मुंबई: कांग्रेस नेता संजय झा को कांग्रेस पार्टी से हटा दिया गया है। महाराष्ट्र कांग्रेस कमेटी ने पत्र जारी करते हुए कहा कि पार्टी गतिविधियों और अनुशासन तोड़ने के तहत यह निर्णय लिया गया है।

राजस्थान में जारी सियासी हलचल में संजय झा ने सचिन पायलट का सपोर्ट किया था। संजय झा ने कहा था कि राजस्थान में सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बना देना चाहिए।

संजय झा ने सचिन पायलट के समर्थन में मंगलवार को ट्वीट करते हुए लिखा था कि राजस्थान में तीन बार के मुख्यमंत्री रह चुके अशोक गहलोत को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी दे देनी चाहिए, पार्टी जहां कमजोर है वहां गहलोत पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करें। इसके साथ ही उन्होंने सचिन पायलट को राजस्थान का सीएम और राज्य में नया कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की मांग रखी थी। अंत में उन्होंने लिखा था कि 'जहां चाह, वहां राह'। 

बता दें कि इसके पहले पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते राजस्थान के उपमुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष पद से सचिन पायलट को हटा दिया गया था। वहीं, अब उनका (सचिन पायलट) समर्थन कर रहे संजय झा को भी पार्टी से बाहर कर दिया गया है।

पार्टी के पदों से हटाए जाने के बाद सचिन पायलट अभी तक शांत हैं। बुधवार को सचिन पायलट दिल्ली में प्रेस कॉफ्रेंस करने वाले हैं। राजस्थान में सियासी हलचल के बीच सचिन पायलट के सिर्फ दो ही ट्वीट सामने आए हैं। पहले ट्वीट में सचिन पायलट ने लिखा था कि सत्य परेशना किया जा सकता है, पराजित नहीं। इसके साथ ही पायलट ने ट्विटर के बायो में बदलाव किया था। वहीं, अपने दूसरे ट्वीट में सचिन पायलट ने अपने समर्थकों को धन्यवाद दिया था। 

नई दिल्ली: कोरोना के वैक्सीन तैयार करने वाले देश और उनकी कंपनियां इसके उत्पादन के लिए भारत की ओर रुख कर रही है। आइसीएमआर के महानिदेशक डॉक्टर बलराम भार्गव के अनुसार पूरी दुनिया में कुल वैक्सीन का 60 फीसदी सप्लाई करने वाला भारत की कोरोना की वैक्सीन सप्लाई चैन में केंद्रीय भूमिका सुनिश्चित है। इसके साथ ही उन्होंने दो स्वदेशी वैक्सीन के मानव ट्रायल शुरू होने की जानकारी देते हुए कहा कि इनके रास्ते में प्रशासनिक स्तर पर एक दिन भी देरी नहीं आने दी जाएगी।

कोरोना को रोकने में वैक्सीन को अंतिम विकल्प के रूप में संकेत करते हुए डाक्टर बलराम भार्गव ने कहा कि दुनिया के सभी देश वैक्सीन को तैयार करने की प्रक्रिया को फास्ट ट्रैक करने में जुटे हैं और इसमें सफलता मिल रही है। उन्होंने कहा कि रूस तो वैक्सीन का ट्रायल पूरा भी कर चुका है। इसी तरह चीन, अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य देश अपने-अपने यहां जल्द से जल्द वैक्सीन तैयार करने में जुटे हैं। भारत में भारत बायोटेक और जायडस कैडिला की वैक्सीन का मानव ट्रायल शुरू हो गया है। भारत की ये दो कंपनियां अलग-अलग साइट्स पर 1000-1000 लोगों पर वैक्सीन के लिए क्लिनिकल स्टडी कर रही है। वे चूहों और खरगोशों पर परीक्षण कर चुकी हैं। पिछले महीने ड्रग कंट्रोलर जनरल (DGCI) को डेटा प्रस्तुत किया गया था, जिसके बाद इन दोनों कपंनियों को इस महीने की शुरुआत में प्रारंभिक चरण के मानव ट्रायल शुरू करने की मंजूरी मिल गई।

उन्‍होंने बताया कि रूस ने भी वैक्सीन को हासिल करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। उसे प्राथमिक चरणों में सफलता भी मिली है। वहीं दूसरी ओर चीन भी वैक्सीन तैयार करने में जोर-शोर से जुटा हुआ है। वहां वैक्सीन पर तेजी से अध्ययन किए जा रहे हैं। डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि अमेरिका में भी दो वैक्सीन पर काम तेज कर दिया है। आज आपने पढ़ा होगा कि अमेरिका ने अपने दो वैक्सीन कैंडिडेट्स को तेज कर दिया है। इंग्लैंड भी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में वैक्सीन पर तेजी से काम हो रहा है। वह वैक्‍सीन को इंसानों के इस्तेमाल के लायक बनाने को लेकर तत्पर है।

