पाकिस्तान ने एलओसी पर सेना की तैनाती बढ़ाई
Tuesday, 12 November 2019 04:26

  • Print
  • Email

नई दिल्ली: भारत ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को अवगत करा दिया है कि जम्मू एवं कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को 5 अगस्त को खत्म किए जाने के बाद राज्य में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तानी सेना की तैनाती लगातार बढ़ी है और उसने अपने आग्नेयास्त्रों का जरीखा भी बढ़ा दिया है।

भारतीय सेना ने इस संबंध में व्यापक विश्लेषण किया है और इसकी रिपोर्ट सरकार को दी है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने संघर्षविराम समझौते का उल्लंघन करने और भारतीय क्षेत्र में लगातार गोलाबारी करने के लिए नियंत्रण रेखा पार आर्टिलरी बंदूकें भी तैनात कर दी हैं।

सूत्रों ने कहा, "पाकिस्तान ने आर्टिलरी से भारी गोलाबारी कर एलओसी से लगे रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। एलओसी से चंद कदमों दूर लॉन्च पैड्स से आतंकवादियों को घुसपैठ कराकर भारत में भेजने के प्रयासों में भी तेजी आई है। लॉन्च पैड्स में भारत में घुसपैठ का इंतजार कर रहे आतंकवादियों की भरमार है।"

रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने एलओसी पर अपने विशेष अंग स्पेशल सर्विस ग्रुप (एसएसजी) के लगभग 2,000 कर्मियों को तैनात कर दिया है। पाकिस्तान ने एलओसी पर 1,13,000 भारतीय सैनिकों के जवाब में अपने 90,000 सैनिक तैनात कर दिए हैं।

रिपोर्ट में पाकिस्तान के उस दुष्प्रचार का भी खुलासा किया गया है, जिसके अनुसार, कश्मीर में नौ लाख भारतीय सैनिक तैनात कर दिए गए हैं और वह सेना का गढ़ बन गया है।

विश्लेषण के अनुसार, घाटी में तैनात भारतीय सेना और अर्धसैनिक बल कुल 2,31,000 हैं।

एक सूत्र ने कहा, "इसमें लगभग मुख्य कश्मीर में तैनात एक लाख अतिरिक्त बल भी शामिल है, जिसे पांच अगस्त को कानून व्यवस्था कायम रखने और आतंकवाद-रोधी अभियानों के लिए तैनात किया गया है।"

रिपोर्ट में कहा गया कि कश्मीर में नौ लाख भारतीय सैनिकों को तैनात करने के पाकिस्तानी दावे के विपरीत घाटी में 2,31,000 सैनिकों से ज्यादा एक भी सैनिक तैनात नहीं है। इन सैनिकों को भी आतंकवाद-रोधी अभियानों और पाकिस्तान की तरफ से लगातार बढ़ रही घुसपैठ की कोशिशें रोकने के लिए तैनात किया गया है।

अब पाकिस्तान ने एलओसी पर 1.3 लाख से ज्यादा सैनिक तैनात कर दिए हैं, जिसके बाद उसमें और भारत में खासा अंतर नहीं रहा है। लेकिन भारतीय सैनिकों की संख्या पाकिस्तान द्वारा दुष्प्रचार करते हुए किए गए दावे को देखते हुए बहुत कम है और सैनिकों की तैनाती दोनों देशों के बीच आपसी सहमति से तय संख्या के अनुसार ही है।

रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान के सैन्यकर्मियों ने अब तक हमेशा यही माना है कि एलओसी पार तैनाती पाकिस्तान की पश्चिमी सीमाओं की तैनाती की तुलना में शांतिपूर्ण रही है, जहां उन्होंने अफगानिस्तान के साथ युद्ध किया।

सूत्र ने बताया, "लेकिन अब चीजें बदल गई हैं और पाकिस्तानी सैन्यकर्मी अब एलओसी को शांतिपूर्ण तैनाती नहीं मानते हैं, क्योंकि उनके कमांडर उन्हें एलओसी पार लगातार गोलाबारी और गोलीबारी करने के आदेश जारी करते रहते हैं।"

--आईएएनएस

Leave a comment

Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

Don't Miss