खरीफ सीजन में खाद्यान्नों के रिकॉर्ड 14.45 करोड़ टन उत्पादन का अनुमान
Wednesday, 23 September 2020 06:05

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नई दिल्ली: देश में इस साल खरीफ सीजन में 14.45 करोड़ टन खाद्यान्नों का उत्पादन होने का अनुमान है, जो बीते पांच साल के औसत से 98.3 लाख टन अधिक है। खाद्यान्नों के उत्पादन का यह आंकड़ा मंगलवार को जारी फसल वर्ष 2020-21 (जुलाई-जून) लिए पहले अग्रिम उत्पादन अनुमान में बताया गया। मानसून के इस साल मेहबान रहने और देशभर में बारिश का हाल बेहतर रहने से चालू खरीफ सीजन में खाद्यान्नों का बंपर उत्पादन होने की आस जगी है।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी फसल वर्ष 2020-21 (जुलाई-जून) लिए पहले अग्रिम उत्पादन अनुमान में खरीफ सीजन के दौरान देश में सभी खाद्यान्नों का कुल उत्पादन 14.45 करोड़ टन होने का आकलन किया गया है जोकि पिछले पांच वर्षों (2014-15 से 2018-19) के औसत खाद्यान्न उत्पादन के मुकाबले 98.3 लाख टन ज्यादा है।

फसल वर्ष 2020-21 के खरीफ सीजन के दौरान चावल का कुल उत्पादन 1023.6 लाख टन होने का अनुमान है जोकि पिछले पांच वर्षों के औसत उत्पादन 956.6 लाख टन से 67 लाख टन अधिक है।

चालू खरीफ सीजन में मोटे अनाजों का उत्पादन 328.4 लाख टन होने का अनुमान है, जो पांच साल के औसत उत्पादन 313.9 लाख टन की तुलना में 14.5 लाख टन अधिक है। वहीं, खरीफ सीजन के दलहनों का उत्पादन 2020-21 के दौरान 93.1 लाख टन होने का अनुमान है जो 2019-20 के चैथे अग्रिम उत्पादन अनुमान के 77.2 लाख टन से 15.9 लाख टन अधिक है।

देश में 2020-21 के दौरान खरीफ तिलहनों का कुल उत्पादन 257.3 लाख टन होने का अनुमान है जो 2019-20 के उत्पादन की तुलना में 34.1 लाख टन अधिक है। वहीं, 2020-21 के दौरान तिलहन का उत्पादन औसत से 59 लाख टन अधिक है।

देश में 2020-21 के दौरान गन्ने का कुल उत्पादन 39.98 करोड़ टन होने का अनुमान है जो औसत से 394 लाख टन अधिक है।

चालू सीजन में कपास का उत्पादन 371.2 लाख गांठ (एक गांठ में 170 किलो) होने का अनुमान है जो 2019-20 के 354.9 लाख गांठ से 16.3 लाख गांठ अधिक है। जूट और मेस्टा का उत्पादन 96.56 लाख गांठ (एक गांठ मंे 180 किलोग्राम) होने का अनुमान है।

मानसून सीजन के दौरान एक जून से लेकर 22 सितंबर तक देशभर में औसत से आठ फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। पिछले सप्ताह तक किसानों ने खरीफ फसलों की बुवाई 1,113.63 लाख हेक्टेयर में की थी जोकि अब तक का रिकॉर्ड स्तर है। पिछले साल की इसी अवधि में 1053.52 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई हुई थी जिससे इस साल कुल रकबा 5.71 फीसदी अधिक है।

मंत्रालय ने बताया कि अधिकांश प्रमुख फसल उत्पादक राज्यों में बारिश सामान्य रही है। कृषि वर्ष 2020-21 के लिए अधिकांश फसलों का उत्पादन उनके सामान्य उत्पादन से अधिक होने का अनुमान लगाया गया है, लेकिन राज्यों से आगे मिलने वाली जानकारी के आधार पर इसमें संशोधन किया जाएगा।

--आईएएनएस

पीएमजे/एसजीके

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