अटलजी पंचतत्व में विलीन, बेटी ने दी मुखाग्नि, अंतिम यात्रा में 4 किलोमीटर पैदल चले पीएम मोदी, अमित शाह

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के पार्थिव शरीर का आज (17 अगस्त) अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनकी बेटी नमिता भट्टाचार्य ने उन्हें मुखाग्नि दी। इससे पहले उनके पार्थिव शरीर को पार्टी मुख्यालय में आमजनों के दर्शन के लिए रखा गया। वहां राजनीतिक जगत से लेकर समाज की अन्य मशहूर हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। अपने नेता को आखिरी बार देखने के लिए दीन दयाल उपाध्याय मार्ग स्थित बीजेपी दफ्तर और उसके आस पास बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। लोग हाथों में फूल लिए अपने नेता को नम आंखों से विदाई दे रहे थे। जैसे-जैसे उनके पार्थिव शरीर को आईटीओ होते हुए स्मृति स्थल की ओर ले जाया जा रहा था, वैसे-वैसे रास्ते में लोग फूल अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे थे और ‘अटल बिहारी अमर रहें’ के नारे लगा रहे थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह वाजपेयी जी के पार्थिव शरीर को ले जा रहे ट्रक के पीछे-पीछे पैदल चल रहे थे। वाजपेयी जी की अंतिम यात्रा में कई केंद्रीय मंत्री और कई राज्यों के सीएम भी मौजूद थे। यूपी के गवर्नर राम नाईक, सीएम योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान, उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी भी पार्थिव शरीर को ले जा रहे ट्रक के साथ पैदल चल रहे थे। इससे पहले लालकृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज, हेमामालिनी, शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, आप सांसद संजय सिंह, सपा संरक्षक और यूपी के पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी। भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और बांग्लादेश के विदेश मंत्री अब्दुल हसन महमूद अली ने भी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी। नेपाल के विदेश मंत्री, अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने भी विराट शख्सियत को अंतिम विदाई दी।

दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित मुख्यालय में वाजपेयी का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा सफेद फूलों से सजे मंच पर रखा हुआ था।  गमगीन माहौल में मौन धारण किये लोग एक-एक कर अपने नेता के अंतिम दर्शन करते रहे। बीजेपी दफ्तर से स्मृति स्थल तक करीब चार किलोमीटर का वाजपेयी जी का अंतिम सफर दोपहर करीब ढाई बजे शुरू हुआ था।