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2019 में भव्य तरीके से कुंभ का आयोजन करेंगे : योगी

Wednesday, 15 August 2018 08:18

उत्तर प्रदेश के मुख्यंमत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए बुधवार को कहा कि उनकी सरकार वर्ष 2019 में शानदार और भव्य प्रयाग कुंभ का आयोजन करने के लिए प्रतिबद्ध है। 

आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया भर से कुंभ में लाखों लोगों के भाग लेने लेने की संभावना के मद्देनजर सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न परियोजनाएं शुरू की गई हैं।

उन्होंने कहा कि इसके लिए युद्ध स्तर पर काम हो रहा है और तीर्थयात्रियों को 'गंगा का शुद्ध पानी' उपलब्ध कराने के लिए व्यापक व्यवस्था की जा रही है। 

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्रीय पर्व बताते हुए कहा कि यह सभी को आत्मविश्लेषण करने और भारत को एक महान राष्ट्र बनाने की दिशा में काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराने का मौका देता है। 

उन्होंने सभी वर्गो से बुधवार को राज्य भर में नौ करोड़ पौधे लगाने के लिए सरकार के मिशन में भाग लेने का आग्रह किया।

--आईएएनएस

प्लास्टिक के स्ट्रॉ का इस्तेमाल साबित हो सकता है खतरनाक

Wednesday, 15 August 2018 08:17

प्लास्टिक के स्ट्रॉ का इस्तेमाल आजकल काफी बढ़ गया है। कोल्ड ड्रिंक, शेक, नारियल पानी और जूस आदि पेय पदार्थ पीने के लिए हम अक्सर प्लास्टिक स्ट्रॉ का इस्तेमाल करते हैं। रंग- बिरंगी स्ट्रॉ का इस्तेमाल करके अपनी ड्रिंक का आनंद लेना ज्यादातर लोगों को पसंद होता है। लेकिन क्या आपको पता है इन स्ट्रॉ का इस्तेमाल करना आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। इसलिए बेहतर है कि स्ट्रॉ का इस्तेमाल करना बंद कर दें। तो आइए आपको स्ट्रॉ से ड्रिंक पीने से होने वाले नुकसान के बारे में बताते हैं।

दांतों की समस्या – फीजिक्स की मानें तो जब आप कोई जूस पीने के लिए स्ट्रॉ का इस्तेमाल करते हैं तो यह एक नली की तरह काम करता है। इस तरह से यह आपके दांतों के एक खास हिस्से को हिट करता है। जूस में शुगर की ज्यादा मात्रा आपके दांतों के इनेमल के लिए बेहद नुकसानदेह होती है। इससे दांतों के खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।

गैस और उल्टी – स्ट्रॉ का इस्तेमाल आपको पर्सनली ही परेशान नहीं करता बल्कि इसकी वजह से आपको लोगों के बीच शर्मिंदा भी होना पड़ सकता है। दरअसल, जब हम जूस या कोई भी पेय पदार्थ स्ट्रॉ की मदद से सिप करते हैं तो उसके साथ हवा भी हमारे पेट के अंदर जाती है। यह हवा आपके पाचन तंत्र में पहुंचती है और इससे गैस तथा उल्टी जैसी समस्या जन्म लेती है।

मोर कंज्यूमिंग – जब आप एक स्ट्रॉ की मदद से किसी पेय पदार्थ का सेवन करते हैं तो इससे हम यह अनुमान नहीं लगा पाते कि हम कितना कंज्यूम कर रहे हैं। इससे हम ज्यादा मात्रा में शुगर या एल्कोहल ग्रहण कर लेते हैं। यह सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।

केमिकल्स – स्ट्रॉ का निर्माण पॉली-प्रोपिलीन की मदद से होता है। एक सीमित मात्रा में ही यह केमिकल हमारे लिए सुरक्षित होता है। कोई भी लिक्विड जब हम स्ट्रॉ की मदद से सिप करते हैं तो यह केमिकल हमारे शरीर में जाता है और नुकसान भी पहुंचाता है। यह आपके हार्मोन्स खासकर एस्ट्रोजन को प्रभावित करता है। गर्म चीजों या पराबैगनी किरणों के संपर्क में आने के बाद यही स्ट्रॉ पेय पदार्थों को एसिडिक बना देता है। जो सेहत के लिए बहुत हानिकारक है।

रिंकल्स – अगर आप अपने सौंदर्य को लेकर बहुत सजग रहने वाले हैं तो स्ट्रॉ का इस्तेमाल आज ही बंद कर दीजिए। स्ट्रॉ के लगातार इस्तेमाल से चेहरे पर जल्दी झुर्रियां आने का खतरा बढ़ जाता है।

444 दवाओं की बिक्री पर लगी अदालती रोक

Wednesday, 15 August 2018 08:16

नैनीताल हाई कोर्ट ने उत्तराखंड में 444 दवाइयों की बिक्री पर रोक लगा दी है। इन दवाइयों का इस्तेमाल युवा वर्ग नशीले पदार्थों के रूप में बड़े पैमाने पर उपयोग कर रहा था। साथ ही अदालत ने युवाओं के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता जताते हुए राज्य सरकार से नशीले पदार्थों के प्रति युवाओं में जागरूकता पैदा करने के लिए बारहवीं की कक्षाओं में एक पाठयक्रम रखने का सुझाव भी दिया है। सामाजिक कार्यकर्ता श्वेता मातीवाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए नैनीताल हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी के दो सदस्यीय खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया। खंडपीठ ने कहा कि राज्य में जिस तरह से युवा वर्ग नशे की लत में अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं, वह अत्यंत गंभीर विषय है।

खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह नशीले पदार्थों के तस्करों को पकड़ने के लिए विभिन्न विभागों के बीच तालमेल स्थापित कर एक विशेष निगरानी इकाई बनाए और नशे के तस्करों की धरपकड़ कर नशे के कारोबार पर रोक लगाए। साथ ही हाई कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार 18 साल तक के बच्चों को नशीले पदार्थ बेचने पर पूरी तरह पाबंदी लगाए। खंडपीठ ने आदेश दिए कि सूबे की जेलों में बंद हर कैदी का परीक्षण किया जाए और जिन कैदियों में नशे के लक्षण मिलते हैं, उन्हें नशा मुक्ति केंद्रों में भेजकर उनका इलाज कराया जाए। खंडपीठ ने जिन 444 दवाइयों पर रोक लगाई है, उनमें प्रमुख रूप से थिनर, सुलोचन, फ्लूइड्स, कैफीन, एनाल्जिन, पेंसिलिन स्किन, आई ऑइंटमेंट, सिट्राजिन, डाईक्लोफेनक, निमुस्लाईड और तंबाकू युक्त टूथपेस्ट शामिल हैं।

एप्पल ने वीडियो कॉल्स के लिए 'ग्रुप्स फेसटाइम' फीचर लाने में की देरी

Wednesday, 15 August 2018 08:14

एप्पल ने 'ग्रुप फेसटाइम' फीचर लांच करने में देर कर दी है, जिससे 32 लोग एक साथ आईओएस डिवाइसों पर वीडियो कॉल में भाग ले सकेंगे। 9टू5मैक में सोमवार को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबि, "'ग्रुप फेसटाइम' को आईओएस 12 के आरंभिक रीलिज से हटा लिया गया है, और इसे इसी साल पतझड़ के मौसम में अलग से सॉफ्टवेयर अपडेट के द्वारा जारी किया जाएगा।"

रिपोर्ट में आगे कहा गया, "आईफोन, आईपैड और मैक के लिए 'ग्रुप फेसटाइम' फीचर में देर हो रही है और यह आईओएस 12 और सितंबर में लांच किए जानेवाले मैक ओएस मोजाबे के लिए तैयार नहीं किया जा सका है।"

एप्पल ने 'ग्रुप फेसटाइम' फीचर की कंपनी ने अमेरिका में हुए सालाना वैश्विक डेवलपरों के सम्मेलन में जून में घोषणा की थी।

एप्पल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग) ने उस सम्मेलन में कहा था, "हम नए संचार फीचर को लेकर काफी उत्साहित हैं, जिसमें आईफोन और आईपैड के लिए लांच कर रहे हैं। इसमें एनीमोजी, फन कैमरा इफैक्ट और ग्रुप फेसटाइम का अधिक वैयक्तिक रूप होगा।"

