Ayodhya Case: सभी पुनर्विचार याचिकाएं खारिज, दोबारा नहीं खुलेगा मामला
Thursday, 12 December 2019 15:17

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नई दिल्‍ली: अयोध्या मामले में दायर तमाम पुनर्विचार याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को खारिज कर दिया। कोर्ट ने इस मामले में पुनर्विचार से इंकार कर दिया। अब यह मामला दोबारा नहीं खोला जाएगा। कोर्ट के पांच जजों ने यह फैसला सुनाया है। बता दें कि मामले में कुल 18 याचिकाएं दायर की गई थीं। 

पुनर्विचार याचिकाओं में कोर्ट से 9 नवंबर के फैसले पर पुनर्विचार का अनुरोध किया गया था। 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की पीठ ने सर्वसम्मति से फैसला देते हुए अयोध्या में पूरी विवादित जमीन मंदिर बनाने के लिए दे दी थी और सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या में ही दूसरी जगह पांच एकड़ जमीन आवंटित करने का आदेश दिया था। फैसले के खिलाफ कुल 19 पुनर्विचार याचिकाएं दाखिल हुई जिसमे से 18 विचार के लिए दाखिल की गई थी। 

9 नवंबर का फैसला तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, एसए बोबडे, डीवाई चंद्रचूड़, अशोक भूषण और एस अब्दुल नजीर की पीठ ने सर्वसम्मति से सुनाया था।

कोर्ट के नियम के मुताबिक किसी भी फैसले पर कोर्ट पुनर्विचार तब करता है जबकि फैसले में साफ तौर पर कानूनी या तथ्यपरक खामी हो।  सुप्रीम कोर्ट के नियम के मुताबिक पुनर्विचार याचिकाओं पर वही पीठ विचार करती है जिसने मूल फैसला सुनाया होता है। लेकिन इस मामले में जस्टिस रंजन गोगोई सेवानिवृत हो चुके हैं ऐसे में पीठ में पांच न्यायाधीशों का कोरम पूरा करने के लिए सुनवाई पीठ में नये न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना को शामिल किया गया। यह भी नियम है कि पुनर्विचार याचिका पर फैसला देने वाले न्यायाधीश सर्कुलेशन के जरिए चैम्बर में विचार करते हैं। याचिका पर खुली अदालत में सुनवाई और बहस नहीं होती। चैम्बर में फाइल और रिकार्ड देखकर अगर कोर्ट को लगता है कि मामले पर खुली अदालत में सुनवाई की जरूरत है तब कोर्ट पुनर्विचार याचिका पर नोटिस जारी करता है और मामले को सुनवाई के लिए खुली अदालत में लगाने का आदेश देता है।

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