीकार की है, इससे शिवराज सिंह व भाजपा की झूठ की राजनीति का पर्दाफाश हो चुका है और मेरे द्वारा पहले दिन से ही किसान ऋण माफी की जो संख्या और सूची दी जा रही थी, वह अंतत: सच साबित हुई है। भाजपा चाहे जितना झूठ बोल ले, लेकिन जो सच्चाई है वह इस प्रदेश की जनता जानती है और हमारे किसान भाई इसके गवाह हैं। इसी सच्चाई को सदन में भाजपा सरकार के कृषि मंत्री ने लिखित में स्वीकार भी किया है।"

कमल नाथ ने कहा कि इस सच्चााई को स्वीकार करने के बाद शिवराज सरकार को शेष किसानों की ऋण माफी की प्रक्रिया जल्द शुरू करनी चाहिए। इसके साथ ही विधानसभा में जो बहाना ऋण माफी योजना की समीक्षा का बनाया गया है, वह यह बताता है कि भाजपा और शिवराज सिंह किसानों के विरोधी हैं। कांग्रेस सरकार ने ऋण माफी की जो योजना बनाई थी, वह पूरी तरह विचार-विमर्श के बाद ही तैयार की गई थी, जिसकी समीक्षा करने की कोई गुंजाइश नहीं बचती है।

--आईएएनएस

एसएनपी/एसजीके

 

नई दिल्ली: रिलायंस जियो ने मंगलवार को पोस्टपेड यूजर्स के लिए कई नए प्लान लॉन्च किए हैं। 399 रुपये से 1499 रुपये तक की कीमत के पांच प्लान जियो ने बाजार में उतारे हैं। अनलिमिटिड वॉयस कॉलिंग और एसएमएस के साथ यूजर्स को जियोपोस्टपेड प्लस प्लान्स में नेटफ्लिक्स, एमेजन प्राइम, डिजनीप्लस हॉटस्टार का मुफ्त सब्सक्रिप्शन भी मिलेगा। फैमली प्लान्स और डेटा रोलओवर की सुविधा भी इन प्लान्स में उपलब्ध है। यानी अगर अब प्लान का डेटा इस्तेमाल नहीं हो पाता तो वह अगले महीने के प्लान में एड हो जाएगा।

जियो पोस्टपेड प्लस प्लान्स अंतरराष्ट्रीय टूर करने वाले ग्राहकों के लिए कई सुविधाएं ले कर आया है। इंटरनेशनल टूर पर यूजर्स को इन फ्लाइट क्नेक्टिविटी मिलेगी। इस तरह की सर्विस देश में पहली बार पेश की गई है।

अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात में अब फ्री इंटरनेशनल रोमिंग मिलेगी। दुनिया में कहीं से भी भारत में कॉल अब 1 रुपये प्रति मिनट की दर से उपलब्ध होगी। हालांकि इसके लिए वाई-फाई कॉलिंग का इस्तेमाल करना होगा। अगर भारत से बाहर दुनिया में कहीं भी कॉलिंग करना चाहते हैं तो इसके लिए 50 पैसे प्रति मिनट चुकाने होंगे। इंटरनेशनल रोमिंग सर्विस 1499 रुपये के प्लान के साथ ही उपलब्ध है।

जियो के डायरेक्टर आकाश अंबानी ने नए पोस्टपेड प्लस प्लान्स के बारे में बोलते हुए कहा कि, "जियो पोस्टपेड प्लस को पेश करने का इससे बेहतर समय हो ही नहीं सकता। 40 करोड़ प्रीपेड ग्राहक हमारी सेवाओं से संतुष्ट हैं और अब हम अपनी सेवाओं का विस्तार पोस्टपेड कैटेगरी में भी करना चाहते हैं। जियो पोस्टपेड प्लस को पोस्टपेड ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। यह भरोसेमंद और उच्च गुणवत्ता वाली कनेक्टिविटी, अनलिमिटेड प्रीमियम एंटरटेनमेंट, किफायती अंतरराष्ट्रीय रोमिंग, अत्याधुनिक बेहतरीन सुविधाएं और सबसे महत्वपूर्ण ग्राहक को बेहतर एक्सपीरियंस प्रदान करता है। हमें उम्मीद है कि भारत में प्रत्येक पोस्टपेड उपयोगकर्ता इसका पूरा उपयोग करेगा।"

