नई दिल्ली: दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने गुरुवार को घोषणा की कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से दिल्ली तक की मेट्रो सेवाएं किसानों के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा कारणों से अगली सूचना तक निलंबित रहेंगी। हालांकि दिल्ली से एनसीआर रूट पर मेट्रो का परिचालन किया जाएगा।

डीएमआरसी ने एक बयान में कहा, "दिल्ली पुलिस की सलाह के अनुसार, मेट्रो सेवा केवल दिल्ली से एनसीआर के रूट के लिए उपलब्ध होगी। हालांकि, एनसीआर स्टेशनों से दिल्ली की ओर आने के लिए सेवाएं सुरक्षा कारणों से उपलब्ध नहीं होंगी।"

केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 26 और 27 नवंबर को पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसान संगठनों के 'दिल्ली चलो' आंदोलन के आह्वान के मद्देनजर पुलिस अलर्ट मोड पर है। इसके बाद अब दिल्ली मेट्रो ने एडवाइजरी जारी की है।

कानून के विरोध में दिल्ली में प्रवेश करने के हजारों किसानों के फैसले के बाद कानून एवं व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

गुरुवार को नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद के यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा, क्योंकि दिल्ली से एनसीआर के बीच सात कॉरिडोर पर मेट्रो सर्विस दो बजे तक बंद रही।

किसानों के विरोध को देखते हुए दिल्ली पुलिस के अनुरोध पर यह फैसला लिया गया।

इसके पहले डीएमआरसी ने कहा कि यह किसान रैली के कारण, दिल्ली पुलिस की अपील पर किया गया है, ताकि कोविड-19 महमारी को देखते हुए भीड़भाड़ से बचा जा सके। सुबह से दो बजे तक कई कॉरिडोर पर मेट्रो सेवा को रेग्युलेट किया गया, लेकिन दिल्ली से एनसीआर स्टेशनों के लिए मेट्रो सर्विस दो बजे के बाद दोबारा चालू कर दी गई।

--आईएएनएस

एकेके/एसजीके

पटना: जेल से मोबाइल फोन के जरिए भाजपा विधायक से संपर्क कर उन्हें प्रलोभन देने के मामले में लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भागलपुर जिले के पीरपैंती से भाजपा विधायक ललन पासवान ने लालू के खिलाफ गुरुवार को एफआइआर दर्ज करा दी है। राजद सुप्रीमो पर पटना के विजिलेंस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। उन्होंने लालू यादव पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। साथ ही फोन पर विधायक को प्रलोभन देने का भी आरोपित बताया है।

मामले को लेकर भाजपा प्रदेश कार्यालय में उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। पटना में प्राथमिकी दर्ज होते ही बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इसबात की जानकारी दी है। उन्होंने ट्वीट कर बताया कि ललन पासवान ने लालू यादव पर पटना एफआइआर दर्ज करा दी है। ललन पासवान ने आरोप लगाया है कि कथिततौर पर उन्हें फोनकर बिहार विधानसभा स्पीकर के चुनाव में भाग न लेने के लिए कहा गया। साथ ही उन्हें इसके एवज में मंत्री बनाने तक का ऑफर दिया गया था। 

ललन पासवान ने कहा कि मेरे पास मोबाइल नंबर 8051216302 से एक टेलीफोन आया। फोन उठाने पर दूसरी तरफ से आवाज आई कि मैं लालू प्रसाद यादव बोल रहा हूं। तब मुझे लगा कि शायद चुनाव जीतने के कारण वो बधाई देने के लिए फोन किए हैं, इसलिए मैंने उनको कहा, आपको चरणस्पर्श। उसके बाद उन्होंने (लालू) मुझे कहा कि वो मुझे आगे बढ़ाएंगे और मुझे मंत्री पद दिलवाएंगे। इसलिए 25 नवंबर को बिहार विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में मैं अनुपस्थित होकर अपना वोट नहीं दूं। उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह से वो कल NDA की बिहार में सरकार गिरा देंगे। इसपर मैंने उन्हें कहा कि मैं पार्टी का सदस्य हूं, ऐसा करना मेरे लिए गलत होगा, उसपर उन्होंने मुझे पुनः प्रलोभन दिया और कहा कि आप सदन से गैरहाजिर हो जाइए और कह दीजिये कि कोरोना हो गया है, बाकि हम देख लेंगे। 