--आईएएनएस

निर्यात 14 फीसदी बढ़ा, व्यापार घाटा बढ़कर 18 अरब डॉलर

Wednesday, 15 August 2018 08:13

देश के निर्यात में जुलाई में 14.32 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई और कुल 25.77 अरब डॉलर का निर्यात किया गया, जबकि पिछले साल इसी महीने में कुल 22.54 अरब डॉलर का निर्यात किया गया था, लेकिन इस दौरान आयात में दोगुनी से ज्यादा वृद्धि दर्ज की गई है। इस कारण व्यापार घाटा बढ़कर 18 अरब डॉलर हो गया है। आधिकारिक आंकड़ों से मंगलवार को यह जानकारी मिली। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, इंजीनियरिंग गुड्स, पेट्रोलियम उत्पाद, रत्न और आभूषण, कार्बनिक और अकार्बनिक रसायन, और ड्रग व फार्मास्यूटिकल्स में निर्यात में समीक्षाधीन माह में सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई। 

मंत्रालय ने अपने समीक्षा बयान में कहा, "वित्त वर्ष 2018-19 की अप्रैल-जुलाई अवधि में कुल 108.24 अरब डॉलर मूल्य का निर्यात किया गया, जबकि पिछले साल की समान अवधि में कुल 94.76 अरब डॉलर का निर्यात किया गया था, जोकि 14.23 फीसदी की वृद्धि दर है।"

बयान में आगे कहा गया है, "इस साल जुलाई में गैर-पेट्रोलियम और गैर-रत्न और आभूषण का कुल निर्यात 18.68 अरब डॉलर का किया गया, जबकि साल 2017 के जुलाई में कुल 16.98 अरब डॉलर का निर्यात किया गया था।"

आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में देश के आयात में सालाना आधार पर 28.81 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई, जोकि 43.79 अरब डॉलर रहा। जबकि 2017 के जुलाई में यह 33.99 अरब डॉलर था। 

--आईएएनएस

रुपये का भाव गिरा, बयान दें प्रधानमंत्री : कांग्रेस

Wednesday, 15 August 2018 08:11

 रुपया डॉलर के मुकाबले 69.98 रुपये तक गिर चुका है, ऐसे में कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि 'मोदीनोमिक्स' ने भारत की अर्थव्यवस्था पर कहर बरपा दिया है और इसे बर्बाद कर दिया है। रुपये में आई गिरावट मोदी सरकार की असफलताओं और आर्थिक कुप्रबंधन का प्रतीक है। अगर सबकुछ ठीक-ठाक है तो रुपये गिरा क्यों? कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को तत्काल बताएं कि रुपये क्यों गिरा और सरकार अब क्या उपाय करने जा रही है।

अमेरिका की अर्थव्यवस्था में आई मजबूती के साथ ही दुनियाभर में संरक्षणवादी उपायों में वृद्धि के कारण मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपया लगभग 70 रुपये प्रति डॉलर के ऐतिहासिक निचले स्तर तक पहुंच गया।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि 'मोदीनोमिक्स' ने भारत की अर्थव्यवस्था पर कहर बरपा दिया है और इसे कठिनाइयों में फंसाकर छोड़ दिया है। 

उन्होंने कहा, "रुपये में गिरावट सरकार की असफलताओं और मोदी सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन का सबसे बड़ा प्रतीक है।"

सुरजेवाला ने कहा, "नोटबंदी, खामियों से भरी जीएसटी, कर आतंकवाद, कम वृद्धि, कम निवेश, नौकरियों का टोटा और अब बढ़ती महंगाई। यह मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों की पहचान बन गई है।"

उन्होंने कहा, "रुपया अब ऐतिहासिक स्तर पर गिरकर कारोबार कर रहा है। 60 वर्षों में कांग्रेस ने रुपये की यह दशा नहीं की थी, मगर मोदी और उनकी लापरवाह आर्थिक नीतियों ने 60 महीने में भारतीय मुद्रा की बुरी गत कर दी।"

सुरजेवाला ने कहा कि 2018 में रुपया का मूल्य लगभग 10 फीसदी कम हो गया है। "इस सरकार के तहत रुपया एशिया की सबसे कमजोर मुद्रा बन गया है।"

उन्होंने कहा, "मोदी सरकार रुपये में गिरावट के लिए वैश्विक कारकों पर दोष मढ़ने में व्यस्त है, फिर भी यह याद दिलाना चाहूंगा कि 2008 के बड़े पैमाने पर वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान पिछली कांग्रेस-संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) सरकार ने ढेर सारे वैश्विक दबावों के बावजूद अर्थव्यवस्था के प्रबंधन में कामयाब रही थी।"

उन्होंने यह भी कहा कि विदेशी निवेशक लगातार भारत की सरकारी नीतियों में विश्वास खो रहे हैं। वे निवेश के लिए उत्साहित कैसे होंगे, यह चिंता का विषय है। सिर्फ भाषणों से सरकार नहीं चलती।

--आईएएनएस

लाल किले से पीएम मोदी बोले- 2013 की रफ्तार से चलते तो कई योजनाओं को पूरा होने में कई दशक लग जाते

Wednesday, 15 August 2018 08:08

पीएम नरेंद्र मोदी 72वें स्वतंत्रता दिवस के मौक़े पर पांचवी बार लाल क़िले से देश को संबोधित कर रहे हैं. लोकसभा चुनावों से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाल क़िले से आख़िरी भाषण है. पीएम मोदी ने कहा कि आप सभी को स्वतंत्रता के इस महान पर्व पर मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं. देश इस समय नवनिर्माण के आत्मविश्वास से सराबोर है. जब आज की सुबह हर्ष-उल्लास, श्रद्धा और संकल्प की नई रोशनी लेकर आई है. उन्‍होंने कहा कि देश आत्मविश्वास से खड़ा है और नई बुलंदी छू रहा है. देश के बेटियों ने कमाल किया और हमारे दूर-सुदूर के आदिवासी बच्चों ने एवरेस्ट पर तिरंगा फहरा कर इसकी शान को और बढ़ा दिया है. हमारा देश दुनिया की छठी बड़ी अर्थव्यवस्था बना है.

 आज देश आत्म विश्वास से भरा हुआ है, सपनों को संकल्प के साथ परिश्रम की पराकाष्ठा कर के देश नई ऊंचाइयों को पार कर रहा है. आज का सूर्य एक नई चेतना नए उत्साह को लेकर आया है. अगले वर्ष बैसाखी पर जलियांवाला बाग़ नरसंहार के 100 वर्ष होने जा रहे हैं. मैं इस नरसंहार में शहीद हुए हर देशवासी को याद करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि देता हूं. महान तमिल कवि, दीर्घदृष्टा और आशावादी सुब्रामणियम भारती ने लिखा था कि भारत न सिर्फ एक महान राष्ट्र के रूप में उभरेगा बल्कि दूसरों को भी प्रेरणा देगा.

उन्होंने कहा था- भारत पूरी दुनिया को हर तरह के बंधनों से मुक्ति पाने का रास्ता दिखाएगा. संसद का इस बार का स्तर पूरी तरह से सामाजिक न्याय को समर्पित थे. दलित हो, पीड़ित हो, वंचित हो, महिलाएं हों, उनके हितों की रक्षा करने के लिए हमारी संसद ने सामाजिक न्याय को और अधिक बलवत्र बनाया है.सं सद ने अति पिछड़ा आयोग को संवैधानिक दर्जा दे कर के पिछड़ों के हकों की रक्षा करने का प्रयास किया है. गरीबों को न्याय मिले, हर किसी को उसकी इच्छा और आकांक्षाओं के हिसाब से आगे बढ़ने का अवसर मिले और 2014 से अब तक मैं अनुभव कर रहा हूं कि सवा सौ करोड़ देशवासी सिर्फ सरकार बनाकर रुके नहीं.

वो देश बनाने में जुटे हैं. तिरंगे की शान के लिए देश के सेना के जवान अपने प्राणों की आहुति दे देते हैं. हमारे अर्धसैनिक बल जीवन खपा देते हैं. हमारे पुलिस बल के जवाब आम आदमी की रक्षा के लिए दिन रात देश की सेवा में लगे रहते हैं. मैं सभी जवानों को उनकी महान सेवा और त्याग तपस्या के लिए आज तिरंगे झंडे के सामने नमन करता हूं और शुभकामनाएं देता हूं. बारिश और बाढ़ में इस बार जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, देश उनके साथ खड़ा है. उनके दुख में हम सब उनके साथ है.

