पत्नी के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म करने वाले युवक के पुलिस हिरासत से छूट जाने पर अपमान बर्दाश्त न कर पाने के कारण पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के रहने वाले व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने वाले व्यक्ति के परिवार वालों ने यह जानकारी दी।

उधर पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ कोई सुबूत नहीं हैं।

दुष्कर्म की शिकार युवती ने बताया, "हमारी शिकायत के बावजूद पुलिस ने उसे (दुष्कर्म के आरोपी को) जिस दिन हिरासत में लिया उसी दिन छोड़ दिया। शिकायत दर्ज कराने के बाद वह हमें भयानक परिणाम की धमकियां देता रहता था। मेरे पति इसे बर्दाश्त नहीं कर सके और खुदकुशी कर ली।"

युवक ने बुधवार की रात कोलकाता से 50 किलोमीटर दूर चिनसुराह में खुद को फांसी लगा ली।

पीड़िता के साथ 12 अप्रैल को कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया और शिकायत दर्ज कराने के बाद रविवार को गिरफ्तार किए गए आरोपी को कुछ ही घंटों में छोड़ दिया गया।

चिनसुराह पुलिस थाने के एक अधिकारी ने कहा, "जिस व्यक्ति के नाम पर शिकायत दर्ज करवाई गई है, उसके खिलाफ कोई सुबूत नहीं है। हम मामले की जांच कर रहे हैं।"

दुष्कर्म की पुष्टि के लिए पीड़िता के चिकित्सकीय जांच के प्रश्न पर अधिकारी ने जवाब देने से इंकार कर दिया।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

सांसद सरोज पाण्डेय का विरोध लगातार उग्र रूप लेता जा रहा है। आज बेमेतरा जिले के तारालीम गांव में सांसद के कार्यक्रम का विरोध कर रहे साहू समाज के लोगों और सांसद समर्थकों के बीच भारी विवाद हो गया।

विवाद इस कदर बढ़ गया कि पथराव के बाद आधा दर्जन लोग घायल हो गए। गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। कुछ देर बाद वहां भाजपा महिला मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरोज पाण्डेय का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम होना था।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

विकिलीक्स पर हाल में सार्वजनिक हुए अमेरिकी राजनयिक संदेश में कहा गया है कि पूर्व वाणिज्य मंत्री कमल नाथ ने अपने मंत्रालय के सचिव के फैसले को खारिज करते हुए 2008 में गोवा में तीन विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) की अधिसूचना रद्द करने की बात कही थी। अमेरिकी दूतावास के चार जनवरी 2008 के संदेश (शीर्षक-गोवा सेज पाबंदी पर केंद्र का रवैया ढुलमुल लगता है) में यह भी कहा गया है कि गोवा में सेज की अधिसूचना रद्द करने के फैसले से सेज में विदेशी भागीदारी की केंद्र सरकार की योजना पर नकारात्मक असर पड़ सकता था।

2006 से 2008 के बीच जनता के विरोधों के बाद गोवा की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सात सेज और राज्य की सेज नीति को रद्द करने का फैसला किया था। इनमें से तीन सेज को वाणिज्य मंत्रालय ने पहले ही अधिसूचित कर दिया था। और तब मंत्रालय के सचिव जी.के. पिल्लई ने अधिसूचना रद्द करने से इंकार कर दिया था, क्योंकि कानून में ऐसी व्यवस्था नहीं थी।

संदेश (संख्या : नई दिल्ली 002 का 00000026 001.2 ) में कहा गया है, "लेकिन (गोवा के मुख्यमंत्री) दिगम्बर कामत ने अगले दिन वाणिज्य मंत्री नाथ से मुलाकात की। उसके बाद नाथ ने सार्वजनिक तौर पर कहा कि केंद्र सरकार सेज की अधिसूचना रद्द कर सकती है और सरकार उन राज्यों पर सेज नहीं लादेगी, जो इसे नहीं चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह गोवा सरकार से औपचारिक अनुरोध का इंतजार करेंगे और उसके बाद सही कदम उठाएंगे।"

सेज नीति रद्द करने के बाद जिन कारोबारियों को भूमि आवंटित की गई थी उन्होंने अदालत में याचिका लगाई कि सरकार का फैसला अवैध है। इस पर फैसला लम्बित है।

संदेश में कहा गया कि उस समय नाथ के फैसले से तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार के सेज परियोजना में विदेशी निवेश हासिल करने के लक्ष्य पर बुरा असर पड़ सकता था।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

