नई दिल्ली: लॉकडाउन के अंतिम चरण में पहुंचने लेकिन कोरोना संक्रमण में किसी नरमी के संकेत नहीं मिलने के बीच सरकार इस मंथन में जुट गई है कि आखिर इससे बाहर आने का रास्ता कैसे बने। फिलहाल जो प्रस्तावित मेगा प्लान है उसके तहत सभी राज्यों को चार कैटेगरी में बांटने का प्रस्ताव है और उसी हिसाब से अलग अलग राज्यों या फिर जिलों में लाकडाउन हटाने और सेवा शुरू करने के बारे में सोचा जा रहा है।

इनमें ज्यादा एक्टिव कोरोना वाले इलाकों में लॉकडाउन से छूट नहीं दी जाएगी। लेकिन जिन राज्यों में पिछले सात दिन कोरोना का कोई भी मामला सामने नहीं आया हो, वहां राहत मिल सकती है। नए केस आने की स्थिति में नए सिरे से प्रतिबंध भी लगाए जा सकते हैं। ध्यान देने की बात है कि 24 मार्च को पूरे देश में तीन हफ्ते के लिए लागू लॉकडाउन की अवधि 14 अप्रैल को समाप्त हो रही है।

 

यह तो तय है कि लॉकडाउन एक साथ खत्म नहीं होगा। कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा के बाद सोमवार को मंत्रियों के साथ चर्चा में भी प्रधानमंत्री ने यही संकेत दिया। सूत्रों के अनुसार जो एक्जिट प्लान का ड्राफ्ट तैयार है उसके अनुसार राज्यों की कैटेगरी कोरोना ग्रसित लोगों की संख्या के आधार पर तय होगी। वहां प्रति 10 लाख जनसंख्या पर मरीजों की संख्या कितनी है। मानक का एक आधार यह भी होगा कि पिछले सात दिन में कोरोना का कोई केस सामने आया है या नहीं। अधिक जिले वाले बड़े राज्यों और छोटे राज्यों के लिए मानकों में फेरबदल किया जाएगा।

 

इन मानकों के आधार पर राज्यों को चार कैटेगरी में रखा जाएगा। कोरोना के मौजूदा 50 से अधिक केस वाले राज्यों को चौथे कैटेगरी में रखा गया है, यानी गंभीर। यहां लॉकडाउन पहले की तरह लागू रहेगा और जरूरी सामान के अलावा सारी गतिविधियां प्रतिबंधित रहेगी। प्रति 10 लाख की आबादी पर दो से अधिक कोरोना केस या फिर 40 फीसद से अधिक जिले कोरोना के प्रभावित रहने वाले राज्य को भी इसी कैटेगरी में रखा जाएगा। वहीं 20 से अधिक केस, 30 प्रतिशत जिलों के प्रभावित होने और प्रति 10 लाख आबादी में एक से दो कोरोना के मरीज वाले राज्यों को तीसरी कैटेगरी में रखा गया है। यहां भी चौथे कैटेगरी की तरह लॉकडाउन जारी रहेगा, लेकिन जरूरी गतिविधियों के अलावा कुछ अन्य छूट भी दी जा सकती है।

 

मेगा प्लान के अनुसार दूसरी कैटेगरी में उन राज्यों को रखा जाएगा, जिनमें एक से अधिक जिले तो कोरोना से प्रभावित होंगे, लेकिन ऐसे जिले कुल जिलों के 30 फीसद से कम होंगे। इसके साथ ही यहां 20 से कम कोरोना के मौजूदा मरीज होंगे और प्रति 10 लाख आबादी में उनकी संख्या एक से कम होगी। पहले कैटेगरी में उन जिलों को रखा जाएगा, जिनमें एक से अधिक जिले प्रभावित नहीं होंगे और मरीजों की संख्या पांच से कम होगी। इस कैटेगरी में यह भी देखा जाएगा कि पिछले सात दिनों एक भी कोरोना का नया मरीज सामने नहीं आया हो।

