मुंबई: आज विश्व पर्यावरण दिवस है और इस मौके पर अभिनेता कृष्ण भारद्वाज ने प्रकृति की रक्षा पर जोर दिया है। कृष्ण को सोनी सब के शो 'तेनाली राम' में मुख्य भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है।

उन्होंने कहा है, "यह हमारे पर्यावरण को बचाने के महत्व को महसूस करने का सही समय है। ऐसे समय में जब मनुष्य घर पर बंद हैं, प्रकृति को सांस लेने का मौका मिल रहा है और वह दिखा रही है कि कोई भी इंसान प्रकृति से ऊपर नहीं है। ऐसे समय में हमें यह समझने की आवश्यकता है कि मानवीय गतिविधियों ने पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है और अब हमें हर कदम सावधानी से उठाने की जरूरत है।"

कृष्णा ने यह भी बताया किया कि पर्यावरण को स्वच्छ और हरा-भरा रखने के लिए वह कैसे योगदान दे रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा, "पर्यावरण की रक्षा की दिशा में मेरे छोटे प्रयासों के तहत मैं एक एनजीओ से जुड़ा हुआ हूं, जिसके जरिए हम बहुत सारे पौधे लगाते हैं, गांवों में जाते हैं, लोगों से बात करते हैं और अपनी धरती को बचाने के बारे में सत्र आयोजित करते हैं। हम और अधिक पेड़ लगाने और चीजों को रीसायकल करने के तरीकों के बारे में बात करते हैं। मैं यह भी सुनिश्चित करता हूं कि मैं पानी और बिजली जैसे संसाधनों का दुरुपयोग न करूं। यहां तक कि हर शूट के बाद अपने मेकअप को पोंछते हुए भी, मैं यह सुनिश्चित करता हूं कि मैं टिशू पेपर बर्बाद न करूं। इसी तरह हम सभी इन छोटे कदमों को अपनाएं और हमारे पर्यावरण को सुरक्षित रखने की दिशा में अपना योगदान दें।"

--आईएएनएस

मुंबई: जियो प्लेटफॉर्म्स में इंवेस्टमेंट के लिए विदेशी निवेशकों का तांता लगा हुआ है। उसे पिछले 6 हफ्तों में छठा बड़ा इंवेस्टमेंट मिला है। अबू धाबी की मुबाडला इंवेस्टमेंट कंपनी ने 1.85 प्रतिशत इक्विटी के लिए जियो प्लेटफॉर्म्स में 9,093.60 करोड़ रुपये का निवेश करने की घोषणा की है। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने शुक्रवार को इस बात की जानकारी दी।

मुबाडला ने जियो प्लेटफॉर्म्स की इक्विटी वैल्यू 4.91 लाख करोड़ रुपये आंकी है। फेसबुक के इंवेस्टमेंट के साथ, जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश का जो सिलसिला शुरू हुआ था, वह थम नहीं रहा है। अब तक कुल 6 बड़े इंवेस्टर्स द्वारा जियो प्लेटफॉर्म्स में कुल 87,655.35 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है। सबसे पहले फेसबुक निवेश ले कर आया। उसके बाद विश्व के अग्रणी निवेशक सिल्वर लेक, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स, जनरल अंटलांटिक एवं केकेआर और अब मुबाडला इंवेस्टमेंट कंपनी आई है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा, "मुझे खुशी है कि दुनिया की सबसे बेहतर और परिवर्तनकारी निवेशकों में से एक मुबाडला ने हमारे साथ पार्टनरशिप का फैसला किया है। वह भारत को डिजिटल राष्ट्र बनाने की हमारी यात्रा का हमसफर बनेंगे।"

उन्होंने आगे कहा, "अबू धाबी के साथ मेरे लंबे समय से संबंध हैं और मैनें देखा है कि यूएई की ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था को दुनिया से जोड़ने और विविधता के रंग भरने में मुबाडाला ने जबरदस्त काम किया है। हम मुबाडाला के अनुभव से लाभान्वित होने के लिए तत्पर हैं।"

