फ्रांसीसी रिसर्चर का दावा, '20,000 से ज्यादा आधार कार्ड ऑनलाइन मौजूद'

आधार से जुड़ी एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है. 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' की एक खबर के मुताबिक फ्रांसीसी सुरक्षा रिसर्चर बैपिस्टे रॉबर्ट ने बताया कि 20,000 से ज्यादा आधार कार्ड सरकारी और गैर-सरकारी वेबसाइट पर मौजूद हैं. हालांकि आधार बनाने वाली संस्था भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण(यूआईडीएआई) ने इस दावे से सीधा इंकार किया है. यूआईडीएआई ने कहा कि यह बेहद गैर जिम्मेदाराना बयान है, अगर कोई कुछ लोगों के आधार को सार्वजनिक कर देता है तो इसका मतलब ये नहीं कि हमारी सिस्टम में कोई खामी है.

 

फ्रांसीसी रिसर्चर बैपिस्टे रॉबर्ट ने अपने दावे का प्रमाण देते हुए कहा, "मैने तीन घंटे से कम समय में 20,000 हजार से ज्यादा आधार कार्ड ढूंढ निकाला है. ये सारे आधार कार्ड सार्वजनिक हैं. इन्हें खोजने के लिए कोई हैकिंग की जरूरत नहीं है, कोई भी आसानी से इन्हें ढूंढ सकता है." बता दें कि आधार कार्ड को लेकर निजता सुरक्षा संबंधी सवाल उठते रहे हैं. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में आधार की याचिका पर सुनवाई चल रही है.

 

वहीं दूसरी तरफ न्यूयार्क से एक अज्ञात हैकर ने रविवार को ट्वीट कर बताया कि आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों ने आधार से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन डाल रखी है. हैकर ने बताया कि इन राज्यों ने आधार, पैन कार्ड और पासपोर्ट से जुड़ी कई लोगों की जानकारी सार्वजनिक कर दी है.

 

हालांकि यूआईडीएआई ने कहा, "जो लोग आधार से जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक होने की बात कर रहे हैं वो आधार सुरक्षा से जुड़ी बात नहीं है. आधार एक प्रमाण पत्र के रूप में इस्तेमाल किया जाता है इसलिए इसे जरूरत पड़ने पर एक जगह से दूसरी जगह साझा किया जाता है." उन्होंने कहा कि आधार गोपनीय दस्तावेज नहीं है, इसे पहचान के रूप में इस्तेमाल किया जाता है.

 

आधार को पहचान पत्र के रूप में साझा किया जाता है लेकिन निजी जानकारी जैसे कि मोबाइल नंबर, बैंक अकाउंट, पैन कार्ड जैसी जानकारी सुरक्षित की जानी चाहिए. अगर कोई किसी की निजी जानकारी सार्वजनिक करता है तो उस कार्रवाई की जा सकती है.