मेगा प्लान के अनुसार तीसरे कैटेगरी के राज्यों में रेल, बस और हवाई सेवाओं में प्रतिबंधों के साथ कुछ ढील दी सकती है। लेकिन यह छूट केवल राज्य के भीतर ही सीमित रहेगी और दूसरे राज्यों से लोगों के आने-जाने पर प्रतिबंध जारी रहेगा। यहां भी कोरोना के केस वाले जिलों को अन्य जिलों से आइसोलेट रखा जाएगा और वहां किसी को जाने की अनुमति नहीं होगी। यहां कुछ शर्तों के साथ घरेलू विमान और रेलवे सेवाओं की अनुमति दी जा सकती है। लेकिन जरूरी सेवाओं को छोड़कर सभी आर्थिक गतिविधियां, शैक्षणिक व अन्य सेवाएं स्थगित रहेगी।

 

वहीं पहली श्रेणी के राज्यों में प्रशासन की अनुमति से आर्थिक, शैक्षणिक व अन्य गतिविधियों को शुरू करने की इजाजत मिल जाएगी। यहां रेल, हवाई और जलमार्ग से यातायात की सेवाएं बहाल तो होंगी, लेकिन कोरोना से प्रभावित जिले या कैटेगरी तीन व चार वाले राज्यों में इससे आने-जाने की अनुमति नहीं होगी। रेलगाड़ी में लोग यहां चढ़ और उतर तो सकते हैं, लेकिन किसी को भी कोरोना प्रभावित राज्य या जिले में चढ़ने या उतरने की अनुमति नहीं होगी। जबकि पहली कैटेगरी इलाके में किसी भी तरह की गतिविधि पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।

 

 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि कोरोना केसों में बढ़ोतरी होने की वजह से 15 अप्रैल को लॉकडाउन खोलना जल्दबाजी हो सकती है। अवस्थी ने सोमवार को यहां के लोकभवन में प्रेस वार्ता में बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना से बचाव व रोकथाम की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई थी, जिसमे बताया गया कि सोमवार तक प्रदेश में कोरोना पजिटीव केसों की संख्या बढ़कर 305 हो गई है। तबलीगी जमात के कारण प्रदेश में कोरोना केसों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि कोरोना केसों में बढ़ोतरी होने की वजह से 15 अप्रैल को लकडाउन खोलना जल्दबाजी हो सकती है।

अपर मुख्य सचिव (गृह) ने बताया कि प्रदेश में अब तक तबलीगी जमात के 1600 लोगों की पहचान कर ली गई है, जिनमें से 1200 लोगों को क्वारंटीन भी करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि धर्मगुरुओं ने भी लॉकडाउन को पूर्ण रूप से न खोले जाने का सुझाव दिया है। धर्मगुरुओं ने योगी सरकार को पूरा सहयोग देने का वादा भी किया है।

अवस्थी ने कहा कि प्रदेश में अब कोरोना पॉजिटिव मामलों की संख्या बढ़कर 305 हो गई है। 5 से 6 अप्रैल के बीच में 27 नए केस सामने आए हैं, जिसमें से 21 केस तो तबलीगी जमात से संबंधित हैं। इन नए केसों की पहचान कर ली गई है। इनमें लखनऊ से 5, कानपुर से 1, शामली से 5, बिजनौर से 1, सीतापुर से 8 और प्रयागराज से 1 की पहचान गई है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में अबतक तबलीगी जमात से संबंधित कुल 159 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उन्हें क्वारंटीन करा दिया गया है। इनमें आगरा से 29, लखनऊ से 12, गाजियाबाद से 14, सहारनपुर से 13, मेरठ से 13, शामली से 13, सीतापुर से 8, कानपुर नगर से 7, महाराजगंज से 6, गाजीपुर से 5, फिरोजाबाद से 4, हाथरस से 4, वाराणसी से 4, हापुड़ से 3, प्रतापगढ़ से 3, लखीमपुर खीरी से 3, आजमगढ़ से 3, जौनपुर से 2, बागपत से 2, रायबरेली से 2, बांदा से 2, मिर्जापुर से 2, बाराबंकी से 1, हरदोई से 1, शाहजहांपुर से 1, प्रयागराज से 1 और औरैया से 1 केस शामिल है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के 10 मेडिकल कॉलेजों में बनी लैब को तीन स्तरों पर अपग्रेड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मेरठ, झांसी, गोरखपुर, सैफई, कानपुर और प्रयागराज के 2 व लखनऊ के 3 मेडिकल कॉलेजों की लैब को उत्तर प्रदेश कोविड केयर फंड से अपग्रेड करने का काम शुरू कर दिया गया है।