घटनाओं से भरे गुरुवार को पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ इस्लामाबाद उच्च न्यायालय से भाग खड़े हुए, जब न्यायालय ने वर्ष 2007 में न्यायाधीशों को बंधक बनाने के मामले में मुशर्रफ की जमानत अवधि बढ़ाने की उनकी याचिका खारिज करते हुए उन्हें गिरफ्तार करने के आदेश दे दिए। पाकिस्तानी समाचार चैनल जियो न्यूज के अनुसार इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने मुशर्रफ की अंतरिम जमानत विस्तार याचिका खारिज कर दी और न्यायाधीशों को बंधक बनाने के मामले में उनकी गिरफ्तारी का आदेश दे दिया।

जियो न्यूज के अनुसार, मुशर्रफ (69) अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ जमानत अवधि में विस्तार का अनुरोध लेकर अदालत में पेश हुए थे। लेकिन अदालत का आदेश आते ही बिना समय गंवाए वह अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ काली बुलेट प्रूफ कार में वहां से निकल गए।

पुलिस के अनुसार, मुशर्रफ अदालत परिसर से निकलने के बाद इस्लामाबाद के बाहरी इलाके चाक शाहजाद स्थित अपने फार्महाउस गए, जहां उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।

मुशर्रफ के फार्महाउस के बाहर पुलिस को तैनात कर दिया गया है और रास्ते को बंद कर दिया गया है।

इस बीच, मुशर्रफ के प्रवक्ता रेजा बुखारी ने संवाददाताओं से कहा कि वह अदालत से भागे नहीं हैं और कानून का सामना करेंगे। उन्हें पाकिस्तान सरकार से सुरक्षा प्राप्त है। उन्होंने यह भी कहा कि अदालत ने विवेक से निर्णय नहीं लिया।

बुखारी ने कहा, "मुशर्रफ के अदालत परिसर से लौटने के बाद मैंने उनसे बात की। वह कानूनी उपाय अपनाएंगे। अपील की प्रक्रिया है।"

इस बीच मुशर्रफ के वकील ने सर्वोच्च न्यायालय में गिरफ्तारी पूर्व जमानत याचिका दाखिल कर दी है, ताकि उन्हें पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण न करना पड़े।

सर्वोच्च न्यायालय ने हालांकि 14 पृष्ठों की जमानत याचिका लौटा दी क्योंकि रजिस्ट्रार कार्यालय के बंद होने का समय हो चुका था।

अब मुशर्रफ के वकील शुक्रवार को पुन: जमानत याचिका दाखिल करेंगे।

इससे पहले की सुनवाई में अदालत ने मुशर्रफ की अंतरिम जमानत अवधि 18 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दी थी।

समाचार पत्र 'डॉन' के अनुसार, यह मामला अधिवक्ता चौधरी मोहम्मद असलम गुमान की 11 अगस्त, 2009 की शिकायत पर आधारित है। उन्होंने पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति इफ्तिखार मोहम्मद चौधरी सहित 60 न्यायाधीशों को हिरासत में लेने तथा तीन नवंबर, 2007 को देश में आपातकाल लागू करने के लिए मुशर्रफ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग पुलिस से की थी।

मुशर्रफ कई मामलों में कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं, जिनमें आपातकाल लागू करने के लिए देशद्रोह, वर्ष 2007 में पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या तथा वर्ष 2006 में बलूच नेता नवाब अकबर बुग्ती की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत का मामला शामिल है।

मुर्शरफ ने हालांकि उक्त मामलों में खुद पर लगे आरोपों से इंकार किया है। वह चार साल के आत्म-निर्वासन के बाद हाल ही में पाकिस्तान लौटे हैं, ताकि देश में 11 मई को होने वाले संसदीय चुनाव में अपनी पार्टी ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग का नेतृत्व कर सकें। लेकिन निर्वाचन आयोग ने उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है। आयोग ने इस संबंध में उनके चार आवेदन खारिज कर दिए हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

अमेरिका के टेक्सास में एक उर्वरक संयंत्र में हुए भीषण विस्फोट में 15 लोगों की मौत हो गई और 160 से अधिक लोग घायल हुए। विस्फोट के कारण भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए और 50 से 60 इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

अमेरिकी समाचार चैनल सीएनएन ने टेक्सास आपातकालीन चिकित्सा सेवा के निदेशक जॉर्ज स्मिथ के हवाले से कहा कि डलास से 120 किलोमीटर दक्षिण में वेस्ट के छोटे से कस्बे में एक उर्वरक संयंत्र में यह विस्फोट हुआ। उन्होंने पूर्व में कहा था कि कम से कम 60 से 70 लोग घायल हुए हैं।

