स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर संबोधन में राष्ट्रपति ने अनुच्छेद-370 के फैसले को सराहा
Wednesday, 14 August 2019 22:31

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नई दिल्ली: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को भारत के 73वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपना संबोधन दिया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से विशेष दर्जा वापस लेकर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के लिए नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की प्रशंसा की। अपने संबोधन में कोविंद ने कहा, "मुझे विश्वास है जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख में किए गए हालिया परिवर्तन क्षेत्र के नागरिकों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होंगे।"

कोविंद ने संसद के बजट सत्र में पार्टी लाइन से दूर जाकर प्रमुख विधेयकों को पारित कराने के लिए राजनीतिक दलों की भी प्रशंसा की।

इसके अलावा राष्ट्रपति ने इस साल के शुरू में हुए लोकसभा चुनावों के दौरान बड़ी संख्या में वोटिंग करने के लिए देश के नागरिकों की भी सराहना की।

उन्होंने कहा, "लोगों की आकांक्षाएं उनके मताधिकार का प्रयोग करने के तरीके से स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं। सरकार अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए देश के नागरिकों को बेहतर बुनियादी सेवाएं प्रदान करने की कोशिश कर रही है।"

कोविंद ने अपने भाषण के दौरान भारत के आर्थिक परिदृश्य को बेहतर बनाने के लिए बेहतर बुनियादी ढांचे की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा, "ग्रामीण सड़कों और बेहतर कनेक्टिविटी का तभी अर्थ है जब किसान बड़े बाजारों तक पहुंचने और अपनी उपज के बेहतर दाम पाने के लिए इनका इस्तेमाल करें।"

उन्होंने कल्पनाशील उद्यमों की आवश्यकता पर भी जोर दिया। कोविंद ने कहा, "वित्तीय सुधारों और व्यापार के लिए आसान नियमों का अर्थ केवल तभी होता है जब हमारे उद्यमी, चाहे छोटे स्टार्टअप हों या बड़े उद्योगपति, इनका उपयोग ईमानदार और कल्पनाशील उद्यमों के निर्माण के लिए करें और स्थायी रोजगार बनाएं।"

कोविंद ने कहा कि शौचालय और घर में पानी की सार्वभौमिक उपलब्धता का अर्थ केवल तभी है जब भारत की महिलाओं को गरिमा के साथ उनकी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सशक्त कर सके।

--आईएएनएस

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