नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि सुधार कानूनों के विरोध में पंजाब-हरियाणा के किसान 'दिल्ली चलो' मार्च निकाल रहे हैं। समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार किसान करनाल से दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं। इससे पहले अंबाला- पटियाला बॉर्डर पर प्रदर्शन उग्र हो गया। किसानों ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। पथराव की भी खबर है। पुलिस ने किसानों पर वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। वह राशन-पानी के साथ दिल्ली की ओर कूच कर रहे हैं। किसान नेता योगेंद्र यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। वहीं, केंद्रीय यूनियनों ने श्रम सुधारों के खिलाफ देशव्यापी बंद बुलाया है। प्रदर्शनकारियों ने पश्चिम बंगाल में रेलवे ट्रैक ब्लॉक कर दिया। ओडिशा और केरल में भी इस बंद का असर देखने को मिला है।  

कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के दिल्ली चलो आंदोलन के चलते दिल्ली-नोएडा बॉर्डर के पास कालिंदी कुंज में जाम लग गया है। एसएचओ सरिता विहार ने बताया, 'कोई प्रदर्शनकारी दिल्ली में दाखिल ना हो पाए इसके लिए पुलिस की सभी टीमें उच्च अधिकारियों के साथ हर जगह अलर्ट पर हैं।'

मिल रही जानकारी के अनुसार मेवात में किसान नेता योगेंद्र यादव को उनके साथियों के साथ गुरुग्राम पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

प्रदर्शनकारियों ने पंजाब- हरियाणा बॉर्डर पर हंंगामा कर दिया है।  समाचार एजेंसी एएनआइ ने एक वीडियो ट्वीट किया है। शंभू बॉर्डर पर प्रदर्शकारियों ने पथराव करते दिख रहे हैं। 

कृषि कानूनों ​के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए दिल्ली की ओर कूच कर रहे किसान शंभू बॉर्डर पर डटे हुए हैं। दिल्ली की ओर कूच कर रहे किसानों ने शंभू बॉर्डर पर पुलिस बैरिकेड को पुल के नीचे फेंक दिया।  

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट करके कहा, 'किसानों से समर्थन मूल्य छीनने वाले कानून के विरोध में किसान की आवाज सुनने की बजाय भाजपा सरकार उन पर भारी ठंड में पानी की बौछार मारती है। किसानों से सबकुछ छीना जा रहा है और पूंजीपतियों को थाल में सजा कर बैंक, कर्जमाफी, एयरपोर्ट रेलवे स्टेशन बांटे जा रहे हैं।' 

समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए किसान फतेहगढ़ साहिब से दिल्ली की तरफ आ रहे हैं। एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि हम दिल्ली को कूच कर रहे हैं, वहां रोका जाएगा तो सब सड़कों पर जाम लगा देंगे। हमारे पास 4-5 महीने का सामान है। हजार से ज्यादा ट्रालियां जा रही हैं।

दिल्ली की ओर कूच कर रहे किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने अंबाला के पास शंभू बॉर्डर पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। किसान कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए दिल्ली आ रहे हैं।

समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब के फतेहगढ़ साहिब के किसान दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं। 

समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार श्रम सुधारों के खिलाफ देशव्यापी बंद के चलते केरल के कोच्चि शहर में बस सेवा बाधित हुई है। यहां बाजार भी बंद हैं। 

भुवनेश्वर में ओडिशा निर्वाण श्रमिक महासंघ के सदस्य, ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स और ऑल उड़ीसा पेट्रोल और डीजल पंप वर्कर्स एसोसिएशन ने धरना प्रदर्शन किया।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों ने (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन, सीपीआइ(एम) और कांग्रेस ब्लॉक जादवपुर में रेलवे ट्रैक ब्लॉक कर दिया है। 

किसानों के 'दिल्ली चलो' प्रदर्शन के मद्देनजर फरीदाबाद-दिल्ली बॉर्डर पर पुलिसकर्मी तैनात हैं। फरीदाबाद पुलिस ने कहा कि उनकी टीम हर बॉर्डर पर तैनात है। उन्हें सरकार और विभाग के तरफ से निर्देश मिला है कि किसानों को 26-27 नवंबर को दिल्ली में प्रवेश न करने दिया जाए।