बताते चलें कि बुधवार को पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद का एक कथित ऑडियो टेप ट्वीट किया था। जिसमें वह महागठबंधन के स्पीकर प्रत्याशी के पक्ष में वोट देने के लिए भाजपा विधायक ललन पासवान को प्रलोभन दे रहे हैं। सुशील मोदी ने एक ट्वीट भी किया था, जिसमें उन्होंने एक नंबर जारी कर कहा था कि उस नंबर पर उनकी लालू यादव से बात हुई है। सजायाफ्ता लालू प्रसाद का ऑडियो टेप आने से बिहार की राजनीति में भूचाल ला दिया है। टेप वायरल होने के बाद सियासी गलियारे से बयानबाजी शुरू हो गई है। भाजपा नेताओं ने लालू को तिहाड़ जेल भेजने की मांग की है।

नई दिल्‍ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तीसरी वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा निवेश एवं एक्‍सपो बैठक (3rd Global Renewable Energy Investment Meet and Expo) को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा वक्‍त में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के मामले में भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा देश है। सभी प्रमुख देशों में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 136 गीगावाट है जो हमारी कुल क्षमता का लगभग 36 फीसद है। 

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से पीठासीन अधिकारियों के 80वें अखिल भारतीय सम्मेलन के समापन सत्र को  संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकारी फैसलों को मापने का इकलौता पैमाना राष्ट्रहित होना चाहिए। इसमें जब राजनीति हावी हो जाती है तो देश को इसका नुकसान भी उठाना पड़ता है। प्रधानमंत्री ने सरदार सरोवर बांध से देश को मिल रहे फायदों का जिक्र करते हुए कहा कि इसका  निर्माण राजनीति के चलते वर्षों तक अटका रहा जिससे देश को काफी नुकसान हुआ है। 

प्रधानमंत्री पर्यावरण और प्रकृति को लेकर पहले से ही काफी सक्रिय रहे हैं। यही वजह है कि देश में नवीकरणीय ऊर्जा को लेकर तेजी से काम हुआ है। समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक, इसी कड़ी में लद्दाख संघ शासित प्रदेश में सबसे बड़ी सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित की गई है। सरकार की 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देने की पहलकदमी के तहत लेह में मौजूद भारतीय वायु सेना के स्टेशन पर यह परियोजना लगाई गई है। अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में काम में तेजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उक्‍त परियोजना का काम 31 मार्च 2021 को पूरा होना था लेकिन इसे 12 महीने पहले ही पूरा कर लिया गया है।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 नवंबर को संविधान दिवस पर गुजरात के केवड़िया में पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन के समापन समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए आसान भाषा में कानून बनाए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारे कानूनों की भाषा इतनी आसान होनी चाहिए कि सामान्य से सामान्य व्यक्ति भी उसको समझ सके। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम भारत के लोगों ने ये संविधान खुद को दिया है। इसलिए इसके तहत लिए गए हर फैसले, हर कानून से सामान्य नागरिक सीधा कनेक्ट महसूस करे, ये सुनिश्चित करना होगा।

उन्होंने कहा, "हमारे यहां बड़ी समस्या ये भी रही है कि संवैधानिक और कानूनी भाषा, उस व्यक्ति को समझने में मुश्किल होती है, जिसके लिए वो कानून बना है। मुश्किल शब्द, लंबी-लंबी लाइनें, बड़े-बड़े पैराग्राफ, क्लॉज-सब क्लॉज, यानि जाने-अनजाने एक मुश्किल जाल बन जाता है।"

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, "समय के साथ जो कानून अपना महत्व खो चुके हैं, उनको हटाने की प्रक्रिया भी आसान होनी चाहिए। बीते सालों में ऐसे सैकड़ों कानून हटाए जा चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या हम ऐसी व्यवस्था नहीं बना सकते, जिससे पुराने कानूनों में संशोधन की तरह, पुराने कानूनों को रिपील करने की प्रक्रिया स्वत: चलती रहे?"

