एसएफजे ने अगस्त 2021 में ब्रिटेन से 'ग्लोबल रेफरेंडम' करने की घोषणा की
Wednesday, 25 November 2020 19:29

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नई दिल्ली: प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) ने बुधवार को यह घोषणा की है कि यह 15 अगस्त, 2021 को ब्रिटेन से एक 'ग्लोबल रेफरेंडम' (वैश्विक जनमत संग्रह) आयोजित करेगा। अमेरिका में रहने वाले समूह के जनरल काउंसलर गुरपतवंत सिंह पन्नू ने इस कदम के बारे में कुछ विशिष्ट इंटरनेट प्लेटफार्मो पर भारत विरोधी संदेश सर्कुलेट किया।

इस संदेश के साथ पन्नू ने एक शॉर्ट वीडियो शूट किया है जिसे आठ अन्य खालिस्तान समर्थक एक्टिविस्ट के साथ गृह मंत्रालय द्वारा इस वर्ष 1 जुलाई को 'आतंकवादी' के रूप में घोषित किया गया था।

घोषणा, सुरक्षा प्रतिष्ठानों और आतंकवाद-रोधी एजेंसियों को समूह के खिलाफ अपने प्रयासों को तेज करने के लिए प्रेरित देगी।

आईएएनएस द्वारा एक्सेस किए गए संदेश में खालिस्तान समर्थक नारे लगाकर राष्ट्रीय राजधानी में एसएफजे की छाप छोड़ने का भी दावा किया गया है।

संदेश के हेडर में, एसएफजे ने उल्लेख किया, "दिल्ली मेट्रो में खालिस्तान के नारे लिखे गए और यमुना ब्रिज क्रॉसिंग पर खालिस्तान का झंडा लहराया गया।"

संदेश में आगे कहा गया, "अलगाववादी समूह एसएफजे के समर्थकों ने दिल्ली मेट्रो में खालिस्तान के नारे लिखकर भारतीय राजधानी में अपने निशान छोड़े हैं और यमुना पुल क्रॉसिंग पर एक झंडा भी फहराया गया है।"

यह दावा समूह द्वारा दिल्ली में इंडिया गेट पर किसानों से 26 नंवबर को खालिस्तान का झंडा फहराने के लिए कहे जाने के ठीक दो दिन बाद सर्कुलेट हुआ है। इसने ऐसा पंजाब की स्वतंत्रता के लिए जनमत संग्रह को हाइलाइट करने के लिए कहा है।

संदेश में आगे कहा गया है कि यमुना क्रॉसिंग पर खालिस्तान का झंडा स्वतंत्र पंजाब की सीमाओं के बारे में मोदी सरकार के लिए मोदी सरकार को संदेश है, जिसके लिए एसएफजे 15 अगस्त 2021 को लंदन से वैश्विक जनमत संग्रह का आयोजन कर रही है।"

हालांकि, सुरक्षा प्रतिष्ठानों ने राष्ट्रीय राजधानी में ऐसी किसी भी गतिविधि के संज्ञान में आने की बात से इनकार कर दिया। एजेंसियां किसी भी अप्रिय गतिविधि से बचने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ राजधानी शहर के संदिग्ध क्षेत्रों में भी कड़ी निगरानी कर रही हैं।

मुंबई में आतंकवादी हमले की 12वीं वर्षगांठ के अवसर पर किसानों के लिए 26 नवंबर के आह्वान के संबंध में एसएफजे से इनपुट मिलने के तुरंत बाद, राष्ट्रीय राजधानी को अलर्ट पर रखा गया।

इस साल की शुरुआत में, एसएफजे ने अपने भारत-विरोधी अभियान 'रेफरेंडम -2020' शुरू करने की घोषणा इस साल नवंबर में की थी। यह संगठन पंजाब को भारत से अलग करने की मांग करता है।

--आईएएनएस

वीएवी/एसजीके

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