अपर मुख्य सचिव (गृह) ने बताया कि 14 अन्य मेडिकल कॉलेजों में जहां टेस्टिंग लैब नहीं है, वहां भी अतिशीघ्र मलिकुलर लैब स्थापित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। इसके लिए अंबेडकर नगर, कनौज, जालौन, आजमगढ़, सहारपुर, बांदा, बदायूं, गौतमबुद्धनगर, अयोध्या, बस्ती, बहराइच, फिरोजाबाद, शाहजहांपुर और ग्रेटर नोएडा के मेडिकल कॉलेज को शामिल किया गया है।

--आईएएनएस

नई दिल्ली: फिक्की की तरफ से नकली उत्पादों के खिलाफ अभियान चलाने के लिए गठित कासकेड (कमेटी एगेंस्ट स्मगलिंग एंड काउंटरफीटिंग एक्टीविटीज डिस्ट्रॉइंग द इकोनोमी) और ट्रांसनेशनल एलायंस टू कॉम्बैट इलिसिट ट्रेड (ट्रासिट) ने संयुक्त रूप से बयान जारी कर नकली व घटिया मेडिकल व अन्य उत्पादों के लिए उपभोक्ताओं को चेताया है। फिक्की कासकेड के चेयरमैन अनिल राजपूत ने कहा है कि कोरोनावायरस ने जिस तरह की चुनौती देश व समाज के सामने पेश की है, उससे प्रमुखता के साथ निपटने की जरूरत है। अवैध उत्पाद न सिर्फ आर्थिक तौर पर नुकसानदायक है, बल्कि यह कोरोना को समाप्त करने के अभियान को भारी नुकसान पहुंचा सकता है।

राजपूत ने कहा, इस अभूतपूर्व संकट के समय अवैध सामानों की बिक्री पर अंकुश लगाने पर तत्काल और अटूट ध्यान की जरूरत है। यह सर्वविदित है कि अवैध व्यापार बेरोजगारी को बढ़ाता है, अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाता है और स्वास्थ्य के साथ ही लोगों की सुरक्षा को भी जबरदस्त नुकसान पहुंचाता है। वर्तमान स्थिति की बात करें तो हम पहले से ही एक गंभीर सामाजिक-आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे में नकली और तस्करी के सामानों की बिक्री समस्या को और बढ़ा देगी।

फिक्की कासकेड ने कहा है कि महामारी की आड़ में मची अफरा-तफरी में आपराधिक प्रवृति के लोगों को मुनाफा कमाने से बचाने के लिए कठोर कार्रवाई करने की जरुरत है।

फिक्की कासकेड ने अंतरराष्ट्रीय अभियान चलाने वाली एजेंसी ट्रासिट के साथ मिलकर बयान जारी करते हुए बताया कि सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में महामारी से उपजे भय को भुनाने के लिए नकली चिकित्सा उपकरण व सामान बनाए जा रहे हैं, जिससे बचने की जरूरत है।

ट्रासिट के महानिदेशक जेफरी हार्डी ने कहा, कोविड-19 वायरस से लोगों की रक्षा के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया उपायों में नकली और घटिया मेडिकल उत्पादों और दवाओं से बचने की तत्काल आवश्यकता भी शामिल की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अगर किसी ने घटिया किस्म का सर्जिकल फेस मास्क पहन रखा है, तो यह उस व्यक्ति के लिए न केवल जोखिम भरा है, बल्कि सुरक्षा की झूठी भावना भी पैदा करता है।

