‘कृपया खड़े न हों, अब मैं राष्ट्रपति नहीं रहा’ जानें प्रणब मुखर्जी ने किस पर कसा तंज

 

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की हाजिर जवाबी आपको चौंका सकती है। राष्ट्रपति पद से रिटायर होने के बाद भी सार्वजनिक जीवन में उनकी सक्रियता जारी है। दिल्ली में आयोजित ऐसे ही एक कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति ने अपने विनम्र जवाब से लोगों का दिल जीत लिया। मौका था जस्टिस वी आर कृष्ण अय्यर की 102वीं जयंती का। कॉस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ प्रणब मुखर्जी ने वी आर कृष्ण अय्यर को भारत माता का महान सपूत बताया। उन्होंने कहा कि अलग अलग राजनीतिक विचारधारा होने के बावजूद उन दोनों के बीच बेहद प्यार भरे रिश्ते थे। अपना भाषण देने के बाद पूर्व राष्ट्रपति वापस अपने सीट पर आ रहे थे, इस दौरान कार्यक्रम में बैठे सभी लोग खड़े हो गये और पूर्व राष्ट्रपति के बैठने का इंतजार करने लगे ताकि इसके बाद वे भी बैठ सकें। ये देखकर पूर्व राष्ट्रपति ने बड़ी विनम्रता से कहा कि कृपया वे लोग खड़े ना हों क्योंकि वे अब राष्ट्रपति नहीं रहे। पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, ‘कृपया खड़े नहीं होइए, औपचारिकतावश भी नहीं, क्योंकि मैं अब राष्ट्रपति नहीं रहा।’

पूर्व राष्ट्रपति के इस जवाब को सुनकर लोग उनकी तारीफ किये बिना नहीं रह सके। राजनीतिक धुंरधरों और कानून के विद्धानों की इस सभा में ऐसे कई मौके देखने को मिले, जहां पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, वरिष्ठ वकील फली ए नरीमन और जस्टिस एक के पटनायक ने अपनी हाजिर जवाबी से माहौल को मनोरंजक बनाये रखा। इस बैठक में राज्य के नीति निर्देशक तत्वों और भारत के लिए इसकी अहमियत पर चर्चा हो रही थी। प्रणब मुखर्जी ने कहा कि वे भारत माता के इस महान सपूत को अपनी श्रद्धांजलि पेश करते हैं। उन्होंने कहा, ‘जस्टिस वी आर कृष्ण अय्यर के ज्ञान से मैं सदा लाभान्वित हुआ, भारत की संसदीय प्रणाली के काम करने के तरीके में उनकी गहरी रुचि थी।’ प्रणब मुखर्जी ने कहा कि कानून और संविधान के क्षेत्र में और लोगों को आने की जरूरत है। डॉ मुखर्जी के मुताबिक इस क्षेत्र में चार्टर्ड अकाउंटेंट और मेडिकल फील्ड के लोगों का भी स्वागत होना चाहिए।