प्रियंका से आवास खाली कराना सत्ता का अहंकार : पवार
Tuesday, 14 July 2020 08:27

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मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए सोमवार को कहा कि कांग्रेस महासचिव प्रियका गांधी वाड्रा से दिल्ली में सरकारी आवास खाली कराना राजग सरकार का सत्ता के अहंकार का एक प्रदर्शन है।

पवार ने कहा, "हमें याद रखना चाहिए कि नेहरू-गांधी परिवार ने अपना जीवन देश के लिए समर्पित किया है। जवाहरला नेहरू ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में अपार योगदान दिया और इसे लोकतंत्र का रास्ता दिखाया। उनकी बेटी इंदिरा गांधी और पोते राजीव गांधी ने देश के लिए अपनी जिंदगियां कुर्बान कीं। प्रियंका उसी परिवार से हैं।"

पवार ने कहा कि राजीव गांधी की मौत के बाद भी उनकी पत्नी सोनिया गांधी ने पार्टी को खड़ा किया और यद्यपि राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप किसी को परेशान करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग कर सकते हैं। यह कोई समझदारी वाला और अच्छा कदम नहीं है।

राकांपा अध्यक्ष ने कहा कि देश में तुच्छ राजनीति हो रही है, और उन्होंने याद किया कि जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे और उस दौरान वह जब भी मुख्यमंत्रियों का कोई सम्मेलन बुलाते थे, भाजपा अपनी पार्टी के मुख्यमंत्रियों की अलग बैठकें करती थी।

पवार ने याद किया, "उन बैठकों में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री सिंह के खिलाफ बहुत कठोर भाषा का इस्तेमाल करते थे। वह अभूतपूर्व था- किसी राज्य का मुख्यमंत्री देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह का कोई प्रतिशोधात्मक रवैया कैसे अपना सकता है।"

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज भाजपा केद्र की सत्ता में है, लेकिन सिंह ने अपनी आलोचनाओं को कभी दिल पर नहीं लिया। यहां तक कि जब मुख्यमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री सिंह की आलोचना की तब भी मनमोहन सिंह ने गुजरात के साथ कोई नाराजगी नहीं दिखाई।

अपने अनुभव को बयान करते हुए पवार ने कहा कि जब वह केंद्रीय कृषि मंत्री थे, तब कुछ कांग्रेस नेता नाराजगी जाहिर करते थे कि मोदी ने प्रधानमंत्री की इतनी आलोचना की, फिर भी "हम आउट ऑफ वे जाकर गुजरात की मदद कर रहे हैं", लेकिन मनमोहन सिंह यह कहते हुए उनके (पवार) साथ रहे कि "गुजरात भारत का हिस्सा है और हरेक भारतीय और हरेक राज्य की हिफाजत हमारा कर्तव्य है।"

पवार ने आगे कहा, "आज स्थिति बदल गई है। आज हम देखते हैं - इस राज्य सरकार को गिरा दो। अब हम इसे राजस्थान में देख रहे हैं। भाजपा के कुछ नेता महाराष्ट्र के लिए भी ऐसी बातें करते रहते हैं। भाजपा का ऑपरेशन कमल जनादेश द्वारा निर्वाचित सरकारों को गिराने, अस्थिर करने के लिए केंद्र की सत्ता का दुरुपयोग करना है।"

उन्होंने भरोसा जाहिर किया कि हालांकि ऑपरेशन कमल महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी सरकार को प्रभावित नहीं कर पाएगा।

पवार की यह प्रतिक्रिया 'सामना' और 'दोपहर का सामना' समूह के कार्यकारी संपादक संजय राउत को दिए साक्षात्कार के तीसरे और अंतिम हिस्से में आई है।

उन्होंने सचेत भी किया कि यद्यपि मुख्यमंत्री के रूप में ठाकरे अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन एमवीए सरकार के बेहतर कामकाज के लिए तीनों गठबंधन सहयोगियों -शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस- के बीच संवाद बढ़ाने की आवश्यकता है।

--आईएएनएस

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