कंपनी ने अपने बयान में कहा, "रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की फुली ओन्ड सब्सिडियरी जियो प्लेटफॉर्म्स एक नेक्स्ट जनरेशन टेक्नॉलोजी कंपनी है, जो भारत को एक डिजिटल सोसायटी बनाने के काम में मदद कर रही है।"

38 करोड़ 80 लाख ग्राहक वाली रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड की 'होल्ली ओन्ड सब्सिडियरी' बनी रहेगी।

मुबाडला इन्वेस्टमेंट कंपनी के प्रबंध निदेशक और समूह के सीईओ खलदून अल मुबारक ने कहा, "हमने देखा है कि कैसे जियो ने भारत में संचार और कनेक्टिविटी को बदल दिया है और एक निवेशक और भागीदार के रूप में, हम भारत की डिजिटल विकास यात्रा को समर्थन देने लिए प्रतिबद्ध हैं।"

--आईएएनएस

नई दिल्ली: अनुराग कश्यप की फिल्म 'चोक्ड : पैसा बोलता है' में डिमॉनेटाइजेशन (नोटबंदी) ने एक अभिन्न भूमिका निभाई है। फिल्म निर्माता का कहना है कि इसने उन्हें पैसे और शादी की कहानी को एक सहज तरीके से जोड़ने में मदद की। फिल्म निर्माता ने कहा, "चोक्ड : पैसा बोलता है हमेशा से एक ग्रेट आइडिया और एक अच्छी स्क्रिप्ट थी लेकिन 'एक्स-फैक्टर' की कमी थी। डिमॉनेटाइजेशन ने इसे एक साथ बांधने का काम किया।"

फिल्म बनाने के संदर्भ में कश्यप ने आईएएनएस से कहा, "फिल्म पर काम करना एक अच्छी प्रोसेस रही। यह एक लंबा इंतजार था। इसकी शुरुआत साल 2015 में एक स्क्रिप्ट के साथ हुई थी। उस समय, कोई डिमॉनेटाइजेशन नहीं हुआ था और जब यह हुआ, तो इसे स्क्रिप्ट में शामिल किया जाना ही था और इसलिए हमने स्क्रिप्ट को फिर से लिखा।"

उन्होंने आगे कहा, "निहित भावे इस पर काम करते रहे। सैयामी खेर साल 2017 में आईं और रोशन मैथ्यू 2018 में आए। हमने फिल्म की शूटिंग 2019 में की।"

गौरतलब है कि भारत सरकार ने वर्ष 2016 में काले धन को बाहर निकालने, नकली नोटों को खत्म करने और आतंकवाद की फंडिंग से निपटने के लिए डिमॉनेटाइजेशन (नोटबंदी) कर 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करने का फैसला किया था।

इस निर्णय के बाद देश के बैंकों में लंबी-लंबी कतारें लग गईं थीं, लोग पुराने नोटों को नए नोटों से बदलने के लिए अलग-अलग तरीकों की तलाश कर रहे थे और शादी जैसे कई बड़े आयोजनों में व्यवधान पैदा होने लगा था। ऐसा ही कुछ कश्यप ने सरिता पिल्लई (सैयामी) और सुशांत पिल्लई ( रोशन) की कहानी में दिखाने की कोशिश की है।

फिल्म मेकर ने कहा, "फिल्म हमेशा पैसे और शादी के बारे में थी, लेकिन जब हम फिल्म की शूटिंग कर रहे थे, तब ही डिमॉनेटाइजेशन हुआ और इसे फिल्म का एक हिस्सा बनना ही था। और उस अवधि में फिल्म को रखना दिलचस्प था, ताकि यह पूरी तरह से बेतुका न हो और यह अधिक मीनिंगफुल लगे। डिमॉनेटाइजेशन के कारण फिल्म को अचानक एक अच्छा आधार मिल गया।"