पिछले दिनों में उत्तर प्रदेश पुलिस सहित देश के विभिन्न स्थानों पर नकली हैंड सैनेटाइजर बनाने वाली कंपनी का भंडाफोड़ हो चुका है। नोएडा में पुलिस ने हाल ही ऐसी घटना को उजागर किया था, जिसके पास निर्माण को लेकर कोई लाइसेंस भी नहीं था। वहीं देश के अन्य कई हिस्सों से नकली मास्क, सैनेटाइजर समेत दूसरे स्वास्थ्य से जुड़े नकदी उत्पादों की बिक्री की खबरें सामने आ रही है।

इस समस्या को बढ़ते देख फिक्की कासकेड व ट्रासिट ने चिंता व्यक्त करते हुए इस महामारी के समय नकली, मिथ्या और घटिया उत्पादों व दवाओं के अवैध व्यापार का मुकाबला करने के लिए एक मजबूत अंतर्राष्ट्रीय नीति की तत्काल आवश्यकता जताई है।

--आईएएनएस

मुंबई: अक्षय कुमार, आयुष्मान खुराना, टाइगर श्रॉफ, कार्तिक आर्यन, अनन्या पांडे, कृति सनोन, राजकुमार राव और तापसी पन्नू बॉलीवुड की उन मशहूर हस्तियों में शामिल हैं, जो एक नए गीत 'मुस्कुरायेगा इंडिया' में अभिनय करते दिखाई दे रहे हैं। इस गाने के माध्यम से घातक कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई में लोगों का मनोबल बढ़ाने में मदद मिलेगी।

विशाल मिश्रा द्वारा गाए ट्रैक का वीडियो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के साथ शुरू होता है।

रकुल प्रीत, सिद्धार्थ मल्होत्रा और क्रिकेटर शिखर धवन भी गीत का हिस्सा हैं।

वीडियो में, अभिनेताओं ने भारतीयों से मुस्कुराहट फैलाने का आग्रह करते देखा जा सकता है।

अक्षय कुमार ने इंस्टाग्राम पर गाने का लिंक शेयर करते हुए लिखा, "हम सभी को एकजुट होने की जरूरत है। इस गाने को अपने परिवार और दोस्तों के साथ साझा करें।"

अक्षय कुमार की केप ऑफ गुड फिल्म्स के सहयोग से जैकी भगनानी की 'जस्ट म्यूजिक' द्वारा 'मुस्कुरायेगा इंडिया' प्रस्तुत किया गया है।

--आईएएनएस

मेड्रिड: इंग्लैंड के फुटबाल क्लब मैनचेस्टर सिटी के कोच पेप गुआर्डियोला की मां की कोविड-19 के कारण मौत हो गई। वह 82 साल की थीं। क्लब ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी। क्लब ने बयान में लिखा, "मैनचेस्टर सिटी पेप की मां डोलोर्स साला कोरिया की मौत की खबर सुनकर दुखी है। उनकी मौत कोरोनावायरस के कारण हुई। वह 82 साल की थीं। क्लब से जुड़े सभी लोगों की संवेदनाएं पेप के साथ हैं।"

--आईएएनएस

 

हैदराबाद: देश में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस के बीच पूरे देश में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन किया गया है। इस बीच तेलंगाना से सीएम के चंदशेखर राव के हवाले से बड़ी खबर आ रही है। सीएम के चंदशेखर राव ने कहा है कि राज्य में 14 अप्रैल को लॉकडाउन खत्म नहीं होगा। इसे तीन जून तक बढ़ाया जाएगा। 

बता दें कि तेलंगाना में शुक्रवार को सबसे ज्यादा 75 पॉजिटिव केस सामने आए और दो लोगों की मौत हुई है। दोनों मौतें दिल्ली के तब्लीगी जमात से जुड़े लोगों की हुई। पिछले चार दिनों में तेलंगाना में 145 मामले दर्ज किए गए हैं।

गौरतलब है कि तेलंगाना से मरकज में करीब 1030 लोग गए थे। इसमें 190 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।फिलहाल राज्य में कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 229 है, जिसमें 82 फीसद तब्लीगी जमात के लोग हैं। इसमें ज्यादातर मरकज से लौटे लोग हैं। तब्लीगी जमात के करीब 500 लोगों की कोरोना जांच की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। इधर, रविवार को रंगारेड्डी में एक बुजुर्ग महिला की कोरोना से मौत हो गई। अब तक राज्य में कोरोना के करीब 32 मरीज ठीक हो चुके हैं।