जियो के 399 रुपये वाले बेसिक पोस्टपेड प्लस प्लान में 75 जीबी डेटा मिलेगा। वहीं 599 रुपये में 100 जीबी डेटा के साथ 1 अतिरिक्त फैमिलि सिम कार्ड भी उपलब्ध होगा। बताते चलें कि प्रत्येक फैमिली सिम कार्ड के लिए 250 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे। 799 रुपये में 150 जीबी डेटा और दो फैमिली सिम कार्ड लिए जा सकेंगे। वहीं 3 फैमिली सिम कार्ड के साथ 200 जीबी डेटा के लिए यूजर्स को 999 रुपये चुकाने होंगे। 1499 रुपये में 300 जीबी डेटा के साथ अमेरिका और यूएई में अनलिमिडेट वॉयस और डेटा भी यूजर्स को मिलेगा। 399 रुपये से लेकर 799 रुपये तक के प्लान्स में 200जीबी तक का डेटा अगले महीने में रोलओवर होगा वहीं 99 रुपये और 1499 में 500जीबी तक रोलओवर की सुविधा है। जियो पोस्टपेड प्लस प्लान्स में कंपनी ने सिम की फ्री होम डिलिवरी और एक्टीवेशन भी ऑफर किया है।

--आईएएनएस

जेएनएस

श्रीनगर: कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति (केपीएसएस) के अध्यक्ष संजय टिकू कश्मीर के गैर-प्रवासी पंडित समुदाय के अधिकारों के लिए श्रीनगर शहर के ऐतिहासिक गणपतियार मंदिर में अनशन पर हैं। आईएएनएस से बात करते हुए संजय टिकू ने कहा कि कश्मीर घाटी छोड़ कर न जाने वाले कश्मीरी पंडितों को नौकरी देने का सरकार का वादा अभी भी अधूरा है।

उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों ने प्रधानमंत्री के पुनर्वास पैकेज में गैर-प्रवासी पंडितों को शामिल करने के लिए 2013 में उच्च न्यायालय में मामला दायर किया था।

टिकू ने कहा, अदालत ने केंद्र और राज्य को हमारी मांगों पर विचार करने के लिए निर्देश दिए। हम कश्मीरी पंडितों की वापसी और पुनर्वास के लिए पीएम के पैकेज में शामिल थे।

उन्होंने कहा कि एसआरओ 425 के तहत गैर-प्रवासी कश्मीरी पंडितों के लिए 500 सरकारी नौकरियों का कोटा रखा गया था लेकिन प्रक्रिया बिना किसी कारण के रुकी हुई है।

उन्होंने कहा कि समुदाय में निराशा की भावना है क्योंकि अधिकांश नौकरी के इच्छुक लोग उम्र की सीमा तक पहुंच रहे हैं।

इस बीच, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट किया, 808 कश्मीरी पंडित परिवार घाटी में ही रह गए। कालान्तर में वे श्रीनगर में बस गए। उनकी मांग पूरी नहीं की जा रही है और अब संजय टिकू मौत की ओर बढ़ रहे हैं। वो आमरन अनशन पर हैं। कश्मीरी पंडित परिवार, जिन्होंने आतंकवाद का मुकाबला किया, की उपेक्षा की जा रही है। दुखद है।

बता दें कि 1990 के दशक की शुरूआत में कश्मीर में उग्रवाद भड़कने के बाद कश्मीरी पंडित बड़ी संख्या में या तो दिल्ली चले गए या जम्मू में रहने लगे। हालाकि, कुल 808 पंडित परिवारों ने कश्मीर घाटी में रहने का फैसला किया और पलायन नहीं किया।