'चोक्ड : पैसा बोलता है' एक मध्यवर्गीय गृहिणी की कहानी है। डिमॉनेटाइजेशन कैसे उसके जीवन को बदल देता है इस पर यह कहानी है। साथ ही यह इस बात पर भी प्रकाश डालती है कि वह कैसे अपने बेरोजगार पति की मदद कर रही है।

'ब्लैक फ्राइडे', 'गैंग्स ऑफ वासेपुर', 'देव डी' और 'अग्ली' जैसी फिल्मों के लिए चर्चित फिल्म निर्माता ने दावा कर कहा, "इस फिल्म के साथ आम तौर पर जो मैं फिल्मों के साथ करता हूं, उससे दूर जाने की कोशिश कर रहा था।"

कश्यप ने कहा, "मेरी फिल्म मेकिंग प्रोसेस भी बदल रही है, क्योंकि पिछली तीन फिल्में जो मैंने की उन में आइडिया किसी और को आया मुझे नहीं और वास्तव में यह कभी-कभी एक बड़ी मदद है।"

'चोक्ड : पैसा बोलता है' 5 जून से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगी।

--आईएएनएस

 

 

 

नई दिल्ली: 'शुद्ध देसी रोमांस', 'बेफिक्रे' और 'वॉर' में से अपना पसंदीदा किरदार चुनना अभिनेत्री वाणी कपूर के लिए मुश्किल है।

वाणी ने 2013 में फिल्म 'शुद्ध देसी रोमांस' के साथ बॉलीवुड में कदम रखा था, जिसमें उन्होंने तारा नाम की एक छोटी लड़की की भूमिका निभाई। वहीं 'बेफिक्रे' में, उन्होंने रणवीर सिंह के अपोजिट पर्शियन लड़की शायरा का रोल निभाया। एक्शन से भरपूर फिल्म 'वॉर' में वह चोट खाई महिला नैना थीं।

जब आप उनसे पूछते हैं कि इन सभी में से कौन सा किरदार उनका पसंदीदा है तो वाणी चुटकी लेते हुए एक कूटनीतिक जबाव देती हैं। वाणी ने आईएएनएस को बताया, "ये ऐसे किरदार हैं जिनमें मैंने अपना समय, ऊर्जा और बहुत सारी मेहनत लगाई है।"

उन्होंने आगे कहा, "वे मेरे प्यार के परिश्रम हैं और अपने सभी शिशुओं में से एक को चुनना बहुत कठिन होगा। मैंने इन सभी पात्रों को व्यक्तिगत रूप से प्यार किया है और मेरी मेहनत और प्रयास दिए हैं।"

वाणी अगली बार फिल्म 'शमशेरा' में दिखाई देंगी, जो कि 1800 के दशक को लेकर बनी है। यह फिल्म 'अग्निपथ' निर्माता करण मल्होत्रा द्वारा निर्देशित है। यह एक डकैत जनजाति के बारे में है जो अपने अधिकारों के लिए लड़ती है और देश की आजादी के लिए भी अंग्रेजों के खिलाफ है।

इसमें वह संजय दत्त और रणबीर कपूर के साथ स्क्रीन स्पेस साझा करते हुए दिखाई देंगी। फिल्म 31 जुलाई को रिलीज होने वाली है।

--आईएएनएस

पेरिस: फ्रांस में कोरोनावायरस महामारी के चलते पिछले 24 घंटों में 44 मरीजों ने दम तोड़ा, जिसके बाद से यहां कोविड-19 संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 29 हजार 65 हो गया है। हेल्थ मिनिस्ट्री ने बयान जारी कर गुरुवार को इस बात की जानकारी दी। इसमें कहा गया है कि हालांकि, बुधवार को यही संख्या 81 और मंगलवार को 107 थी। वहीं, नई दैनिक मौतों में केवल अस्पताल में हुई मौतें शामिल हैं।

हेल्थ मिनिस्ट्री ने कहा, "नर्सिग होम और मेडिको-सोशल प्रतिष्ठानों में हुई मौतों का आंकड़ा साप्ताहिक आधार पर (अगले) मंगलवार को अपडेट किया जाएगा।"