डाक्टर बलराम भार्गव ने कहा कि स्वदेशी वैक्सीन को फास्ट ट्रैक कर जल्द-से-जल्द आम लोगों के लिए उपलब्ध कराने की हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। लेकिन आश्वासन दिया कि स्वदेशी वैक्सीन को तैयार करने में प्रशासनिक कारण से एक दिन की भी देरी नहीं होने दी जाएगी। अपने दो जुलाई की चिट्ठी में 15 अगस्त तक आम जनता के लिए स्वदेशी वैक्सीन उपलब्ध कराने की बात करने वाले डाक्टर बलराम भार्गव ने अब इसके लिए किसी समय सीमा नहीं बताई। लेकिन उन्होंने भरोसा दिया कि दुनिया में बनने वाली कोरोना की वैक्सीन भारत में भी लोगों के लिए उपलब्ध होगी।

उन्होंने कहा कि दुनिया में कुल वैक्सीन का 60 फीसदी भारत में बनता है और यही कारण है कि आज 'दुनिया के सभी वैक्सीन बनाने वाले भारत के संपर्क में है।' उन्होंने कहा कि दुनिया में कहीं भी, कोई भी वैक्सीन बने, उत्पादन के लिए उसे भारत पर निर्भर होना पड़ेगा। ध्यान देने की बात है कि आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय ने भी अपनी आने वाली वैक्सीन के उत्पादन के लिए भारतीय कंपनी सेरम इंस्टीट्यूट से समझौता किया है।

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेत्री जान्हवी कपूर ने अपनी छोटी बहन खुशी को अपने नए पसंदीदा डायरेक्टर ऑफ फोटोग्राफी (डीओपी) के रूप में पेश किया है। जान्हवी ने इंस्टाग्राम पर खुशी के साथ अपने एक फोटो कोलाज को साझा किया है।

इसके साथ वह लिखती हैं, "मिलिए मेरी नई फेवरेट डीओपी से। लाइटिंग, एंगल्स और मिड शॉट में पुचकारने, खिलखिलाने में माहिर हो गई है।"

जान्हवी अकसर खुशी के साथ मस्ती भरे वीडियोज को साझा कर अपने प्रशंसकों का मनोरंजन करती रहती हैं।

अभिनय की बात करें, तो जान्हवी इस साल आई डिजिटल फिल्म 'घोस्ट स्टोरीज' में नजर आई थीं और आने वाले समय में वह 'गुंजन सक्सेना : द कारगिल गर्ल', 'रूह अफ्जा', 'तख्त' और 'दोस्ताना 2' में नजर आएंगी।

--आईएएनएस

मुंबई: अभिनेता अनिल कपूर ने मंगलवार को एक लाइव शो का थ्रोबैक वीडियो साझा किया, जहां वह अमिताभ बच्चन के साथ परफारमेंस करते दिखाई दे रहे हैं।

वीडियो क्लिप में अमिताभ बच्चन और अनिल कपूर फिल्म 'पुकार' के 'बच के रहना रे बाबा' सांग और फिल्म 'राम लखन' के 'माई नेम इज लखन' पर डांस करते दिखाई दे रहे हैं।

उन्होंने इसे कैप्शन देते हुए लिखा, "मुझे एक पैक्ड सेटेडियम में अमिताभ बच्चन के साथ परफार्मेस याद है। यह प्यार और एनर्जी बेमिसाल है।"

अभिनेता के फैंस ने पोस्ट पर कमेंट करने के लिए कमेंट सेक्शन में हिस्सा लिया।

एक यूजर ने कहा, "दो लिजेंड, ऊजार्वान प्रदर्शन।"

एक अन्य ने लिखा, "अच्छा पुराना समय।"

वर्तमान में बच्चन कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद नानावती अस्पताल में भर्ती हैं, जिसपर अनिल कपूर ने उन्हें 'शीघ्र स्वस्थ होने' की कामना की है।