अगली वैशाखी पर जालियालाला बांग हत्याकांड के सौ साल पूरे हो रहे हैं. बाबा साहब के नेतृत्व में समावेशी संविधान का निर्माण किया गया. भारत के हर वर्ग समान लाभ मिले इसके लिए संविधान हमारा मार्ग दर्शन करता है. गरीबों को न्याय मिले, सबको समान हक मिले, किसी को आगे बढ़ने में कोई रुकावट नहीं आए, सबके सपने पूरे हों, सबको अधिकतम अवसर मिले, एक आत्म निर्भर हिंदुस्तान हो, नई ऊंचाइयों को छूने वाला हिंदुस्तान हो, दुनिया में हिंदुस्तान की दमक भी है, वैसै हिंदुस्तान हम बनाना चाहते हैं.

सवा सौ करोड़ लोग जब निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए चल पड़ता है, तो क्या नहीं हो सकता. 2014 में इस देश के सवा सौ करोड़ नागरिक सिर्फ सरकार बनाकर नहीं रुके थे, बल्कि देश बनाने के लिए वे लोग जुटे थे. और जुटे भी रहेंगे. जिस रफ्तार से 2013 में गांवों तक ऑप्टिकल फाइबर पहुंचाने का काम चल रहा था, उस रफ्तार से देश के हर गांव को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ने में कई पीढ़ियां गुजर जातीं. जिस रफ्तार से 2013 में गैस कनेक्शन दिया जा रहा था, अगर वही पुरानी रफ्तार होती तो देश के हर घर में सालों तक भी गैस कनेक्शन नहीं पहुंच पाता. देश की अपेक्षाएं और आवश्यकताएं बहुत हैं, उसे पूरा करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को निरंतर प्रयास करना है

एकसाथ चुनाव के लिए लोकसभा भंग करें मोदी : कांग्रेस

Tuesday, 14 August 2018 21:07

 कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि यदि एक साथ चुनाव कराए जाने हैं तो कुछ अन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव पहले कराए जाए और साथ ही लोकसभा को भंग कर दिया जाए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने कहा, "संविधान में संशोधन के बगैर एकसाथ चुनाव संभव नहीं है। चुनावों को एकसाथ कराने का सिर्फ एक तरीका है और वह यह है कि मोदीजी को आम चुनाव पहले कराने के लिए लोकसभा भंग कर देना चाहिए। हम इसका स्वागत करेंगे।"

गहलोत की यह टिप्पणी उस रपट के बाद आई है, जिसमें कहा गया है कि सरकार अगले साल कुछ राज्यों में पहले व कुछ राज्यों में देरी कर 11 राज्यों के विधानसभा चुनाव के साथ लोकसभा चुनाव कराने पर विचार कर रही है।

गहलोत ने कहा, "अगर वे लोकसभा को पहले भंग कर ऐसा करते हैं तो हम लोकसभा व राज्य विधानसभा चुनाव दोनों एक साथ लड़ने के लिए तैयार हैं।"

उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा करने के प्रति गंभीर व ईमानदार नहीं है और इसका सिर्फ राजनीतिक रूप से फायदा लेना चाहती है।

उन्होंने कहा, "वे सिर्फ इसे दिखा रहे हैं कि वे राष्ट्र के बारे में बहुत चिंतित हैं और चुनाव पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है। वे सिर्फ इस पर राजनीति खेल रहे हैं।"

राजस्थान की मतदाजा सूचियों में गड़बड़ी के बारे में शिकायत करने के लिए निर्वाचन आयोग गए गहलोत के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने कहा कि राज्य विधानसभाओं की अवधि बढ़ाने के लिए संविधान संशोधन की जरूरत होगी।

तन्खा ने यह भी कहा कि अगर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में चुनाव टालने की कोशिश करती है तो वह अदालत जाएंगे।

--आईएएनएस

भाजपा नेतृत्व की बढ़ रही घबराहट : अखिलेश

Tuesday, 14 August 2018 21:02

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को कहा कि जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहा है, भाजपा नेतृत्व की घबराहट बढ़ती जा रही है। उन्हें घबराहट विपक्षी दलों के गठबंधन से है। 

सपा प्रमुख ने कहा कि उत्तर प्रदेश के उपचुनावों- कैराना, गोरखपुर, नूरपुर और फूलपुर में भाजपा को जैसी करारी मात मिली है, उससे भाजपा नेतृत्व के होश उड़े हुए हैं। भाजपा को लगता है कि जो गठबंधन आकार ले रहा है, वह भाजपा की दिल्ली दौड़ में बड़ा अवरोधक साबित होगा। 

उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व को चिंता इस बात की है कि फिर से सत्ता के सिंहासन पर बैठने का उनका मंसूबा पूरा नहीं हो पाएगा। उन्हें अच्छी तरह पता है कि झांसा बार-बार काम नहीं आता, काठ की हांडी दोबारा आंच पर नहीं चढ़ती।  

अखिलेश ने कहा कि भाजपा उत्तर प्रदेश में चाहे जो दावा करती रहे, पर जनता ने अपने प्रदेश से भाजपा का सफाया करने का लक्ष्य तय कर लिया है। 

सपा प्रमुख ने आईपीएन को दिए अपने बयान में कहा कि भाजपा ने केंद्र में चार वर्ष बिता दिए और उत्तर प्रदेश में 16 महीने, लेकिन इस अवधि में उन्होंने जनहित में कोई ऐसा काम नहीं किया, जिसका उल्लेख किया जा सके। यह बात का अहसास खुद भाजपा के लोगों को भी है, घबराहट की यही वजह है।

अखिलेश ने कहा कि किसान तबाह है, उसका न तो कर्ज माफ हुआ और न ही उसको एमएसपी (समर्थन मूल्य) का लाभ मिलेगा। परेशान हाल किसान आत्महत्या के लिए मजबूर है। दर-दर भटक रहे नौजवानों का भविष्य अंधेरे में है। न तो उन्हें नौकरी मिल रही है और न ही उनके भविष्य की कोई योजना सामने आ रही है। दहशत फैलाने के लिए दादरी में मुस्लिम लड़कों को कमर के नीचे गोली मारी जा रही है। दलितों का उत्पीड़न थम नहीं रहा है।

सपा प्रमुख ने कहा कि जीएसटी-नोटबंदी के बाद व्यापार चौपट है और कर्मचारियों की विभिन्न उद्योगों में छंटनी की जा रही है। महंगाई बढ़ती ही जा रही है। ऐसी सरकारों को आखिर लोग कब तक झेलेंगे।

--आईएएनएस 

 

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर बोले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, विवादों की बजाए एकजुट होकर गरीबी, अशिक्षा, असमानता दूर करने में जुटें

Tuesday, 14 August 2018 18:11

स्वतंत्रा दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश को संबोधित किया. स्वतंत्रता दिवस संबोधन के दौरान राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि मेरे प्यारे देशवासियो, कल हमारी आज़ादी के 71 वर्ष पूरे हो रहे हैं. कल हम अपनी स्वाधीनता की वर्षगांठ मनाएंगे. राष्ट्र-गौरव के इस अवसर पर मैं आप सभी देशवासियों को बधाई देता हूं. उन्होंने कहा कि 15 अगस्त का दिन प्रत्येक भारतीय के लिए पवित्र होता है. हमारा 'तिरंगा' हमारे देश की अस्मिता का प्रतीक है. इस दिन हम देश की संप्रभुता का उत्सव मनाते हैं और अपने उन पूर्वजों के योगदान को कृतज्ञता से याद करते हैं, जिनके प्रयासों से हमने बहुत कुछ हासिल किया है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि देश एक निर्णायक दौर से गुजर रहा है, ऐसे में ध्यान भटकाने वाले मुद्दों में उलझने और निरर्थक विवादों में पड़ने की बजाए सभी को एकजुट होकर ग़रीबी, अशिक्षा और असमानता को दूर करने का प्रयास किया जाना चाहिए

राष्ट्रपति ने कहा कि आज़ादी हमारे पूर्वजों और स्वाधीनता सेनानियों के वर्षों के त्याग और वीरता का परिणाम थी. स्वाधीनता संग्राम में संघर्ष करने वाले सभी वीर और वीरांगनाएं, असाधारण रूप से साहसी और दूर-द्रष्टा थे. इस संग्राम में देश के सभी क्षेत्रों, वर्गों और समुदायों के लोग शामिल थे. वे चाहते तो सुविधापूर्ण जीवन जी सकते थे, लेकिन देश के प्रति अपनी अटूट निष्ठा के कारण उन्होंने ऐसा नहीं किया. वे एक ऐसा स्वाधीन और प्रभुता-सम्पन्न भारत बनाना चाहते थे, जहां समाज में बराबरी और भाई-चारा हो. हम उनके योगदान को हमेशा याद करते हैं.