कोविड-19 महामारी से संक्रमित अस्पतालों में भर्ती मरीजों का आंकड़ा भी 413 के साथ घटकर अब 13 हजार 101 हो गया है। इनमें से भी 1 हजार 163 का उपचार इंटेंसिव केयर यूनिट में हो रहा है। इससे एक दिन पहले इसमें भर्ती मरीजों की संख्या 47 थी।

अमेरिका, ब्रिटेन, इटली और ब्राजील के बाद कोविड-19 के कारण मानव हानि के मामले में फ्रांस अब दुनिया का पांचवां देश है।

--आईएएनएस

नई दिल्लीलॉकडाउन के बाद अब देश धीरे-धीरे खुल रहा है। 8 जून से होटल, रेस्टोरेंट और धार्मिक स्थल आम लोगों के लिए खुल जाएंगे। लेकिन यहां जाने के लिए आपको नियमों का पालन करना होगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने गाइडलाइन जारी कर दी है। बता दें कि गृह मंत्रालय ने कंटेनमेंट जोन को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों में धर्मस्थलों, मॉल, रेस्टोरेंट और होटल खोलने की अनुमति दी थी। अनलॉक- 1 के तहत 8 जून से इन जगहों को खोलने की सरकार ने इजाजत दी थी।

 केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने गुरुवार को कामकाज को लेकर गाइडलाइन जारी की है। इसमें कहा गया है कि गर्भवती महिलाएं, 65 साल से ऊपर के लोग और ऐसे लोग जिन्हें पहले से गंभीर बीमारियां हों, वे काम पर जाने से बचें। वर्क प्लेस पर शारीरिक दूरी, सफाई, सैनिटाइजेशन की बात भी गाइडलाइन में कही गई है। इसमें कहा गया है कि दफ्तरों में थूकने पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए।

दफ्तरों के एंट्री गेट पर सैनिटाइजर डिस्पेंसर का होना जरूरी है। यहीं पर थर्मल स्क्रीनिंग भी की जाए। केवल उन्हीं लोगों को दफ्तर में आने की अनुमति दी जाए, जिनमें कोरोनावायरस के लक्षण ना दिखाई दें। कंटेनमेंट जोन में रहने वाले स्टाफ को अपने सुपरवाइजर को इस बात की जानकारी देनी होगी। उसे तब तक दफ्तर आने की इजाजत ना दी जाए जब तक कंटेनमेंट जोन को डिनोटिफाई ना कर दिया जाए। 

ड्राइवरों को शारीरिक दूरी और कोरोना के संबंध में जारी नियमों का पालन करना होगा। दफ्तर के अधिकारी, ट्रांसपोर्ट सेवा देने वाले यह निश्चित करेंगे कि कंटेनमेंट जोन में रहने वाले ड्राइवर गाड़ियां ना चलाएं। गाड़ी के भीतर, उसके दरवाजों, स्टीयरिंग, चाभियों का पूरी तरह से डिसइन्फेक्ट होना जरूरी है। इसका ध्यान रखा जाए।

गर्भवती महिलाएं, उम्रदराज कर्मचारी, पहले से बीमारियों का सामना कर रहे कर्मचारी अतिरिक्त ध्यान रखें। इन्हें ऐसा काम न दिया जाए, जिसमें लोगों से सीधा संपर्क होता हो। दफ्तरों का मैनेजमेंट अगर संभव हो तो ऐसे लोगों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दे। दफ्तरों में केवल उन्हीं लोगों को आने की इजाजत दी जाए, जिन्होंने फेस मास्क पहना हो। दफ्तर के भीतर भी पूरे समय फेस मास्क पहनना जरूरी है।