--आईएएनएस

एसकेपी

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि देश की जनता की गाढ़ी कमाई से अखबारों में अंग्रेजी में विज्ञापन देकर अपना चेहरा चमकाने की कोशिश की जा रही है। आप ने कहा कि भाजपा बताए कि देश के 62 करोड़ किसान और कृषि क्षेत्र के मजदूरों में वे कौन से लोग हैं, जो अंग्रेजी विज्ञापन को पढ़कर 'मिनिमम सपोर्ट प्राइस', 'पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम' और 'पब्लिक सिक्योरमेंट' को समझेंगे। आप के प्रवक्ता राघव चड्ढा ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में कहा, "अंग्रेजी में विज्ञापन देना, क्या गरीब, दबे, कुचले व छले किसानों का मजाक उड़ाना नहीं है, क्या उसके जख्मों पर नमक छिड़कना नहीं है।"

वहीं, आप के राज्यसभा सांसद एन.डी. गुप्ता ने कहा, "किसानों को उनके रहमो-करम पर छोड़ दिया गया है। किसानों की आवाज उठाने वाले राज्यसभा सांसद संजय सिंह का कुर्ता फाड़ दिया गया, संसद में मार्शल ने उनका पैर पकड़ खींचा और आठ सांसदों को निलंबित कर दिया गया। यह सरकार ऑर्डिनेंस सरकार हो गई है, इसे न स्टैंडिंग कमेटी, न सेलेक्ट कमेटी और न पार्लियामेंट में विपक्ष की जरूरत है।"

वहीं, राघव चड्ढा ने कहा, "2015-16 का एग्रीकल्चरल सर्वे यह कहता है कि देश में 80 प्रतिशत किसानों के पास 2 एकड़ से भी कम जमीन है, वह गरीब किसान आज अपने गांव से साथ वाले गांव में अपनी फसल बेचने के लिए नहीं लेकर जा पाता है। हम साफ तौर पर चेतावनी देना चाहते हैं कि किसान को जो ठगने की कोशिश की है और अब अंग्रेजी में विज्ञापन देकर सरकार का चेहरा चमकाना चाहते हैं।"

एन.डी. गुप्ता ने कहा, "राज्यसभा में कामकाज का सुबह 9 से दोपहर एक बजे तक का समय होता है। मंत्री जी का भाषण चल रहा था। आदरणीय उपसभापति ने 1 बजे के बाद सर्वसम्मति बनाने की बात कही। लोकसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि इस पर सिर्फ आपकी पार्टी सहमत होगी, बाकी विपक्ष इस पर बिल्कुल सहमत नहीं है और इस सदन की पिछले 70 साल में यह परंपरा रही है कि जब भी कभी निश्चित समय से संसद का समय बढ़ाना हो, तो सदन की पूरी सहमति ली जाती है और आज सहमति नहीं है। इसके बाद आगे की चर्चा शुरू हो गई। जब बिल होता है, तब उसमें वोटिंग होती है।"

एन.डी. गुप्ता के मुताबिक, हर एक अमेंडमेंट क्लास पर विपक्ष ने कहा कि इस पर वोटिंग करवाइए। वोटिंग करवाने का विपक्ष का अधिकार है। नियम में यहां तक प्रावधान है कि यदि 240 सदस्यों में से 239 सदस्य बिल के पक्ष में है और अगर एक सदस्य भी वोटिंग चाहता है, तो उसकी बात माननी पड़ेगी, लेकिन उसको स्वीकार नहीं किया गया और सभी संशोधन पास होते गए। उसके बाद उसमें बिल आया और उस पर फिर डिवीजन की मांग की गई, लेकिन डिवीजन नहीं दिया गया और वह पास हो गया।

--आईएएनएस

जीसीबी/एसजीके

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