राष्ट्रपति ने कहा कि हम भाग्यशाली हैं कि हमें महान देशभक्तों की विरासत मिली है. उन्होंने हमें एक आज़ाद भारत सौंपा है. साथ ही उन्होंने कुछ ऐसे काम भी सौंपे हैं, जिन्हें हम सब मिलकर पूरा करेंगे. देश का विकास करने, तथा ग़रीबी और असमानता से मुक्ति प्राप्त करने के काम हम सबको करने हैं. हमारे किसान उन करोड़ों देशवासियों के लिए अन्‍न पैदा करते हैं, जिनसे वे कभी आमने-सामने मिले भी नहीं होते. वे देश के लिए खाद्य सुरक्षा और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराके हमारी आज़ादी को शक्ति प्रदान करते हैं. जब हम उनके खेतों की पैदावार और उनकी आमदनी बढ़ाने के लिए आधुनिक टेक्नॉलॉजी और अन्य सुविधाएं उपलब्‍ध कराते हैं, तब हम अपने स्वाधीनता सेनानियों के सपनों का भारत बनाते हैं.

उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक, सरहदों पर, बर्फीले पहाड़ों पर, चिलचिलाती धूप में, सागर और आसमान में, पूरी बहादुरी और चौकसी के साथ, देश की सुरक्षा में समर्पित रहते हैं. वे बाहरी खतरों से सुरक्षा करके हमारी स्वाधीनता सुनिश्‍चित करते हैं. जब हम सैनिकों के लिए बेहतर हथियार उपलब्ध कराते हैं, स्वदेश में ही रक्षा उपकरणों के लिए सप्लाई-चेन विकसित करते हैं, और सैनिकों को कल्याणकारी सुविधाएं प्रदान करते हैं, तब हम अपने स्वाधीनता सेनानियों के सपनों का भारत बनाते हैं.

हमारी पुलिस और अर्धसैनिक बल अनेक प्रकार की चुनौतियों का सामना करते हैं. वे आतंकवाद का मुक़ाबला करते हैं तथा अपराधों की रोकथाम और कानून-व्यवस्था की रक्षा करते हैं. साथ ही साथ प्राकृतिक आपदाओं के समय वे हम सबको सहारा देते हैं. जब हम उनके काम-काज और व्यआक्तिमगत जीवन में सुधार लाते हैं, तब हम अपने स्वाधीनता सेनानियों के सपनों का भारत बनाते हैं.

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन के दौरान महिलाओं की बात भी की. उन्होंने कहा कि महिलाओं की हमारे समाज में एक विशेष भूमिका है. कई मायनों में महिलाओं की आज़ादी को व्यापक बनाने में ही देश की आज़ादी की सार्थकता है. यह सार्थकता, घरों में माताओं, बहनों और बेटियों के रूप में, तथा घर से बाहर अपने निर्णयों के अनुसार जीवन जीने की उनकी स्वतंत्रता में देखी जा सकती है. उन्हें अपने ढंग से जीने का, तथा अपनी क्षमताओं का पूरा उपयोग करने का सुरक्षित वातावरण तथा अवसर मिलना ही चाहिए. साथ ही साथ प्राकृतिक आपदाओं के समय वे हम सबको सहारा देते हैं. जब हम उनके काम-काज और व्यक्तिगत जीवन में सुधार लाते हैं, तब हम अपने स्वाधीनता सेनानियों के सपनों का भारत बनाते हैं.

महिलाएं अपनी क्षमता का उपयोग चाहे घर की प्रगति में करें, या फिर हमारे work force या उच्च शिक्षा-संस्थानों में महत्वपूर्ण योगदान देकर करें, उन्हें अपने विकल्प चुनने की पूरी आज़ादी होनी चाहिए. एक राष्ट्र और समाज के रूप में हमें यह सुनिश्‍चित करना है कि महिलाओं को जीवन में आगे बढ़ने के सभी अधिकार और क्षमताएं सुलभ हों. जब हम महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे उद्यमों या स्टार्ट-अप के लिए आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराते हैं, करोड़ों घरों में एलपीजी कनेक्शन पहुंचाते हैं, और इस प्रकार महिलाओं का सशक्तीकरण करते हैं, तब हम अपने स्वाधीनता सेनानियों के सपनों का भारत बनाते हैं. हमारे नौजवान भारत की आशाओं और आकांक्षाओं की बुनियाद हैं. हमारे स्वाधीनता संग्राम में युवाओं और वरिष्ठ-जनों सभी की सक्रिय भागीदारी थी, लेकिन उस संग्राम में जोश भरने का काम विशेष रूप से युवा वर्ग ने किया था.

राष्ट्रपति ने कहा, हम अपने युवाओं का कौशल-विकास करते हैं, उन्हें टेक्नॉलॉजी, इंजीनियरिंग और उद्यमिता के लिए, तथा कला और शिल्प के लिए प्रेरित करते हैं. जब हम अपने युवाओं की असीम प्रतिभा को उभरने का अवसर प्रदान करते हैं, तब हम अपने स्वाधीनता सेनानियों के सपनों का भारत बनाते हैं. वह प्रत्येक भारतीय जो अपना काम निष्ठा व लगन से करता है - चाहे वह डॉक्टर हो, नर्स हो, शिक्षक हो, लोक सेवक हो, फैक्ट्री वर्कर हो, व्यापारी हो, बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल करने वाली संतान हो ये सभी स्वाधीनता के आदर्शों का पालन करते हैं. हमारे जो देशवासी क़तार में खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं, और अपने से आगे खड़े लोगों के अधिकारों का सम्मान करते हैं, वे भी हमारे स्वाधीनता सेनानियों के सपनों का भारत बनाते हैं. यह एक बहुत छोटा सा प्रयास है. आइए, इसे हम सब अपने जीवन का हिस्सा बनाएं.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि आज हम अपने इतिहास के एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं जो अपने आप में बहुत अलग है. आज हम कई ऐसे लक्ष्यों के काफी क़रीब हैं, जिनके लिए हम वर्षों से प्रयास करते आ रहे हैं. सबके लिए बिजली, खुले में शौच से मुक्ति, सभी बेघरों को घर और अति-निर्धनता को दूर करने के लक्ष्य अब हमारी पहुंच में हैं. आज हम एक निर्णायक दौर से गुजर रहे हैं. ऐसे में हमें इस बात पर जोर देना है कि हम ध्यान भटकाने वाले मुद्दों में न उलझें और ना ही निरर्थक विवादों में पड़कर अपने लक्ष्यों से हटें. आज जो निर्णय हम ले रहे हैं, जो बुनियाद हम डाल रहे हैं, जो परियोजनाएं हम शुरू कर रहे हैं, जो सामाजिक और आर्थिक पहल हम कर रहे हैं, उन्हीं से यह तय होगा कि हमारा देश कहां तक पहुंचा है.

राष्ट्रपति ने कहा, हमारे देश में बदलाव और विकास तेजी से हो रहा है और इस की सराहना भी हो रही है. ग्राम स्वराज अभियान के दायरे में उन 117 आकांक्षी जिलों को भी शामिल कर लिया गया है, जो आज़ादी के सात दशक बाद भी हमारी विकास यात्रा में पीछे रह गए हैं. इस बार स्वाधीनता दिवस के साथ एक खास बात जुड़ी हुई है. 2 अक्टूबर से, महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के समारोह शुरू हो जाएंगे. गांधीजी ने, केवल हमारे स्वाधीनता संग्राम का नेतृत्व ही नहीं किया था, बल्कि वह हमारे नैतिक पथ-प्रदर्शक भी थे और सदैव रहेंगे. उन्होंने कहा कि हमारे सामने, सामाजिक और आर्थिक पिरामिड में सबसे नीचे रह गए देशवासियों के जीवन-स्तर को तेजी से सुधारने का अच्छा अवसर है. ग्राम स्वराज अभियान का कार्य केवल सरकार द्वारा नहीं किया जा रहा है. यह अभियान सरकार और समाज के संयुक्त प्रयास से चल रहा है.