 

तब्लीगी जमात के लोगों की करतूत से प्रदेशभर के बाशिंदों को कुछ दिन की पाबंदियां और झेलनी पड़ सकती हैं। प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमित मरीजों में अधिकांश तब्लीगी जमात के ही हैं। ऐसे में बेहद सतर्क सरकार सभी मरीजों को चिन्हित कर लेना चाहती है, जिसके लिए लॉकडाउन की अवधि को कुछ दिन बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। लिहाजा, बहुत कम संभावना है कि 15 अप्रैल को लॉकडाउन खुले।

प्रदेश में कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन की स्थिति का जायजा सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों से लिया और जरूरी दिशा निर्देश दिए। शाम को लोकभवन में पत्रकारों से बातचीत में अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कोरोना से बचाव व रोकथाम की समीक्षा की है। उन्होंने बताया कि तीन तरह की श्रेणी बनाकर सर्विलांस की प्रक्ति्रया निरंतर चल रही है। प्रथम श्रेणी में उन्हें रखा गया है, जो स्वयं संक्त्रमित हैं, जबकि दूसरी श्रेणी में सीधे उनके संपर्क में आए लोगों को रखा गया है। तीसरी श्रेणी में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है, जो दूसरी श्रेणी के लोगों के संपर्क में रहे हैं।

नई दिल्ली: पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज और भाजपा सांसद गौतम गंभीर ने उन लोगों को कड़ी फटकार लगाई है, जो रविवार रात पटाखे फोड़ रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोदी ने लोगों से अपील की थी कि कोरोनावायरस के खिलाफ देश के लोग रविवार को रात नौ बजे घरों की लाइटें बंद कर दें और इसकी जगह नौ मिनट तक मोमबत्ती, दीपक या रोशनी करने वाली कोई और चीज जलाएं।

मोदी के आह्वान पर रविवार को दीपक, मोमबत्ती, टॉर्च या मोबाइल की फ्लैश जलाकर पूरे देश ने तेजी से बढ़ते कोविड-19 संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में एकजुटता दिखाई। लेकिन, इस दौरान कई लोग पटाखे भी फोड़ते नजर आए।

गंभीर ने ऐसे लोगों को कड़ी फटकार लगाते हुए ट्विटर पर लिखा, "भारत, अंदर रहिए। हम अभी लड़ाई के बीच में हैं। यह पटाखे जलाने का मौका नहीं है।"

गंभीर ने कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई में दिल्ली सरकार को फिर से 50 लाख रुपये की मदद की है।

गंभीर ने एक पत्र में लिखा, " दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के द्वारा यह कहा गया है कि दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में मेडिकल से संबंधित चीजें खरीदनें के लिए फंड की जरूरत है। मैं दो सप्ताह पहले ही 50 लाख रुपये की मदद कर चुका हूं और अपने अपने सांसद निधि फंड से और 50 लाख रुपये की मदद करना चाहूंगा। मुझे उम्मीद है कि इस राशि का इस्तेमाल कोरोना की लड़ाई में मेडिकल सामान खरीदने के लिए की जाएगी।"

उन्होंने कहा, "संकट की इस घड़ी में दिल्ली के नागरिकों की मदद करना हमारा सबसे बड़ा फर्ज है।"

पूर्वी दिल्ली से सांसद गंभीर इससे पहले, अपने सांसद फंड से एक करोड़ रुपये की राशि कर चुके हैं। इसके अलावा उनका गौतम गंभीर फाउंडेशन भी गरीब लोगों को खाना बांट रहा है।

--आईएएनएस

लाहौर: पाकिस्तान के गेंदबाजी कोच और पूर्व तेज गेंदबाज वकार यूनिस कोरोनावायरस के कारण लंबे ब्रेक को लेकर चिंतित नहीं हैं। उन्हें उम्मीद है कि दुनिया से कोरोनावायरस खत्म होने के बाद क्रिकेट फिर से शुरू हो जाएगी। वकार ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए संवाददाताओं से कहा, " मुझे नहीं लगता है कि यह किसी तरह का हानिकारक होगा। इस समय हम सबके लिए यह जरूरी है कि हम अपने घरों में रहें और वायरस को हराएं। मैं अपने गेंदबाजों के संपर्क में हूं और वे अपने-अपने घरों में अपना काम कर रहे हैं औरफिटनेस हासिल कर रहे है। मुझे उम्मीद है कि जब हम कोरोना को हरा देंगे तब क्रिकेट दोबारा से शुरू होगी।"