टेक्सास के वेस्ट शहर में एक उर्वरक संयंत्र में बुधवार की शाम लगभग 7.50 बजे हुए भीषण विस्फोट के बाद संयंत्र में आग फैल गई। इस घटना को जांच से पहले तक आपराधिक घटना के रूप में समझा जा रहा था। जांच के बाद जांच अधिकारियों ने इसे एक दुर्घटना बताया।

विस्फोट के कारण 50 मील दूर की इमारतें भी हिल उठीं और विस्फोट के कारण भूकंप के हल्के झटके भी महसूस किए गए, जिसकी तीव्रता अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण ने 2.1 बताई।

कस्बे के मेयर टॉमी मुस्का ने कहा कि वेस्ट टेक्सास की जनसंख्या 26,00 है और विस्फोट के बाद आधा शहर खाली करा दिया गया है। उन्होंने कहा, "यह विस्फोट किसी परमाणु बम की तरह था।"

एबीसी न्यूज के मुताबिक, टेक्सास के सार्वजनिक सुरक्षा विभाग के प्रवक्ता गेल स्कैरबोरो ने बताया कि 200 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 40 की हालत नाजुक है।

इस घटना में संयंत्र के नजदीक स्थित 75 से 100 घर एवं व्यवसायिक केंद्र नष्ट हो गए हैं।

सीएनएन के मुताबिक, संयंत्र से अन्य टैंक में विस्फोट की आशंका को देखते हुए अधिकारी स्थानीय निवासियों को बाहर निकाल रहे हैं।

वाको स्थित हिलक्रेस्ट हॉस्पिटल के मुख्य प्रबंध अधिकारी ग्लेन रॉबिंसन ने बताया कि विस्फोट के कुछ देर बार 60 घायलों को भर्ती कराया गया। इनमें से कुछ को मामूली तथा अन्य को गम्भीर चोटें आई हैं।

रॉबिंसन के मुताबिक, घायलों को अस्पताल पहुंचाने में छह हेलिकॉप्टरों, एम्बुलेंस और कारों की मदद ली जा रही है। इस काम में दो स्थानीय अस्पताल सहयोग कर रहे हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष नीतिन गडकरी ने गुरुवार को इस बात का खंडन किया कि उन्होंने जनता दल (यूनाइटेड) को यह आश्वासन दिया था कि नरेंद्र मोदी पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं बनाए जाएंगे। गडकरी का यह स्पष्टीकरण समाचार पत्रों में आई उस रपट के बाद आया है, जिसमें दावा किया गया है कि पिछले वर्ष जुलाई में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ एक बैठक के दौरान गडकरी ने यह आश्वासन दिया था कि मोदी को प्रधानमंत्री के उम्मीदवार के रूप में पेश नहीं किया जाएगा।

समाचार पत्र की रपट में जद (यू) सूत्र के हवाले से कहा गया है कि गडकरी ने कहा था कि मोदी को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार नहीं बनाया जा सकता, क्योंकि उनके नाम पर मतैक्य नहीं है और कुछ भाजपा नेताओं को भी उनके नाम पर आपत्ति है।

गडकरी के कार्यालय से जारी एक वक्तव्य में कहा गया है कि पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली के साथ जुलाई 2012 में नीतीश कुमार से मुलाकात की थी, लेकिन वक्तव्य में समाचार पत्र के दावे को खारिज किया गया है।

वक्तव्य में कहा गया है, "तीनों नेताओं ने देश की राजनीतिक स्थितियों पर एवं 2014 में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की रणनीति पर विचार-विमर्श किया था।"

वक्तव्य में आगे कहा गया है, "श्री नीतीश कुमार ने लोकसभा चुनाव के लिए राजग के सम्भावित नेता का मुद्दा उठाया था। इसपर श्री गडकरी और श्री जेटली ने नीतीश से कहा था कि भाजपा ने चुनाव से पहले किसी को प्रधानमंत्री पद के लिए पेश करने का कोई निर्णय नहीं लिया है। भाजपा नेतृत्व इस मुद्दे पर उचित समय पर चर्चा करेगा और निश्चित तौर पर राजग के सभी घटक दलों को विश्वास में लिया जाएगा।"

बयान में कहा गया है, "श्री गडकरी और श्री जेटली ने नीतीश को ऐसा कोई आश्वासन नहीं दिया था कि मोदी को 2014 के आम चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में नहीं पेश किया जाएगा।"