उन्होंने कहा कि भारत के राष्ट्रपति के रूप में विश्व में हर जगह, जहां-जहां पर मैं गया, सम्पूर्ण मानवता के आदर्श के रूप में गांधीजी को सम्मान के साथ स्मरण किया जाता है. उन्हें मूर्तिमान भारत के रूप में देखा जाता है. हमें गांधीजी के विचारों की गहराई को समझने का प्रयास करना होगा. उन्हें राजनीति और स्वाधीनता की सीमित परिभाषाएं मंजूर नहीं थीं. चंपारन में और अन्य बहुत से स्थानों पर गांधी जी ने स्वयं स्वच्छता अभियान का नेतृत्व किया. उन्होंने साफ-सफाई को, आत्म-अनुशासन और शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक माना. गांधीजी का महानतम संदेश यही था कि हिंसा की अपेक्षा, अहिंसा की शक्ति कहीं अधिक है. प्रहार करने की अपेक्षा, संयम बरतना, कहीं अधिक सराहनीय है तथा हमारे समाज में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है. गांधीजी ने अहिंसा का यह अमोघ अस्त्र हमें प्रदान किया है.

उन्होंने कहा, इस स्वाधीनता दिवस के अवसर पर हम सब भारतवासी अपने दिन-प्रतिदिन के आचरण में गांधीजी द्वारा सुझाए गए रास्तों पर चलने का संकल्प लें. हमारी स्वाधीनता का उत्सव मनाने का इससे बेहतर कोई और तरीका नहीं हो सकता. अपने देश के युवाओं में आदर्शवाद और उत्साह देखकर मुझे बहुत संतोष का अनुभव होता है. उनमें अपने लिए, अपने परिवार के लिए, समाज के लिए और अपने देश के लिए कुछ-न-कुछ हासिल करने की भावना दिखाई देती है. शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री या डिप्लोमा प्राप्त कर लेना ही नहीं है, बल्कि सभी के जीवन को बेहतर बनाने की भावना को जगाना भी है. ऐसी भावना से ही संवेदनशीलता और बंधुता को बढ़ावा मिलता है. यह भारत देश 'हम सब भारत के लोगों' का है, न कि केवल सरकार का. एकजुट होकर, हम 'भारत के लोग' अपने देश के हर नागरिक की मदद कर सकते हैं. एकजुट होकर, हम अपने वनों और प्राकृतिक धरोहरों का संरक्षण कर सकते हैं, हम अपने ग्रामीण और शहरी पर्यावास को नया जीवन दे सकते हैं. 

उन्होंने कहा, हम सब ग़रीबी, अशिक्षा और असमानता को दूर कर सकते हैं. हम सब मिलकर ये सभी काम कर सकते हैं. यद्यपि इसमें सरकार की प्रमुख भूमिका होती है, परंतु एकमात्र भूमिका नहीं. आइए, हम अपने प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार के कार्यक्रमों और परियोजनाओं का पूरा-पूरा उपयोग करें. आइए देश के काम को अपना काम समझें. इन्हीं शब्दों के साथ, मैं एक बार फिर आपको, और आपके परिवार के सदस्यों को, स्वाधीनता दिवस की हार्दिक बधाई, और आप सबके स्वर्णिम भविष्य के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं देता हूं. जय हिन्द !

स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी लॉन्च कर सकते हैं आयुष्मान भारत

Tuesday, 14 August 2018 18:08

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कुछ राज्यों में प्रायोगिक तौर पर आयुष्मान भारत-राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (एबी-एनएचपीएस) का शुभारंभ करने की घोषणा कर सकते हैं। सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि उनकी यह महत्वाकांक्षी योजना पूरी तरह से सितंबर तक शुरू होने की संभावना है। इस योजना का मकसद हर गरीब परिवार को हर साल पांच लाख रुपये तक का बीमा उपलब्ध कराना है। इस योजना से 10 करोड़ से अधिक गरीब परिवार लाभान्वित होंगे। सरकार के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में इस योजना के बारे में बात करेंगे और वह कल कुछ राज्यों में प्रायोगिक तौर पर इसे शुरू करने की घोषणा भी कर सकते हैं।

अधिकारी ने बताया कि पंजाब, केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक और दिल्ली का अभी इस योजना में शामिल होना बाकी है जबकि ओडिशा ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया है।
अधिकारी के अनुसार, अभी 22 राज्यों ने ‘‘ट्रस्ट मॉडल’’ के तौर पर इस योजना को लागू करने की बात कही है।

केंद्र ने इस योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि यह दुनिया में, सरकार द्वारा वित्त पोषित सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है। हालांकि अभी केंद्र द्वारा राज्यों को अपना कोष जारी करना बाकी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस योजना के तहत बीमा करने के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।

बोले सुखबीर बादल: पाकिस्तान में ही रह जाएं नवजोत सिंह सिद्धू

Tuesday, 14 August 2018 18:06

पाकिस्तान के भावी प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में पंजाब के मंत्री और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू के शामिल होने की खबरों को लेकर इस वक्त राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ी हुई है। विपक्ष के नेता और पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल ने भी इन खबरों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक सुखबीर बादल ने कहा कि सिद्धू को पाकिस्तान में ही रह जाना चाहिए, इससे पंजाब और पूरे देश में शांति आ जाएगी।

मंगलवार को सुखबीर बादल गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करने नॉर्थ ब्लॉक आए थे, जब वह यहां पहुंचे तब रिपोर्टर ने उनसे सिद्धू के पाकिस्तान जाने की खबर से संबंधित सवाल पूछा, जिसके जवाब में सुखबीर ने कहा, ‘सिद्धू साहब का मालूम नहीं कि वह कल क्या करेंगे, परसो क्या करेंगे और जो करेंगे उसका असर और नुकसान क्या होगा? मुझे लगता है कि अगर वह वहीं रह जाते हैं तो पंजाब में शांति हो जाएगी और देश में भी।’

बता दें कि इमरान खान 18 अगस्त को पाकिस्तान के पीएम पद की शपथ लेने जा रहे हैं। इस समारोह के लिए पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर, कपिल देव और नवजोत सिंह सिद्धू को निमंत्रण मिला था। गावस्कर की तरफ से यह स्पष्ट कर दिया गया कि वह इस समारोह में शरीक नहीं हो सकते, वहीं सिद्धू को लेकर कहा जा रहा है कि वह इमरान खान के समारोह में शामिल होने पाकिस्तान जाएंगे।

सिद्धू ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय और पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के कार्यालय को इस्लामाबाद में 18 अगस्त को शपथग्रहण समारोह में शामिल होने की अपनी इच्छा से अवगत करा दिया था। इसके अलावा सिद्धू ने सोमवार को पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारियों से भी मुलाकात की। सिद्धू ने बाद में संवाददाताओं को बताया कि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उन्होंने केंद्र से मंजूरी मांगी है। उन्होंने कहा था, ‘कुछ औपचारिकताएं हैं, जिनके लिए मैं यहां आया था। मैंने सरकार की परमिशन के लिए अपील की है। अब सबकुछ भारत सरकार की स्वीकृति पर निर्भर करता है।’

रुपये का मोदी पर भरोसा नहीं : राहुल

Tuesday, 14 August 2018 18:05

डॉलर के मुकाबले रुपया अबतक के सबसे निचले स्तर 70.08 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंचने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि "राष्ट्रीय मुद्रा का सर्वोच्च नेता पर से भरोसा उठ गया है।" गांधी ने एक ट्वीट में मोदी का एक वीडियो साझा किया, जिसमें मोदी रुपये की गिरती कीमत पर पुरानी संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) सरकार का मजाक उड़ा रहे हैं। राहुल ने ट्वीट में कहा, "रुपये ने सर्वोच्च नेता के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है, क्योंकि वह ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच चुका है। आप सर्वोच्च नेता का अर्थव्यवस्था पर मास्टरक्लास सुनें, जहां वह विस्तार से बता रहे हैं कि रुपया क्यों गिर रहा है।"