सब- इंस्पेक्टर पृथ्वीराज मीणा ने गुरुवार को समाचार एजेंसी एएनआइ को बताया कि हम यहां से गुजरने वाले हर वाहन की जांच कर रहे हैं। होमगार्ड जवान यहां तैनात हैं। वरिष्ठ अधिकारी चक्कर लगा रहे हैं। हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। अभी तक यहां कोई किसान नहीं आया है। अगर किसान यहां आते हैं तो हम उनके साथ बातचीत करने की कोशिश करेंगे। दिल्ली-फरीदाबाद सीमा पर चार से पांच स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है। इस बीच दिल्ली मेट्रो गुरुवार को दोपहर 2 बजे तक दिल्ली मेंट्रों एनसीआर में नहीं जाएगी। इस दौरान दिल्ली से नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गुरुग्राम तक मेट्रो सेवाएं बंद रहेंगी।

मनीला: फिलीपींस में कोरोना के 1,392 नए मामले सामने आए हैं। इस बात की जानकारी फिलीपींस के स्वास्थ्य विभाग (डीओएच) ने गुरुवार को दी। अब देश में कुल मामलों की संख्या 424,297 हो गई है। डीओएच ने कहा कि कोरोना की वजह से 27 और मरीजों की मौत के बाद मरने वालों की संख्या 8,242 हो गई।

जानकारी के मुताबिक फिलीपींस सरकार का लक्ष्य तीन से पांच वर्षों में लगभग 60 मिलियन से 70 मिलियन लोगों का टीकाकरण करना है।

--आईएएनएस

एएनएम

सिडनी: बेशक भारत ने बीते 24 महीनों में आस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए 12 मैचों में से सात में जीत हासिल की है, लेकिन शुक्रवार से जब दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज की शुरुआत होगी तो मेजबान होने के नाते मनोवैज्ञानिक बढ़त मेजबान आस्ट्रेलिया को ही होगी। सीरीज का पहला वनडे मैच सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा।

भारत को वनडे सीरीज में रोहित शर्मा की कमी तो खलेगी ही साथ ही हरफनमौला खिलाड़ियों की कमी के कारण गेंदबाजी में भी उसके पास कम विकल्प हैं। दूसरी तरफ आस्ट्रेलिया के पास चुनने के लिए कई हरफनमौला खिलाड़ियों के कई सारे विकल्प हैं।

भारत ने आखिरी बार 2018-19 में आस्ट्रेलिया का दौरा किया था तब उसने तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से जीती थी जो आस्ट्रेलियाई टीम के उसके घर में हासिल दबदबे के खिलाफ था।

भारत ने आस्ट्रेलिया में आस्ट्रेलिया के खिलाफ 51 मैच खेले हैं और भारत के हिस्से इनमें से सिर्फ 13 में जीत आई है। आस्ट्रेलियाई सरजमीं पर भारत को 36 मैचों में हार मिली है।

भारतीय टीम में रोहित के स्थान पर मयंक अग्रवाल को टीम में शामिल किया जा सकता है। हाल ही में आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब के लिए खेलते हुए मयंक ने शानदार पारियां खेली थीं और 424 रन बनाए थे।

पूरी संभावना है कि वह बाएं हाथ के शिखर धवन के साथ पारी की शुरुआत करने मयंक के साथ ही आएंगे। धवन ने भी आईपीएल में अपने बल्ले का जौहर दिखाया था और 600 से ज्यादा रन बनाए थे। लोकेश राहुल के बाद वह आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे नंबर पर थे।

