रक्षा निर्यात 2024 तक 35 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा : सैन्य प्रमुख
Saturday, 19 October 2019 10:18

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नई दिल्ली: सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने शुक्रवार को कहा कि घरेलू रक्षा उद्योग का निर्यात 2024 तक बढ़कर 35 हजार करोड़ रुपये हो जाएगा। मौजूदा समय में यह आंकड़ा सालाना 11 हजार करोड़ रुपये है। रावत संविधान क्लब में आयोजित एक सम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत रक्षा उत्पादन के स्वदेशीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। इस सम्मेलन में नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने भी भाग लिया।

रावत ने कहा, "मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हम न केवल अपने रक्षा बलों के लिए हथियार और उपकरणों का निर्माण कर रहे हैं, बल्कि अब हम धीरे-धीरे एक निर्यात-उन्मुख रक्षा उद्योग भी बन रहे हैं। हमारा रक्षा निर्यात जो अभी प्रति वर्ष 11 हजार करोड़ रुपये तक है, उसे वर्ष 2024 तक लगभग 35 हजार करोड़ रुपये तक हासिल करने की तैयारी है।"

राज्य द्वारा संचालित रक्षा उद्योगों के अलावा कई निजी रक्षा कंपनियां भी इस सम्मेलन में हिस्सा ले रही हैं। इस दौरान करीब 22 निजी रक्षा फर्मों ने एक साथ कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए स्वदेशी रक्षा उपकरण निर्यातक संघ (आईडीईईए) को लॉन्च किया।

रावत ने कहा कि भारत में रक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं और हम स्वदेशीकरण के लिए प्रतिबद्ध हैं।

रावत ने वैश्विक दुनिया में उभरते खतरों का सामना करने के लिए रक्षा तैयारियों के लिए साझा जिम्मेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया।

इस दौरान नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने कहा कि सरकार की नीतियों के अनुसार समुद्री रक्षा सेवा क्षेत्रीय सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।

एडमिरल सिंह ने कहा, "नौसेना अपने भागीदारों के बीच आत्मनिर्भरता और विश्वास बनाने में मदद करने, राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय कानून के लिए सम्मान, अन्य देशों के सर्वोत्तम अभ्यासों को सीखने और सामूहिक सैन्य क्षमता को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।"

उन्होंने यह भी कहा कि नौसेना 'सागर' (सुरक्षा और सभी के लिए विकास) सिद्धांत के तहत सरकार की नीतियों का पालन करती है।

उन्होंने कहा, "हम पांच एस सम्मान, संवाद, सहयोग, शांति और समृद्धि के माध्यम से सहयोग और वचनबद्धता को बढ़ावा दे रहे हैं।"

--आईएएनएस

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