--आईएएनएस

एनएनएम/एएनएम

नई दिल्ली: देश के पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। आर्थिक मामलों पर उनके विचारों को हमेशा महत्व दिया जाता रहा है। उन्होंने किसानों के समर्थन मूल्य से लेकर कोविड के चलते प्रभावित अर्थव्यवस्था तक कई मुद्दों पर आईएएनएस के साथ एक खास बातचीत की। आईएएनएस के साथ विशेष साक्षात्कार के कुछ अंश :

प्रश्न : आपको कहां लगता है कि सरकार पेट्रो उत्पाद पर लगाए गए कर का उपयोग कर रही है? क्या सरकार इसे समाज कल्याण योजनाओं में खर्च कर रही है?

उत्तर : ये तो बजट अनुमान के ड्राफ्ट को देखने के बाद ही पता चलेगा। कल्याणकारी योजनाओं के तहत अब तक के वास्तविक खर्च को देखे बिना प्रश्न का उत्तर देना मुश्किल है। व्यापक रूप में, यह कहना सही होगा कि सरकार को राजस्व की प्राप्ति नहीं हो रही है। रक्षा और स्वास्थ्य जैसे मदों में खर्च प्रारंभिक अनुमान से कहीं ज्यादा है और उस खर्च को कम कर दिया गया है। फिर भी कुल राजस्व की प्राप्ति और कुल व्यय में बड़ा अंतर है। इसलिए, साल के बीच मेंकर लगाने से अर्जित अतिरिक्त राजस्व शायद उस गैप को भरने और राजकोषीय घाटे को कम करने में मदद करेगा।

प्रश्न : पिछले छह सालों में मोदी सरकार ने यूपीए का जनकल्याणकारी मॉडल ही अपनाया है और लगता है कि इस मार्ग पर चलते हुए उसने कई चुनाव जीते। क्या ये सही है?

उत्तर : पिछले छह वर्षों में, भाजपा चुनाव जीती भी है और हारी भी। आप भूल गए हैं कि पिछले छह वर्षों में भाजपा कर्नाटक, गोवा, मणिपुर, पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड और महाराष्ट्र में चुनाव हारी है। इसके अलावा, भाजपा ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में खराब प्रदर्शन किया है। यह सही है कि भाजपा ने पूरी तरह से कल्याणकारी योजनाओं पर भरोसा किया है और यूपीए सरकारों की तरह इसे लागू किया गया है। मेरे पास 'गहरे प्रशासनिक सुधार' का और कोई सबूत नहीं है।

प्रश्न : कोविड का प्रभाव अर्थव्यवस्था पर कितना होगा? क्या आप अर्थव्यवस्था की वी-शेप में रिकवरी देख रहे हैं?

उत्तर : प्रभाव तो बहुत ज्यादा होगा। आईएमएफ और ऑक्सफोर्ड अर्थशास्त्र के अनुसार, भारत सबसे अधिक प्रभावित अर्थव्यवस्थाओं में से एक होगा। रिकवरी में भी काफी देर लगेगी और धीरे होगी। मुझे नहीं लगता कि वी-शेप रिकवरी हो पाएगी।

प्रश्न : सरकार के वित्त में काफी गड़बड़ी दिख रही है, जीएसटी मुआवजे को लेकर राज्य हंगामा कर रहे हैं। क्या होगा आगे?

उत्तर : केंद्र और राज्य सरकार -- दोनों की ही वित्तीय व्यवस्था खराब हालत में है। केंद्र सरकार ने राज्यों के कर राजस्व या जीएसटी हिस्सा देने का वादा पूरा नहीं किया है। संघीय प्रणाली के लिए भविष्य काफी अंधकारमय है।

प्रश्न : विवादास्पद कृषि बिलों पर किसान गुस्से में हैं। लेकिन क्या आपको लगता है कि कांग्रेस ने इसे एक राजनीतिक मुद्दा बनाया? ये कानून कैसे किसानों के खिलाफ है? ये एक अच्छा सुधार लगता है।