दफ्तर में विजिटर्स की आम एंट्री, टेम्परेरी पास कैंसिल किए जाए। केवल अधिकृत मंजूरी के साथ और किस अफसर से मिलना है इस जानकारी के बाद विजिटर को आने की इजाजत दी जाए। उसकी पूरी स्क्रीनिंग की जाए। बैठकों को जहां तक संभव हो सके, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही किया जाए। दफ्तरों में कोरोनावायरस संक्रमण से बचाव के पोस्टर, होर्डिंग जगह-जगह पर लगाए जाएं।

धार्मिक स्थलों के लिए गाइडलाइन (SOPs for religious places )

कंटेनमेंट जोनों के भीतर स्थित धार्मिक स्थल अभी बंद रहेंगे जबकि इसके बाहर स्थित धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति होगी। मंत्रालय का कहना है कि प्रार्थना स्थलों पर अक्सर बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, लिहाजा महत्वपूर्ण है कि इन परिसरों में शारीरिक दूरी और अन्य एहतियाती उपायों का पालन किया जाए। एसओपी के मुताबिक धार्मिक स्थलों पर रिकॉर्डेड भक्ति संगीत बजाया जा सकता है, लेकिन संक्रमण के खतरे से बचने के लिए समूह में गाने की अनुमति नहीं होगी।

श्रद्धालुओं को धर्मस्थल पर सार्वजनिक आसन इस्तेमाल करने के स्थान पर अपना आसन या चटाई लानी होगी और उसे अपने साथ ही वापस ले जाना होगा। धर्मस्थलों पर प्रसाद जैसी भेंट नहीं चढ़ाई जाएंगी और न ही पवित्र जल का छिड़काव या वितरण किया जाएगा। सामुदायिक रसोई, लंगर और अन्न दान इत्यादि की तैयारी और भोजन के वितरण में शारीरिक दूरी के मानकों का पालन किया जाएगा।

सभी धर्मस्थल प्रवेश द्वार पर अनिवार्य रूप से हैंड सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा वहां सिर्फ बिना लक्षणों वाले मास्क लगाए श्रद्धालुओं को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। श्रद्धालुओं को साबुन से हाथ-पैर धोकर परिसर में जाने के लिए कहा गया है। धर्मस्थल पर प्रतिमाओं और धार्मिक पुस्तकों को छूने की अनुमति नहीं होगी।कोविड-19 के एहतियाती उपायों के बारे में ऑडियो-वीडियो के जरिये जागरूकता भी फैलाई जाएगी।

संभव हो तो श्रद्धालु अपने जूते-चप्पलों को अपने वाहन में ही उतारेंगे। लेकिन जरूरत पड़ने पर व्यक्ति या परिवार के जूते-चप्पलों को श्रद्धालु द्वारा स्वयं अलग स्लॉट में रखा जाएगा। धर्मस्थल के भीतर या बाहर स्थित दुकानों, स्टॉलों और कैफेटेरिया में शारीरिक दूरी मानकों का हर समय पालन करना होगा। एयर कंडीशन और वेंटीलेशन के बारे में कहा गया है कि तापमान 24 से 30 डिग्री सेंटीग्रेट के बीच होना चाहिए और रिलेटिव ह्यूमिडिटी यानी सापेक्षिक आ‌र्द्रता 40 से 70 फीसद के बीच होनी चाहिए। धर्मस्थल प्रबंधन को नियमित रूप से फर्श और अन्य सतहों की सफाई करानी होगी और डिस्इंफेक्शन कराना होगा।

रेस्टोरेंट के लिए गाइडलाइन (SOPs for restaurants )

कंटेनमेंट जोन में रेस्टोरेंट बंद रहेंगे। इसके बाहर खोले जा सकते हैं। रेस्टोरेंट में आकर खाना खाने की बजाय होम डिलीवरी को बढ़ावा दिया जाए। डिलीवरी करने वाले घर के दरवाजे पर ही पैकेट छोड़ दें, हैंडओवर न करें। होम डिलीवर पर जाने से पहले सभी कर्मचारियों की स्क्रीनिंग की जाए। रेस्टोरेंट के गेट पर हैंड सैनिटाइजेशन और थर्मल स्क्रीनिंग के इंतजाम होने चाहिए। केवल बिना लक्षण वाले स्टाफ और ग्राहकों को ही रेस्टोरेंट में प्रवेश दिया जाए। कर्मचारियों को मास्क लगाने या फेस कवर करने पर ही अंदर एंट्री दी जाए और वे पूरे समय इसे पहने रहें।

