इस बीमारी से बेहाल हैं भारत के 18 से 25 साल के लड़के, यूरोप है दूसरे नम्बर पर

जवानी में शरीर सबसे ज़्यादा बीमारियों से सुरक्षित रहता है. लड़के हो या लड़कियां इस दौरान कोई भी बीमारी उन्हें आसानी से नहीं पकड़ पाती. इसकी वजह से इस उम्र में उनके रोग के लड़ने की क्षमता. लेकिन हाल ही में एक रिसर्च में पता चला कि मध्य और पूर्वी यूरोप की तुलना से ज़्यादा भारतीय लड़के एक बीमारी से पीड़ित हैं और इस बीमारी का नाम है हाई ब्लड प्रेशर. 

मध्य व पूर्व यूरोप में इसका अनुमान पहले ज्यादा लगाया गया था. हार्वर्ड के शोधकर्ताओं ने यह पता लगाने की कोशिश की कि मधुमेह व उच्च रक्तचाप का प्रसार भारत के राज्यों, ग्रामीण व शहरी इलाकों में किस तरह है और इस पर शिक्षा व सामाजिक सांस्कृतिक विभिन्नताओं का क्या प्रभाव पड़ता है.

इस शोध का प्रकाशन पत्रिका 'जामा इंटरनल मेडिसिन' में किया गया है. इसमें कहा गया है कि भारत में मध्य आयु वर्ग व बुजुर्गो में मधुमेह व हाई ब्लड प्रेशर की दर ज्यादा है. 
कुल मिलाकर डायबिटीज़ का प्रसार महिलाओं में 6.1 फीसदी व पुरुषों में 6.5 फीसदी है.

शोध में पता चला है कि हाई ब्लड प्रेशर का महिलाओं में प्रसार 20 फीसदी और पुरुषों में 24.5 फीसदी है.

शोध में युवाओं के बीच अप्रत्याशित रूप से हाई ब्लड प्रेशर की दर ज्यादा पाई गई है.

शोध के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर का प्रसार 18-25 वर्ष आयु वर्ग में 12.1 फीसदी है. 
मेसाचुसेट्स के बोस्टन में टी.एच. चान स्कूल पब्लिक हेल्थ के शोध छात्र पास्कल गेल्डस्टीजर ने कहा, "डाइबीटिज़ और हाई ब्लड प्रेशर का प्रसार कैसे भारत जैसे बड़े देश में भिन्नता रखता है, यह समझना इसके रोकथाम, जांच व इलाज को लक्षित करने के लिए जरूरी है."