--आईएएनएस

नई दिल्ली: विश्व हिन्दू परिषद(विहिप) के केन्द्रीय कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा है कि भगवान राम और भगवान पशुपति नाथ भारत और नेपाल के हिन्दू समाज के बीच अटूट धार्मिक, आध्यात्मिक व सांस्कृतिक सम्बन्धों के आधार हैं। आलोक कुमार ने कहा कि "राम जन्म भूमि के सम्बन्ध में धर्म-ग्रंथों, परम्परा, जनश्रुति और इतिहास में एकमत से वर्णन है कि वर्तमान अयोध्या ही भगवान श्री राम की जन्मभूमि है और इस सम्बन्ध में कही कोई भी दूसरा मत कभी व्यक्त नहीं किया गया। हर वर्ष भगवान राम की बारात अयोध्या से नेपाल के जनकपुरी में जाती है। इस सम्बन्ध में भ्रम फैलाना संभव ही नहीं है।"

उन्होंने कहा कि "भगवान राम और अयोध्या के सम्बन्ध में नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली का बयान संभवत: किसी विदेशी ताकत के दबाव में भारत और नेपाल के धर्मनिष्ठ हिन्दू समाज के अटूट सम्बन्धों को तोड़ने का एक असफल प्रयास भर है। उनके बयान पर उनके अतिरिक्त शायद ही कोई भी अन्य व्यक्ति विश्वास करे।"

विहिप की तरफ से यह बयान ऐसे समय में आया है, जब नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली ने एक नया विवाद खड़ा करते हुए अयोध्या को नेपाल में बताया है, जहां भगवान राम पैदा हुए थे।

-- आईएएनएस

 

तिरुवनंतपुरम: जालंधर के पूर्व कैथोलिक बिशप फ्रैंको मुलक्कल केरल की कोट्टायम अदालत द्वारा उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए जाने के अगले दिन मंगलवार को कोरोना पॉजिटिव पाए गए। उन पर साल 2014 से 2016 के बीच एक नन का यौन उत्पीड़न करने का आरोप है। अदालत में पेश न होने के कारण उनके खिलाफ वारंट जारी किया गया है। मामले की सुनवाई 1 जुलाई को होनी थी, लेकिन मुलक्कल उस तारीख को जालंधर में थे। इसलिए अदालत में पेश नहीं हो पाए। उनकी ओर से दाखिल स्पष्टीकरण में उनके वकील ने बताया कि बिशप कोरोनो पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्हें 14 दिन एकांतवास में रहने के लिए कहा गया है।

मुलक्कल ने मार्च में आरोप मुक्त किए जाने के लिए याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था।

बिशप मुलक्कल को दुष्कर्म के आरोप में 21 सितंबर, 2018 को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें 16 अक्टूबर को जमानत मिल गई थी। केरल पुलिस ने उनके खिलाफ 1,400 पृष्ठों का आरोपपत्र दाखिल किया है।

--आईएएनएस

 

 

 

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर विकास दुबे को 10 जुलाई को एनकाउंटर में मारे जाने की जांच के लिए एक समिति गठित करने के मंगलवार को संकेत दिए। प्रधान न्यायाधीश एस.ए. बोबडे की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि यह कुछ ऐसा है, जिसे अदालत बहुत अनिच्छा से करेगी।

उन्होंने कहा, "हम हैदराबाद गैंगरेप-मर्डर केस की तरह ही कुछ करेंगे जैसे एनकाउंटर की जांच के लिए एक समिति बनाना।"

विकास दुबे और उसके सहयोगियों के एनकाउंटर में मारे जाने और उत्तर प्रदेश में अपराधियों व नेताओं के बीच सांठगांठ को लेकर अदालत की यह टिप्पणी उन याचिकाओं की सुनवाई के दौरान आई है, जिनमें विकास दुबे और उसके साथियों की एनकाउंटर मौत और उत्तर प्रदेश में अपराधियों-राजनीतिज्ञों के बीच सांठगांठ की जांच अदालत की निगरानी में एक विशेष जांच दल, केंद्रीय जांच ब्यूरो या राष्ट्रीय जांच एजेंसी से कराने की मांग की गई है।

उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ के समक्ष दलील दी कि राज्य को अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए हलफनामा दायर करने को समय दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, "मैं उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। हमें अपना विचार रखने की अनुमति दें।"

मेहता ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अपना पक्ष रखना चाहती है, क्योंकि उसने इस मुद्दे को गंभीरता से लेने के बाद बहुत कुछ किया है।

उन्होंने अदालत को बताया कि राज्य सरकार मामले में उठाए गए कदमों पर अपना जवाब गुरुवार तक दाखिल करेगी। शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई सोमवार को तय की।

--आईएएनएस

न्यूयार्क: अब यह आधिकारिक है। व्हाइट हाउस ने अमेरिका के शीर्ष संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर एंथनी फॉशी पर शाब्दिक हमला बोल दिया है।