कोरोना की रोकथाम से जुड़े पोस्टर और विज्ञापन प्रमुखता से लगाने होंगे। रेस्टोरेंट में सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान रखते हुए स्टाफ को बुलाया जाए। हाई रिस्क वाले कर्मचारियों को लेकर विशेष एहतियात बरती जाए। उनसे ज्यादा लोगों के संपर्क में आने वाली जगह पर काम न कराया जाए। संभव हो तो कर्मचारियों को वर्क फ्राम होम के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

रेस्टोरेंट परिसर, पार्किंग और आसपास के इलाके में शारीरिक दूरी का ध्यान रखा जाए। ग्राहकों की संख्या अधिक होने पर उन्हें वेटिंग एरिया में बैठाया जाए। वॉलेट पार्किंग में ड्यूटी करने वाले स्टाफ को मास्क, हैंड गलब्स पहनना जरूरी होगा। इसके अलावा पार्किंग के बाद कार की स्टेयरिंग, गेट के हैंडल को सैनिटाइज करना होगा। रेस्टोरेंट परिसर में सोशल डिसस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए फ्लोर पर मार्किंग करनी पड़ेगी। ताकि लोग उचित 6 फीट दूरी से साथ लाइन में खड़े हो सकें।

रेस्टोरेंट में ग्राहकों के आने और जाने के लिए अलग-अलग गेट होने चाहिए। टेबलों के बीच भी उचित दूरी जरूरी है। रेस्टोरेंट में 50 फीसद बैठने की क्षमता से ज्यादा लोग एक साथ बैठकर खाना नहीं खा पाएंगे। रेस्टोरेंट खाना खिलाने के लिए डोस्पोजेबल का इस्तेमाल कर सकते हैं। हाथ धोने के लिए तैलिया की जगह अच्छी क्वालिटी के नैपकिन का इस्तेमाल किया जाए। ग्राहकों और रेस्टोरेंट को बफेट सर्विस के दौरान भी सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना होगा। एलेवेटर्स में एक साथ ज्यादा लोगों के जाने पर पाबंदी होगी।

शॉपिग मॉल के लिए ये है गाइडलाइंस (SOPs for malls )

शॉपिंग मॉल में दुकानदारों को भीड़ जुटने से रोकना होगा ताकि शारीरिक दूरी के नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके। सरकार ने कहा है कि एलिवेटरों पर भी लोगों की सीमित संख्या तय करनी होगी। मॉलों के अंदर दुकानें तो खुलेंगी, लेकिन गेमिंग आर्केड्स और बच्चों के खेलने की जगह और सिनेमा हॉल बंद रहेंगे। शॉपिंग मॉलों में एयर कंडिशनिंग 24 से 30 डिग्री और ह्यूमिडिटी 40 से 70 प्रतिशत रखने का निर्देश।

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक अमानतुल्ला ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली पुलिस आप के पूर्व विधायक ताहिर हुसैन को फरवरी में हुए सांप्रदायिक दंगों का मास्टरमाइंड बता रही है, लेकिन असली दंगाइयों के खिलाफ मामला तक दर्ज नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि ताहिर को मुस्लिम होने की वजह से सजा दी जा रही है। खान ने हिंदी में ट्वीट कर कहा, "दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट में ताहिर हुसैन को दिल्ली दंगों का मास्टरमाइंड बताया है, जबकि समूचा देश जानता है कि दंगों के पीछे कौन था। पुलिस ने असली दंगाइयों के बारे में पता तक नहीं लगाया। मैं समझता हूं कि ताहिर हुसैन को मुस्लिम होने के नाते सजा दी जा रही है।"