रोहित की गैरमौजूदगी पर आस्ट्रेलिया की सीमित ओवरों की टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने गुरुवार को मीडिया से कहा, "वह निश्चित तौर पर महान खिलाड़ी हैं, ऐसे बल्लेबाज जो हमारे खिलाफ सफल रहे हैं। जैसा मैने कहा आप हमेशा सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ खेलना चाहते हो। रोहित के लिए चोटिल होना अच्छा नहीं है। लेकिन जो भी उनकी जगह आएगा, शायद मयंक अग्रवाल, वह भी शानदार फॉर्म में हैं। उनकी जगह एक अच्छा खिलाड़ी आएगा।"

हकीकत यह है कि भारत का शीर्ष क्रम आईपीएल में फॉर्म में दिखा था जो उसके लिए अच्छी बात है। कप्तान विराट कोहली ने भी रन किए थे और श्रेयस अय्यर ने भी।

फिंच ने कहा, "फॉर्म चाहे किसी भी तरह की क्रिकेट हो, ग्रेड क्रिकेट या टेस्ट क्रिकेट, मायने रखती है। रन बनाना, मैदान पर जाना अच्छा है।"

आस्ट्रेलियाई टीम में देखें तो डेविड वार्नर ने सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते हुए रन बनाए थे पर स्टीव स्मिथ का बल्ला राजस्थान रॉयल्स के लिए नहीं चला था।

हरफनमौला खिलाड़ियों के विकल्प के मामले में आस्ट्रेलिया मेहमान टीम से एक कदम आगे रह सकती है।

मेजबान टीम के पास कई सारे हरफनमौवा खिलाड़ी हैं। भारत के पास रवींद्र जडेजा ही हैं। हार्दिक पांड्या भी टीम में हैं लेकिन आईपीएल में उन्हें गेंदबाजी करते हुए नहीं देखा गया था।

ऐसे बल्लेबाजों का न होना जो गेंदबाजी भी कर सकें या वाइस वर्सा, भारत के मुख्य गेंदबाजों पर दबाव डाल देगा। अगर वह कमजोर होते हैं तो आस्ट्रेलिया कई सारे रन करेगी।

विकेट के बल्लेबाजों के मददगार होने की उम्मीद है लेकिन फिंच ने कहा कि इसका कुछ पता नहीं

आस्ट्रेलियाई कप्तान ने कहा, "मैंने जस्टिन लैंगर (मुख्य कोच) से बात की है, लेकिन उन्होंने कहा है कि पिच ढकी हुई है। इसके बारे में पता नहीं। हमें कल वहां जाकर पता चलेगा।"

सीरीज के शुरुआती दो मैच एससीजी में ही खेले जाएंगे और इसमें 50 फीसदी दर्शक मौजूद रहेंगे।

टीमें (सम्भावित) :-

भारत : विराट कोहली (कप्तान), शिखर धवन, शुभमन गिल, लोकेश राहुल (उप-कप्तान/विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, मनीष पांडे, हार्दिक पांड्या, मयंक अग्रवाल, रवींद्र जडेजा, युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, नवदीप सैनी, शार्दूल ठाकुर, संजू सैमसन (विकेटकीपर)।

आस्ट्रेलिया : एरॉन फिंच (कप्तान), स्टीव स्मिथ, डेविड वार्नर, डी आर्की शॉर्ट, मार्नस लाबुशैन, एश्टन टर्नर, एश्टन एगर, एलेक्स कैरी (विकेटकीपर), पीटक हैंड्सकॉम्ब, पैट कमिंस, जोश हेजलवुड, मिशेल स्टार्क, एडम जाम्पा, एंड्रयू टाई।

--आईएएनएस

दुबई: दुबई में 42 साल के भारतीय चिकित्सक को बोटॉक्स थेरेपी सेशन के बाद एक महिला से छेड़छाड़ करने के आरोप में बरी कर दिया गया है। गल्फ न्यूज के मुताबिक, दुबई कोर्ट में पीड़ित 31 वर्षीय अमेरिकी महिला ने कहा था कि इस साल अगस्त में वह दुबई में एक क्लिनिक में गई थी तब डॉक्टर ने उसके गाल पर हाथ रखा, उसे दो बार किस किया और उसे गले लगाया था।

