चीनी सैनिकों का सर्द मौसम में मनोबल गिरा, मन बहलाने को बना रहे मनोरंजन केंद्र
Tuesday, 24 November 2020 22:00

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नई दिल्ली: पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास कठोर मौसम में तैनात चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवानों का मनोबल कम हुआ है। शीर्ष खुफिया एजेंसियों ने यह जानकारी दी है।

सूत्रों ने बताया कि सैनिकों का मन बहलाने और उनका मनोबल बढ़ाने के लिए चीन ने एक फिटनेस केंद्र के साथ गर्म स्विमिंग पूल, हॉट टब, लाइब्रेरी और अन्य सुविधाओं से युक्त मनोरंजन केंद्रों की स्थापना शुरू की है।

चीन ने सीमावर्ती क्षेत्रों में यथास्थिति बदलने के लिए एलएसी के साथ अपने हजारों सैनिकों को तैनात किया है। अब सर्दी शुरू होने और तापमान के कम से कम माइनस 30 डिग्री सेल्सियस से कम होने के साथ चीनी सैनिकों की स्थिति खराब हो गई है। कठोर मौसम में उनकी गतिविधि भी कम हो गई है।

एक सूत्र ने कहा, "यह पीएलए के लिए चिंता का विषय है। पीएलए सैनिकों का मनोबल अब बहुत कम है।"

सूत्रों ने कहा कि मनोरंजन केंद्रों में कंप्यूटर और प्ले स्टेशन भी हैं। सूत्र ने कहा, "ऐसा ही एक मनोरंजन केंद्र भारत के चुशुल के सामने मोल्डो गैरीसन के पास स्थापित किया गया है।"

सूत्रों ने यह भी कहा कि चीन विशिष्ट ठंडे जलवायु के लिए गर्म कपड़ों की कमी का सामना कर रहा है और इसकी आपातकालीन खरीद करने जा रहा है। सूत्रों ने कहा कि कपड़े और आवास की खराब गुणवत्ता के साथ पीएलए सैनिक शून्य से नीचे के तापमान में जीवित रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

सूत्रों ने कहा कि पीएलए संयुक्त रसद सहायता बल (जेएलएसएफ) ने अत्यधिक ठंडे जलवायु में पहनने लायक कपड़ों की आपातकालीन खरीद के लिए एक गुणवत्ता पर्यवेक्षण दल का गठन किया है।

इस टीम को अच्छी गुणवत्ता वाले कपड़े और आगे के क्षेत्र (फॉरवर्ड एरिया) के सैनिकों को तेजी से वितरण सुनिश्चित करने का काम सौंपा गया है।

सूत्र ने कहा, "यह टीम सीधे केंद्रीय सैन्य आयोग को रिपोर्ट कर रही है।"

एलएसी के पास कठोर मौसम की स्थिति में चीनी और भारतीय सैनिक तैनात हैं। दोनों देशों की सेनाओं के बीच पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर पिछले आठ महीने से गतिरोध बना हुआ है। दोनों देश सीमा विवादों को हल करने के लिए सैन्य और राजनयिक वार्ता में भी लगे हुए हैं।

दोनों देशों की सेना के बीच आठ दौर की कोर कमांडर स्तर की वार्ता हुई है और सैनिकों को पीछे हटाने के लिए नौवें दौर की वार्ता भी जल्द होने वाली है।

--आईएएनएस

एकेके/एसजीके

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