नई दिल्‍ली: भारत ने पाकिस्‍तान से साफ-साफ शब्‍दों में कहा है कि वह गिलगित-बाल्टिस्तान पर कायराना ह‍रकतें बंद कर दे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता अनुराग श्रीवास्‍तव ने कहा कि पाकिस्‍तान को गिलगित बाल्टिस्तान की स्थिति बदलने का कोई भी अधिकार नहीं है। पाकिस्‍तान के पास कोई कानूनी आधार नहीं है कि वह सेना की बदौलत इलाके की स्थिति से छेड़छाड़ करे।

हाल में ऐसे खबरें आई कि पाकिस्तान गिलगिट-बाल्टिस्तान को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की फिराक में है। पाकिस्‍तान ने इस क्षेत्र में 15 नवंबर को विधानसभा चुनाव कराने का एलान किया है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी ने बुधवार को गिलगिट-बाल्टिस्तान में चुनाव कराने के संबंध में अधिसूचना जारी की। गिलगिट-बाल्टिस्तान में गत 18 अगस्त को ही विधानसभा चुनाव कराया जाना था, लेकिन कोरोना महामारी के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था।

हाल में कश्मीर और गिलगिट-बाल्टिस्तान मामलों के मंत्री अली अमीन गंडापुर ने कहा था कि प्रधानमंत्री इमरान खान जल्द ही इस क्षेत्र को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का एलान करेंगे। इसके बाद गिलगिट-बाल्टिस्तान को एक पूर्ण राज्य के तौर पर सभी संवैधानिक अधिकार मिल जाएंगे। गत 16 सितंबर को सरकार ने इस मसले पर विपक्षी नेताओं और सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के साथ चर्चा की थी।

भारत पहले भी पाकिस्तान को आगाह कर चुका है कि गिलगिट-बाल्टिस्तान पर उसका कोई अधिकार नहीं है। यह पूरा क्षेत्र समेत केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा इलाका भारत का अभिन्न अंग है, जो विधि सम्मत और अपरिवर्तनीय है। असल में पाकिस्‍तान अपने सदाबहार दोस्‍त चीन की शह पर लगातार उकसावे वाली कार्रवाइयों को अंजाम दे रहा है। पाकिस्‍तान आए दिन सीमा पर सीजफायर का उल्‍लंघन भी कर रहा है। 

चीन से जारी तनाव के मसले पर अनुराग श्रीवास्‍तव ने बताया कि दोनों देशों ने जल्द वरिष्ठ कमांडरों की अगली बैठक करने का फैसला किया है। बीते सोमवार को दोनों देशों के बीच तकरीबन 14 घंटे तक कमांडर स्तर की वार्ता हुई थी। रिपोर्टों में कहा गया है कि इस बैठक में सहमति बनी थी कि दोनों देश सीमा पर सैनिकों की तैनाती नहीं करेंगे। यही नहीं, दोनों पक्ष कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाएंगे, जिससे मौजूदा हालात और पेचीदा हो जाएं।

मुम्बई: आस्ट्रेलिया के पूर्व टेस्ट क्रिकेटर और मशहूर टीवी कमेंटेटर डीन जोंस का गुरुवार को मुम्बई में निधन हो गया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक जोंस का निधन दिल का दौरा पड़ने से हुआ।

जोंस ने आस्ट्रेलिया के लिए 52 टेस्ट और 164 वनडे मैच खेले थे। जोंस के नाम टेस्ट में 3631 तथा वनडे में 6068 रन दर्ज हैं।

--आईएएनएस

जेएनएस

नई दिल्ली: कृषि क्षेत्र में सुधार के नए कार्यक्रमों को लागू करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन अहम विधेयकों को संसद की मंजूरी मिल चुकी है। लेकिन विधेयक पर विवाद कम नहीं हुआ है। इन तीनों विधेयकों पर सबसे ज्यादा बवाल पंजाब और हरियाणा में मचा है। किसान संगठनों ने शुक्रवार को भारत बंद का एलान किया है। कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए उठाए गए कदमों पर विवाद की मुख्य वजह यह है कि किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसलों की खरीद को लेकर आशंकित हैं। हालांकि केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया है कि एमएसएपी पर फसलों की खरीद पूर्ववत जारी रहेगी। फिर भी पंजाब और हरियाणा में किसानों की शंका खत्म नहीं हुई है।