लगभग पांच साल पहले मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, उस वक्त उन्होंने इस वीडियो में कहा था कि जिस तरीके से डॉलर मजबूत हो रहा है और रुपया गिर रहा है, "अंतर्राष्ट्रीय व्यापार बाजार में भारत टिक नहीं पाएगा। हमारा आयात और निर्यात इसे झेल नहीं पाएगा। यहां तक कि सरकार भी इसके सामने टिक नहीं पाएगी।"

मोदी ने कहा था, "और दिल्ली की सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है। प्रधानमंत्रीजी देश यह जानना चाहता है कि क्या कारण है कि केवल भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले गिर रहा है। मैंने हमेशा मांग की है और कहा है कि यह आर्थिक कारणों से नहीं हो रहा है, बल्कि यह भ्रष्ट राजनीति के कारण हो रहा है, जो दिल्ली से शुरू हुई है।"

--आईएएनएस

फेसबुक ने 'जकरबर्ग को प्रकाशकों की परवाह नहीं' रिपोर्ट को खारिज किया

Tuesday, 14 August 2018 16:29

 फेसबुक ने उन मीडिया रिपोर्टों को खारिज किया है जिसमें उसके एक वरिष्ठ कार्यकारी के हवाले से बताया गया था कि मार्क जकरबर्ग को प्रकाशकों की परवाह नहीं है। द ऑस्ट्रेलियन ने सोमवार की रिपोर्ट में कहा कि ऑस्ट्रेलियाई मीडिया कार्यकारियों के साथ एक बैठक में फेसबुक के न्यूज भागीदारी के प्रमुख कैंपबेल ब्राउन ने कहा, "मार्क जकरबर्ग को प्रकाशकों की परवाह नहीं है, लेकिन उन्होंने मुझे बदलाव करने के लिए बहुत सारी छूट और रियायतें दी है।"

ब्राउन ने कथित रूप से कहा कि जो प्रकाशक फेसबुक के साथ काम नहीं करना चाहते हैं, उन्हें अपना कारोबार समेट लेना चाहिए, क्योंकि वह जल्द ही खत्म हो जाएगा। 

फोर्चुन की रिपोर्ट में कहा गया, "फेसबुक ने कहा कि टिप्पणियां गलत थी और संदर्भ से बाहर थी।"

द ऑस्टेलियन ने दावा किया कि यह समाचार उन पांच लोगों की जानकारी पर आधारित थी, जो बैठक में मौजूद थे, लेकिन उन्होंने नाम नहीं छापने की शर्त पर यह जानकारी दी थी।

इस साल अगस्त में फेसबुक ने दुनिया भर में प्रकाशन उद्योग में अतिरिक्त 45 लाख डॉलर की रकम निवेश करने की घोषणआ की थी। 

--आईएएनएस

‘एक देश, एक चुनाव’ पर अमित शाह से इत्‍तेफाक नहीं रखते नीतीश कुमार

Tuesday, 14 August 2018 16:27

‘एक देश एक चुनाव’ को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से इत्तेफाक नहीं रखते। भाजपा और जदयू दोनों मिलकर भले ही बिहार में सरकार चला रहे हैं, लेकिन एक देश एक चुनाव पर दोनों की सहमति नहीं है। नीतीश कुमार का कहना है कि, “इस इलेक्शन में यह संभव नहीं है कि लोकसभा और विधानसभा का चुनाव एक साथ किया जाए। वैचारिक रूप से यह सही नहीं है। चुनाव कराने के दौरान काफी संख्या में मतदानकर्मियों की जरूरत होती है। सुरक्षाकर्मियों की आवश्यकता होती है। इसके लिए पूरी तैयारी होती है। देश की भागौलिक स्थित ऐसी है कि वर्तमान में एक साथ दोनों चुनाव कराना संभव नहीं है। ”

 

वहीं, दूसरी ओर भाजपा एक देश, एक चुनाव पर जोर दे रही है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को विधि आयोग को पत्र लिखकर देश में एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराने का सुझाव दिया है। विधि आयोग भी इस सुझाव पर विचार कर रहा है। इस बाबत भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की ओर से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का एक देश एक समान चुनाव पर पार्टी की ओर से जो हमारा विचार है, वह पत्र हमनें विधि आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति बलवीर सिंह चौहान को सौंपा। हमने अपनी पार्टी का विचार रखते हुए कहा कि एक साथ चुनाव कराने से देश में जो प्रशासनिक व्यय होता है और बार-बार चुनाव कराने के कारण जो राजनीतिक अस्थिरता आती है, उसकी समाप्ति होगी। बार-बार आचार संहित लगने से प्रशासनिक कार्यों में न केवल बाधा आती है, बल्कि प्रशासनिक खर्चा भी ज्यादा होता है।

 

वहीं, इस पूरे मसले पर मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत का कहना है कि कानून में बदलाव किए बिना एक साथ चुनाव करना संभव नहीं है। लेकिन यदि किश्तों में चुनाव कराया जाना संभव हो सकता है, जैसे कि 11 राज्यों का एक बार। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि सभी संबंधित सदन को एक साथ भंग किए जाने पर सहमति बने। सभी एक साथ चुनाव कराने को तैयार हों।

राजस्थान ओपिनियन पोल: तीन-चौथाई सीटें हार सकती है भाजपा

Tuesday, 14 August 2018 16:25

इस साल के आखिर में तीन राज्यों में विधान सभा चुनाव होने हैं। उनमें एक राज्य राजस्थान भी शामिल है। एबीपी न्यूज और सी-वोटर ने वहां चुनाव से चार महीने पहले ओपिनियन पोल सर्वे कराया है जिसके मुताबिक राजस्थान में हरेक पांच साल बाद सत्ता बदलने की परंपरा (1993 के बाद) इस बार भी जारी रह सकती है। सर्वे में कहा गया है कि सीएम वसुंधरा राजे की अगुवाई में सत्तासीन भाजपा मौजूदा सीटों से काफी कम सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है। सर्वे के मुताबिक 2018 के आखिर में होने वाले चुनाव में भाजपा 57 सीटें जीत सकती है जो मौजूदा 162 सीट से 105 सीट कम है। यानी भाजपा 200 सदस्यों वाली विधान सभा में तीन चौथाई सीटें हार सकती है जबकि मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस 6 गुना बेहतर प्रदर्शन करते हुए करीब 130 सीटें जीत सकती है। फिलहाल कांग्रेस के पास मात्र 21 सीटें हैं।

सर्वे के मुताबिक कांग्रेस 20 साल पुराना इतिहास दोहरा सकती है। बता दें कि 20 साल पहले यानी 1998 में कांग्रेस ने अबतक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कुल 153 सीटें जीती थीं। तब भाजपा 33 सीटों पर सिमट गई थी। तब केंद्र में भी भाजपा की सरकार थी और अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे। 1998 में अशोक गहलोत पहली बार मुख्यमंत्री बने थे। इसके पांच साल बाद यानी 2003 में कांग्रेस की जबर्दस्त हार हुई और वो 56 सीटों पर सिमट गई। भाजपा को 120 सीटों पर जीत मिली और वसुंधरा राजे राज्य की सीएम बनीं। उस वक्त भी केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी।

साल 2008 के विधान सभा चुनाव में एक बार फिर राज्य में सियासी समीकरण बदला और कांग्रेस 96 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी। भाजपा 78 सीटों पर सिमट गई। इसके बाद 2013 के चुनावों में कांग्रेस का सबसे खराब प्रदर्शन रहा और वो 21 सीटों पर जा सिमटी जबकि भाजपा ने सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए 162 सीटें जीतीं। हालिया सर्वे के मुताबिक भाजपा को 37 फीसदी वोट मिलने के आसार हैं, जबकि कांग्रेस को 51 फीसदी और अन्य को 12 फीसदी। हालांकि, सीएम चेहरे को तौर पर कांग्रेस के अशोक गहलोत वसुंधरा राजे पर बारी दिख रहे हैं। उन्हें 41 फीसदी लोगों ने पसंद किया है, जबकि वसुंधरा को 24 और राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष सचिन पायलट को मात्र 18 फीसदी लोगों ने पसंद किया है।

