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उमा भारती ने लिया चुनावी राजनीति से संन्यास, कहा- शरीर देने लगा है जवाब

केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी की अत्यंत मुखर नेता के तौर पहचानी जाने वाली झांसी की सांसद साध्वी उमा भारती ने अब चुनाव न लड़ने का फैसला कर लिया है। उन्होंने यह बात रविवार को संवाददाताओं से चर्चा के दौरान कही। क्षेत्रीय सांसद उमा भारती ने संवाददाताओं से अपनी उम्र और स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कहा, ‘‘अब मैं कोई चुनाव नहीं लड़ूंगी, मगर पार्टी के लिए काम करती रहूंगी।’’ उन्होंने कहा कि वह दो बार सांसद रही हैं और पार्टी के लिए काफी काम किया है, उसी के चलते इतनी कम उम्र में उनका शरीर जवाब देने लगा है। कमर और घुटनों में दर्द के चलते चलने-फिरने में परेशानी होती है। पार्टी के लिए प्रचार करती रहेंगी।

राम मंदिर के सवाल पर उन्होंने कहा कि न्यायालय अपना फैसला सुना चुका है, लिहाजा आपसी सहमति से राम मंदिर का निर्माण हो जाना चाहिए। यहां बताना लाजिमी होगा कि उमा भारती खजुराहो, भोपाल के बाद झांसी से सांसद हैं। वे बड़ा मलेहरा और चरखारी से विधायक रह चुकी हैं। वे बुंदेलखंड की बड़ी प्रभावशाली नेता और पूरे देश में हिंदूवादी नेता के तौर पर अपनी पहचान रखती हैं।

 

उल्लेखनीय है कि उमा भारती को उच्च रक्तचाप की समस्या के कारण कुछ दिनों पहले अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान में भर्ती किया गया था। अस्पताल के अधिकारियों ने यह जानकारी दी थी कि भारती को अस्पताल के न्यू प्राइवेट वार्ड में दाखिल किया गया था। अस्पताल के अधिकारियों ने बताया था “उमा भारती को उच्च रक्तचाप की समस्या के कारण भर्ती किया गया।” भारती इससे पहले साल 2016 और 2017 में सीने में दर्द और उच्च रक्तचाप की समस्या के कारण एम्स में भर्ती हुई थीं।

बता दें कि उमा भारती ने मध्य प्रदेश के छतरपुर में मोटे के महावीर मंदिर परिसर में कुछ दिनों पहले अपने संन्यास के 25 वर्ष पूरे होने पर दिल के कई राज खोले और कहा था कि आज की राजनीति में साजिश और चापलूसी का मेल है, जो उन्हें नहीं आती। महंत नृत्यगोपाल दास की मौजूदगी में उमा भारती ने कहा था कि उनके जीवन में नृत्यगोपाल दास की अहम भूमिका है। प्रवचन करने से लेकर संन्यास लेने तक महाराज का आशीर्वाद रहा है। उनके आशीर्वाद से ही वे आज उस मुकाम पर हैं, जिस पर पहुंचाना आसान नहीं है।

 

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