एमएसपी पर सबसे ज्यादा गेहूं या धान की खरीद इन दोनों राज्यों में व्यापक पैमाने पर होती है और किसानों को आशंका है कि नये कानून के बाद एमएसपी पर खरीद नहीं होने से उनको फसलों का उचित भाव नहीं मिल पाएगा।

दरअसल, कृषक उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक 2020 में ट्रेड एरिया में कृषि उत्पादों की खरीद पर कोई शुल्क नहीं है जबकि कृषि उपज विपणन समिति द्वारा संचालित मंडियों में विभिन्न राज्यों में अलग-अलग शुल्क है। पंजाब में यह शुल्क सबसे ज्यादा है, इसलिए मंडियों में खरीद नहीं होने की सूरत में उनकी फसलों की खरीद की व्यवस्था सुनिश्चित होने को लेकर किसान आशंकित हैं।

उनकी यह भी आशंका है कि अगर मंडियां समाप्त हो जाएगी तो फिर उनको औने-पौने भाव अनाज बेचना होगा। पंजाब में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के प्रदेश अध्यक्ष और संगठन के ऑल इंडिया कोर्डिनेशन कमेटी के सीनियर कोर्डिनेटर अजमेर सिंह लखोवाल ने आईएएनएस से कहा कि केंद्र सरकार अगर किसानों के हितों में सोचती तो विधेयक में यह प्रावधान किया जाता कि किसानों के किसी भी उत्पाद (जिनके लिए एमएमपी की घोषणा की जाती है) की खरीद एमएसपी से कम भाव पर न हो। उन्होंने कहा कि विधेयक में कॉरपोरेट फॉमिर्ंग के जो प्रावधान किए गए हैं उससे खेती में कॉरपोरेट का दखल बढ़ेगा और बहुराष्ट्रीय कंपनियों को फायदा मिलेगा।

कांग्रेस समेत विधेयक का विरोध करने वाले राजनीतिक दलों का भी यही कहना है कि इन विधेयकों के माध्यम से सरकार ने किसानों से ज्यादा कॉरपोरेट को फायदा पहुंचाने की कोशिश की है।

कृषि विपणन बाजार विशेषज्ञ बताते हैं कि पंजाब और हरियाणा में कृषि उत्पादों की खरीद का कल्चर और राज्यों से अलग है, वहां गेहूं, चावल जैसे खाद्यान्न हो या कपास जैसी नकदी फसल, इनकी खरीद एमएसपी पर ज्यादा होती है। इसलिए मंडियों में खरीद की व्यवस्था नहीं होने पर किसानों को एमएसपी मिलने को लेकर आशंका है।

हालांकि कृषि एवं खाद्य मामलों के एक विशेषज्ञ ने बताया कि देश में सबसे ज्यादा एमएसपी पर अनाजों की खरीद पंजाब और हरियाणा में होती है और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली के करीब 80 करोड़ लाभार्थियों को किफायती दरों पर अनाज मुहैया करवाना सरकार की जिम्मेदारी है, इसलिए नये कानून से किसानों को एमएसपी पर अनाज की खरीद को लेकर आशंकित होने की आवश्यकता नहीं है।

एपीडा के अधिकारी ए.के. गुप्ता ने कहा कि बासमती के लिए कोई एमएसपी नहीं है लेकिन पंजाब और हरियाणा के किसानों के लिए बासमती की खेती काफी लाभकारी साबित हुई है। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों में सबसे ज्यादा निर्यात बासमती चावल का होता है। उन्होंने कहा कि विदेशी बाजार में भारतीय उत्पादों को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए आक्रामक रणनीति की जरूरत होती है जो बड़ी कंपनियों के इस क्षेत्र में प्रवेश से संभव हो पाएगा और इसका फायदा किसानों को मिलेगा।

