दाभोलकर की हत्या के खिलाफ पुणे में प्रदर्शन
Wednesday, 21 August 2013 16:59

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पुणे: पुणे में समाज सुधारक एवं अंधविश्वास विरोधी सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र दाभोलकर की हत्या के विरोध में बुधवार को हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। शहर में स्वस्फूर्त पूर्ण बंदी देखी गई। दाभोलकर की मंगलवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शहर की सभी मुख्य सड़कों एवं व्यवसायिक इलाकों में सन्नाटा पसरा हुआ है। विभिन्न राजनीतिक पार्टियों और सामाजिक संगठनों और नागर समाज समूहों के साथ मिलकर पुणेवासियों ने ओंकारेश्वर मंदिर के पास महात्मा फुले चौक पर रैली निकाली। इसी स्थान पर मंगलवार को दाभोलकर को गोली मारी गई थी, जब वह सुबह सैर पर निकले थे।

अंधविश्वास और झाड़-फूंक के विरोधी दाभोलकर अपने सौम्य व्यवहार के लिए जाने जाते थे। वह एक सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार होने के अलावा एक प्रशिक्षित चिकित्सक भी थे।

प्रमुख छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों सहित शहर की सभी बड़ी राजनीतिक पार्टियों -कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, शिवसेना, भारतीय जनता पार्टी और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना- ने भी रैली में भाग लिया।

दाभोलकर हत्या मामले में पुलिस को अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। मंगलवार सुबह 7.30 बजे के करीब मोटरसाइकिल सवार हत्यारों ने उनपर चार गोलियां बरसाई थीं, जिनमें से दो उनकी गरदन और पीठ पर लगीं। सरकारी ससून अस्पताल में दाभोलकर ने दम तोड़ दिया।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने तत्काल ही दाभोलकर के हत्यारों की सूचना देने वालों को 10 लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की।

चव्हाण, उप मुख्यमंत्री अजीत पवार, राज्य के गृह मंत्री आर. आर. पाटील सहित राज्य के कई प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक नेताओं ने दाभोलकर की त्रासदीपूर्ण मौत पर शोक व्यक्त किया।

पाटील ने हत्यारों को जल्द से जल्द पकड़ने का वचन दिया है। इस बीच पुलिस ने घटना के समय मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों की मदद से हत्यारों के स्केच जारी किए हैं।

दाभोलकर के गृह नगर सतारा में मंगलवार शाम उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। चव्हाण और पवार सहित कई शीर्ष राजनीतिज्ञ उनकी अंत्येष्टि में शामिल हुए।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

 

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