जर्मनी के साथ व्यापार, निवेश बढ़ाने के लिए मनमोहन पहुंचे बर्लिन
Thursday, 11 April 2013 09:39

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प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पांच केंद्रीय मंत्रियों वाली एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बुधवार को जर्मनी की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर बर्लिन पहुंचे। इस यात्रा के दौरान गुरुवार से शुरू हो रही अंतर सरकारी वार्ताओं में द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश और शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं नवीकरणीय ऊर्जा कार्यसूची में शीर्ष पर रहेंगी। यह मनमोहन सिंह की दूसरी जर्मनी यात्रा है। इससे पहले वह दिसम्बर 2010 में जर्मनी का दौरा कर चुके हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, "मेरी इच्छा जर्मनी के साथ व्यापार एवं निवेश के क्षेत्र में और अधिक समझौते करना है, जैसा कि हम घरेलू निवेश को मजबूती देने, विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने तथा अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर को आठ फीसदी तक पहुंचाने के लिए लगातार कदम उठा रहे हैं।"

जर्मनी के लिए रवाना होने ऐन पहले नई दिल्ली में जारी अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा, "आधारभूत ढांचा, विनिर्माण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, उच्च शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में जर्मनी हमारा एक महत्वपूर्ण साझीदार है। हमें इन क्षेत्रों में कई समझौतों और आपसी सहमति के स्मारपत्र पर हस्ताक्षण किए जाने की उम्मीद है।"

वर्ष 1990 में जर्मनी के एकीकरण का पुरजोर समर्थन करने वाला और जर्मन संघीय गणराज्य को सबसे पहले मान्यता देने वाले देशों में भारत पहला देश है। अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति की कई नीतियों पर दोनों देशों में सहमति है।

दोनों देश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट चाहते हैं और जी-20 प्रक्रिया में दोनों एक दूसरे का साथ निभा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वे यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ संतुलित व्यापार एवं निवेश समझौते को जल्द निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए जर्मनी से सहयोग मांगेंगे।

उन्होंने कहा कि जर्मनी वैश्विक अर्थव्यवस्था में प्रमुख भूमिका निभाता है। खास तौर पर यूरो जोन में स्थिरता एवं विकास को लेकर इसकी भूमिका महत्वपूर्ण है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री ने कहा, "ऐसे में जबकि वैश्विक अर्थव्यवस्था कमजोर तथा अनिश्चित है, मैं चांसलर मार्केल के साथ इन मुद्दों पर चर्चा करना चाहूंगा।"

भारत और जर्मनी आपसी हितों को ध्यान में रखते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार तथा अफगानिस्तान, पश्चिम एशिया एवं एशिया प्रशांत क्षेत्र सहित वैश्विक विकास के व्यापक क्षेत्र पर भी चर्चा करेंगे।

प्रधानमंत्री, जर्मनी के राष्ट्रपति जोशिम गौक से भी मिलेंगे और जर्मनी में भारतीय दूतावास की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे।

विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद, वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा, अक्षय ऊर्जा मंत्री फारुक अब्दुल्ला, मानव संसाधन विकास मंत्री एम. एम. पल्लम राजू और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री एस. जयपाल रेड्डी इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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