दिल्ली पुलिस ने खुबिया ब्यूरो के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में जो नया आरोपपत्र दाखिल किया है, उसमें दावा किया गया है कि पूर्व आप पार्षद अपने घर और चांदबाग पुलिया के पास वाली मस्जिद से भीड़ की अगुआई कर रहा था। उसी ने घटना को सांप्रदायिक रंग दिया।

आरोपपत्र में कहा गया है कि अंकित शर्मा से कहासुनी होने के बाद 25 फरवरी को उसकी निर्मम हत्या कर दी गई।

--आईएएनएस

नई दिल्ली: ई-कॉमर्स क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी अमेजन दूरसंचार क्षेत्र की एक प्रमुख कंपनी भारती एयरटेल में कम से कम दो अरब डॉलर की एक हिस्सेदारी खरीदने के लिए बातचीत कर रही है।

रपटों के अनुसार, जेफ बेजोस के नेतृत्व वाली अमेजन ग्राहकी के लिहाज से भारत की तीसरी सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी के मौजूदा बाजार मूल्य के हिसाब से लगभग पांच प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी।

इइन रपटों को कयासबाजी बताते हुए अमेजन के एक प्रवक्ता ने कहा, "हम उस कयास के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करते, जिसे हम भविष्य में कर सकते हैं या नहीं कर सकते।"

एयरटेल के एक प्रवक्ता ने कहा, "हम नियमित रूप से सभी डिजिटल और ओटीटी प्लेयर्स के साथ काम करते हैं और उनके उत्पादों, सामग्रियों और सेवाओं को हमारे व्यापक उपभोक्ता आधार तक लाने के लिए उनके साथ गहरा आदान-प्रदान रखते हैं। इसके अलावा कुछ और कहने के लिए नहीं है।"

रपटों में कहा गया है कि मौजूदा समय में वार्ता प्रारंभिक चरण में है। इस वार्ता के बारे में खबर ऐसे समय में सामने आई है, जब जियो प्लेटफार्म ने कई निवेशकों को पिछले एक महीने के दौरान आकर्षित किया है और फेसबुक ने लगभग 10 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी है।

मात्र लगभग एक महीने में आरआईएल ने जियो प्लेटफार्म में 17 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी बेची है, जिससे उसे कुल 78,562 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।

--आईएएनएस

नई दिल्ली: पंजाब के भारतीय प्रवासियों के प्रभुत्व वाला भारतीय-कनाडाई अपराध सिंडिकेट भारत में खालिस्तान आंदोलन को फिर से हवा देने के लिए सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के लिए अलगाववादी समूहों को वित्त पोषण कर रहा है।

भारतीय खुफिया एजेंसियों द्वारा तैयार की गई एक गोपनीय रिपोर्ट से पता चला है कि नशीले पदार्थो की तस्करी और कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया राज्य से बाहर संचालित होने वाले धालीवाल और ग्रेवाल गिरोह जैसे अपराध सिंडिकेट एसएफजे नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू और उनके सहयोगियों से जुड़े हैं।

धालीवाल और ग्रेवाल गिरोह ने एक वैंकूवर-आधारित कुख्यात माफिया सिंडिकेट 'ब्रदर्स कीपर्स' की स्थापना की। ड्रग तस्करी, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग और बंदूक चलाने के अलावा, ब्रदर्स कीपर्स एसएफजे नेताओं और खालिस्तान आंदोलन से जुड़े लोगों को भी फंड देते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अवैध धन के समर्थन से चरमपंथी सिख नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू एक ही छत के नीचे कई खालिस्तानी गुटों को लाने की साजिश कर रहा है और इस संबंध में वह इस रविवार (सात जून) को एक वैश्विक वीडियो सम्मेलन को संबोधित करेगा।

खालिस्तान समर्थक इस अमेरिका आधारित एसएफजे समूह पर नरेंद्र मोदी सरकार ने जुलाई 2019 में भारत विरोधी गतिविधियों के लिए प्रतिबंध लगा दिया था।