आस्ट्रेलिया के कोच जस्टिन लैंगर ने हाल में कहा था कि एक बार स्थिति सामान्य हो जाती है तो क्रिकेट को बंद दरवाजों के बीच शुरू किया जा सकता है।

इस पर उनके विचार पूछे जाने पर वकार ने कहा कि स्थिति के बारे में टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी क्योंकि अभी भी पूरी दुनिया में स्थिति काफी भयानक है।

उन्होंने कहा, " मुझे नहीं लगता है कि क्रिकेट शुरू होनी चाहिए। ये मुश्किल समय है। अभी हमें क्रिकेट के बारे में नहीं सोचना चाहिए। क्रिकेट के बारे में सोचना अभी जल्दबाजी होगी।

- - आईएएनएस

नई दिल्ली: इरफान खान की फिल्म 'अंग्रेजी मीडियम' एक ऐसे समय में रिलीज हुई जब कोरोनावायरस महामारी भारत में फैलनी शुरू हुई थी जिसके परिणामस्वरूप देश भर के सिनेमाघर बंद हो गए। अब यह फिल्म डिजिटल माध्यम से लोगों तक पहुंचेगी। फिल्म की टीम को फिर से जुड़ने और इसे एक साथ देखने का मौका मिलेगा।

फिल्म का आज (सोमवार को) डिजनी प्लस, हॉटस्टार वीआईपी पर विश्व डिजिटल प्रीमियर हुआ।

इरफान और राधिका मदान वीडियो चैट के दौरान कीकू शारदा, पंकज त्रिपाठी, दीपक डोबरियाल, रणवीर शौरी के साथ-साथ दिनेश विजान और होमी अदजानिया के साथ शामिल थे। हालांकि, इरफान वीडियो चैट के दौरान कैमरे के सामने नहीं आए।

होमी अदजानिया द्वारा निर्देशित, 'अंग्रेजी मीडियम' एक बाप-बेटी के रिश्ते के इर्द-गिर्द घूमती है, जो इरफान और राधिका द्वारा निभाया गया है। इसमें डिंपल कपाड़िया और करीना कपूर खान भी हैं।

स्ट्रीमिंग सेवा पर आने वाली फिल्म के बारे में बात करते हुए करीना ने कहा, "नैना हमेशा मेरे लिए एक विशेष चरित्र होने जा रही है। लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि एक कलाकार के रूप में, दर्शकों तक पहुंचने के लिए नए माध्यमों का पता लगाना आकर्षक था। यह फिल्म डिजनी प्लस, हॉटस्टार वीआइपी पर प्रीमियर हो गयी है, उम्मीद है लोगों को पसंद आएगी।"

--आईएएनएस

कुलालालम्पुर: विश्व बैडमिंटन संघ (बीडब्ल्यूएफ) ने कोरोनावायरस के कारण सोमवार को अपने सभी टूर्नामेंट्स जुलाई तक स्थगित करने का फैसला किया है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, बीडब्ल्यूएफ ने एक बयान में कहा है कि जिन टूर्नामेंट्स पर असर पड़ेगा उसमें बीडब्ल्यूएफ टूर इवेंट के अलावा ग्रेड-3 के टूर्नामेंट्स, पैरा बैडमिंटन और जूनियर स्तर के टूर्नामेंट्स शामिल हैं।

बयान के मुताबिक, "पूरे विश्व में फैली बीमारी कोरोनावायरस के कारण सभी हितधारकों ने टूर्नामेंट्स को स्थगित करने का एकमत फैसला किया है। स्वास्थ, सुरक्षा और खिलाड़ियों की सुरक्षा की सर्वोच्च प्राथमिकता है।"

--आईएएनएस

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