पीड़ित ने कहा, "प्रतिवादी ने मेरे चेहरे पर बोटॉक्स डाल दिया, उसके बाद मैं उसके अनुरोध पर प्लास्टिक सर्जरी पर चर्चा करने के लिए कंसल्टेशन रूम में गई। मैं थकी हुई थी और बोटॉक्स से घबरा गई थी। मेरा हाल ही में मेरे दोस्त के साथ ब्रेक-अप हुआ था। मैं उस समय हैरान रह गई जब प्रतिवादी ने अपने दोनों हाथ मेरे गाल पर रखे और मुझे दो बार किस किया।"

उसने दावा किया कि भारतीय प्रतिवादी ने उसके होंठों पर भी किस करने की कोशिश की लेकिन वह कमरे से बाहर निकलने में कामयाब रही। इसके बाद उसने मुझे शांत करने की कोशिश और कहा कि मुझे आराम की जरूरत है और मुझे गले लगाकर फिर से किस किया।

महिला क्लिनिक से भागने में कामयाब रही और उसने दुबई पुलिस को सूचना दी। अभियोजन पक्ष ने प्रतिवादी पर महिला के साथ यौन दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। हालांकि अदालत ने डॉक्टर को दोषी नहीं पाया।

अभियोजन पक्ष ने फैसले के खिलाफ अपील करते हुए इसे दुबई कोर्ट ऑफ अपील में भेज दिया है, जिसकी सुनवाई की तारीख बाद में तय होगी।

--आईएएनएस

एसडीजे-एसकेपी

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने गुपकार गठबंधन को देश की एकता के लिए खतरा बताया है। उन्होंने आईएएनएस से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि राष्ट्र विरोधी गुपकार गठबंधन कभी भी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाएगा। जम्मू कश्मीर के लोगों को गुपकार गैंग से सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि गुपकार गठबंधन वाले लाख चाहने पर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की ²ढ़ इच्छाशक्ति द्वारा समाप्त किये गए अनुच्छेद 370 और 35ए की वापसी कभी नहीं करा पाएंगे। अनुराग ठाकुर ने कहा कि गुपकार के गुप्त इरादों का देश के सामने भंडाफोड़ हो चुका है। विकास की चाह रखने वाले जम्मू-कश्मीर के नागरिक गुपकार के इरादों को कभी पूरा नहीं होने देंगे। केंद्र की नीतियों का लाभ सीधे जम्मू-कश्मीर के लोगों तक पहुंच रहा है, जो कि गुपकार गठबंधन को बर्दाश्त नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी और कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सारे भ्रष्ट एक ही छतरी के नीचे आ गए हैं।

अनुराग ठाकुर ने जम्मू-कश्मीर में 25 हजार करोड़ के रोशनी जमीन घोटाले में पीडीपी, नेशनल कांफ्ऱेस व कांग्रेस नेताओं के नाम सामने आने पर कहा कि भ्रष्टाचार और देश विरोधी गतिविधियां ही इन पार्टियों का असली चेहरा है। उन्होंने कहा कि कश्मीर जैसे स्वर्ग को इन भ्रष्टाचारी नेताओं ने नर्क बना दिया था। ये लोग दशकों तक जम्मू-कश्मीर के संसाधनों का दुरुपयोग करते आ रहे थे। अब जब सूबे की जनता विकास की ओर अग्रसर है, तो यह लोग पाकिस्तान और चीन की जुबान बोल रहे हैं। कश्मीर के युवाओं को भटकाने और बरगलाने का काम कर रहे हैं। इन राष्ट्र विरोधी ताकतों के मंसूबों को भारतीय जनता पार्टी कभी कामयाब नहीं होने देगी।

