स्टेम सेल कॉम्बो से दिल के दौरे से क्षति की भरपाई संभव
Monday, 05 August 2019 10:17

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लंदन: शोधकर्ताओं ने मानव शरीर के स्टेम कोशिकाओं से उत्पन्न दिल की कोशिकाओं के एक संयोजन को ढूंढ निकाला है, जिससे दिल के दौरे से होने वाले नुकसान से उबरने में मदद मिल सकती है। पत्रिका 'नेचर बायोटेक्नोलॉजी' में प्रकाशित एक अध्ययन रिपोर्ट में भारतीय मूल के शोधकर्ता के नेतृत्व वाली एक टीम ने कहा है कि क्षतिग्रस्त ऊतक वाले क्षेत्र को हार्ट मसल्स सेल्स और दिल की दीवार की बाहरी परत से ली गई सहायक कोशिकाओं के संयोजन के साथ प्रत्यारोपित कर, क्षतिग्रस्त दिल की मरम्मत में वे समर्थ हो सकते हैं।

वॉशिंगटन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं संग कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने प्रत्यारोपित हृदय-कोशिकाओं को अधिक समय तक जीवित रखने में मदद करने के लिए मानव स्टेम कोशिकाओं से विकसित हुई सहायक एपिकार्डियल कोशिकाओं का प्रयोग किया।

शोधकर्ताओं ने कोशिका संयोजन का परीक्षण करने के लिए लैब में विकसित मानव स्टेम कोशिकाओं से 3डी मानव हृदय ऊतक का इस्तेमाल किया, जिसमें यह पाया गया कि सहायक एपिकार्डियल कोशिकाएं हार्ट मसल्स सेल्स को बढ़ने और परिपक्व होने में मदद करती है।

कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के ए ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन (बीएचएफ) के शोधकर्ता और इस शोध के प्रमुख संजय सिन्हा ने कहा, "ब्रिटेन में हजारों की तादात में लोग दिल की बीमारियों के साथ जी रहे हैं, इनमें से कई जीवन रक्षक हार्ट ट्रांसप्लांट या दिल का प्रत्यारोपण कराने की दौड़ में हैं, लेकिन ब्रिटेन में हर साल केवल 200 ही दिल प्रत्यारोपित किए गए, इस वजह से यह जरूरी है कि हम इसके वैकल्पिक उपचार की खोज शुरू करें।"

शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि किसी मरीज की कोशिकाओं का उपयोग कर वे एक दिन स्टेम सेल्स की शक्ति को काम में लाकर इंसान के दिल का उपचार करने में समर्थ हो पाएंगे।

बीएचएफ में मेडिकल निदेशक नीलेश समानी ने कहा, "बात जब टूटे हुए दिल के उपचार की आती है तो स्टेम सेल्स अभी भी अपने शुरुआती वादे पर खरा नहीं उतरा है। हमें उम्मीद है कि यह नया शोध इस काम में हमारी मदद कर सकती है।"

--आईएएनएस

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