देशभर में 15 अप्रैल के बाद ही गेहूं की सरकारी खरीद होने की उम्मीद
Saturday, 28 March 2020 21:15

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नई दिल्ली: कोरोनावायरस के खिलाफ भारत सरकार द्वारा छेड़ी गई जंग तहत देश में 14 अप्रैल तक पूर्ण लॉकडाउन होने की वजह से एक अप्रैल से आरंभ होने वाले रबी विपणन सीजन में 15 अप्रैल से पहले गेहूं की सरकारी खरीद आरंभ होने की संभावना नहीं दिख रही है। बता दें कि देश में सबसे पहले गेहूं की आवक मध्यप्रदेश में शुरू होती है, इसलिए सरकारी खरीद भी मध्यप्रदेश में ही आरंभ होती है, लेकिन मध्यप्रदेश में सरकार ने एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद आरंभ करने की योजना को स्थगित कर इसे 15 अप्रैल के बाद शुरू करने का फैसला लिया है।

इस संबंध में भोपाल संभाग की आयुक्त कल्पना श्रीवास्तव द्वारा जारी एक पत्र में कहा गया है कि एक अप्रैल से प्रस्तावित उपार्जन यानी सरकारी खरीद के संदर्भ मे 27 मार्च को एक समीक्षा बैठक हुई, जिसमें यह बताया गया कि कोरोनावायरस के प्रकोप को ध्यान में रखते हुए एक अप्रैल से उपार्जन संभव नहीं है। संभाग समिति का मत है कि 15 अप्रैल के बाद ही गेहूं की खरीद शुरू की जाए।

विगत वर्षों के दौरान मध्यप्रदेश में मार्च में ही गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो जाती थी। वहीं, राजस्थान और गुजरात में भी अप्रैल से पहले गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होती थी, लेकिन इस साल 15 अप्रैल से पहले कहीं भी गेहूं की खरीद शुरू होने की संभावना नहीं है।

हालांकि, भारतीय खाद्य निगम यानी एफसीआई ने गेहूं की खरीद और रखरखाव को लेकर कोई नया दिशानिर्देश जारी नहीं किया है।

एफसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "गेहूं की खरीद ज्यादातर प्रदेशों की एजेंसियां करती हैं, इसलिए कब तक खरीद शुरू करना चाहिए और कब बंद यह उन्हीं को तय करना होता है, लेकिन रबी विपणन वर्ष का आरंभ एक अप्रैल से होता है। अगर कहीं, समय से पहले आवक शुरू होती है, उन राज्यों को तय करना पड़ता है कि खरीद थोड़ा पहले शुरू कर दें।"

उधर, हरियाणा में इस साल गेहूं की सरकारी खरीद 20 अप्रैल आरंभ करने का फैसला लिया गया है।

कोरेानावायरस के प्रकोप के चलते गेहूं की खरीद शुरू करने से पहले इसकी कटाई के लिए भी मजदूर नहीं मिल रहा है। राजस्थान के बूंदी के किसान कृष्ण कुमार ने बताया कि गेहूं की कटाई के लिए इस समय मजदूर नहीं मिल रहा है। यही स्थिति पंजाब और हरियाणा में भी है।

मध्यप्रदेश के जींस कारोबारी अमित खंडेलवाल ने बताया कि मजदूर के अभाव में मंडियां बंद हैं। उन्होंने कहा कि जब तक स्थिति में सुधार नहीं होगा तब तक गेहूं समेत अन्य फसलों की कटाई से लेकर परिवहन, खरीद-बिक्री की समस्या बनी रहेगी क्योंकि मजदूर के अभाव में यह काम नहीं हो सकता है।

-- आईएएनएस

 

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