उत्तर : कृषि बिलों की कमियों को हमने उजागर किया है, मैं उन्हें यहां दोहराना नहीं चाहता। महत्वपूर्ण सवाल है -- न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी)। आज कितने किसानों को एमएसपी मिलता है और भविष्य में कितनों को मिलेगा? जो किसान इससे फायदा उठा रहे थे, उनको इसे खोने का डर है। वही किसान विरोध में सबसे आगे हैं। वर्तमान खाद्य सुरक्षा प्रणाली के तीन स्तंभों का निर्माण करने वाली कांग्रेस ने एमएसपी, पब्लिक प्रोक्योरमेंट और पीडीएस का एक ढांचा खड़ा किया था। यह पार्टी के लिए काफी अहम है। हमें एमएसपी और पीडीएस के लिए लड़ना होगा।

प्रश्न : आर्थिक सुधार की जब बात आती है, तो क्या यह सरकार यथास्थिति में विश्वास रखती है या बोल्ड स्टेप लेने वाली सरकार है?

उत्तर : भाजपा सरकार यथास्थिति में विश्वास नहीं करती, वो देश को पीछे ले जाने में विश्वास रखती है। ये ऐसी नीतियां अपना रही है जो हमें निरंकुशता, लाइसेंस और नियंत्रण के युग में वापस ले जाएगी।

प्रश्न : क्या आरबीआई को कॉर्पोरेट्स घराने को बैंक लाइसेंस देना चाहिए? क्या आप आरबीआई की कार्यप्रणाली से खुश हैं?

उत्तर : नहीं, कॉर्पोरेट्स और व्यावसायिक घरानों को बैंकिंग क्षेत्र में बैंक खोलने की अनुमति देना अच्छा आइडिया नहीं है। मैंने पहले ही अपने कारण बता दिए हैं। हम डॉ. रघुराम राजन और डॉ. विरल आचार्य द्वारा किए गए विश्लेषण का समर्थन करते हैं। आरबीआई ने अपनी काफी सारी स्वायत्तता सरकार को दे दी है, जो कि गंभीर चिंता का विषय है।

--आईएएनएस

एसकेपी/एसजीके

लंदन: अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा जोनस अपनी अगली रोमांटिक ड्रामा की तैयारियों में जुट गई है, जिसे फिलहाल के लिए 'टेक्स्ट फॉर यू' का शीर्षक दिया गया है। फिल्म में ग्रेमी विजेता गायिका सेलीन डियोन और अभिनेता सैम ह्यूगन भी हैं। प्रियंका ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज में खुलासा किया कि वह शुक्रवार से अपनी इस परियोजना के लिए शूटिंग शुरू करेंगी।

प्रियंका ने अपने प्रिपरेशन मोड की कुछ तस्वीरें साझा की हैं, जिसमें वह अपने बालों और नाखूनों को संवारती नजर आ रही हैं।

तस्वीरों में प्रियंका मैनीक्योर कराती दिखाई दे रही हैं, जबकि उनके बाल प्लास्टिक शीट्स से कवर किए हुए हैं, जिससे मालूम पड़ता है कि शायद वह अपने बालों में कोई नया हेयर कलर करा रही होंगी।

अपने पोस्ट के साथ प्रियंका ने कैप्शन में लिखा है, "तैयारी..शुक्रवार से आपके लिए टेक्स्ट की शुरूआत हो रही है।"

जिम स्ट्राउस द्वारा लिखित और निर्देशित यह फिल्म जर्मन भाषी फिल्म 'एसएमएस फर डीच' की इंग्लिश रीमेक है, जो कि सोफी क्रैमर के उपन्यास पर आधारित है।

इसके अलावा, प्रियंका नेटफ्लिक्स में रिलीज होने वाली अपनी आगामी फिल्म 'द व्हाइट टाइगर' के काम में व्यस्त हैं। इस फिल्म में प्रियंका के साथ अभिनेता राजकुमार राव भी हैं। इसके अलावा, प्रियंका रॉबर्ट रॉड्रिग्ज की अगली सुपरहीरो फिल्म 'वी कैन बी हीरोज' में भी दिखाई देंगी।

