प्रधान न्यायाधीश प्रतिस्पर्धा कानून पर शनिवार को व्याख्यान देंगे

 प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे.एस. केहर 'प्रतिस्पर्धा कानून का बढ़ता अधिकार क्षेत्र और भारत में व्यापारी समुदाय के लिए उसकी उपयोगिता, तथा भारत की व्यापार नीति' विषय पर शनिवार को व्याख्यान देंगे। यहां जारी एक बयान के अनुसार, प्रधान न्यायाधीश भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के वार्षिक दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे।

उल्लेखनीय है कि प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002, यथा संशोधित प्रतिस्पर्धा (संशोधन) अधिनियम, 2007 आधुनिक प्रतिस्पर्धा कानूनों की विचारधारा का अनुपालन करता है। यह कानून गैर-प्रतिस्पर्धात्मक अनुबंधों, उद्यमों द्वारा प्रमुख स्थिति के दुरुपयोग का निषेध करता है और संयोजनों (अधिग्रहण नियंत्रण और विलय और अधिग्रहण हासिल करने) का नियमन करता है, जिनका भारत में प्रतिस्पर्धा पर गंभीर असर पड़ा है या पड़ने की आशंका है।

बयान के अनुसार, प्रतिस्पर्धा अधिनियम के लक्ष्य भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के माध्यम से हासिल किए जाते हैं, जिसकी स्थापना भारत सरकार ने 14 अक्टूबर, 2003 को की थी। आयोग का यह दायित्व है कि वह ऐसी पद्धतियों को समाप्त करे जो प्रतिस्पर्धा पर दुष्प्रभाव डालती हैं और भारत के बाजारों में प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित एवं संरक्षित करे तथा उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करे। बाजारों में व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना भी आयोग का दायित्व है।