तुरीन: इटली के फुटबाल क्लब जुवेंतस के स्टार सेंटर बैक माथियास डे लिज्ट ने कहा है कि जब कोई क्रिस्टियानो रोनाल्डो को ट्रेनिंग करते हुए देखता है तो यह विश्वास करना मुश्किल हो जाता है कि वह 35 साल के हैं। पुर्तगाल के स्टार को अपनी पीढ़ी का सुपरस्टार बताते हुए डे लिज्ट ने कहा कि रोनाल्डो युवा खिलाड़ियों के लिए बेहतरीन उदाहरण हैं।

टुटोस्पोर्ट ने डे लिज्ट के हवाले से लिखा है, "मैं उन्हें देखकर अपने खेलने के तरीके में सुधार करता हूं क्योंकि ट्रेनिंग में भी वो बहुत ऊर्जा लगाते हैं और आप उन्हें देखकर हैरान हो जाते हैं कि वह 35 साल के हैं।"

एजाक्स से जुवेंतस में आए इस खिलाड़ी ने अपनी टीम की तारीफ की है।

उन्होंने कहा, "हमारी टीम वाकई काफी अच्छी है, टीम में कई अच्छे खिलाड़ी हैं। सबसे ज्यादा मजा दक्षिण अमेरिकी खिलाड़ियों के साथ आता है। रोनाल्डो के अलावा मैं पाउलो डायब्ला और रोड्रिगो बेनटाकुर से काफी प्रभावित हुआ। दोनों खिलाड़ियों के पास शानदार तकनीक है। रोड्रिगो खासकर, उनके सामने शानदार भविष्य है।

--आईएएनएस

मुंबई: लॉकडाउन प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के बाद अभिनेत्री नेहा धूपिया सुबह की सैर के लिए निकलीं, हालांकि जब वह घर लौटी तो डरी हुई थीं, क्योंकि उन्होंने देखा कि बाहर के कई लोग इस वायरस से संबंधित सुरक्षा उपायों को लेकर गंभीर नहीं थे।

अभिनेत्री ने लगभग 80 दिनों के बाद सुबह की दौड़ पर वापस जाने के अपने अनुभव को साझा करने के लिए इंस्टाग्राम का सहारा लिया और साथ ही उन्होंने एक-दो सेल्फी भी ली।

अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर लिखा, "करीब 80 दिनों के बाद आज सुबह की दौड़ के लिए बाहर गई .. आजादी और डर के बीच कई तरह की भावनाएं मन में आ रही हैं।"

अभिनेत्री ने आगे लिखा, "आजादी इसलिए, क्योंकि मैं बाहर गई थी और स्वच्छ हवा में सांस ले रही थी और वह भी एक गुणवत्ता वायु में जिसका अनुभव मैंने अपने शहर में पहले कभी नहीं किया था, आजादी इसलिए, क्योंकि मैं अपने कंधों पर थोड़ी सी बूंदा बांदी महसूस कर सकती थी, साथ ही मेरे पसंदीदा संगीत मेरे कानों में बज रहे थे।"

अभिनेत्री ने आगे लिखा, "मुझे डर इसलिए लगा, क्योंकि लोग बाहर थे और तब भी मास्क नहीं पहने थे। मैंने कुछ को दूर से याद भी दिलाया, हालांकि, डर भी महसूस हुआ, क्योंकि मुंबई की स्पिरिट गायब थी .. यह उतना सुरक्षित महसूस नहीं हुआ, जितना कि यह पहले होता था, डर इस बात की कि चीजें वापस सामान्य कैसे होंगी .. क्या ऐसा होगा??"

--आईएएनएस

मुंबई: अभिनेत्री तमन्ना भाटिया अपने हैशटैगऑललाइव्समैटर पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर भारी आलोचना का सामना कर रही हैं। इसकी वजह अभिनेत्री द्वारा अतीत में फेयरनेस क्रीम का प्रचार करना है, जिस वजह से उपयोगकर्ता उन्हें खरी खोटी सुना रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में करण जौहर, प्रियंका चोपड़ा जोनास, करीना कपूर खान, दिशा पटानी और ईशान खट्टर सहित मशहूर हस्तियों ने ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन को समर्थन दिया है। दरअसल अमेरिका में एक निहत्थे अफ्रीकी की निर्मम मौत के बाद अमेरिका में हिंसा भड़की हुई है, जिसमें अश्वेत अपने साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।

तमन्ना ने भी अपने हालिया पोस्ट के माध्यम से इसके खिलाफ आवाज उठाई। अभिनेत्री ने अपनी एक तस्वीर साझा की है, जिसमें उनके चेहरे पर काले रंग से हथेली की छाप नजर आ रही है।