कृषि से जुड़े तीन अहम विधेयकों, कृषक उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक 2020, कृषक (सशक्तीकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक-2020 को भी संसद की मंजूरी मिल चुकी है। ये तीनों विधेयक कोरोना काल में पांच जून को घोषित तीन अध्यादेशों की जगह लेंगे।

पंजाब, हरियाणा ही नहीं, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की मंडियों के कारोबारियों का भी कहना है कि अगर प्रदेश सरकार मंडी शुल्क समाप्त कर देती या उसमें कटौती करती है तो मंडी की व्यवस्था पर नये कानून से ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा और अनाजों की खरीद मंडियों में पूर्ववत जारी रहेगी।

--आईएएनएस

पीएमजे-एसकेपी

नई दिल्ली: ट्विटर एक ऐसे नए फीचर पर काम कर रहा है, जिसकी मदद से यूजर्स अपने दोस्तों व परिवार के सदस्यों को डायरेक्ट मैसेज (डीएम) के माध्यम से वॉयस मैसेज रिकॉर्ड कर भेज पाएंगे। द वर्ज की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्विटर पर डीएम के प्रोडक्ट मैनेजर एलेक्स एकरमैन-ग्रीनबर्ग ने कहा है कि कंपनी जल्द ही वॉयस डीएम पर टेस्ट शुरू करने वाली है।

ब्राजील वह पहला देश होगा, जहां वॉयस डीएम की टेस्टिंग पहले की जाएगी।

रिपोर्ट में ग्रीनबर्ग के बयान के हवाले से कहा गया, "हम जानते हैं कि ट्विटर पर लोग सार्वजनिक व निजी तौर पर खुद को अभिव्यक्त करने के और भी विकल्प चाहते हैं।"

फेसबुक और इंस्टाग्राम के डायरेक्ट मैसेज में पहले से ही ऑडियो रिकॉर्डिग की सुविधा है।

इस फीचर की मदद से यूजर्स जल्द ही 140 सेकेंड लंबे ऑडियो ट्वीट को 280 शब्दों के कैप्शन के साथ पोस्ट कर पाएंगे। यूजर्स अपने इस ऑडियो को अपने ट्वीट, रीट्वीट्स, कमेंट, रिप्लाई में शामिल कर पाएंगे।

लोग आपके वॉइस ट्वीट को अन्य ट्वीट्स के साथ अपनी टाइमलाइन पर देख सकेंगे। कंपनी को उम्मीद है कि इससे उनके यूजर्स को अपनी बातें रखने में अधिक बेहतर अनुभव मिलेंगे।

--आईएएनएस

एएसएन/एसजीके

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय(जेएनयू) के छात्र उमर खालिद को 22 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। खालिद को दिल्ली के उत्तर पूर्वी इलाके में भड़की हिंसा के संबंध में गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कठोर गैरकानूनी गतिविधियां(रोकथाम) अधिनियम के तहत 13 सितंबर को उसे गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उसे 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था। रिमांड पीरियड समाप्त होने के बाद उसे कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत के समक्ष वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया था।

उमर खालिद और उसके वकील तृदीप पाइस के आग्रह पर कोर्ट ने उसे जेल जाने से पहले उसके माता-पिता से मिलने की इजाजत दी और खालिद के वकील को उसे चश्मा मुहैया कराने के लिए एक आवेदन दाखिल करने के लिए कहा। वकील पाइस कोर्ट को उसे सुरक्षा मुहैया कराने के बाबत भी एक आवेदन दाखिल करेंगे।

उमर खालिद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान कोर्ट को सूचित किया, "पुलिस हिरासत के 10 दिन के अंदर, मैंने किसी पेपर या बयान पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।"

