फर्जी दस्तावेज के आधार पर सेना में भर्ती कराने का आरोप

सीबीआई ने सेना में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 34 लोगों की भर्ती कराने के आरोप में एक हवलदार सहित 40 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. अधिकारियों ने ये जानकारी दी है. शर्तों के अनुसार जिन जिलों के लिए भर्ती रैली आयोजित की जाती है, उसमें केवल उन जिलों में रहने वाले अभ्यर्थी ही शामिल हो सकते हैं. उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से सेना की भर्ती के लिए मुख्यालय लखनऊ है.

आरोप है कि इन अभ्यर्थियों ने बुंदेलखंड क्षेत्र के हमीरपुर जिले के एसडीएम कार्यालय से जारी फर्जी मूल निवास प्रमाणपत्रों के आधार पर 2016-17 के दौरान लखनऊ में भर्ती अभियान में हिस्सा लिया. सीबीआई की एफआईआर के अनुसार ये लोग सेना में तकनीकि ड्यूटी, सामान्य ड्यूटी, संतरी ड्यूटी, लिपिक ड्यूटी और चिकित्सा ड्यूटी के लिए सैनिक के पद पर चयनित हो गए थे.

इसमें कहा गया कि इन 34 उम्मीदवारों में से ज्यादातर संबंधित स्थलों पर सेना के प्रशिक्षण में शामिल हो गए. भर्ती रैली औरैया, बाराबंकी, कन्नौज, गोंडा, बांदा, हमीरपुर और फतेहपुर जिलों के लिए अगस्त 2016 में की गई थी. संदेह होने पर भर्ती निदेशक कर्नल दीपक शर्मा ने हमीरपुर एसडीएम कार्यालय को मूल निवास प्रमाणपत्रों की जांच के लिए पत्र भेजा. जांच में ये प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए.

सीबीआई ने 34 अभ्यर्थियों, भर्ती जोन मुख्यालय लखनऊ के एक हवलदार सहित 40 लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, फर्जीवाड़े के आरोप और भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज किया है.