इस बीच, प्रियंका का संस्मरण 'अनफिनिश्ड : अ मेमॉयर' भी पूरी तरह से तैयार है, जिसे अगले साल जनवरी में जनवरी में जारी किया जाएगा।

--आईएएनएस

एएसएन

नई दिल्ली: पूरी दुनिया कोरोनावायरस की तीसरी लहर की चपेट में है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। इस महामारी से बचने के लिए कई तरह के दिशा-निर्देश सरकार ने जारी किए हैं। इनमें सबसे अहम है मास्क लगाए रखना और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना। अब समस्या यह है कि इस बीमारी से बचने के लिए क्या हर मास्क उपयोगी है। आज कर डिजाइनर मास्क भी बाजार में मिल रहे हैं लेकिन इन्हें लगाकर सार्वजनिक स्थलों पर या दफ्तरों में सुरक्षित रहा जा सकता है। यह सोच का विषय है।

सरकार ने भी कहा है कि क्लीनिकली एप्रूव्ड मास्क से ही कोरना से बचाव हो सकता है और इस क्रम में एन95 मास्क उपयोगी बताए जा रहे हैं। एक और मास्क है, जिसे कोरोना के खिलाफ लड़ाई मे कारगर माना जा रहा है। इस मास्क का नाम जी99 है और इसे नई दिल्ली स्थित निमार्ता एवं निर्यातक, जीनस अपेरल्स तैयार किया है।

जीनस का दावा है कि उसका जी99 मास्क कोरोना से 99.99 प्रतिशत तक सुरक्षा करता है। यह अमेरिका की आईएसओ सर्टिफाईड लैबोरेटरी द्वारा अनुमोदित है। यह स्विस टेक्नॉलॉजी द्वारा पॉवर्ड है, जो प्रतिष्ठित ऑस्ट्रेलियन इंस्टीट्यूट से सर्टिफाइड है।

जीनस जी99 मास्क को खासततौर पर कोरोना से बचाव के लिए बनाया गया है। इसमें अतिरिक्त सुरक्षा के लिए सुरक्षा की पांच परतें हैं। सबसे अंदर की परत ऑर्गेनिक कॉटन की है, जो लंबे समय तक पहने जाने के बाद अतिरिक्त कम्फर्ट प्रदान करती है। यह अत्यधिक मुलायम स्किन-फ्रेंडली कॉटन परत नमी को अवशोषित कर लेती है, जिससे कम गर्मी उत्पन्न होती है।

ट्रिपल पार्टिकुलेट (3 इन टू 1) कंपोजिट नैनोटेक फिल्ट्रेशन सिस्टम प्रदूषण, बैक्टीरिया, पीएम 2.5 पार्टिकल्स को फिल्टर कर सपोर्ट का काम करता है। बाहरी परत ड्रॉपलेट्स से सुरक्षा देती है और बड़े कणों को फिल्टर कर देती है।

बीच में सीम कट डिजाईन के साथ यह मास्क बेहतरीन फिट सुनिश्चित करता है और ग्लासेस पर फॉगिंग को रोकता है। इसमें ईयर लूप्स की फैब्रिक बहुत मुलायम है, जिसके करण यूजर्स इसे लंबे समय तक आराम से पहन सकते हैं और कानों को कोई तकलीफ भी नहीं होती। जीनस जी99 मास्क टिकाऊ है और 30 बार की कोमल धुलाई तक बार बार इस्तेमाल किया जा सकता है।

अमित अग्रवाल, मैनेजिंग डायरेक्टर, जीनस अपेरल्स ने कहा,ह्यह्यदुनिया में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के साथ लोगों को इस वायरस से खुद को सुरक्षित रखना जरूरी हो गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सही कहा है कि मौजूदा समय में ह्यफेस मास्क नई वैक्सीन बन गया है। हमें जीनस जी99 मास्क लॉन्च करने की खुशी है, जो यूएसए की आईएसओ सर्टिफाईड लैबोरेटरी द्वारा प्रमाणित है और कोरोना वायरस के खिलाफ 99.99 प्रतिशत प्रभावशाली है।