उसपर नागरिकता (संशोधन) अधिनियम और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर का विरोध कर रहे लोगों को सांप्रदायिक आधार पर भड़काने का आरोप है।

एक इनफॉर्मर ने क्राइम ब्रांच के सब इंस्पेक्टर अरविंद कुमार को खालिद और दानिश के बारे में सूचना दी थी, जिसके बाद 6 मार्च को, दोनों के खिलाफएफआईआर दर्ज की गई।

--आईएएनएस

आरएचए/एएनएम

बेंगलुरु: कर्नाटक में लॉकडाउन फिर से लागू किए जाने की अफवाह को खत्म करते हुए यहां के चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ.के.सुधाकर ने गुरुवार को कहा कि लॉकडाउन फिर से लगाने का राज्य सरकार के पास कोई प्रस्ताव नहीं आया है। पत्रकारों से बात करते हुए सुधाकर ने स्पष्ट किया कि बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत में हिस्सा लेने के दौरान मोदी ने लॉकडाउन लगाने का सुझाव दिया था लेकिन यह राज्यों के लिए अनिवार्य नहीं था।

उन्होंने कहा, "यह उनकी तरफ से एक सुझाव था। इसके अलावा मुझे कर्नाटक में अब लॉकडाउन लागू करने का कोई कारण नहीं दिखता है। चर्चा अच्छी रही और किसी भी व्यक्ति को राज्य में या बाहर इस बारे में गुमराह नहीं किया जाना चाहिए। कहीं भी लॉकडाउन नहीं लगेगा।"

प्रधानमंत्री मोदी का हवाला देते हुए सुधाकर ने कहा कि राज्य सरकारों को कंटेन्मेंट जोन पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।

पर्यटन मंत्री सी.टी. रवि ने कहा कि राज्य सरकार कोविड-19 के बारे में जागरूकता बढ़ाने के पक्ष में थी और लॉकडाउन पर कोई बात नहीं हुई थी। उन्होंने दावा किया कि बेंगलुरु या राज्य में कहीं भी लॉकडाउन नहीं होगा। लेकिन लोगों को सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करना चाहिए।

--आईएएनएस

एसडीजे/एसजीके

मुम्बई: अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने बॉलीवुड में ड्रग्स एंगल की जांच कर रहे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा समन भेजे जाने के बाद सकारात्मक जवाब देते हुए कहा है कि वह जांच में सहयोग के लिए तैयार हैं। एनसीबी द्वारा सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े ड्रग एंगल में दीपिका पादुकोण को समन जारी किया गया है, जिसके बाद वे गुरुवार को गोवा से मुंबई के लिए रवाना हो गईं।

दीपिका अपनी एक आगामी फिल्म की शूटिंग के लिए गोवा में थीं। सूत्रों ने बताया कि मुंबई रवाना होने से पहले दीपिका ने रिसॉर्ट में अपनी लीगल टीम के लोगों से भी बात की।

बता दें कि दीपिका की ये रवानगी मुंबई में हुए उन घटनाक्रमों के मद्देनजर हुई है, जिसमें नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की जांच में कथित तौर पर अभिनेत्री और उनकी टैलेंट मैनेजर करिश्मा प्रकाश के बीच 2017 की व्हाट्सएप चैट का मामला सामने आया है, जिसमें दोनों कथित तौर पर प्रतिबंधित पदार्थों की चर्चा कर रहीं थीं।

प्रकाश क्वान कंपनी में जया साहा की सहयोगी हैं। सुशांत की मौत की जांच में सभी संघीय एजेंसियों द्वारा साहा से पूछताछ की गई है और वह दिवंगत अभिनेता के पिता द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी में मुख्य आरोपियों में से एक है।

दीपिका को शुक्रवार को मुंबई में एनसीबी अधिकारियों के सामने पेश होने के लिए बुलाया गया है।