तस्वीर के साथ तमन्ना ने लिखा है, "आपकी चुप्पी आपकी सुरक्षा नहीं कर सकती। क्या हर जीव, चाहे इंसान हो या जानवर उसे जीने का अधिकार नहीं? किसी भी प्रकार की चुप्पी यूनीवर्सल कानून के खिलाफ है। हमें फिर से इंसान बनना सीखना चाहिए, करुणा व्यक्त करनी चाहिए और प्यार करना चाहिए। हैशटैगऑललाइव्समैटर।"

लोगों के एक वर्ग को यह पोस्ट पसंद नहीं आया और लोगों ने अभिनेत्री को पहले मामले के बारे में ज्ञान प्राप्त करने के लिए कह दिया।

एक यूजर ने लिखा, "सभी की जिंदगी तभी मायने रखेगी, जब ब्लैक लाइफ भी मायने रखेगा। जो चीजें होती हैं, वे भी अन्यायपूर्ण हैं। कृपया इसे आप अपने ऑल लाइव्स मैटर कह कर उनसे दूर करें, ये सब बेवकूफी है। पहले इस बारे में पढ़ें और ज्ञान बढ़ाएं।"

अन्य ने लिखा, "यह अच्छी बात है कि आप ब्लैक लाइव्स के बारे में बात कर रही हैं। लेकिन फिर आपने उन विज्ञापनों में क्यों काम किया, जिसमें लोगों को काले रंग की वजह से असुरक्षित दिखाया जाता है।"

--आईएएनएस

मुंबई: टीवी शो 'बिग बॉस 13' के हाउसमेट पारस छाबड़ा और माहिरा शर्मा अपने हालिया संगीत वीडियो 'बारिश' के बाद एक बार फिर से दर्शकों का दिल जीतने के लिए तैयार हैं। दोनों की जोड़ी अब मीत ब्रदर्स के नए गाने 'हैशटैग लव' में नजर आएगी। गाने को पीयूष मेहरोलिया ने गाया है।

लॉकडाउन के कारण, पारस और माहिरा अपने-अपने घरों में वीडियो शूट करेंगे।

माहिरा ने कहा, "हमने अपने प्रशंसकों के लिए फिर से साथ काम करने और उनके चेहरों पर मुस्कान लाने के बारे में सोचा। दुनिया कठिन दौर से गुजर रही है और हम सभी को चारों ओर सकारात्मकता फैलाना है और हमारे प्रशंसकों के लिए कुछ करने का इससे बेहतर तरीका क्या होगा। पारस और मैं अपने-अपने घरों से शूटिंग करेंगे।"

--आईएएनएस

चेन्नई: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने स्पेस सिचुएशनल अवेयरनेस (एसएसए) और खगोल भौतिकी के क्षेत्र में सहयोग के लिए आर्यभट्ट अनुसंधान संस्थान (एआरआईईएस) के साथ एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

अंतरिक्ष में वस्तुओं की कक्षा का पता लगाना, विश्लेषण करना और अंतरिक्ष के मौसम का अध्ययन करना, अंतरिक्ष मलबे जैसे गंभीर खतरों से भारतीय अंतरिक्ष संपत्तियों को बचाने के लिए स्पेस सिचुएशनल अवेयरनेस एंड मैनेजमेंट के महत्वपूर्ण पहलू हैं।

अंतरिक्ष की खोज में भविष्य की कोशिशें खगोल भौतिकी, सौर विज्ञान, और अंतरिक्ष पर्यावरण में अनुसंधान एवं विकास पर निर्भर हैं।

इन क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र में प्रगति का मूल है।

एमओयू पर इसरो के वैज्ञानिक सचिव, आर. उमामहेश्वरन और एआरआईईएस के निदेशक दीपांकर बनर्जी ने हस्ताक्षर किए।

--आईएएनएस

 

 

 

बेंगलुरू: प्रवासी मजदूरों को बसों और ट्रेनों से उनके गृहराज्य गए केवल एक ही महीने हुए हैं। कर्नाटक में उनकी वापसी में लंबा समय लग सकता है क्योंकि पहले उन्हें कोरोनावायरस के भय से उबरना होगा। उद्योग के प्रतिनिधि ने शनिवार को यह बात कही।

कंफेडेरेशन ऑफ रियल इस्टेट डवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया(सीआरईडीआईए) के अध्यक्ष सुरेश हरि ने यहां आईएएनएस से कहा, "हालांकि कई निर्माण सेक्टर में काम शुरू हो चुका है और वे कई कारणों से केवल 30-40 प्रतिशत की क्षमता से ही काम कर रहे हैं, जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना भी शामिल है। यहां उत्पादन को धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा, जब दिशानिर्देशों में ढील दी जाएगी और प्रवासी वापस काम पर आएंगे।"