व्हाइट हाउस द्वारा डॉक्टर फॉशी की उन 'गलतियों' की लंबी सूची को सार्वजनिक किया जा रहा है जो उन्होंने कोविड-19 महामारी शुरू होने के बाद से कथित रूप से अंजाम दी हैं। सार्वजनिक स्वास्थ्य पर एक विश्वसनीय आवाज माने जाने वाले डॉक्टर फॉशी की प्रतिष्ठा को महामारी से बाहर निकलने की उनकी रणनीति के कारण निशाने पर लिया जा रहा है।

कोरोना वायरस अभी तक 135,000 से अधिक अमेरिकियों की जान ले चुका है।

कई मीडिया संस्थानों को फॉशी की कथित गलतियों की एक लंबी सूची भेजने के बाद व्हाइट हाउस ने इस बात से इनकार किया कि वह कोरोना वायरस से निपटने के फॉशी के 'विपक्षी अनुसंधान' को लटका रहा है।

व्हाइट हाउस सोमवार को यह कहते हुए बैकफुट पर चला गया कि यह वाशिंगटन पोस्ट से प्राप्त सवालों का केवल 'जवाब' है।

पिछले हफ्ते आईएएनएस ने व्हाइट हाउस द्वारा फॉशी को दरकिनार करने के प्रयासों के बारे में बताया था। व्हाइट हाउस ने इस घातक महामारी के दौरान हर किसी के लिए मास्क पहनने पर एक स्टैंड लेने से इनकार कर दिया है। व्हाइट हाउस वेस्ट विंग ने अमेरिकी सरकार के मंच से फॉशी की मीडिया की उपस्थिति पर नियंत्रण कर लिया है और उन्हें पोडकास्ट और लाइवस्ट्रीम स*र्*ट तक सीमित कर दिया है।

अमेरिका के दक्षिणी राज्यों में कोरोना मामलों में रिकॉर्ड स्तर पर वृद्धि हुई है। इस बीच, व्हाइट हाउस वायरस से खतरे के स्तर और मास्क के उपयोग पर फॉशी की बहुत पहले की गई टिप्पणियों का उपयोग करते हुए बता भी रहा है और सवाल भी उठा रहा है कि 'फॉशी कितनी बार गलत रहे हैं।'

फॉशी बनाम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की लड़ाई कोरोना वायरस के फिर से तीव्रता से फैलने के बीच सामने आई है, जिसने स्कूलों को फिर से खोलने के बारे में तीखी बहस को जन्म दिया है। फॉशी का दृष्टिकोण शुरू से यही रहा है कि फिर से खोलने के दिशानिर्देशों से आगे मत कूदो। जबकि, ट्रम्प गतिविधियां फिर से शुरू करने के पक्ष में जोर दे रहे हैं। इसने पूरे देश में चिता फैलाई है और अमेरिकी मीडिया इसकी कवरेज से भरी पड़ी है।

कहा जा रहा है कि ट्रम्प कथित रूप से फॉशी की बढ़ती लोकप्रियता से नाराज हैं, क्योंकि राष्ट्रपति पद के दोबारा चुनाव में कई महत्वपूर्ण राज्यों में उनकी रेटिंग अच्छी नहीं है।

फॉशी ने फाइनेंशियल टाइम्स को दिए साक्षात्कार में कहा कि उन्होंने लगभग दो महीने में ट्रम्प को ब्रीफ नहीं किया है।

कई मत सर्वेक्षणों में फॉशी की लोकप्रियता और उनमें विश्वास राष्ट्रपति ट्रम्प से अधिक पाया गया है। जनवरी के बाद से, चिकित्सा वैज्ञानिकों में अमेरिकियों का समग्र विश्वास और मजबूत हुआ है। यह इस असाधारण कोरोना काल में समाज की बेचैनी को भी दिखा रहा है।

पूर्व अमेरिकी शिक्षा सचिव अर्ने डंकन ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा, "शवों की कोई भी संख्या हो जाए, वह डोनाल्ड ट्रम्प को स्वास्थ्य विशेषज्ञों को सुनने के मजबूर नहीं कर सकती। अगर हम 10,000 या 20,000 लोग और खो देते हैं, तो भी वह कुछ अलग नहीं करेंगे। ट्रम्प की बात न सुनें। स्थानीय स्वास्थ्य विशेषज्ञों की बात सुनें।"

इस सबके बीच, ट्रम्प अपने रुख पर कायम हैं। उन्होंने सोमवार को अपने समर्थकों के इन संदेशों को रिट्वीट किया कि कैसे कोरोना वायरस महामारी के बारे में 'सबसे बड़े झूठ' फैलाए जा रहे हैं और कैसे सभी लोगों के घर के अंदर रहने के कारण अर्थव्यवस्था गर्त में जा रही है।

