अन्ना हजारे ने केजरीवाल को बताया भ्रष्ट, कहा

समाजसेवी अन्ना हजारे ने केन्द्र की मोदी सरकार पर कमजोर लोकपाल विधेयक लाने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कहा कि देश की चुनाव प्रणाली में सुधार किये बगैर राजनीतिक भ्रष्टाचार का खात्मा नहीं होगा। इसके साथ ही अन्ना ने कहा कि वे लोकपाल लोकायुक्त के लिए 23 मार्च से अनशन करेंगे, जिसमें वे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को नहीं बुलाएंगे। एनबीटी की रिपोर्ट के मुताबिक, अन्ना हजारे ने कहा “ऐसे लोगों को मेरे पास आने की जरूरत नहीं है। केजरीवाल के विधायकों ने जिस प्रकार अफसरों के साथ मारपीट की वह बहुत गलत है और इस मामले को लेकर उचित कार्रवाई की जाए।” इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली के सीएम पर भ्रष्ट होने का आरोप भी लगाया।

यह बात अन्ना हजारे ने सीतापुर के राजा कॉलेज मैदान में आयोजित एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए कही। इसके बाद कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अन्ना ने कहा कि उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेसनीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के कार्यकाल में लोकपाल के लिये आंदोलन चलाया था। उस वक्त प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह ने जनता से छल करते हुए आश्वासन के बावजूद लोकपाल विधेयक पेश नहीं किया।

अन्ना हजारे ने कहा कि इसके बाद सत्ता में आई मोदी सरकार कमजोर लोकपाल विधेयक लेकर आई। मोदी सरकार द्वारा लाये गये विधेयक, जिसमें सरकारी अधिकारियों के परिजन की सम्पत्तियों का हर साल ब्यौरा दिये जाने की अनिवार्यता थी, उसे वापस ले लिया गया। मोदी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त तंत्र बनाने की बात तो करती है लेकिन उसमें सशक्त लोकपाल बनाने की इच्छा नहीं दिखती। अन्ना ने कहा कि जब तक देश की चुनाव प्रणाली में सुधार नहीं होगा, तब तक न तो राजनीतिक भ्रष्टाचार समाप्त होगा और न ही लोगों का भला होगा। उन्होंने कहा कि वह सशक्त लोकपाल, किसानों को उनकी उपज का दाम दिलाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर आगामी 23 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में जनांदोलन शुरू करेंगे।

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