उन्होंने स्वीकार किया कि दक्षिणी राज्य में हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूर लॉकडाउन की 25 मार्च को घोषणा होने के बाद से बेंगलुरू के आसपास 40-50 दिनों तक फंस रहे। हरि ने कहा कि 3 मई तक बसों और ट्रेनों के नहीं चलने से वे वापस अपने घरों को नहीं जा पाए।

हरि ने कहा, "यह प्रवासियों की जिंदगी में पहली बार है कि उन्हें अचानक लॉकडाउन का सामना करना पड़ा, उनकी नौकरी चली गई और यातायात साधन के आभाव में वे अपने घरों को नहीं जा पाए, जिससे उन्हें इस गर्मी में राहत शिविरों में रहना पड़ा। जब 3 मई से बस और ट्रेनों की व्यवस्था हुई, वे झुंड में वापस जाने लगे।"

हालांकि गर्मियों में तेज धूप की वजह से निर्माण कार्य में कमी आ जाती है, इसलिए प्रवासी मजदूर इन दिनों घर चले जाते हैं और जून तक काम में वापस लौटते हैं।

हरि ने कहा, "हम चाहते हैं कि मजदूर वापस आ जाएं और वे तब वापस आएंगे, जब स्थिति सामान्य हो जाएगी और उनके दिमाग से वायरस का भय मिट जाएगा।"

दक्षिण पश्चिमी रेलवे(एसडब्ल्यूआर) जोन ने 3 मई तक 17 विभिन्न राज्यों में कुल 3.02 लाख प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाया।

एसडब्ल्यूआर के प्रमुख ई.विजयन ने आईएएनएस से कहा, "अभी तक किसी राज्य से प्रवासी मजदूरों को वापस कर्नाटक लाने के लिए ट्रेन चलाने के लिए कोई आग्रह नहीं मिला है। हम अभी भी संबंधित राज्य सरकारों के आग्रह पर बेंगलुरू, मैसुरू, हुब्बाली और मेंगलुरू से रोज 6-10 श्रमिक ट्रेन चला रहे हैं।"

--आईएएनएस

नई दिल्ली: राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के शुरुआती चरण के दौरान देश के छह प्रमुख शहरों में प्रदूषण का स्तर काफी गिर गया था। मगर अब चूंकि देश में विभिन्न गतिविधियां धीरे-धीरे शुरू हो रही हैं, तो प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ने लगा है। हाल ही में हुए एक अध्ययन में इसका पता चला है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) के अनुसार, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरू में पीएम 2.5 का स्तर महामारी के बाद लगाए गए राष्ट्रव्यापी बंद के दौरान 45 से 88 प्रतिशत तक कम हो गया था।

विश्लेषण में हालांकि पाया गया कि जब देश राष्ट्रव्यापी बंद 4.0 तक पहुंचा तो और यहां गतिविधि धीरे-धीरे दोबारा शुरू हुईं तो प्रदूषण फिर से बढ़ने लगा।

रिपोर्ट में कहा गया है, छह शहरों में राष्ट्रव्यापी बंद 4.0 के दौरान पीएम 2.5 के स्तर में दो-छह गुना वृद्धि हुई।

रिपोर्ट में निकले निष्कर्षों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में चार से छह गुना प्रदूषण में वृद्धि दर्ज की गई। जबकि अन्य शहरों में दो से छह गुना वृद्धि देखी गई।

प्रदूषण में शुरुआती कमी का कारण यह था कि राष्ट्रव्यापी बंद होने के तुरंत बाद औद्योगिक गतिविधि बंद हो गई थी। इसके अलावा सड़क पर यातायात में कमी और निर्माण गतिविधियों पर अस्थायी रोक से भी प्रदूषण घटा।

सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट की महानिदेशक सुनीता नारायण ने कहा कि विश्लेषण से पता चला कि आसमान को नीला बनाने और हमारी हवा व फेफड़े को साफ रखने के लिए देश को कितने बड़े पैमाने पर हस्तक्षेप की जरूरत है।

सीएसई ने बेहतर, स्वच्छ एवं अधिक टिकाऊ पर्यावरण और वायु गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पर्यावरणीय मांगों का एक चार्टर भी प्रस्तुत किया है।

--आईएएनएस

नई दिल्ली: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा दिल्ली के निजी अस्पतालों को चेतावनी देने के कुछ ही घंटे बाद राज्य सरकार की शिकायत के बाद कोरोनोवायरस जांच को लेकर आईसीएमआर के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप में यहां सर गंगाराम अस्पताल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

निजी अस्पताल को इस संबंध में 3 जून को दिल्ली सरकार द्वारा एक निर्देश जारी किया गया था।

अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक के खिलाफ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के उप सचिव अमित कुमार पमासी द्वारा दायर शिकायत में कहा गया कि अस्पताल कोरोना के नमूने एकत्र करते समय आरटी-पीसीआर एप का इस्तेमाल नहीं कर रहा था, जो कि 'अनिवार्य' है।

परीक्षण दिशानिर्देशों को भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा तय किया गया है।

सीडीएमओ-कम-मिशन डायरेक्टर (सेंट्रल) ने उल्लेख किया है कि सर गंगा राम अस्पताल अभी भी 3 जून तक आरटी-पीसीआर एप का इस्तेमाल नहीं कर रहा था, जो कि महामारी रोग कोविड-19 विनियम 2020 के तहत जारी निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है। एफआईआर में यह कहा गया है।

इससे पहले, केजरीवाल ने कोरोनोवायरस रोगियों को भर्ती करने से इनकार करने पर निजी अस्पतालों को कड़ी चेतावनी दी थी और कहा था कि दिल्ली सरकार ऐसे अस्पतालों में स्वास्थ्य अधिकारियों को तैनात करेगी जो प्रत्येक कोरोना रोगी को बेड की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

केजरीवाल ने ऐसे मरीजों का इलाज करने से इनकार करने वाले अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

--आईएएनएस

लंदन: इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) वेस्टइंडीज के साथ होने वाली टेस्ट सीरीज के बाद पाकिस्तान, आस्ट्रेलिया और आयरलैंड को अपने देश में खेलने के लिए आमंत्रित करना चाहती है। इंग्लैंड को आठ जुलाई से तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए वेस्टइंडीज की मेजबानी करनी है।

ईसीबी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर स्टीव एलवर्थी ने स्काई स्पोर्ट्स क्रिकेट पॉडकास्ट द क्रिकेट शो में कहा, " यह काफी मुश्किल और चुनौतीपूर्ण होने वाला है। लेकिन एक ही समय में तीनों सीरीज बहुत फायदेमंद रहेगी। इस बार हम जो करने की कोशिश कर रहे हैं, इससे पहले वह कभी नहीं हुआ है।"

उन्होंने कहा कि ईसीबी पहले से ही आस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और आयरलैंड के क्रिकेट बोर्ड के साथ संपर्क में है ताकि एक कार्यक्रम तैयार किया जा सके।

एलवर्थी ने कहा, "बहुत काम किया गया है। वेस्टइंडीज यहां पहुंचने वाली पहली टीम है। लेकिन साथ ही हमें उम्मीद है कि इस सीजन में आस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और आयरलैंड आएंगे।"

उन्होंने कहा, "हम उनसे बात कर रहे हैं, हम सभी के साथ साप्ताहिक संवाद कर रहे हैं, लेकिन इस विशेष मामले में, वेस्टइंडीज के साथ अधिक व्यापक रूप से क्योंकि उनके टेस्ट मैच लगभग पांच सप्ताह दूर हैं।"

- -आईएएनएस

मुंबई: अभिनेत्री सयानी गुप्ता पूर्वोत्तर के लोगों द्वारा सामना किए गए नस्लभेद के मुद्दे पर आधारित फिल्म 'एक्सोन' में नजर आएंगी। उन्हें लगता है कि कोविड-19 महामारी के बीच नस्लभेद के कई मामले सामने आए हैं। सयानी ने कहा, "वास्तविक रूप से कोई ऐसी फिल्म नहीं है जो मुख्यधारा के सिनेमा में पूर्वोत्तर समुदाय का प्रतिनिधित्व करती है, विशेष रूप से सदियों पुरानी नस्लभेद की समस्या पर आधारित फिल्म। नस्लभेद अभी एक ज्वलंत मुद्दा है, खासकर कोरोना के दौर में नस्लभेद के कई मामले सामने आए हैं, जिसमें लोगों ने पूर्वोत्तर के लोगों को परेशान किया है।"

निकोलस खारकोंगर द्वारा निर्देशित 'एक्सोन' का प्रीमियर बीएफआई लंदन फिल्म फेस्टिवल में हुआ था और पिछले साल मुंबई फिल्म फेस्टिवल (एमएएमआई) में भारत में डेब्यू की थी। फिल्म अब नेटफ्लिक्स पर 12 जून को रिलीज होगी।

सयानी ने कहा, "निकोलस द्वारा लिखित और निर्देशित यह स्क्रिप्ट बेहद मार्मिक है और जबरदस्त कटाक्ष भी है। यह डेढ़ घंटे की एक रोलरकोस्टर राइड है और आपको वास्तव में यह अहसास दिलाती है कि हम भारत में पूर्वोत्तर लोगों के बारे में कितना कम जानते हैं।"

--आईएएनएस

Page 1 of 15135

Don't Miss