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महाराष्ट्र में यात्रियों ने रोकी ट्रेनें, लगाई गईं अतिरिक्त बसें
Wednesday, 22 July 2020 17:52

पालघर (महाराष्ट्र): मुंबई, ठाणे और अन्य स्थानों में फंसे सैकड़ों परेशान यात्रियों ने बुधवार को नाला सोपारा स्टेशन पर ट्रेनें रोक दीं। उन्होंने कोविड मामलों की वृद्धि के कारण बंद की गई नियमित उपनगरीय ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू करने की मांग की है। इन यात्रियों में ज्यादातर मुंबई महानगर क्षेत्र या मुंबई मेट्रोपोलिटन क्षेत्र में निजी कंपनियों या कारखानों में काम करने वाले लोग हैं। उन्होंने कहा कि बुधवार को महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम द्वारा बसों के रोके जाने के कारण वे फंस गए थे।

इन यात्रियों ने नाला सोपारा स्टेशन तक मार्च किया और इनमें से कई यात्री पटरियों पर बैठ गए और उन्होंने विशेष लोकल ट्रेनों को रोक दिया। उन्होंने मांग की कि उन्हें उपनगरीय लोकल ट्रेनों में नियमित रूप से यात्रा करने की अनुमति दी जानी चाहिए।

बाद में जीआरपी मौके पर पहुंची और उसने शांतिपूर्ण तरीके से भीड़ को वहां से हटाया।

मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ क्षेत्र के यात्रियों की मांग है कि देश की वाणिज्यिक राजधानी की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों को फिर से शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि या तो विशेष तौर पर चलाई जा रही लोकल ट्रेनों में अधिक श्रेणियों के मजदूरों को यात्रा करने की अनुमति दी जाए।

एमएसआरटीसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि आमतौर पर प्रतिदिन करीब 150 राज्य परिवहन बसों का संचालन होता है। लेकिन इस अप्रत्याशित भीड़ को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए बुधवार को इनकी संख्या 300 तक बढ़ाई जा रही हैं। अगले कुछ दिनों में 200 और बसों को नियमित सेवाओं में जोड़ा जाएगा।

प्रवक्ता ने आईएएनएस को बताया, "पिछले दो दिनों से विशेष ट्रेनों से यात्रा करने वाले कई यात्रियों को विभिन्न कारणों से यात्रा करने की अनुमति नहीं दी गई थी। नतीजतन, अचानक राज्य परिवहन की बसों में भीड़ बढ़ गई। चूंकि हम सोशल डिस्टेंसिंग के मानदंडों का कड़ाई से पालन करते हैं, लिहाजा एक बस में करीब 22 यात्रियों को अनुमति देते हैं। ऐसे में अतिरिक्त यात्री आने से समस्या बढ़ गई। हमें उम्मीद है कि कुछ दिनों में हम इस समस्या को हल कर लेंगे।"

उधर रेल यात्री परिषद के अध्यक्ष सुभाष गुप्ता ने चेतावनी देते हुए कहा, "उपनगरीय ट्रेनें नहीं चल रही हैं और बसें अपर्याप्त होने से यात्री नाराज हैं। हम सरकार से आग्रह करते हैं कि वह स्थिति बिगड़ने से पहले तुरंत एसटी या निजी बसों को तैनात करे।"

एमएमआर महामारी का हॉटस्पॉट है। यहां 2,06,221 कोविड-19 मामले और 8,402 मौतें दर्ज हो चुकी हैं।

--आईएएनएस