तरुण गोगोई मेरे 'गुरु' थे, मुझे बेटे की तरह मानते थे : राहुल गांधी
Wednesday, 25 November 2020 19:38

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गुवाहाटी: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई उनके 'गुरु' की तरह थे, उन्हें अपने बेटे गौरव गोगोई की तरह मानते थे। वयोवृद्ध कांग्रेस नेता और तीन बार (2001-2016) असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई का लंबी बीमारी के बाद सोमवार शाम को गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) में निधन हो गया था। वह 86 वर्ष के थे।

राहुल ने कहा कि, "तरुण गोगोई एक राष्ट्रीय नेता थे। उन्होंने असम के लोगों को एक साथ लिया, राज्य में शांति स्थापित की और असम का चेहरा बदल दिया।"

उन्होंने मीडिया को बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री को असम की जटिलता का ज्ञान था।

राहुल ने कहा कि, "गोगोई पार्टी (कांग्रेस) के स्तंभ थे और यह हमारे लिए बहुत दुखद दिन है। उनका निधन मेरे लिए एक महान 'व्यक्तिगत क्षति' है। जब मैंने उनसे बात की, तो मुझे लगा कि मैं हमेशा असम के साथ बात कर रहा हूं।"

एक विशेष उड़ान पर गुवाहाटी पहुंचने के बाद, गांधी सीधे कलाक्षेत्र गए और गोगोई को श्रद्धांजलि अर्पित की।

राहुल गांधी ने कहा, "जब मैं पहली बार असम आया था, तब मैं युवा था और मुझे लगता था कि मैं सब कुछ जानता हूं। तब मैं गोगोई जी के साथ बैठा, जिन्होंने मुझे विनम्रता दी। वह एक ऐसे गुरु थे जो अपने छात्रों को राजनीति की कला सिखाते थे।"

कांग्रेस नेता ने कहा, "जब भी मैं असम आया, मैं उसके साथ घंटों बैठा रहा। गोगोई जी ने कभी भी एक मिनट के लिए अपने बारे में बात नहीं की। वह केवल असम और वहां के लोगों के बारे में बात करते थे। उनके पास राज्य के लिए बेहतरीन विचार थे।"

असम के पूर्व मुख्यमंत्री ने कोविड -19 की वजह से 2 नवंबर से चल रहे उपचार के बाद सोमवार को जीएमसीएच में अंतिम सांस ली।

वह मृत्यु के समय जोरहाट जिले के टीताबर विधानसभा क्षेत्र से मौजूदा विधायक थे।

--आईएएनएस

एएनएम

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