रोशनी जमीन घोटाले पर अनुराग ने कहा, जम्मू-कश्मीर में रोशनी लैंड स्कैम ना सिर्फ यहां का बल्कि अपनी तरह का देश का सबसे बड़ा भूमि घोटाला है। कुछ लोगों के एक गिरोह ने जम्मू-कश्मीर के संसाधनों को लूट लिया। इतना ही नहीं उन्होंने राज्य की जमीन भी हड़प ली। एक सुनियोजित साजिश के तहत जम्मू-कश्मीर में राज्य की जमीन लूट ली गई और जो लोग जमीन लूटते थे वो अब गुपकार बन गए हैं। दिन प्रतिदिन अपना जनाधार खोते और परत दर परत सच्चाई सामने आते देख इन लोगों ने गुपकार गठबंधन के नाम से एक 'ठगबंधन' बना लिया है। कश्मीर की स्वायत्तता की आवाज उठाने वाले सिर्फ अपने परिवार के लिए ही सुविधाएं जुटाते रहे। उन्होंने कहा कि अब्दुल्ला-मुफ्ती परिवार सदैव ही राष्ट्र के हितों के खिलाफ जाता रहा है। जिसे जहां मौका मिला उसने वहां घाटी को लूटा है।

जम्मू-कश्मीर में होने वाले चुनावों पर उन्होंने कहा कि भाजपा यहां के लोगों को सशक्त और समृद्ध बनाने का लक्ष्य लेकर जिला विकास परिषद चुनाव में उतरी है। पार्टी की कोशिश है कि ग्रामीण लोकतंत्र को मजबूत बनाकर जम्मू-कश्मीर के लोगों को तेज विकास का लाभ दिया जाए। उन्होंने कहा ''गुपकार गैंग जम्मू-कश्मीर में बैलेट की नहीं, बुलेट की राजनीति कर रहा है।''

उन्होंने कहा, जम्मू-कश्मीर में रोशनी एक्ट के जरिए घोटाला हुआ है। कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के नेता सभी सरकारी जमीन के दुरुपयोग में जुटे थे। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने इस एक्ट को असंवैधानिक घोषित किया है। अब्दुल्ला परिवार सहित कई राजनीतिक और जाने माने लोगों ने इसका फायदा उठाया। अब्दुल्ला परिवार ने घर के लिए सुजवान गांव में तीन कनाल जमीन खरीदी, लेकिन सात कनाल पर कब्जा कर लिया, जिसे जहां मौका लगा, उसने वहां पर घाटी को लूटा है। हाईकोर्ट के निर्देश पर जारी सूची में फारूक अब्दुल्ला की बहन सुरैया माटू और बहनोई के नाम भी शामिल हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस का दफ्तर भी रोशनी एक्ट का फायदा उठा कर बनाया गया। यह दिखाता है कि दशकों से यहां कैसा अंधेरराज चल रहा था। सत्ता में आने का इनका मकसद सेवा नहीं बल्कि विलासिता होती थी और ये उसी संस्कृति को अभी तक पाल पोस रहे हैं। इनका असली चेहरा अब जनता के सामने आ चुका है। हम सामूहिक रूप से इस घोटाले से जुड़े सभी नेताओं व अधिकारियों की विधि पूर्वक जाच की मांग करते हैं।

उन्होंने कहा, भाजपा बैलेट से लोकतंत्र को मजबूत बनाने की राह पर है, जबकि गुपकार अलायंस गोली से लोगों को डराने की कोशिश कर रहा है। पर ये लोग ये भूल गए हैं कि जम्मू-कश्मीर के लोग सारी सच्चाई से वाकिफ हैं और इनके इरादों को समझते हैं। जम्मू-कश्मीर की जनता राष्ट्र द्रोहियों का कभी साथ नहीं देने वाली। जनता अब विकास चाहती है, इसीलिए भाजपा की जीत सुनिश्चित है।

अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस को भी आड़े हाथ लेते हुए कहा कि हार-हार कर बेहाल हुई कांग्रेस ने चीन व पाकिस्तान की भाषा बोलने वाले गुपकार गैंग से हाथ मिलाया है। कांग्रेस हार से इतना बौखला गई है कि आज उनका सहयोग मांग रही है, जो अनुच्छेद 370 बहाली के लिए पाकिस्तान व चीन से समर्थन मांग रहे हैं। हताशा में उसने राष्ट्र-विरोधी ताकतों से हाथ मिला लिया। दूसरी तरफ उनके नेता राहुल गांधी का इस मुद्दे पर मौन नहीं टूट रहा है। क्या वह चीन और पाकिस्तान के मंसूबों को अपनी मौन सहमति दे रहे हैं? उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा से ही विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ा है। पार्टी ने वादा किया था कि वह अनुच्छेद 370 और 35 ए को समाप्त कर देगी, जिसे पार्टी ने पूरा किया है। अनुराग ठाकुर ने तंज मारते हुए कहा जमीन कब्जाने वाले, अब गुपकार हो गये हैं।''

--आईएएनएस

एसकेपी

 

रतलाम: मध्य प्रदेश के एक परिवार के तीन सदस्यों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। तीनों के सिर में गोली लगी है। पुलिस को आशंका है कि इस वारदात में पीड़ित परिवार के किसी करीबी का हाथ हो सकता है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार औद्योगिक थाना क्षेत्र के राजीव नगर में गुरुवार सुबह एक तीन मंजिला मकान में रहने वाले गोविंद सिंह सेन (50), पत्नी शारदा बाई (47) और बेटी दिव्या (21) के शव मिले हैं। इन तीनों के सिर में गोली लगी है।

बताया गया है कि गोविंद सिंह की स्टेशन रोड पर हेयर सैलून की दुकान है, वहीं बेटी दिव्या एक निजी संस्थान में काम करती थी। पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि एक परिवार के तीन सदस्यों पति-पत्नी और उसकी बेटी की गोली मारकर हत्या की गई है, पुलिस जांच कर रही है।

सूत्रों का कहना है कि पुलिस को इस बात की आशंका है कि इस वारदात को किसी नजदीकी व्यक्ति ने अंजाम दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि मृतक परिवार का दो पहिया वाहन भी गायब है। इसके साथ ही पड़ोसियों ने बताया है कि गोविंद के घर दिन-भर मिलने जुलने वाले आते रहते थे।

--आईएएनएस

एसएनपी/एएनएम

गांधीनगर: हजारों चाहने वालों के बीच कांग्रेस के दिग्गज और पार्टी के संकटमोचक अहमद पटेल के शव को कोविड-19 दिशानिर्देशों के साथ गुजरात के भरूच जिले में उनके पैतृक गांव में सुपुर्दे-खाक कर दिया गया। उनकी अंत्येष्टि में राहुल गांधी समेत पार्टी के कई शीर्ष राष्ट्रीय नेता मौजूद रहे।

पटेल का अंतिम संस्कार पैतृक गांव पिरमान में सुन्नी वोहरा मुस्लिम जमात कब्रिस्तान में किया गया। उनकी इच्छा के अनुसार, उन्हें उनके माता-पिता की कब्रों के पास दफनाया गया।

अहमद पटेल का बुधवार सुबह कोविड संक्रमण के बाद हुईं जटिलताओं के चलते निधन हो गया था। वे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती थे, जहां से उनका शव वडोदरा ले जाया गया और वहां से अंकलेश्वर के अस्पताल ले जाया गया जहां शव को गुरुवार सुबह तक रखा गया। उनके आवास पर 10 मिनट के लिए शव ले जाने के बाद कब्रिस्तान का रुख किया गया।

मृतक के लिए की जाने वाली अंतिम नमाज के बाद अहमद पटेल के शव को उनके परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और दोस्तों ने दफनाया, जिनमें से अधिकांश लोग पीपीई पहने हुए थे। अपने प्रिय नेता के अंतिम दर्शन करने हजारों लोग कब्रिस्तान में आने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें कोविड-19 दिशानिर्देशों के तहत पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करके नियंत्रित किया।

अंतिम संस्कार में राष्ट्रीय कांग्रेस के कई प्रमुख नेता मौजूद रहे, जिनमें राहुल गांधी भी शामिल थे, जो गुरुवार की सुबह सूरत हवाई अड्डे पर उतरे थे। उनके अलावा पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, गुजरात प्रभारी राजीव सातव, वरिष्ठ नेता मधुसूदन मिस्त्री, राज्यसभा सांसद शक्तिसिंह गोहिल भी शामिल थे।

गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति (जीपीसीसी) के अध्यक्ष अमित चावड़ा, गुजरात राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता परेश धनानी, सिद्धार्थ पटेल, अर्जुन मोडवाडिया, जीपीसीसी के वकिर्ंग प्रेसिडेंट हार्दिक पटेल पार्टी समेत सैकड़ों कार्यकर्ता भी अंतिम संस्कार में मौजूद थे। गुजरात के पूर्व सीएम शंकरसिंह वाघेला और राज्य विधानसभा में निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी भी नेता को विदाई देने के लिए कब्रिस्तान में थे।

राहुल गांधी पूरे समय पटेल के बेटे फैसल और बेटी मुमताज को सांत्वना देते नजर आए। अंतिम संस्कार के बाद राहुल गांधी दिल्ली लौट गए। कांग्रेस नेता के प्रति सम्मान में भरूच शहर गुरुवार को बंद रहा।

वहीं गुजरात कांग्रेस ने पटेल के लिए सभी क्षेत्रीय मुख्यालयों में श्रद्धांजलि सभाएं की। इन स्थानों पर अंतिम संस्कार का लाइव प्रसारण भी किया गया।

--आईएएनएस

एसडीजे-एसकेपी

संयुक्त राष्ट्र: भारत के संयुक्त राष्ट्र मिशन ने पाकिस्तान द्वारा के संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोरियो गुटेरेस को सौंपे गए डोजियर को 'बिना किसी आधार का झूठों का पुलिंदा' कहकर खारिज कर दिया है।

प्रवक्ता ने बुधवार को आईएएनएस को बताया कि पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा 2008 में किए गए 26/11 मुंबई हमले की बरसी की पूर्व संध्या पर पाकिस्तान द्वारा दिए गए इस डोजियर की कोई विश्वसनीयता नहीं है। प्रवक्ता ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र द्वारा आंतकी करार दिए गए आतंकवादियों की सूची के कई आतंकवादी पाकिस्तान में हैं। उसके इस भारत-विरोधी प्रचार की अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में विश्वसनीयता शून्य है।"

प्रवक्ता ने कहा, "और आज तो मुंबई में पाकिस्तान द्वारा किए गए नृशंस आतंकवादी हमले की 12 वीं वर्षगांठ है, ऐसे समय में तो उसका झूठ कहीं टिकता ही नहीं है।"

इससे पहले भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी.एस. तिरुमूर्ति ने अल-कायदा के प्रमुख ओसामा बिन लादेन की रक्षा करने को लेकर एक ट्वीट कर कहा, "एबटाबाद को याद रखें!" एबटाबाद में पाकिस्तान सैन्य अकादमी के पास एक घर में अमेरिका की स्पेशल फोर्स ने बिन लादेन को मार दिया था।

पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि मुनीर अकरम ने मंगलवार को गुटेरेस से मुलाकात कर डोजियर को सीमा पार हमलों से जोड़ने की कोशिश करते हुए कहा कि वह अफगान की ओर से भारत आ रहे थे। आतंकवाद के लिए कथित भारतीय लिंक का यह डोजियर पाकिस्तान का संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर कूटनीतिक विफलताओं की एक अगली कड़ी है।

इससे पहले पाकिस्तान सितंबर में सुरक्षा परिषद प्रतिबंध समिति द्वारा भारतीयों को आतंकवादी के रूप में नामित कराने में विफल रहा था और पिछले महीने फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने पाकिस्तान को अपने देशों की ग्रे सूची में रखने का फैसला किया जो आतंकी संगठनों की फंडिंग की सुविधा देते हैं।

