UN मानवाधिकार आयोग में भारत ने कश्मीर पर पाक के आरोपों का किया खंडन, कहा- पाकिस्तान आतंक का केंद्र
Tuesday, 10 September 2019 18:15

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नई दिल्ली: भारत ने स्विटज़रलैंड के जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) की बैठक में कश्मीर को लेकर पाकिस्तान (Pakistan) पर करारा हमला बोला. भारत ने कश्मीर को लेकर पाक के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि पाकिस्तान आतंक का केंद्र है और दुष्प्रचार कर रहा है. संयुक्‍त राष्‍ट्र मानवाधिकार आयोग (UNHRC) में भारत ने पाकिस्तान को दो टूक कहा कि जम्मू और कश्मीर भारत का आतंरिक मामला है. भारत ने  कहा कि कश्‍मीर में जो भी पाबंदियां लगाई गईं वो एहतियात के तौर पर लगाई हैं और उनमें बहुत हद तक रियायत भी दी गई है. विदेश मंत्रालय की सचिव (पूर्व) विजय ठाकुर सिंह ने कहा कि भारत के आंतरिक मामले में कोई देश हस्तक्षेप नहीं कर सकता. दिक्कतों के बावजूद जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने जरूरी सामानों की आपूर्ति जारी रखी है. प्रतिबंधों में भी धीरे-धीरे छूट दी जा रही है. बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भारत पर कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया था.

उन्होंने कहा कि हाल ही किए गए वैधानिक उपायों के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में हमारे नागरिकों के लिए पूरी तरह से लागू होंगी. यह लिंग भेदभाव को समाप्त करेगा, किशोर अधिकारों की बेहतर रक्षा करेगा और शिक्षा, सूचना, और काम के अधिकारों को लागू करेगा.

 

इससे पहले मंगलवार को भारत ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी की इस्लामाबाद की यात्रा के संदर्भ में जारी पाकिस्तान-चीन संयुक्त बयान में जम्मू कश्मीर के उल्लेख पर गहरी आपत्ति दर्ज की. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बयान में पाक के कब्जे वाले कश्मीर में चीन..पाकिस्तान आर्थिक कारिडोर के उल्लेख पर कहा कि भारत क्षेत्र की यथास्थिति को बदलने के किसी दूसरे देश की पहल का पूरे संकल्प के साथ विरोध करता है. इस बारे में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘चीनी विदेश मंत्री की यात्रा के बाद चीन और पाकिस्तान की ओर से जारी संयुक्त बयान में जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) के उल्लेख को हम खारिज करते हैं. जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है. ''

उन्होंने कहा, ‘‘दूसरी ओर, भारत ने लगातार चीन एवं पाकिस्तान (Pakistan) के तथाकथित ‘चीन पाकिस्तान आर्थिक कारिडोर' परियोजना पर चिंता व्यक्त की है, जो भारत के क्षेत्र में है और जिस पर 1947 के बाद से पाकिस्तान का अवैध कब्जा है. '' कुमार ने कहा कि इससे जुड़े पक्षों को ऐसी कार्रवाई से बचना चाहिए.

बता दें कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) की स्विटज़रलैंड के जिनेवा में मंगलवार को होने जा रही बैठक में भारत और पाकिस्तान जम्मू एवं कश्मीर को लेकर भिड़ सकते हैं. पाकिस्तान विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत सरकार द्वारा पिछले महीने जम्मू एवं कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने को मुद्दा बनाने की नाकाम कोशिश करता रहा है, और अब भी उसने घोषणा की है कि वह UNHRC के सत्र में भी इस मुद्दे को उठाएगा.

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