केंद्रीय मंत्रियों से विज्ञान भवन में आज 12 बजे फिर मिलेंगे किसान नेता
Thursday, 03 December 2020 12:42

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नई दिल्ली: नये कृषि काूननों से किसानों के सामने पैदा होने वाली समस्याओं से सरकार को रूबरू कराने के लिए गुरुवार को फिर किसान संगठनों के प्रतिनिधि केंद्रीय मंत्रियों से मिलेंगे। केंद्रीय मंत्रियों और किसान संगठनों की यह बैठक विज्ञान भवन में दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। इस बैठक में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ-साथ रेलमंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री सोम प्रकाश भी हो सकते है। इससे पूर्व की दो बैठकों में भी ये सभी मंत्री मौजूद थे।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, इस बैठक में उन सभी किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है जिनसे पिछली बैठक में एक दिसंबर को केंद्रीय मंत्रियों ने बात की थी।

नये कृषि काननू को लेकर केंद्रीय मंत्रियों के साथ किसान नेताओं की यह चौथी बैठक है। इससे पहले, एक दिसंबर और 13 नवंबर को किसान नेताओं के साथ मंत्री स्तर की वार्ता हुई थी। जबकि मंत्रालय के अधिकारियों के साथ नये कानूनों को लेकर किसान प्रतिनिधियों की वार्ता इन बैठकों से पहले ही हुई थी।

उधर, दिल्ली की सीमाओं पर 26 नवंबर से डटे किसानों का आंदोलन गुरुवार को आठवें दिन जारी है और आंदोलन का दायरा धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के साथ-साथ कई अन्य राज्यों के किसान संगठनों के साथ-साथ ट्रांसपोटरों के एसोसिएशन ने भी किसान आंदोलन को समर्थन दिया है।

किसान नेताओं ने सरकार के साथ आज (गुरुवार) होने जा रही चौथे दौर की वार्ता विफल होने की सूरत में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। सिंघु बॉर्डर पर बुधवार को किसान संगठनों की बैठक के बाद संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सरकार के साथ गुरुवार की बातचीत बेनतीजा रहने पर वे आंदोलन को और तेज करेंगे।

इससे पहले मंगलवार को विज्ञान भवन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रेलमंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री सोम प्रकाश के साथ हुई 35 किसान संगठनों की बैठक बेनतीजा रही।

किसान नेताओं ने बताया कि सरकार के साथ अगले दौर की बातचीत में कोई नतीजा नहीं निकलता है तो उसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा के नेता बैठक कर कड़े कदम उठाएंगे और आंदोलन को तेज करेंगे।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रियों के साथ होने जा रही बैठक में किसान नेताओं द्वारा एक-एक करके कृषि कानूनों की सभी खामियों को सामने रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन को देश के सभी वर्गों एवं सामाजिक संगठनों का समर्थन प्राप्त हो रहा है और धरना स्थल पर किसानों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

किसान नेताओं ने बुधवार की शाम एक प्रेसवार्ता में कहा, "सरकार यह दुष्प्रचार न करे कि यह आंदोलन सिर्फ कुछ राज्यों और वर्गों तक सीमित है।"

--आईएएनएस

पीएमजे-एसकेपी

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