एसएफजे, जिसका पाकिस्तानी प्रतिष्ठानों के साथ भी संबंध है, खालिस्तान के समर्थन में सिख समुदाय द्वारा स्वाधीनता के लिए जनमत संग्रह पर जोर दे रहा है। भारत में एसएफजे के कई प्रमुख कार्यकर्ताओं की पहचान की गई है और अब तक उनके खिलाफ एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

इनमें से ज्यादातर मामलों में अंतराष्र्ट्ीय स्तर पर जांच की जा रही है, जिनकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कर रही है। आईएएनएस द्वारा समीक्षा की गई खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि एसएफजे, जो कनाडाई सिंडिकेट्स से धन प्राप्त कर रहा है, हवाला के माध्यम से पंजाब और उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में अपने कार्यकर्ताओं को पैसे हस्तांतरित कर रहा है।

भारतीय मूल के कनाडाई बदमाशों और अमेरिका व कनाडा में खालिस्तान समर्थक सिख नेताओं के बीच गहरी सांठगांठ कोई नई बात नहीं है। इससे पहले, एक शीर्ष सिख राजनेता पर ड्रग किंगपिन रणजीत सिंह चीमा के साथ संबंध रखने का आरोप लगाया गया था।

चीमा की पहचान 2000 की शुरुआत में कनाडा में कोकीन तस्करी के सबसे बड़े सौदागर के तौर पर की गई थी। इसके अलावा 1990 से लेकर 2012 के दौरान कनाडा में एक दर्जन से अधिक हत्याओं के लिए भी चीमा और मारा जा चुका गैंगस्टर भूपिंदर सिंह सोहल जिम्मेदार रहा है।

कनाडाई संसद के सदस्य जगमीत सिंह धालीवाल के बारे में बहुचर्चित बात यह भी है कि उसे खालिस्तान के लिए एक धन उगाहने वाले व्यक्तित्तव के तौर पर भी देखा जाता है। अप्रवासी भारतीय माता-पिता से पैदा हुए जगमीत सिंह ने भारतीय एजेंसियों का तब ध्यान आकर्षित किया था, जब उसने 2013 में ओंटारियो में खालिस्तान समर्थक कार्यकर्ताओं का एक सम्मेलन आयोजित किया था, जिसका उद्देश्य विदेशों में भारत की छवि को खराब करना था।

इसके दो साल बाद 2015 में एनडीपी के विधायक सदस्य के रूप में, जगमीत सिंह सैन फ्रांसिस्को में खालिस्तान समर्थक रैली में दिखाई दिया था। हाल के वर्षों में जगमीत सिंह ने खूंखार आतंकवादी नेता जरनैल सिंह भिंडरावाले की प्रशंसा भी की है, जो 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान मारा गया था।

--आईएएनएस

श्रीनगर: जम्मू एवं कश्मीर के बांदीपोरा जिले में गुरुवार को एक कश्मीरी पंडित महिला का अंतिम संस्कार पड़ोस में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों किया। इस घटना से दोनों समुदायों के बीच आपसी भाईचारे की सदियों पुरानी परंपरा फिर से बनती नजर आई। बांदीपोरा जिले के कलूसा गांव में मोतीलाल भट की पत्नी रानी भट (75) की बुधवार को मौत हो गई, अंतिम संस्कार गुरुवार को किया गया।

कोविड-19 महामारी को नजरअंदाज करते हुए दर्जनों मुस्लिम पड़ोसी शोक प्रकट करने भट परिवार के घर पहुंच गए। इससे हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की सदियों पुरानी परंपरा जीवंत हो उठी, जिसके लिए कश्मीर जाना जाता है।

पंडित महिला की मौत पर शोक प्रकट करने पहुंचीं मुस्लिम महिलाएं भी रोती नजर आईं। मुस्लिम पुरुषों ने मिट्टी का बर्तन उठाया, शव को कंधा दिया और लकड़ियों से चिता तक बनाई।

--आईएएनएस

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