भारत दुनिया में 'क्लीन एनर्जी' का मॉडल बनेगा : मोदी
Friday, 10 July 2020 17:07

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दिल्ली/भोपाल/रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा जिले में स्थापित एशिया के सबसे बड़े सौर उर्जा संयंत्र रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली से वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए राष्ट्र को समर्पित करते हुए कहा कि भारत विश्व में 'क्लीन एनर्जी' का मॉडल बनेगा। भारत ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिये 'अंतर्राष्ट्रीय सोलर एलायंस' का निर्माण किया है। हमारे प्रयास हैं कि आम आदमी अपनी जरूरत की बिजली घर पर ही पैदा करे। इस कार्य में सरकार मदद करेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली से वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए शुक्रवार को एशिया की इस सबसे बड़ी सौर उर्जा परियोजना का लोकार्पण किया। लखनऊ से राज्य की प्रभारी राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, रीवा में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह, ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, धर्मेद्र प्रधान, थावरचंद्र गहलोत, प्रहलाद पटेल मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री मोदी ने भावी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा, "हमारा प्रयास है कि देश में बेहतर सोलर पैनल, बैट्री, स्टोरेज बनें तथा हमें विदेशों से उपकरण आयात नहीं करना पड़े। मध्यप्रदेश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हो रहे है। मध्यप्रदेश सस्ती एवं साफ-सुथरी बिजली का हब बन रहा है। रीवा ने आज वाकई इतिहास रच दिया है। नर्मदा नदी और सफेद बाघ के नाम से जाना जाने वाला रीवा अब विश्व में सेालर प्लांट के नाम से भी जाना जाएगा। यहां खेतों में लगे हजारों पैनल ऐसा एहसास दिलाते हैं, मानो खेतो में फसल लहरा रही हो या गहरे समंदर का नीला पानी हो।"

प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान की सराहना करते हुए कहा "कोरोना के प्रभावी नियंत्रण के साथ ही मध्यप्रदेश ने गेहूं का रिकार्ड उत्पादन किया है। अब मध्यप्रदेश सौर ऊर्जा उत्पादन में भी रिकार्ड बनाएगा। शासन ऐसी योजना बना रहा है, जिसके माध्यम से अब किसान अपनी बंजर एवं अनुपयोगी भूमि पर सोलर पैनल लगाकर बिजली का उत्पादन कर सकेगा। वह स्वयं की आवश्यकता की पूर्ति के साथ ही दूसरों को भी बिजली दे पायेगा। हमारा अन्नदाता किसान अब ऊर्जादाता भी बन सकेगा।"

इस सौर उर्जा संयंत्र से उत्पादित हो रही बिजली के उपयोग का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रीवा सोलर परियोजना से न केवल मध्यप्रदेश को बिजली प्राप्त हो रही है बल्कि यह हर्ष का विषय है कि परियोजना अपनी 24 प्रतिशत बिजली दिल्ली मेट्रो को प्रदान कर रही है। दिल्ली की मेट्रो रीवा से चलेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, " हमारे देश में सूर्य उपासना का विशेष स्थान है। सूर्य हमें पवित्र तो करता ही है, हमारे लिये अक्षय ऊर्जा का स्त्रोत भी है। सूर्य श्योर, प्योर एवं सिक्योर ऊर्जा देता है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भारत विश्व के टॉप पांच देशों में पहुंच गया है। भारत ने सिद्ध कर दिया है कि सौर ऊर्जा अर्थव्यवस्था एवं पर्यावरण दोनों की दृष्टि से लाभदायी है। वर्ष 2014 में जहां सौर ऊर्जा की कीमत सात से आठ रुपये प्रति यूनिट हुआ करती थी, आज वह घटकर 2.25 से 2.50 रुपये प्रति यूनिट हो गयी है। रीवा सोलर प्लांट के माध्यम से सस्ती बिजली का उत्पादन बड़ी उपलब्धि है।"

पर्यावरण सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "साफ सुथरी ऊर्जा के प्रति हम संकल्पित है। हमें पर्यावरण की सुरक्षा तो करना ही है, साथ ही जनजीवन को आसान भी बनाना है। हमने हर घर में एलपीजी, सीएनजी आधारित वाहन व्यवस्था तो की ही है, अब बिजली आधारित परिवहन की व्यवस्था के प्रयास किये जा रहे हैं। देश में गत वर्षो में 36 करोड़ एलईडी बल्ब के माध्यम से लगभग 600 अरब यूनिट बिजली बचाई गई है। हमारा ध्येय है हर व्यक्ति तक सस्ती बिजली पहुंचे तथा वातावरण हवा-पानी भी शुद्ध बना रहे। इसके साथ 24 हजार करोड़ की बिजली हर साल बचाई जा रही है।"

इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना से बचाव के उपयोग का जिक्र करते हुए कहा, "थोड़े से प्रयासों दो गज की दूरी, चेहरे पर मास्क लगाना, हाथ को 20 सेकेंड तक साबुन से धोना, जगह-जगह नहीं थूकना आदि के माध्यम से हम कोरोना जैसी भयानक बीमारी को आसानी से हरा सकते हैं। नियमों का पालन करें तथा अनुशासन में कमी न आने दें।"

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी तो 'मैन ऑफ आईडियास' हैं तथा उनकी प्रेरणा एवं दूरदृष्टि से ही हर क्षेत्र में मध्यप्रदेश आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री चैहान ने बताया कि रीवा सोलर प्लांट ने कई नये कीर्तिमान स्थापित किए हैं। यह सौर ऊर्जा के क्षेत्र में 'गेम चेंजर' परियोजना है। मात्र 2.97 रुपये प्रति यूनिट की सस्ती बिजली, प्रथम बार राज्य के बाहर व्यावसायिक संस्थान को बिजली प्रदाय करना, विश्व बैंक से बिना गारंटी के न्यूनतम ब्याज दर पर कर्ज प्राप्त करना, दो करोड़ 60 लाख पेड़ों के बराबर कार्बन उत्सर्जन बचाना आदि ऐसे प्रतिमान हैं कि जो इस परियोजना को अनूठी बनाते हैं।

यह परियोजना 1500 हेक्टेयर में है, इसमें 250 मेगावॉट की तीन सौर इकाइयां स्थित हैं। प्रत्येक इकाई 500 हेक्टेयर भूमि पर स्थापित है। सौर पार्क को मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम मर्यादित तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम सोलर एनर्जी कॉपोर्रेशन ऑफ इण्डिया की संयुक्त कम्पनी रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (आरयूएमएसएल) द्वारा विकसित किया गया है। पार्क को विकसित करने के लिये आरयूएमएसएल को केन्द्र से 138 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।

--आईएएनएस

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