लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित

संसद के निचले सदन लोकसभा में बुधवार को 12,600 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले और अन्य मुद्दों को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया, जिसके बाद सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। पहले स्थगन के बाद जैसे ही सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे दोबारा शुरू हुई, विपक्ष के सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर हंगामा करना शुरू कर दिया। कई सांसद हाथों में प्लाकार्ड लिए लोकसभा अध्यक्ष के आसन के पास इकट्ठा हो गए।

कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने पीएनबी घोटाले के मामले में नरेंद्र मोदी से जवाब देने की मांग की तो वहीं भाजपा की साझेदार पार्टी तेदेपा आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन करती रही।

ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के सदस्य कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग को लेकर आसन के पास इकट्ठा हो गए जबकि तेलंगाना राष्ट्र समिति के सदस्यों ने राज्य में कोटे की सीमा 50 फीसदी से अधिक बढ़ाए जाने की मांग की।

शिवसेना सांसद मराठी को शास्त्रीय भाषा देने की मांग को लेकर नारेबाजी करते रहे लेकिन सुमित्रा महाजन द्वारा पार्टी सांसद आनंदराव अदसुल को इस मुद्दे पर बोलने की अनुमति देने के बाद वे अपनी-अपनी सीटों पर लौट गए।

अदसुल ने कहा कि पार्टी कई सालों से मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने की मांग करती रही है।

उन्होंने कहा, "मराठी एक पुरानी भाषा है और शास्त्रीय भाषा की योग्यताओं पर खरी उतरती है।"

शिवसेना सदस्य ने कहा कि तेलुगू और ओडिया सहित कई भाषाओं को शास्त्रीय भाषाओं का दर्जा मिला है। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से इस पर जवाब देने का आग्रह किया।

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने हंगामा जारी रहने पर सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।

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