--आईएएनएस

जेएनएस

दुबई: दुबई में रहने वाली भारतीय मूल की एक किशोरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में एक गीत तैयार किया है, जिसे 'नमो नमो विश्वगुरु भारत मेरा' का शीर्षक दिया गया है। यह खबर गुरुवार को मीडिया में आई। खलीज टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह गीत सुचेता सतीश ने गाया है, जो इंडियन हाई स्कूल में दसवीं कक्षा की छात्रा है। 17 सितंबर को मोदी के 70वें जन्मदिन के अवसर पर इस गाने को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जारी किया गया।

मलयालम गीतकार और गायक अजय गोपाल ने गाने को लिखा है, जबकि सुचेता की मां सुमिता अयिल्लिता ने गाने का अनुवाद हिंदी में किया है।

शारजाह के एक स्टूडियो में गाने को रिकॉर्ड करने वालीं सुचेता ने कहा, "इस गाने को बॉलीवुड के संगीतकार मॉन्टी शर्मा ने संगीत दिया है। गाने से जुड़े सभी लोग अन्य शहरों व देशों में बसे हुए हैं। बांसुरीवादक बेंगलुरू में हैं, मुंबई में गाने की मिक्सिंग हुई है और कुन्नूर में इसके वीडियो को एडिट किया गया है।"

गाने के वीडियो में पीएम मोदी के राजनीतिक करियर के बारे में दिखाया गया है, इसमें 'मेक इन इंडिया' कैम्पेन पर भी प्रकाश डाला गया है और साथ ही भारत की सांस्कृतिक विविधता को भी शामिल किया गया है।

गुरुवार को दुबई में भारत के महावाणिज्य दूत अमन पुरी को गीत की एक प्रति भेंट की गई।

15 वर्षीय सुचेता हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की तालीम ले रही है। संगीत की दुनिया में इसने चार साल की उम्र में ही कदम रखा।

--आईएएनएस

एएसएन/एसजीके

पटना: कांग्रेस के नेता और प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने गुरुवार को यहां केंद्र सरकार और बिहार सरकार पर कृषि विधेयकों को लेकर मोर्चा खोलते हुए कहा कि मोदी जी और नीतीश बाबू कसम किसानों की खाते हैं और दोस्ती मुट्ठीभर पूंजीपतियों से निभाते हैं। सुरजेवाला ने यहां कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि तीन काले कानून के माध्यम से हरितक्रांति को हराने की यह भाजपा की साजिश है।

उन्होंने कहा, "आज देशभर में 62 करोड़ किसान, मजदूर और 250 से अधिक किसान संगठन इन काले कानूनों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी और जदयू सरकार देश को बरगला रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने खेती को बर्बाद करना शुरू किया और आज पूरी तरह से तबाह कर दिया है। सुरजेवाला ने कहा कि देश में कोरोना, सीमा पर चीन और खेती पर मोदी सरकार हमलावर है। किसान विरोधी यह तर्जरुबा नीतीश बाबू के नेतृत्व में साल 2006 में बिहार में प्रारंभ किया गया था।

रणदीप सुरजेवाला ने सवालिया लहजे में कहा, "अगर अनाज मंडी, सब्जी मंडी व्यवस्था यानी एपीएमसी पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी, तब कृषि उपज खरीद प्रणाली भी पूरी तरह नष्ट हो जाएगी। ऐसे में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य कैसे मिलेगा, कहां मिलेगा और कौन देगा?"

