आर्थिक सुधार पहले ही शुरू हो चुका है : वित्तमंत्री
Sunday, 15 September 2019 10:20

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नई दिल्ली: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि अर्थव्यवस्था के अधिकांश घटकों में सुधार के संकेत स्पष्ट मिलने लगे हैं। उन्होंने कहा कि पहली तिमाही में आर्थिक विकास दर घटकर छह साल के निचले स्तर पर पांच प्रतिशत तक गिरने के बाद औद्योगिकी उत्पादन और स्थिर निवेश बढ़ा है। सीतारमण ने कहा, "एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) आगम जबरदस्त रहा है और विदेशी पूंजी भंडार रिकॉर्ड स्तर पर है। राजकोषीय घाटा में सुधार हुआ है और चालू खाता घाटा में वृद्धि थम गई है। स्थिर निवेश में पहले ही सुधार हुआ है। आईआईपी (औद्योगिक उत्पादन सूचकांक) में वृद्धि दर्ज की गई है और ऐसा ही प्रमुख उद्योगों के उत्पादन में हुआ है। खुदरा महंगाई दर चार फीसदी के नीचे थमी हुई है।"

अर्थव्यवस्था में हाल ही में रिकवरी के कुछ संकेत मिलने से वित्तमंत्री को दिलासा मिला है। सुस्ती के बीच जुलाई में आईआईपी में वृद्धि होने से थोड़ी खुशी मिली है जबकि इससे यह संकेत नहीं मिल सकता है कि आगे सतत सुधार जारी रहेगा। आईआईपी में जुलाई के दौरान 4.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, खुदरा महंगाई दर अगस्त में 3.21 फीसदी रही जबकि एक महीने पहले यह 3.15 फीसदी थी।

आंकड़ों के अनुसार सीमेंट सेक्टर में रिकवरी के कारण कोर सेक्टर की गतिविधियों की वृद्धि दर जुलाई 2019 में 2.1 फीसदी रही।

आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक में जून के दौरान महज 0.7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी।

जुलाई की वृद्धि दर हालांकि पिछले साल के इसी महीने की वृद्धि दर 7.3 फीसदी से काफी कम है।

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में विदेशी पूंजी भंडार छह सितंबर को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान 1.004 अरब डॉलर बढ़कर 429.608 अरब डॉलर हो गया।

इससे पूर्व सप्ताह के दौरान विदेशी पूंजी भंडार 44.6 करोड़ डॉलर घटकर 428.604 अरब डॉलर रह गया था।

उन्होंने कहा कि बैंकों से साख प्रवाह बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रमुख ब्याज दरों में कटौती का हस्तांतरण बैंकों द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह 19 सितंबर को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठक कर हस्तांतरण की समीक्षा करेंगी।

--आईएएनएस

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