भाजपा के घटक दल जद (यू) और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इससे पहले स्पष्ट कर चुके हैं कि उनकी पार्टी सिर्फ धर्मनिरपेक्ष छवि वाले नेता को ही प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवारी के लिए समर्थन देगी। जद (यू), भाजपा से अपना उम्मीदवार घोषित करने की भी मांग कर चुकी है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

देश का निर्यात गत कारोबारी वर्ष 2012-13 में 1.76 फीसदी गिरावट के साथ 300.6 अरब डॉलर रहा। गुरुवार को वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान व्यापार घाटा बढ़कर 190.91 अरब डॉलर रहा। वाणिज्य और उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने यहां विदेशी व्यापार नीति के वार्षिक पूरक की घोषणा करते हुए कहा, "2012-13 में देश का निर्यात 300 अरब डॉलर से अधिक 300.60 अरब डॉलर रहा, लेकिन पिछले साल के मुकाबले यह 1.76 फीसदी कम रहा।"

उन्होंने कहा, "यह चिंता का विषय है कि पिछले साल जो व्यापार घाटा 183.4 अरब डॉलर था, वह अब 190.91 अरब डॉलर हो गया।"

मार्च 2013 में 30.85 अरब डॉलर का निर्यात हुआ, जो एक साल पहले से 6.97 फीसदी अधिक है।

गत कारोबारी वर्ष में आयात 0.44 फीसदी अधिक 491.48 अरब डॉलर रहा, जो इससे पिछले वर्ष 489.31 अरब डॉलर था और इसके कारण व्यापार घाटा 4.12 फीसदी अधिक 190.91 अरब डॉलर रहा।

आंकड़ों के मुताबिक कच्चे तेल का आयात 9.22 फीसदी अधिक 169.25 अरब डॉलर रहा।

मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया, "गैर तेल आयात 3.62 फीसदी कम 322.23 अरब डॉलर रहा।"

मार्च महीने में आयात 2.87 फीसदी अधिक 41.16 अरब डॉलर रहा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

भारत के बैडमिंटन स्टार पारूपल्ली कश्यप एशियाई बैडमिंटन चैम्पियनशिप के एकल वर्ग के तीसरे दौर में हार गए हैं। महिला एकल में पीवी सिंधु क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई हैं। जबकि पुरुष एकल में दूसरे भारतीय साई प्रणीत को दूसरे दौर में हार का सामना करना पड़ा है। प्रांद्या गडरे और अश्विनी पोनप्पा की महिला युगल जोड़ी भी दूसरे दौर में हार गई। टूर्नामेंट के चौथे वरीय और विश्व के सातवें वरीय खिलाड़ी कश्यप ने दूसरे दौर में गुरुवार को चीनी ताइपे के हान चोउ चू को 21-17, 21-19 से पराजित किया था। यह मैच 31 मिनट चला। इन दोनों के बीच यह पहली भिड़ंत थी।

तीसरे दौर में कश्यप का सामना चीन के हुआन गाओ से हुआ। टूर्नामेंट के 15वें और विश्व के 24वें वरीय गाओ ने उलटफेर करते हुए 21-19, 21-15 से कश्यप की चुनौती समाप्त की। कश्यप और गाओ अब तक तीन बार भिड़े हैं। एक बार कश्यप जीते हैं, जबकि दो बार गाओ विजयी रहे हैं।

सिंधु ने दूसरे दौर के मुकाबले में विश्व की पूर्व सर्वोच्च वरीयता प्राप्त चीनी खिलाड़ी शिजियान वांग को 15-21, 21-14, 22-20 से हराया। यह मैच एक घंटे दो मिनट चला। सिंधु और वांग के बीच यह पहली भिड़ंत थी।

पहला गेम 15-21 से गंवाने के बाद सिंधु ने शानदार वापसी की और दूसरे गेम में टूर्नामेंट की तीसरी और विश्व की छठी वरीय खिलाड़ी वांग को अपने शानदार खेल की झलक दिखाते हुए 21-14 से जीत हासिल की।

तीसरे गेम में एक समय सिंधु 16-8 की बढ़त ले चुकी थीं, लेकिन वांग ने अपने अनुभव का फायदा उठाते हुए पहले तो 16-16 की बराबरी की और फिर आगे निकल गईं। एक समय वांग 20-19 से आगे चल रही थीं लेकिन इसके बाद सिंधु ने लगातार तीन अंक हासिल करते हुए मैच अपने नाम किया।