300 से अधिक सैनिकों की याचिका पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

Tuesday, 14 August 2018 16:16

उच्चतम न्यायालय सेना के 300 से अधिक जवानों की उस याचिका पर 20 अगस्त को सुनवाई करने के लिए आज राजी हो गया जिसमें उन्होंने उन इलाकों में अभियान चलाने पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने को चुनौती दी है जहां अफस्पा लागू है। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति ए एम खानविल्कर की पीठ ने वकील ऐश्वर्या भाटी की इन दलीलों पर विचार किया कि सेना के जवानों पर अशांत इलाकों में ड्यूटी निभाने के लिए मुकदमा चलाया जा रहा है। याचिका में कहा गया है कि प्राथमिकी दर्ज करना और सेना के जवानों पर अभियोग चलाना अफस्पा के प्रावधानों के खिलाफ है क्योंकि उन्हें आधिकारिक ड्यूटी के दौरान कार्रवाई करने के लिए उन पर मुकदमा दर्ज करने से छूट मिली हुई है।
याचिका में कहा गया है कि ऐसे मुकदमे सेना और अर्द्धसैन्य बलों का मनोबल गिराएंगे। सेना के जवानों पर मणिपुर जैसे इलाकों में कथित ज्यादतियां करने और फर्जी मुठभेड़ के लिए मामला दर्ज किया जा रहा है। उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के बाद कुछ मुकदमे शुरू किए गए।

आपको बता दें कि अफस्पा सेना व केंद्रीय बलों को ‘अशांत क्षेत्रों’ में कानून का उल्लंघन करने पर किसी को भी मारने, बिना वारंट के तलाशी लेने व गिरफ्तारी करने की शक्ति देता है और केंद्र सरकार की मंजूरी के बिना अभियोजन व कानूनी मुकदमे से बलों को सुरक्षा प्रदान करता है। यह पूरे नागालैंड, असम, मणिपुर (इंफाल के सात विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों को छोड़कर) में प्रभावी है। असम व मणिपुर की राज्य सरकारों के पास अब इस अधिनियम को बनाए रखने या रद्द करने की शक्तियां हैं।

मैंने कांग्रेस से विवाह किया है : राहुल गांधी

Tuesday, 14 August 2018 16:14

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने पार्टी के साथ विवाह किया है। उन्होंने यह टिप्पणी संपादकों के साथ बातचीत के दौरान की। इस दौरान उनसे उनकी शादी की योजना के बारे में पूछा गया था।

दो दिवसीय हैदराबाद दौरे के दौरान राहुल ने कहा,"नरेंद्र मोदी 2019 में प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे।"

उन्होंने पूर्वानुमान लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 230 सीटें तक नहीं जीत पाएगी जिसके कारण मोदी के दोबारा से प्रधानमंत्री बनने का सवाल ही पैदा नहीं होता। भाजपा नेतृत्व उत्तर प्रदेश और बिहार में गैर भाजपाई दलों के साथ गठबंधन नहीं करने की प्रारंभिक रूप से बात जाहिर कर चुका है।

कांग्रेस और अन्य गैर भाजपा दलों के बहुमत पाने की स्थिति में प्रधानमंत्री कौन होगा के सवाल पर कांग्रेस अध्यक्ष कन्नी काटते हुए नजर आए। उन्होंने कहा कि वह इस पर कार्य कर करेंगे।

राहुल ने कहा कि पार्टी की राज्य इकाइयां समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ गठबंधन के लिए मुक्त हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि तेलंगाना में कांग्रेस सत्ता पर काबिज होगी।

आंध्र प्रदेश के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि पार्टी यहां अपनी स्थिति में सुधार कर रही है। 2014 में यहां कांग्रेस को खाली हाथ रहना पड़ा था। 

उन्होंने देश में बढ़ती असहिष्णुता पर अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि देश में अल्पसंख्यक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

उन्होंने किसानों की समस्याओं और बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मोदी सालाना दो करोड़ रोजगार मुहैया कराने के अपने वादे में विफल रहे हैं।

उन्होंने कहा, "चीन 24 घंटे में 50 हजार लोगों को रोजगार देता है जबकि भारत में इसी अवधि के दौरान केवल 458 लोगों को रोजगार मिलता है।"

--आईएएनएस

युवा अमेरिकी महिलाएं ट्रंप प्रशासन से नाखुश : सर्वेक्षण

Tuesday, 14 August 2018 16:13

अमेरिका में 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग की 10 में से सात महिलाएं डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति होने को लेकर असंतुष्ट या नाराज हैं। एक जानकारी एक सर्वेक्षण में सामने आई है, जो अमेरिका में महिलाओं के किसी आयु वर्ग का उच्चतम प्रतिशत है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, 'सीबीएस न्यूज रिफाइनरी 29' ने कहा कि इनमें केवल नौ फीसदी ने ही ट्रंप के व्हाइट हाउस में होने पर खुशी जताई। 

इस आयु वर्ग की 53 प्रतिशत महिलाओं ने कहा है कि वे सोचती हैं कि ट्रंप की नीतियों ने ज्यादातर महिलाओं को नुकसान पहुंचाया है, जबकि 70 प्रतिशत यह सोचती हैं कि उनके अधिकारों और स्वतंत्रता की रक्षा के बजाए उसका हनन किया गया। 

वहीं, कई युवा महिलाएं डेमोक्रेटिक पार्टी का कांग्रेस पर नियंत्रण पसंद करती हैं। सर्वेक्षण में पता चला कि इनमें से अधिकतर महिलाएं रिपब्लिकन की तुलना में डेमोक्रेट को पहले स्थान पर रखती हैं। 

इस सर्वेक्षण में यह भी सामने आया है कि इस आयु वर्ग की अधिकांश महिलाएं 2018 के मध्यावधि चुनाव में निश्चित रूप से मतदान करने को लेकर कम इच्छुक हैं। केवल 30 प्रतिशत ने ही कहा कि वे निश्चित रूप से मतदान करेंगी। जबकि इससे अधिक उम्र की 76 फीसदी महिलाओं ने कहा कि वे निश्चित रूप से मतदान करेंगी। 

वोट न देने का सबसे बड़ा कारण महिलाओं ने राजनीति या चुनाव में अरुचि को कारण बताया है। 

सर्वेक्षण 26 से 30 जुलाई के बीच यूजीओवी द्वारा ऑनलाइन लिया गया था, जिसमें 2,093 महिलाओं ने हिस्सा लिया था।

--आईएएनएस

'भारत' के लिए स्पेनिश सीख रहीं नोरा फतेही

Tuesday, 14 August 2018 16:12

अभिनेत्री नोरा फतेही आगामी फिल्म 'भारत' के स्पेनिश सीख रही हैं। इसमें सलमान खान और कैटरीना कैफ मुख्य भूमिका में हैं। वह माल्टा में फिल्म की शूटिंग के लिए तैयार हैं। वह फिल्म में लैटिन अमेरिकी लड़की के किरदार में हैं। 

इस किरदार को पूरी शिद्दत से निभाने के लिए नोरा स्पेनिश भाषा सीख रही हैं। 

नोरा ने कहा,"मैंने अपने एक अच्छे स्पेनिश दोस्त से स्पेनिश सीखनी शुरू कर दी है। उन्होंने मुझे सिखाया कि स्पेनिश लहजे के साथ इंग्लिश कैसे बोली जाए।"

--आईएएनएस

सैमसंग ने चीन में स्मार्टफोन्स का उत्पादन घटाया, अब भारत पर जोर

Tuesday, 14 August 2018 16:11

सैमसंग चीन में अपने स्मार्टफोन का उत्पादन घटाने जा रहा है, क्योंकि इस देश में उसकी बिक्री में गिरावट आ रही है, जबकि कंपनी का जोर अब भारत और वियतनाम के बाजारों पर है। निक्कई एशियन रिव्यू की सोमवार देर रात की रपट में कहा गया है, "सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स चीन में अपने स्मार्टफोन्स के उत्पादन में कटौती कर रहा है। इससे यह साबित होता है कि कैसे दक्षिण कोरियाई दिग्गज दुनिया के सबसे बड़े स्मार्टफोन बाजार में वापसी के लिए संघर्ष कर रहा है।"

कंपनी इसके अलावा भारत और वियतनाम जैसे तेजी से बढ़ते बाजारों में उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रही है। 