उन्होंने कहा कि ये तीनों अध्यादेश संघीय ढांचे पर सीधे-सीधे हमला हैं। खेती और मंडियां संविधान के सातवें शिड्यूल प्रांतीय अधिकारों के क्षेत्र में आते हैं, लेकिन मोदी सरकार ने प्रांतों से राय लेना तक उचित नहीं समझा। खेती का संरक्षण और प्रोत्साहन स्वभाविक तौरे से प्रातों का विषय है, लेकिन उनकी कोई राय नहीं ली गई।

इधर, राज्यसभा सांसद अखिलेश सिंह ने पत्रकार वार्ता के बाद आईएएनएस के साथ विशेष बातचीत में कहा कि महामारी की आड़ में मोदी सरकार 'किसानों की आपदा' को 'पूंजीपतियों के अवसर' के रूप में उपलब्ध करवाकर किसानों के साथ जो व्यवहार कर रही है, उसे देश के किसान कभी नहीं भूलेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों के हक की लड़ाई संसद से प्रारंभ कर सड़कों पर ले आई है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और इस लड़ाई को अंतिम दम तक लड़ेगी।

संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल, राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह तथा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा भी उपस्थित रहे।

--आईएएनएस

एमएनपी/एएनएम

पटना: जन अधिकार पार्टी (जाप) ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले अपना 'प्रतिज्ञा पत्र' (चुनावी मैनिफेस्टो) जारी किया। इस प्रतिज्ञा पत्र को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने शपथ पत्र के साथ जारी किया। प्रतिज्ञा पत्र जारी करने के बाद पप्पू यादव ने कहा कि आज पहली बार राजनीति शास्त्र नहीं समाज शास्त्र के रूप में प्रतिज्ञा पत्र लाया गया है। उन्होंने कहा कि बिहार को 30 साल तक 'दो भाइयों' ने लूटा है।

उन्होंने कहा, "आज एक सेवक और बिहार के बेटे के रूप में मैं एक कार्यकाल मांग रहा हूं। पहली बार फ ॉरवर्ड, बैकवर्ड, हिन्दू, मुस्लमान, दलित, महादलित जैसे शब्दों को बिहार से उखाड़ने का काम इस प्रतिज्ञा पत्र के माध्यम से किया है।"

प्रतिज्ञा पत्र को ज्ञान, संघर्ष और परिश्रम का दस्तावेज बताते हुए पप्पू यादव ने कहा कि बिहार की वर्तमान स्थिति को बदलने के लिए जाप प्रतिबद्घ है। सभी समुदायों को समान हक और सम्मान देने के लिए सभी वगोर्ं से एक-एक उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा। इंटर की परीक्षा प्रथम श्रेणी से पास करने वाले छात्रों को मोटरसाइकिल एवं छात्राओं को स्कूटी देने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि, मिड डे माल रसोइये, विकास मित्र, टोला सेवक, शिक्षा सेवक तालिमी मरकज और आंगनबाड़ी सेविकाओं के मानदेय को बढ़ाने की बात प्रतिज्ञा पत्र में की गई है। इसके अलावा वृद्घ और विधवा पेंशन समेत सभी प्रकार के पेंशन की राशि को 500 से बढ़ाकर 3,000 रुपए प्रतिमाह करने की भी बात की गई है। वित्त रहित प्रोफेसर, गेस्ट फैकल्टी प्रोफेसर, निविदा, संविदा, नियोजित पर बहाली नहीं होगी, सभी की स्थाई नियुक्ति की जाएगी।

स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार का भरोसा दिलाते हुए 'जाप' अध्यक्ष ने कहा कि तीन साल के अन्दर हर अनुमंडल में 300 बेड का अस्पताल होगा। उन्होंने कहा, "प्राथमिक से विश्वविद्यालय स्तर तक सभी के लिए समान और नि:शुल्क शिक्षा होगी साथ ही स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड लोन की राशि को 4 लाख से बढ़ाकर 10 लाख कर दिया जाएगा।"

सुशांत सिंह राजपूत के नाम पर फि ल्म सिटी के निर्माण का वादा करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि आज यदि बिहार के प्रतिभावान युवा दूसरे राज्यों में उपेक्षा के शिकार हो रहे हैं उसका कारण बिहार में खेल और मनोरंजन के लिए आधारभूत संरचना का अभाव है। हमारी सरकार हर जिले में खेल स्टेडियम बनाएगी।

--आईएएनएस

एमएनपी-एसकेपी

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