इस मास्क को अभी तक भारत में शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है और यह अमेरिका, यूके, फ्रांस, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, यूएई, दुबई, नाईजीरिया, सीरिया, म्यनमार, ओमन, डेनमार्क, स्पेन, जर्मनी, अफगानिस्तान आदि देशों को निर्यात किया जा रहा है।

जीनस जी99 मास्क का मूल्य सिंगल पीस पैक के लिए 270 रु. है। यह मास्क चार रंगों - ब्लैक, मिडनाईट ब्लैक, इनसिग्निया ब्लू, पॉवडर ब्लू में पाँच साईज - स्मॉल, मीडियम, लार्ज, एक्स्ट्रा लार्ज एवं डबल एक्स्ट्रा लार्ज में उपलब्ध है। यह मास्क रिटेल स्टोर्स एवं अमेजन जैसी ई-कॉमर्स साईट्स से खरीदा जा सकता है।

--आईएएनएस

जेएनएस

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा की पर्यावरण समिति ने गाजीपुर लैंडफिल साइट पर आग लगने के संबंध में ईस्ट एमसीडी के कमिश्नर को समन किया है। एमसीडी कमिश्नर को शुक्रवार के दिन पर्यावरण समिति के समक्ष पेश होना है। गाजीपुर लैंडफिल साइट पर भीषण आग लगने से आसपास के इलाकों में प्रदूषण बहुत बढ़ गया है। दिल्ली विधानसभा की पर्यावरण समिति की चेयरपर्सन आतिशी ने कहा, "पड़ोसी राज्यों में कुछ दिनों से पराली जलना कम होने के बाद दिल्ली की हवा साफ होने लगी है, लेकिन गाजीपुर लैंडफिल साइट पर भीषण आग लगने से आसपास के इलाकों में प्रदूषण बहुत बढ़ गया है। एमसीडी के कमिश्नर से साइट पर आग लगने की वजह और पूर्वी दिल्ली में कूड़े का प्रबंधन ठीक क्यों नहीं हो रहा है, यह पूछा जाएगा। पर्यावरण समिति गाजीपुर लैंडफिल साइट पर भी जाएगी और आग कैसे लगी, उसके लिए कौन जिम्मेदार है, यह समझने की कोशिश करेगी।"

आतिशी ने कहा, "पिछले 5 से 6 दिन से दिल्ली की हवा साफ हो गई थी, लेकिन पूर्वी दिल्ली में जो गाजीपुर लैंडफिल साइट है, जो एक कूड़े का पहाड़ है, जहां पर ईस्ट एमसीडी अपने इलाके का सारा कचरा डालती है, वहां पर भीषण और भयंकर आग लगी है। इस आग के कारण पूर्वी दिल्ली और आसपास के इलाकों में काफी धुंआ हुआ। इसकी वजह से इलाके में एयर क्वालिटी इंडेक्स काफी बढ़ गया और हवा में बहुत ज्यादा प्रदूषण हो गया है। अब सवाल यह उठता है कि इस तरह से इतनी बड़ी आग कैसे लगी। जिसका धुआं इलाके में फैला और प्रदूषण बढ़ रहा है।"

दिल्ली विधानसभा की पर्यावरण समिति के मुताबिक, "ईस्ट दिल्ली एमसीडी के कमिश्नर से यह जानना जरूरी है कि क्यों दिल्ली में कूड़े का प्रबंधन सही तरीके से नहीं हो पा रहा है, आखिर क्यों पूर्वी दिल्ली में कचरे का प्रबंधन ठीक से नहीं हो रहा है। क्यों गाजीपुर की लैंडफिल साइट पर कूड़े के ढ़ेर बढ़ते जा रहे हैं। कैसे इतनी बड़ी आग वहां पर लगी। ऐसी आग जो पूरे इलाके में प्रदूषण को फैला रही है, उसके लिए कौन जिम्मेदार है। यह जवाबदेही तय होना जरूरी है और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होना जरूरी है।"

इसलिए दिल्ली विधानसभा की पर्यावरण समिति ने ईस्ट एमसीडी के कमिश्नर को समन किया है और उसके बाद दिल्ली विधानसभा की पर्यावरण समिति गाजीपुर लैंडफिल साइट पर जाएगी। मौके पर जाकर मुआयना करेगी और समझने की कोशिश करेगी कि आखिर आग कैसे लगी और उसके लिए कौन जिम्मेदार है।