--आईएएनएस

एसडीजे-एसकेपी

नई दिल्ली: राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इसके साथ ही टास्क फोर्स की रिपोर्ट को भी अंतिम रूप देना शुरू कर दिया गया है। यह टास्क फोर्स महेंद्रगढ़ केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति आरसी कुहाड़ के नेतृत्व में काम कर रही है। प्रोफेसर आरसी कुहाड़ ने आईएएनएस से कहा, हमारा लक्ष्य विश्वविद्यालय के स्तर पर नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन का प्रारूप तैयार करना है। राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग व शिक्षा मंत्रालय के समक्ष भी इस नीति को सफलता के साथ लागू करने की दिशा में आवश्यक सुझाव प्रस्तुत करना है। इसके लिए एक विस्तृत दस्तावेज तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द ही अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

कुलपति आरसी कुहाड़ ने कहा, नई शिक्षा नीति की मूल भावना भारतीयता को आत्मसात करते हुए अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व क्षमता का विकास करने वाली युवा शक्ति का निर्माण करना है। हम इसी उद्देश्य केंद्र में रखते हुए माइक्रो लेवल पर काम कर रहे हैं। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा गठित टास्क फोर्स नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में अपना योगदान देकर भागीदार बनेगी।

कुलपति ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दिखाए गए आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए आवश्यक शोध, अनुसंधान व कौशल विकास की व्यवस्था को विशेष रूप से नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन संबंधी प्रारूप में समाहित किया जा रहा है।

शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक कह चुके है कि नई शिक्षा नीति में वो सभी गुण विद्यमान हैं। यह भारत को एक बार फिर से ग्लोबल पावर के रूप में स्थापित कर सकती है। बस आवश्यकता है इसे उचित ढंग से लागू किया जाये।

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की दिशा में जारी प्रयासों के अन्तर्गत हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय की टास्क फोर्स के सदस्यों व प्रतिष्ठित शिक्षाविदों की एक प्रमुख बैठक भी हुई है। इस बैठक में सभी विभाग अपने विषय के सम्बंध में विशेषज्ञता, क्षमताओं, महžवाकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए क्रियान्वयन के सम्बंध में सुझाव दिए।

टास्क फोर्स के सुझावों में गुणवत्तापूर्ण पाठ्यक्रम, बहुविषयक अवसर, उपयोगी कार्ययोजना का समावेश आवश्यक है। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय विभागीय स्तर पर विजन, मिशन के साथ-साथ विश्वविद्यालय के स्तर पर भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति से प्रेरित सह-सहयोगी विजन-मिशन निर्धारित कर रहा है ताकि माइक्रो स्तर पर इस नई नीति का क्रियान्वयन सम्भव हो और कम समय में निर्धारित परिणाम प्राप्त हो।

--आईएएनएस

जीसीबी-एसकेपी

पटना: केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के गुरुवार को आयोजित एक दिवसीय भारत बंद का बिहार में असर देखने को मिला। बंद का असर जहां आवागमन पर देखा जा रहा है वहीं बैंकों के कार्यों पर भी असर पड़ा है। बिहार के वैशाली जिले में भी ट्रेड यूनियनों की हड़ताल के समर्थन में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और सड़क मार्ग अवरूद्ध कर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता अपने पशुओं के साथ पहुंचे और सड़क पर आगजनी की, जिससे मुजफ्फरपुर-हाजीपुर मार्ग पर आवागमन ठप हो गया।

इस दौरान राजद कार्यकतार्ओं ने सड़क पर दीपक जलाए और केंद्र सरकार के मजदूर और किसान विरोधी कानूनों को लेकर नारे लगाए। सड़क जाम के कारण हाजीपुर-मुजफ्फरपुर मार्ग पर वाहनों का परिचालन ठप हो गया।

इधर, गया में भी हड़ताल का असर देखा गया। गया में भी बैंकों के काम पर असर देखा जा रहा है।

बेगूसराय में भी ट्रेड यूनियनों की हड़ताल का असर दिखा। यहां भी राजद और वामपंथी दलों के नेता सड़क पर उतरे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

केंद्र सरकार की कथित मजदूर, किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ 10 ट्रेड यूनियनों ने गुरुवार को भारत बंद का आह्वान किया है। नए केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ किसान भी इस आंदोलन में साथ हैं।

--आईएएनएस

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