मुंबई में फिर शुरू की गई लोकल ट्रेन सेवाएं
Monday, 15 June 2020 16:12

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मुंबई: रेलवे ने करीब ढाई महीने से अधिक समय के बाद सोमवार की सुबह को मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में सीमित उपनगरीय ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू किया। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। शहर की लाइफलाइन कहे जाने वाली सेंट्रल रेलवे (सीआर) और वेस्टर्न रेलवे (डब्ल्यूआर) के नेटवर्क पर स्थानीय सेवाएं शुरू कर दी गई हैं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा केंद्र से लोकल ट्रेन सेवाओं की बहाली के लिए बार-बार अपील की गई थी।

अधिकारियों के अनुसार, उपनगरीय ट्रेनों की ध्वनियों ने सुबह-सुबह मुंबईकरों का अभिवादन किया। सीआर और डब्ल्यूआर ने मिलकर 450 सेवाएं शुरू की हैं।

डब्ल्यूआर के प्रवक्ता रविंद्र भाकर ने कहा, डब्ल्यूआर अपनी 12 कार उपनगरीय सेवाओं के 60 जोड़े चलाएगा, यानी कुल 120 सेवाएं चर्चगेट और दहानू रोड के बीच दोनों दिशाओं में चलेंगी।

वहीं सीआर के प्रवक्ता शिवाजी सुतार ने कहा, सीआर अपनी मुख्य लाइन पर दोनों ओर 100 सेवाएं चलाएगा। यह सेवाएं छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से ठाणे, कल्याण, कर्जत और कसारा के बीच और हार्बर लाइन के दोनों ओर 70 सेवाएं यानी छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और पनवेल के बीच चलेंगी।

सोमवार को सीआर-डब्ल्यूआर के संयुक्त बयान में कहा गया है, "ये ट्रेनें 05.30 बजे से 23.30 बजे के बीच चलेंगी।"

इस उद्देश्य के लिए नोडल प्राधिकरण महाराष्ट्र सरकार होगी।

ऐसी उम्मीद है कि राज्य सरकार के आवश्यक सेवाओं में लगे करीब 1.25 लाख कर्मचारियों को इन विशेष सीमित सेवाओं का लाभ मिलेगा है।

सामान्य दिनों के दौरान, मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ में विस्तृत उपनगरीय नेटवर्क पर रोजाना 85 लाख से अधिक लोग सफर करते थे।

सीआर और डब्ल्यूआर ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ये विशेष उपनगरीय सेवाएं सामान्य यात्रियों / जनता के लिए नहीं होंगी और केवल आवश्यक सेवाओं में लगे लोगों के लिए होंगी।

डब्ल्यूआर और सीआर पर सामान्य प्रक्रिया के अनुसार यात्रा की प्रक्रिया होगी और इसके लिए कुछ बुकिंग विंडो खोली जाएंगी।

पहले से ही चलने वाली रेलवे की विशेष रेलगाड़ियां चलती रहेंगी और विभिन्न स्टेशनों पर आरपीएफ की तैनाती की जाएगी।

हालांकि खाद्य व अन्य स्टॉल नहीं खोले जाएंगे।

कर्मचारियों को आईडी कार्ड के माध्यम से स्टेशनों पर प्रवेश दिया जाएगा, लेकिन बाद में राज्य कर्मचारियों को क्यूआर आधारित ई-पास जारी किए जाएंगे।

राज्य सरकार और रेलवे दोनों इन ट्रेनों में सिर्फ आवश्यक सेवा दे रहे कर्मचारियों के यात्रा करना सुनिश्चित करने को लेकर कई बार जांच करेंगे।

राज्य सरकार को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि यात्रा करने की अनुमति उन लोगों को ही दी जाए, जो चिकित्सकीय रूप से फिट हैं और कंटेनमेंट जोन से नहीं आते हैं।

करीब 1,200 व्यक्तियों के बैठने की क्षमता के विपरीत कोचों में पर्याप्त सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए हर ट्रेन में करीब 700 यात्रियों को ही यात्रा की अनुमति दी जा सकती है।

सीआर-डब्ल्यूआर के संयुक्त बयान में आगे कहा गया, "लोगों से अनुरोध किया जाता है कि स्टेशनों पर जल्दबाजी न करें और चिकित्सा और सामाजिक प्रोटोकॉल का पालन करें, जैसा कि कोविड-19 के लिए अनिवार्य है।"

--आईएएनएस

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