जब पीयूष गोयल ने पत्रकार को दिया एक दिन का रेल मंत्री बनने का ऑफर

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने जब चार साल में रेलवे की उपलब्धियों का बखान करते हुए महकमे की प्रेस कांफ्रेंस की तो एक पत्रकार से उनकी भेंट हो गई, पत्रकार ने रेलवे की समस्याओं को दूर करने के लिए तमाम सुझावों से संबंधित पत्र उन्हें सौंपा। इस पर रेल मंत्री मुस्कुराने लगे और उन्होंने पत्रकार को एक ऑफर दिया, यह ऑफर था एक दिन के लिए रेल मंत्री बनने का। उन्होंने कहा कि फिल्म नायक की तरह एक दिन आप मेरी जगह लो और खुद नियम-कायदों को लागू करो। रेल मंत्री ने यह बात सिर्फ मजाक में नहीं कही, बल्कि रेल बोर्ड चेयरमैन को इस तरह का एक मॉक इवेंट भी आयोजित करने को कहा, ताकि हर किसी का मनोरंजन हो सके।

बता दें पिछले दो महीने से ट्रेनों के देरी से संचालन के कारण रेलवे को आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा है। कई गाड़ियों ने तो 50-50 घंटे देरी का रिकॉर्ड बनाया।समय से चलने के लिए राजधानी सुपरफास्ट जैसी ट्रेनों की पहचान रही,मगर वह भी देरी का शिकार कई मौकों पर होती रहीं।रेलवे बोर्ड इसके पीछे मेंटीनेंस को जिम्मेदार बताकर बचाव करता रहा।

हालांकि बीते दिनों एक मीटिंग में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इस तर्क को मानने से इन्कार करते हुए कहा कि ट्रेनों के संचालन में देरी के पीछे मरम्मत की बात करना सिर्फ बहाना है। उन्होंने सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों को साफ हिदायत दी थी कि अगर उन्होंने ट्रेनों का समय से संचालन नहीं कराया तो उनके प्रमोशन रोक दिए जाएंगे।यह निर्देश उन्होंने सभी डीआरएम को जारी किए थे।