उन्होंने लिखा, "हर कोई झूठ बोल रहा है। सीडीसी, मीडिया, डेमोक्रेट, हमारे डॉक्टर्स, अगर सभी नहीं तो भी इनमें से अधिकांश जिन पर हमें विश्वास करने के लिए कहा जाता है। मुझे लगता है कि यह सब चुनाव के कारण और अर्थव्यवस्था को सुधरने नहीं देने के कारण है। मैं इससे तंग आ गया हूं।"

--आईएएनएस

मुंबई: अभिनेत्री श्रुति हासन का मानना है कि झाड़ू और पोछा लगाना वर्कआउट करने का एक बेहतर तरीका है।

श्रुति ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी में एक वीडियो क्लिप साझा किया है जिसके साथ वह लिखती हैं, "झाड़ू पोछा दो लेवल के लिए एक सही कसरत है। इस क्लिप में श्रुति मजेदार चेहरे बनाते हुए नजर आ रही हैं।"

अभिनय की बात करें, तो उनकी फिल्म 'यारा' जल्द ही एक ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली है। फिल्म में विद्युत जामवाल, अमित साध, विजय वर्मा, केनी बासुमतरी और संजय मिश्रा जैसे कलाकार भी हैं। यह फिल्म 30 जुलाई को फ्रेंडशिप डे के दिन रिलीज होगी।

यह एक क्राइम ड्रामा है जो चार कुख्यात अपराधियों के बीच सच्ची दोस्ती की कहानी पर आधारित है।

--आईएएनएस

नई दिल्ली: खरीफ सीजन की फसलों पर टिड्डियों के हमले का खतरा अभी टला नहीं है। हालांकि राजस्थान को छोड़कर अब तक कहीं भी फसलों को खास नुकसान की रिपोर्ट नहीं है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि राजस्थान के कुछ जिलों में टिड्डियों के हमले से फसलों को मामूली नुकसान हुआ है, लेकिन अन्य प्रांतों में फसल को कोई खास नुकसान नहीं है, जबकि टिड्डी नियंत्रण अभियान जोरों पर चल रहा है। कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, झुंझुनू, श्रीगंगानगर, अलवर तथा चूरू जिलों, हरियाणा के भिवानी तथा महेंद्रगढ़ जिलों और उत्तर प्रदेश के सीतापुर तथा गोंडा जिलों में अपरिपक्व गुलाबी टिड्डियों और वयस्क पीले टिड्डियों के झुंड सक्रिय पाए गए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, 12 और 13 जुलाई, 2020 की दरम्यानी रात में राजस्थान के सात जिलों बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, चूरू, झुंझुनू और अलवर में 26 जगहों, उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एक जगह और हरियाणा के महेंद्रगढ़ और भिवानी जिलों में दो स्थानों पर एलसीओ द्वारा टिड्डी नियंत्रण अभियान चलाया गया। इसके अलावा, हरियाणा के भिवानी और महेंद्रगढ़ जिलों में दो स्थानों पर और उत्तर प्रदेश के सीतापुर तथा गोंडा जिलों में दो स्थानों पर संबंधित राज्य कृषि विभाग द्वारा टिड्डियों के छोटे और बिखरे समूहों को नियंत्रित करने के लिए टिड्डी नियंत्रण अभियान चलाया गया।

मंत्रालय ने बताया कि इस समय राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में स्प्रे वाहनों के साथ 60 नियंत्रण टीमों को तैनात किया गया है और केंद्र सरकार के 200 से अधिक कर्मचारी टिड्डी नियंत्रण कार्यों में लगे हुए हैं। इसके अलावा, 20 स्प्रे उपकरण प्राप्त हुए हैं और टिड्डी नियंत्रण कार्य के लिए तैनात किए गए हैं। टिड्डियों पर नियंत्रण की क्षमता को मजबूत करने के लिए 55 अतिरिक्त वाहन भी खरीदे गए हैं और इन्हें टिड्डी नियंत्रण कार्य में लगाया गया है।

इसके अलावा, राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, नागौर और फलोदी में 15 ड्रोनों के साथ पांच कंपनियों को कीटनाशकों के छिड़काव के माध्यम से ऊंचे पेड़ों और दुर्गम इलाकों में मौजूद टिड्डियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए तैनात किया गया है। राजस्थान में एक बेल हेलीकॉप्टर भी तैनात किया गया है।

--आईएएनएस

 

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