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श्रीनगर में अलगाववादियों के बंद का आंशिक असर
Thursday, 28 March 2013 18:26

जम्मू एवं कश्मीर के कश्मीर घाटी में अलगाववादियों के बंद का गुरुवार को आंशिक असर देखा गया। बैंक, डाकघर और सरकारी दफ्तरों में सामान्य रूप से कामकाज हुआ, मगर निजी स्कूल बंद रहे।

शहर की सड़कों पर सार्वजनिक वाहनों की आवाजाही सीमित रही, जबकि बंद के दौरान निजी वाहनों के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा।

शहर के बड़े बाजारों में दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे।

अलगावादी संगठनों की समन्वय समिति मुत्ताहिदा मजलिस-ए-मुशवरात ने गुरुवार को पूरी घाटी में पूर्ण बंद का आह्वान किया था। अलगाववादी संगठनों ने संसद पर हमला मामले के दोषी अफजल गुरु का शव उसके परिवार के लोगों को सौंपे जाने की मांग पर जोर देने के लिए बंद का आह्वान किया है।

शहर के कई स्थानों पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, लेकिन पैदल चलने वालों या वाहनों की आवाजाही पर किसी किस्म की बंदिश नहीं लगाई गई है।

सोनमर्ग, पहलगाम और गुलमर्ग जैसे पर्यटक स्थलों के लिए पर्यटकों को लाने ले-जाने वाले वाहनों का परिचालन सामान्य रहा। इसके अलावा श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी आवाजाही सामान्य रही।

राज्य में पर्यटकों के आने का क्रम अब तेज हो गया है। दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल में 9 फरवरी को अफजल को फांसी दिए जाने के बाद यहां विरोध ने भी जोर पकड़ लिया है।

वर्ष 2011 में घाटी में 10 लाख पर्यटक आए थे। अधिकृत आंकड़ों के मुताबिक पिछले वर्ष पर्यटकों की संख्या 13 लाख को पार गई थी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।