अगले दौर में सिंधु का सामना टूर्नामेंट की सातवीं वरीय जापानी खिलाड़ी एरिको हिरोसे से होगा। हिरोसे ने दूसरे दौर के मुकाबले में थाईलैंड की ओ. बुसनान को 37 मिनट में 21-13, 21-16 से हराया। सिंधु और हिरोसे के बीच अब तक एक बार भिड़ंत हुई है, जिसमें विश्व की 12वीं वरीय हिरोसे ने विश्व की 16वीं वरीय सिंधु को हराया था।

पुरुष एकल वर्ग में प्रणीत को दूसरे दौर में टूर्नामेंट के सातवें वरीय चीनी खिलाड़ी जेंगमिंग वांग ने 21-15, 21-16 से हराया। यह मैच 36 मिनट चला। इन दोनों के बीच यह दूसरी भिड़ंत थी। इससे पहले वांग ने 2012 में इसी प्रतियोगिता में प्रणीत को हराया था।

महिला युगल में गडरे और पोनप्पा को हांगकांग की लोक यान पून और येन सुएत की जोड़ी ने 21-15, 21-11 से हराया। भारतीय जोड़ी मात्र 26 मिनट में यह मुकाबला हार गई।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते(एटीएस) ने सिंगापुर व कनाडा से अवैध रूप से विदेशी शस्त्रों के पुर्जे लाकर उनकी कूटरचना करके विभिन्न राज्यों में कारोबार करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में अधबने असलहे और पुर्जे बरामद किए। एटीएस टीम ने बुधवार को उन्नाव के चमरौली इलाके से मोहम्मद खालिद और कानपुर के अलग-अलग इलाकों से मोहम्मद जुनैद, कल्लू शर्मा व विमल कुमार विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया।

पुलिस महानिदेशक मुख्यालय, लखनऊ की ओर से गुरुवार शाम एक प्रेस नोट जारी कर इन गिरफ्तारियों की आधिकारिक जानकारी दी गई।

एटीएस अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार अभियुक्तों ने प्रारम्भिक पूछताछ में बताया कि वे पिछले चार-पांच सालों से इस अवैध कारोबार में लिप्त थे। उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, हरियाणा व पंजाब में वह ग्राहकों को अवैध रूप से विदेशी असलहे बनाकर उनकी तस्करी करते थे। गिरफ्तार अभियुक्तों से मिली महत्वपूर्ण जानकारियों पर एटीएस आगे की कारवाई कर रही है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

कोरियाई प्रायद्वीप में बढ़ते तनाव के बीच उत्तर कोरिया ने वाशिंगटन और सियोल के साथ फिर से बातचीत शुरू करने के लिए गुरुवार को शर्तो की सूची पेश की। उत्तर कोरिया की आधिकारिक समाचार एजेंसी केसीएनए ने यह जानकारी दी है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने केसीएनए के हवाले से कहा है कि उत्तर कोरिया के राष्ट्रीय रक्षा आयोग ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया से उकसावे की कार्रवाई बंद करने, आक्रामक रवैये के लिए माफी मांगने और धमकाने के लिए परमाणु हमले की चेतावनी का प्रयोग न करने का आश्वासन देने पर जोर दिया है।

आयोग ने कहा है कि यदि अमेरिका और दक्षिण कोरिया, उत्तर कोरिया से फिर से बातचीत शुरू करना चाहते हैं तो दक्षिण कोरिया के अंदर और आसपास तैनात परमाणु हथियारों को हटा लें और उन्हें दोबारा स्थापित न करें।

उत्तर कोरिया की तरफ से यह बयान, कोरियाई प्रायद्वीप में एक महीने से चल रहे तनाव के बीच आया है। उत्तर कोरिया ने फरवरी में अपना तीसरा परमाणु परीक्षण किया, जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पिछले महीने उत्तर कोरिया पर नए प्रतिबंद लगा दिए।

उसके बाद अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने, दक्षिण कोरिया के अंदर और आसपास गहन युद्धाभ्यास किया, जिसमें अमेरिका ने शक्ति प्रदर्शन के रूप बी-52 सामरिक भारी बम वर्षक और बी-2 गुप्त बम वर्षक विमानों को दक्षिण कोरिया भेजा।

इसकी प्रतिक्रिया में उत्तर कोरिया ने फिर से युद्ध की धमकियां दीं, जिसने कोरियाई प्रायद्वीप और आसपास में भय का माहौल व्याप्त हो गया है।

उत्तर कोरिया द्वारा जारी वक्तव्य में कहा गया है कि हालांकि अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने बातचीत और राजनयिक प्रयासों के जरिए संकट सुलझाने की इच्छा जाहिर की है, लेकिन उसने इस बातचीत के लिए कुछ शर्ते तय की है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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