बंजारा समाज के शीर्ष धर्मगुरु संत रामराव महाराज के निधन पर मोहन भागवत ने दी श्रद्धांजलि
Sunday, 01 November 2020 15:18

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नई दिल्ली: 12 करोड़ से भी अधिक अनुयायियों वाले बंजारा समाज के शीर्ष धर्मगुरु संत रामराव महाराज के निधन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने गहरा दुख जताया है। रामराव महाराज ने 89 साल की उम्र में बीते शनिवार को मुंबई के लीलावती अस्पताल में आखिरी सांस ली। मोहन भागवत ने आरएसएस की तरफ से उन्हें श्रद्धांजलि दी है। आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने श्रद्धांजलि संदेश में कहा है कि हर युग में हिंदुत्व भारत की आत्मा रहा है। धर्म, संस्कृति, परम्परा, सभ्यता के प्रवाह को अक्षुण्ण रखकर, सामान्य समाज के आचरण का काल-सुसंगत विकसित करने में इस भारतवर्ष में ऋषियों, मुनियों, संत, महंतों का योगदान रहा है। रामराव महाराज का स्थान उसी कड़ी में बहुत ही गर्व के साथ लिया जाता है।

मोहन भागवत ने कहा, जगतजननी मां जगदम्बा का आशीर्वाद बापू महाराजश्री को प्राप्त था। आजन्म ब्रह्मचर्य व्रत का कठोरता से पालन करते हुए उन्होंने अपने अनुयायियों को समाज की भक्ति एवं राक्षसी वृत्ति का निर्दलन के लिये शक्ति की आराधना करने की दीक्षा दी।

संत सेवालाल महाराज के कृपाप्रसाद के धनी रामराव महाराज ने गौसेवा को सदैव पुरस्कृत किया। प्राणिमात्र पर दया करना इस भाव को अधिक पुष्ट करने के लिये उन्होंने अनेक कुप्रथाओं को समाप्त किया। उनके जीवन में सदैव शुद्धता एवं सादगी रही। प्रेम एवं आत्मीयता से सभी के साथ बात करना यह उनका सहज स्वभाव था।

हिन्दुत्व उनका जीवनाचरण होने के कारण वर्ष 2006 में सम्पन्न हिन्दू सम्मेलन में उनका संदेश प्रसाद के रूप में प्राप्त होना सभी के लिये गौरव की बात रही। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शिक्षा वर्ग में स्वयंसेवकों को उनका सान्निध्य एवं आशीर्वाद सभी के लिए प्रेरणा का क्षण था।

भागवत ने कहा, कोजागरी पूर्णिमा को संत रामराव महाराज का स्वर्गार्रोहण हुआ, यह दु:खद वार्ता प्राप्त हुई। परमेश्वर उनकी आत्मा को शांति दे। उनके परिवार एवं महाराज जी के अनुयायी तथा सब समाज को इस दु:खद घटना से संभलने की शक्ति दे, यही मां जगदम्बा से प्रार्थन। मैं उनकी पवित्र स्मृति में मेरी अपनी व्यक्तिगत तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पण करता हूं।

--आईएएनएस

एनएनएम-एसकेपी

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