निक्केई एशियन रिव्यू में अमेरिकी मार्केट रिसर्च फर्म क्रिएटिव स्ट्रेटेजिज के विश्लेषक कैरोलीना मिलानेसी के हवाले से बताया, "मैं समझता हूं कि सैमसंग को चीन पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। चीन एक बड़ा बाजार है, मेरा मानना में चीन में अधिक केंद्रित दृष्टिकोण से कंपनी को अपनी उम्मीदों को पूरा करने में मदद मिलेगी।"

--आईएएनएस

डॉलर की मजबूती से फीकी हुई सोने की चमक

Tuesday, 14 August 2018 16:06

अमेरिकी डॉलर में तेजी आने से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने की निवेश मांग क्षीण पड़ती जा रही है, जबकि डॉलर में मजबूती आ रही है। डॉलर में आई तेजी से सोना बीते सत्र में तकरीबन डेढ़ साल के निचले स्तर पर लुढ़क गया, हालांकि डॉलर में तेजी आने से भारतीय मुद्रा कमजोर हुई है, इसलिए घरेलू सर्राफा बाजार में सोने के भाव में कोई बड़ी गिरावट नहीं आई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता ने आईएएनएस को बताया कि भारतीय बाजार पर कोई ज्यादा असर नहीं है। हालांकि मुंबई में मंगलवार को 24 कैरट का सोना पिछले सत्र के मुकाबले 160 रुपये नरमी के साथ 29,525 रुपये प्रति 10 ग्राम था।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर अपराह्न् तीन बजे अक्टूबर डिलीवरी सोना 24 रुपये की कमजोरी के साथ 29,934 रुपये प्रति दस ग्राम था जबकि वायदे अनुबंध में 29,899 से लेकर 29,950 रुपये के बीच कारोबार हुआ।

हालांकि कॉमेक्स पर दिसंबर अनुबंध में बीते सत्र की गिरावट के बाद मंगलवार को सोने में थोड़ी रिकवरी आई और 3.20 डॉलर यानी 0.27 फीसदी की बढ़त के साथ 1,202.10 डॉलर प्रति औंस था। बीते सत्र में सोना कॉमेक्स पर 198.90 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ था।

केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में जहां सोना 20 महीने के निचले स्तर तक लुढ़का है वहीं एमसीएक्स पर सोना 14 जनवरी के निचले स्तर पर है। 14 जनवरी को सोना 29,750 रुपये प्रति 10 ग्राम था। 

केडिया ने कहा कि डॉलर के मुकाबले देसी करेंसी में आई गिरावट से सोने पर घरेलू बाजार में ज्यादा फर्क नहीं पड़ा है। उन्होंने बताया कि जनवरी से लेकर अब तक डॉलर के मुकाबले रुपये में 9.75 फीसदी की कमजोरी आई है।

डॉलर में आई तेजी से मंगलवार को रुपये में ऐतिहासिक गिरावट आई और भारतीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले 70.08 के स्तर तक लुढ़क गई। हालांकि बाद में थोड़ी रिकवरी के बाद एक डॉलर की कीमत भारतीय करेंसी में 69.85 रुपये थी।

अमेरिकी अर्थवस्था में मजबूती आने से निवेशकों की मांग सोने में घट गई है और डॉलर दुनिया की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले बढ़त बनाए हुए है।

मंगलवार को डॉलर इंडेक्स 96.17 पर बना हुआ था जबकि बीते सत्र में इसमें 96.36 तक की बढ़त आई थी। डॉलर इंडेक्स दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर के मूल्य का सूचक है। 

--आईएएनएस

राफेल पर वीडियो वॉर: BJP ने कहा- सरकार ने 12 हजार करोड़ बचाए, कांग्रेस ने कहा- सोचा समझा घोटाला

Tuesday, 14 August 2018 13:16

राफेल डील को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच वीडियो वॉर शुरू हो गई है. राफेल पर लगातार कांग्रेस के हमले झेल रही बीजेपी की ओर से सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया गया जिसमें अभिनेत्री पल्लवी जोशी ने आसान भाषा में राफेल डील को समझाने की कोशिश की है. उन्होंने बताया है कि कैसे यह डील हमारे लिए फायदे का सौदा है औऱ सरकार ने 12 हजार करोड़ रुपए की बचत की है?  वहीं कांग्रेस ने भी एक वीडियो जारी किया है जिससे उन्‍होंने पीएम मोदी पर निशाना साधा है. 

आपको सुनाते हैं कि बीजेपी के वीडियो में क्या कहा गया:- 


ये वीडियो सामने आने के बाद अब कांग्रेस ने भी एक वीडियो जारी किया है. वीडियो जारी करने से पहले कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पहले इसका टीज़र भी जारी किया था. कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर अपना वीडियो जारी किया है. कांग्रेस ने इस वीडियो के जरिए बताया है कि राफेल डील क्‍या है. इतना ही नहीं इस वीडियो के जरिए कांग्रेस ने चौकीदार, पकौड़े और चाय वाले के जरिए पीएम मोदी पर निशाना साधा है. कांग्रेस ने कहा है कि जिस डील का सीक्रेट बताया जा रहा है असल में वह 18 हजार करोड़ में डील हुई है जो उनकी सरकार के वक्‍त की मौजूदा डील से तीन गुना ज्‍यादा है. यह एक सोचा समझा घोटाला है और यह सब कुछ सरकार की नीतियों के चलते हुआ है. 

आपको सुनाते हैं कि कांग्रेस के वीडियो में क्या कहा गया:-

 

विराट कोहली से शादी के बाद कैसी चल रही है लाइफ, अनुष्का शर्मा ने बताया सीक्रेट

Tuesday, 14 August 2018 13:13

अनुष्का शर्मा और वरूण धवन की फिल्म सुई धागा का ट्रेलर रिलीज़ हो गया है ‘मेक इन इंडिया’ की थीम पर आधारित इस फिल्म में वरूण और अनुष्का लोअर मिडिल क्लास पति-पत्नी के किरदार निभाते हुए नज़र आएंगे। इस फिल्म के निर्देशक शरत कटारिया हैं। अनुष्का पहली बार निम्न मध्यम वर्गीय महिला के किरदार में नज़र आएंगी। फिल्म के ट्रेलर से साफ है कि अनुष्का और वरूण इन परिवारों की

इस ट्रेलर लॉन्च के दौरान अनुष्का से पूछा गया कि ‘फिल्म के ट्रेलर में आप अपने पति वरूण के लिए एक मजबूत स्तंभ के तौर पर दिखाई देती हैं और उन्हें काफी मोटिवेट भी करती हैं, क्या हम ये मानें कि आप रियल लाइफ में भी हाउसवाइफ की सभी क्वालिटीज़ अपना चुकी हैं?’ इस सवाल के जवाब में अनुष्का ने कहा कि ‘मैं अपनी ज़िंदगी में अब तक इस स्तर पर घरेलू नहीं हो पाई हूं जितना मैंने इस फिल्म के सेट पर फील किया। मैं 15 साल की उम्र से काम कर रही हूं, अब तो मेरी शादी भी हो चुकी है। हम लोग काम में इतना बिज़ी रहते हैं कि मुझे अपने पति के साथ भी ज़्यादा समय बिताने का मौका नहीं मिल पाता है। इस फिल्म के किरदार के द्वारा मुझे इन महिलाओं की ज़िंदगी को करीब से जीने का मौका मिला है और मैं इसके लिए डायरेक्टर शरत की शुक्रगुज़ार हूं। मैं उन्हें शुक्रिया अदा करती हूं कि मुझे एक ऐसा किरदार निभाने को मिला और मुझे एक चैलेंजिंग माहौल में जीने का अवसर दिया।’

गौरतलब है कि वरूण धवन और अनुष्का शर्मा स्टारर फिल्म की ज्यादातर शूटिंग मध्य प्रदेश और दिल्ली में हुई है। फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने से पहले अनुष्का शर्मा ने ‘सुई धागा’ में अपने फर्स्ट लुक की तस्वीर भी सोशल मीडिया पर शेयर की थी। इस तस्वीर को शेयर करते हुए अनुष्का शर्मा ने लिखा था ‘कतरन से बुनी कहानी, पैबंद लगा के है सुनानी।’ ये फिल्म 28 सितंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है।

 

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