राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, श्रम सुधार से जुड़े तीन विधेयक पारित
Wednesday, 23 September 2020 15:46

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नई दिल्ली: निर्धारित समय से एक सप्ताह पहले ही बुधवार को राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई। सभापति वेंकैया नायडू ने इसकी घोषणा की। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के कारण समय से पहले सत्र को खत्म किया गया है। 1 अक्टूबर तक चलने वाले सत्र को 8 दिन पहले ही खत्म करने का फैसला लिया गया। राज्यसभा में इस सत्र में कुल 25 विधेयक पारित किए गए। इसमें कृषि से संबंधित तीन और श्रम सुधार से जुड़े तीन विधेयक शामिल हैं। सभापति वेंकैया नायडू ने कहा, 'सदन के लिए 18 बैठकें निर्धारित की गई थीं लेकिन 10 ही हो सकी और इस दौरान 25 विधेयक पारित किए गए।'

TMC और TRS के लोकसभा सांसद संसद परिसर में गांधी मूर्ति के पास कृषि विधेयक का विरोध कर रहे हैं। बता दें कि राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद आज शाम 5 बजे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करेंगे।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, 'जब देश के 50 करोड़ मजदूरों के हित के लिए विधेयक लाया जा रहा है तब विपक्ष सदन से अनुपस्थित है क्योंकि वे जनता से दूर हैं। आजादी के 73 सालों बाद श्रमिकों को अधिकार मिल रहा है जिसके लिए वे लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। इन विधेयकों में उनकी तनख्वाह, सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा निहित है।'  राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, 'प्रवासी मजदूर को साल में एक बार घर जाने के लिए प्रवास भत्ता मिलेगा। प्रवासी मजदूरों को मालिकों द्वारा दिया जाएगा।' इससे पहले उन्होंने कहा, 'मजदूर जिस न्याय की प्रतीक्षा कर रहे थे वो अब मिल रहा है। वेतन सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा तीनों की गारंटी देने वाला ये बिल है: उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता, 2020 और औद्योगिक संबंध संहिता 2020 और सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020।

इससे पहले विपक्षी पार्टियों ने राज्यसभा के चेयरमैन एम वेंकैया नायडू को पत्र लिखकर कहा कि विपक्ष की अनुपस्थिति में श्रमिकों से संबंधित विधेयकों को पारित न किया जाए।

राज्यसभा में रामदास अठावले ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी जी ने लिया है अपने ऊपर सभी मजदूरों का भार, इसलिए उनको देश के मजदूर करते हैं प्यार। संतोष गंगवार हैं आदमी सोबर, इसलिए उन्हें डिपार्टमेंट मिला है लेबर (labour)। लेबर को न्याय देने की गंगवार जी में है हिम्मत, इसलिए हम सब उनको देते हैं हिम्मत।'

 राज्यसभा में उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता, 2020 और औद्योगिक संबंध संहिता 2020 और सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 बिल (Occupational Safety, Health and Working Conditions Code, 2020, the Industrial Relations Code 2020 and the Code on Social Security) पारित हुए।राज्यसभा में अर्हित वित्तीय संविदा द्विपक्षीय नेटिंग विधेयक, 2020 ( Bilateral Netting of Qualified Financial Contracts Bill, 202) पारित हुआ। 

 विपक्षी दल संसद परिसर में संयुक्त रूप से कृषि विधेयक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं और नारा लगा रहे हैं- किसान बचाओ, मजदूर बचाओ, लोकतंत्र बचाओ।

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