--आईएएनएस

जीसीबी/एएनएम

गोरखपुर (उप्र): फ्रांस के राजदूत इमैनुअल लिनैन यहां के गोरखनाथ मंदिर में गुरुवार सुबह दर्शन-पूजन करने के बाद गोरक्षनगरी के भ्रमण पर निकले। रामगढ़ ताल पहुंचकर वह इसका विहंगम दृश्य देखकर मंत्रमुग्ध हो गए। उन्होंने गोरखपुर के जिलाधिकारी के.विजयेंद्र पांडियन से इसको स्वच्छ और सुंदर बनाने की इच्छा जताई। फ्रांस के राजदूत ने डीएम से कहा कि इस संबंध में वह मुख्यमंत्री से वार्ता कर प्रस्ताव प्रस्तुत कराएं। सरकार की सहमति मिलेगी तो फ्रांसीसी तकनीक से वहां की कंपनी इस प्राकृतिक झील को स्वच्छ करेगी। नगर भ्रमण के दौरान डीएम ने फ्रांस के राजदूत को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर शहर में जारी विकास कार्यो की जानकारी दी। रामगढ़ ताल के किनारे पहुंचने पर डीएम ने उन्हें नया सवेरा प्रोजेक्ट के तहत बनी जेट्टी का भ्रमण कराया।

इस दौरान राजदूत ने कई स्थानों की फोटो भी खींची। उन्होंने झील की सुंदरता की तारीफ करने के साथ ही फ्रांसीसी तकनीक के बारे में बताया। उन्होंने डीएम को बताया कि उस तकनीक से रामगढ़ ताल के पानी को स्वच्छ कर कुछ हिस्सा पीने के रूप में प्रयोग किया जा सकता है, बाकी हिस्सा ताल में चला जाएगा। डीएम ने यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री के सामने रखने को कहा है।

फ्रांस के राजदूत ने डीएम से गोरखपुर में संभावित निवेश के बारे में भी जानकारी ली। जिलाधिकारी ने उन्हें बताया कि यहां टेक्सटाइल एवं स्टील से जुड़ी कंपनियों के लिए काफी संभावना है। लिनैन ने यहां ऑटोमोबाइल सेक्टर में निवेश की संभावनाओं के बारे में जानकारी ली। साथ ही रियल एस्टेट सेक्टर के बारे में भी पूछा।

उन्होंने कहा कि इसमें उनके देश की कंपनी निवेश कर सकती है। जमीन की उपलब्धता के बारे में भी उन्होंने पूछा, डीएम ने बताया कि जमीन पर्याप्त उपलब्ध है। राजदूत ने उनसे पूछा कि गोरखपुर में कौन सी विदेशी कंपनियां काम कर रही हैं, उन्हें बताया गया कि खाद कारखाने में जापान की कंपनी काम कर रही है। कोकाकोला भी गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) में बाटलिंग प्लांट लगाने जा रहा है। इसके साथ ही कई विदेशी कंपनियों के आउटलेट हैं। भविष्य में भी कई कंपनियां आ सकती हैं।

गोरखनाथ मंदिर से निकलने के बाद शहर भ्रमण करने निकले राजदूत ने निर्माण कार्यो को देखकर जिलाधिकारी से उसके बारे में पूछा था। उन्हें बताया गया कि सब विकास कार्य है। उन्होंने वादा किया कि पांच साल बाद फिर गोरखपुर आएंगे, ताकि बदला हुआ गोरखपुर देख सकें।

--आईएएनएस

वीकेटी/एसजीके

काबुल: उरुजगान प्रांत की राजधानी तिरिन कोट में गुरुवार को हुए विस्फोट में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई। प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता अहमद शाह सालेह ने यह जानकारी दी।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक अधिकारी ने बताया कि यह विस्फोट पुलिस अधिकारी हाजी लाला के घर के बाहर हुआ, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

हाजी लाला शक्तिशाली तालिबान विरोधी कमांडर थे।

--आईएएनएस

जेएनएस

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