विधानसभा चुनाव 2018: हर अपडेट लेने के लिए अमित शाह ने पूरे राज्‍य में तैनात किए अपने आदमी

इस साल के अंतिम महीने में राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनाव की तारीखों का भी ऐलान हो चुका है। यहां 7 दिसंबर को चुनाव होंगे और 11 दिसंबर को नतीजे घोषित होंगे। इस बार जहां सत्तारूढ़ भाजपा अपनी कुर्सी को बचाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, वहीं मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस सत्ता में वापस लौटने का। इन सब के बीच दो अलग-अलग सर्वे में यह बताया गया कि भाजपा सत्ता से बेदखल होती दिख रही है, जिसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह खुद पूरी तरह इस चुनाव पर ध्यान केंद्रित कर चुके हैं। वे जनता की नाराजगी दूर करने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। साथ ही राज्य में होने वाली पल-पल ही घटनाओं की जानकारी ले रहे हैं। सी और बी कैटेगरी वाले विधानसभा क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जा रहा है। इसके लिए पूरे राज्य में अमित शाह ने केंद्र व राज्यों के शीर्ष नेताओं और संगठन प्रभारियों को तैनात किया है। ये नेता अमित शाह की तीसरी आंख के रूप में काम करेंगे। उन्हें पल-पल की जानकारी देंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्रीय मंत्री मनसुख भाई को उदयपुर, सत्यपाल सिंह को सीकर, यूपी के मंत्री महेंद्र सिंह को भरतपुर संभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, दिल्ली में संगठन पदाधिकारी आशीष सूद को जयपुर शहर, उत्तर प्रदेश के सांसद सत्यपाल सैनी को जदयपुर देहात के सभी विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेवारी सौंपी गई है। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री शिवप्रताप शुक्ल और सामाजिक न्याय व अधिकारिता राज्यमंत्री कृष्ण गोपाल को विशेष परिस्थिति से निपटने के लिए रखा गया है। जिन क्षेत्रों में जरूरत महसूस की जाएगी, वहां इन दोनों को भेजा जाएगा।
दिल्ली के विधायक रमेश विधुड़ी को अलवर, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के सांसद संजीव बलियान को कोटा, गुजरात के पूर्व मंत्री शंकर भाई चौधरी को जालौर सिरोही व पाली, गुजरात के सांसद किरट भाई कां बांसवाड़ा, गुजरात के पूर्व मंत्री विनोद चावड़ा को जोधपुर की जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह पंजाब के संगठन पदाधिकारी जीवन गर्ग को बीकानेर, गुजरात के केसी पटेल को जोधपुर व उदयपुर, दमन दादर के पदाधिकारी विवेक दाधकर को पाली, हिमाचल के संगठन पदाधिकारी पवन राणा को अजमेर संभाग, हरियाणा के संदीप जोशी को झुंझनु, दिल्ली के अभय वर्मा को चित्तोड़गढ़ की जिम्मेमवारी सौंपी गई है। इनसब के साथ ही अन्य कई नेताओं और पदाधिकारियों को भी क्षेत्रों की जिम्मेवारी सौंपी गई है।